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ओम कंस्ट्रक्शन कंपनी द्वारा 2 महीने से वेतन न मिलने एवं अन्य डिमांड को लेकर अपना दल यश के जिला महासचिव शिवदत्त दुबे के साथ मजदूरों ने उप जिलाधिकारी को दिया ज्ञापन

2 days ago
user_Kailash bihari
Kailash bihari
Media company ओबरा, सोनभद्र, उत्तर प्रदेश•
2 days ago

ओम कंस्ट्रक्शन कंपनी द्वारा 2 महीने से वेतन न मिलने एवं अन्य डिमांड को लेकर अपना दल यश के जिला महासचिव शिवदत्त दुबे के साथ मजदूरों ने उप जिलाधिकारी को दिया ज्ञापन

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  • सोनभद्र.... - तालाब में डूबने से अधेड़ की मौत से मची सनसनी - भैंस को तालाब में नहाने के दौरान हुई घटना - डूबते अधेड़ को देख स्थानीय लोगों ने मचाया शोर - घटना से परिवार में मचा कोहराम - मृतक की पहचान 50 वर्षीय रजिन्दर यादव पुत्र स्व चन्दन यादव निवासी रौप के रूप में हुई - राबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र के रौप गांव की घटना।
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    सोनभद्र....
- तालाब में डूबने से अधेड़ की मौत से मची सनसनी
- भैंस को तालाब में नहाने के दौरान हुई घटना
- डूबते अधेड़ को देख स्थानीय लोगों ने मचाया शोर
- घटना से परिवार में मचा कोहराम
- मृतक की पहचान 50 वर्षीय रजिन्दर यादव पुत्र स्व चन्दन यादव निवासी रौप के रूप में हुई
- राबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र के रौप गांव की घटना।
    user_Manoj Verma
    Manoj Verma
    Photographer ओबरा, सोनभद्र, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • ओबरा सी की बुलंद दीवारें और मजदूरों का 'दम घोंटता' खौफ ओबरा (सोनभद्र)। औद्योगिक विकास की दौड़ में हम अक्सर उन हाथों की कीमत भूल जाते हैं जो इन इमारतों को सींचते हैं। सोनभद्र की 'ओबरा सी' तापीय विद्युत परियोजना में वर्तमान में जो स्थितियां बन रही हैं, वे केवल श्रम कानूनों का उल्लंघन नहीं, बल्कि मानवीय संवेदनाओं की हत्या है। आधे घंटे का 'अघोषित कारावास' मजदूरों की शिकायत है कि दोपहर 12 बजे लंच होने के बावजूद गेट को 12:30 बजे तक नहीं खोला जाता। सुरक्षाकर्मियों का यह कहना कि "यह प्रदर्शन की सजा है", यह बताने के लिए काफी है कि प्रबंधन अब व्यवस्था के नाम पर प्रतिशोध ले रहा है। आधे घंटे तक चिलचिलाती धूप में खुले आसमान के नीचे मजदूरों को खड़ा रखना किस नियमावली का हिस्सा है? क्या यह प्रशासनिक कर प्रणाली का हिस्सा है या किसी निजी तानाशाही का? गरीबी और छंटनी का 'हथियार' परियोजना में एक ऐसा 'खौफ का तंत्र' विकसित कर दिया गया है जहाँ मजदूर अपनी जायज तकलीफ बोलने से भी कतरा रहे हैं। कारण स्पष्ट है—आवाज उठाने वाले को सीधे काम से बाहर कर दिया जाता है। गरीबी और परिवार की आजीविका की मजबूरी ने मजदूरों को 'मूक गुलाम' बनने पर विवश कर दिया है। श्रम विभाग और जिला प्रशासन का मौन इस शोषण को मौन स्वीकृति दे रहा है। प्रशासनिक उत्तरदायित्व कहाँ है? क्या श्रम आयुक्त और जिलाधिकारी महोदय इस बात से अवगत हैं कि उनके आश्वासन के बाद भी मजदूरों की स्थिति और बदतर हुई है? यदि विकास की कीमत मजदूरों का आत्मसम्मान और उनकी बुनियादी सुविधाएं हैं, तो ऐसा विकास खोखला है। उच्चाधिकारियों को तत्काल धरातल पर आकर इस 'डर के माहौल' को समाप्त करना होगा, वरना यह शांति किसी बड़े जन-आक्रोश का संकेत हो सकती है।
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    ओबरा सी की बुलंद दीवारें और मजदूरों का 'दम घोंटता' खौफ
ओबरा (सोनभद्र)। औद्योगिक विकास की दौड़ में हम अक्सर उन हाथों की कीमत भूल जाते हैं जो इन इमारतों को सींचते हैं। सोनभद्र की 'ओबरा सी' तापीय विद्युत परियोजना में वर्तमान में जो स्थितियां बन रही हैं, वे केवल श्रम कानूनों का उल्लंघन नहीं, बल्कि मानवीय संवेदनाओं की हत्या है।
आधे घंटे का 'अघोषित कारावास'
मजदूरों की शिकायत है कि दोपहर 12 बजे लंच होने के बावजूद गेट को 12:30 बजे तक नहीं खोला जाता। सुरक्षाकर्मियों का यह कहना कि "यह प्रदर्शन की सजा है", यह बताने के लिए काफी है कि प्रबंधन अब व्यवस्था के नाम पर प्रतिशोध ले रहा है। आधे घंटे तक चिलचिलाती धूप में खुले आसमान के नीचे मजदूरों को खड़ा रखना किस नियमावली का हिस्सा है? क्या यह प्रशासनिक कर प्रणाली का हिस्सा है या किसी निजी तानाशाही का?
गरीबी और छंटनी का 'हथियार'
परियोजना में एक ऐसा 'खौफ का तंत्र' विकसित कर दिया गया है जहाँ मजदूर अपनी जायज तकलीफ बोलने से भी कतरा रहे हैं। कारण स्पष्ट है—आवाज उठाने वाले को सीधे काम से बाहर कर दिया जाता है। गरीबी और परिवार की आजीविका की मजबूरी ने मजदूरों को 'मूक गुलाम' बनने पर विवश कर दिया है। श्रम विभाग और जिला प्रशासन का मौन इस शोषण को मौन स्वीकृति दे रहा है।
प्रशासनिक उत्तरदायित्व कहाँ है?
क्या श्रम आयुक्त और जिलाधिकारी महोदय इस बात से अवगत हैं कि उनके आश्वासन के बाद भी मजदूरों की स्थिति और बदतर हुई है? यदि विकास की कीमत मजदूरों का आत्मसम्मान और उनकी बुनियादी सुविधाएं हैं, तो ऐसा विकास खोखला है। उच्चाधिकारियों को तत्काल धरातल पर आकर इस 'डर के माहौल' को समाप्त करना होगा, वरना यह शांति किसी बड़े जन-आक्रोश का संकेत हो सकती है।
    user_Abhishek agrahari संस्थापक सोन
    Abhishek agrahari संस्थापक सोन
    Student union ओबरा, सोनभद्र, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • सोनभद्र/डाला जनपद के डाला चौकी क्षेत्र में स्थित वैष्णो मंदिर के पास गुरुवार देर रात लगभग 2:30 बजे एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। कोयले से लदा एक ट्रेलर अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गया, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, ट्रेलर डाला से चोपन की ओर जा रहा था। इसी दौरान वनवे रोड होने के कारण वाहन अचानक संतुलन खो बैठा और पलट गया। हादसे के वक्त सड़क पर सन्नाटा था, जिससे कोई बड़ी जनहानि नहीं हुई, लेकिन चालक गंभीर रूप से घायल हो गया।घटना की सूचना सबसे पहले मौके पर मौजूद रोड सिक्योरिटी गार्ड ने डायल 112 और स्थानीय पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम तत्काल घटनास्थल पर पहुंची और घायल चालक को एंबुलेंस के जरिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस स्थान पर वनवे व्यवस्था के चलते आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं। कई बार प्रशासन से सुधार की मांग भी की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
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    सोनभद्र/डाला जनपद के डाला चौकी क्षेत्र में स्थित वैष्णो मंदिर के पास गुरुवार देर रात लगभग 2:30 बजे एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। कोयले से लदा एक ट्रेलर अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गया, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ट्रेलर डाला से चोपन की ओर जा रहा था। इसी दौरान वनवे रोड होने के कारण वाहन अचानक संतुलन खो बैठा और पलट गया। हादसे के वक्त सड़क पर सन्नाटा था, जिससे कोई बड़ी जनहानि नहीं हुई, लेकिन चालक गंभीर रूप से घायल हो गया।घटना की सूचना सबसे पहले मौके पर मौजूद रोड सिक्योरिटी गार्ड ने डायल 112 और स्थानीय पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम तत्काल घटनास्थल पर पहुंची और घायल चालक को एंबुलेंस के जरिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस स्थान पर वनवे व्यवस्था के चलते आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं। कई बार प्रशासन से सुधार की मांग भी की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
    user_पत्रकार किरण गौड़ (ब्यूरो चीफ)
    पत्रकार किरण गौड़ (ब्यूरो चीफ)
    Media company ओबरा, सोनभद्र, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • सोनभद्र/दिनांक 16 अप्रैल,2026। *पीएमएफएमई योजना के तहत मिलेट्स प्रोसेसिंग यूनिट का जिलाधिकारी ने फीता काट कर किया उद्घाटन* *मिलेट्स प्रोसेसिंग यूनिट की स्थापना से किसानों को उनके उत्पादों का मिलेगा उचित मूल्य और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर होगें उपलब्ध-जिलाधिकारी* जनपद सोनभद्र के पन्नूगंज क्षेत्र के मझिगावा में प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (PMFME) के अंतर्गत स्थापित मिलेट्स (मोटा अनाज) प्रोसेसिंग यूनिट का उद्घाटन जिलाधिकारी श्री बी0एन0 सिंह द्वारा किया गया। कार्यक्रम का संचालन जिला उद्यान अधिकारी श्री मेवाराम ने किया। उक्त यूनिट का स्थापना कार्य स्थानीय उद्यमी श्री प्रदीप कुमार गुप्ता द्वारा किया गया है, जिसके लिए बैंक से 13.00 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत हुआ तथा योजना के अंतर्गत 35 प्रतिशत अनुदान (सब्सिडी) भी प्रदान किया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि यह यूनिट जनपद की पहली नवाचार आधारित मिलेट्स प्रोसेसिंग इकाई है, जिसमें लगभग 92 प्रकार के मोटे अनाजों की प्रोसेसिंग की क्षमता है। उद्घाटन के दौरान कोदो, सावां एवं चिरौंजी जैसे उत्पादों का ट्रायल भी सफलतापूर्वक प्रस्तुत किया गया। जिलाधिकारी ने अपने संबोधन में कहा कि इस प्रकार की इकाइयों से किसानों को उनके उत्पादों का उचित मूल्य मिलेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। उन्होंने बताया कि सोनभद्र जनपद मोटे अनाज उत्पादन के लिए प्रसिद्ध है और इस पहल से किसानों को सीधा लाभ प्राप्त होगा। इस अवसर पर जिला सूचना अधिकारी, अधिशासी अभियंता (पी.डब्ल्यू.डी) सहित अन्य अधिकारीगण एवं उद्यमी उपस्थित रहे।
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    सोनभद्र/दिनांक 16 अप्रैल,2026। 
*पीएमएफएमई योजना के तहत मिलेट्स प्रोसेसिंग यूनिट का जिलाधिकारी ने फीता काट कर किया उद्घाटन*
*मिलेट्स प्रोसेसिंग यूनिट की स्थापना से किसानों को उनके उत्पादों का मिलेगा उचित मूल्य और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर होगें उपलब्ध-जिलाधिकारी*
जनपद सोनभद्र के पन्नूगंज क्षेत्र के मझिगावा में प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (PMFME) के अंतर्गत स्थापित मिलेट्स (मोटा अनाज) प्रोसेसिंग यूनिट का उद्घाटन जिलाधिकारी श्री बी0एन0 सिंह द्वारा किया गया। कार्यक्रम का संचालन जिला उद्यान अधिकारी श्री मेवाराम ने किया। उक्त यूनिट का स्थापना कार्य स्थानीय उद्यमी श्री प्रदीप कुमार गुप्ता द्वारा किया गया है, जिसके लिए बैंक से 13.00 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत हुआ तथा योजना के अंतर्गत 35 प्रतिशत अनुदान (सब्सिडी) भी प्रदान किया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि यह यूनिट जनपद की पहली नवाचार आधारित मिलेट्स प्रोसेसिंग इकाई है, जिसमें लगभग 92 प्रकार के मोटे अनाजों की प्रोसेसिंग की क्षमता है। उद्घाटन के दौरान कोदो, सावां एवं चिरौंजी जैसे उत्पादों का ट्रायल भी सफलतापूर्वक प्रस्तुत किया गया। जिलाधिकारी ने अपने संबोधन में कहा कि इस प्रकार की इकाइयों से किसानों को उनके उत्पादों का उचित मूल्य मिलेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। उन्होंने बताया कि सोनभद्र जनपद मोटे अनाज उत्पादन के लिए प्रसिद्ध है और इस पहल से किसानों को सीधा लाभ प्राप्त होगा। इस अवसर पर जिला सूचना अधिकारी, अधिशासी अभियंता (पी.डब्ल्यू.डी) सहित अन्य अधिकारीगण एवं उद्यमी उपस्थित रहे।
    user_कालचिंतन समाचार
    कालचिंतन समाचार
    Obra, Sonbhadra•
    18 hrs ago
  • Post by Buro chief Sonbhadra Kameshwar Buro Chief
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    Post by Buro chief Sonbhadra Kameshwar Buro Chief
    user_Buro chief Sonbhadra Kameshwar Buro Chief
    Buro chief Sonbhadra Kameshwar Buro Chief
    आवाज न्यूज़ 24X7 ब्यूरो चीफ ओबरा, सोनभद्र, उत्तर प्रदेश•
    18 hrs ago
  • Post by @PappuKumar-ky6qb you tube my channel
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    Post by @PappuKumar-ky6qb you tube my channel
    user_@PappuKumar-ky6qb you tube my channel
    @PappuKumar-ky6qb you tube my channel
    Farmer Robertsganj, Sonbhadra•
    2 hrs ago
  • चुर्क चौकी क्षेत्र अंतर्गत आज सुबह रौप में एक अधेड़ अपनी भैंस को लेकर तालाब की तरफ गया था जहां पर भैस तालाब में चली गई भैस निकालने के लिए तालाब में चला गया जहां वह पानी में डूब गया पानी में डूबते ही वहां पर यूवको ने हल्ला किया तो ग्रामीण इकट्ठा हो गए तथा चौकी चुर्क को सूचना दी गई सूचना मिलते ही चौकी प्रभारी चुर्क मौके पर उपस्थित हो गए साहसी यूवको ने तालाब मे कुदकर डुबे व्यक्ति को बाहर निकाला तथा अपने प्राइवेट वाहन से उसे जिला अस्पताल भेजा जहां देखते ही डॉक्टर ने उसे मृतक घोषित कर दिया युवक की पहचान रजिन्दर यादव पुत्र स्व चन्दन यादव निवासी रौप उम्र 50वर्ष के रूप में हुई युवक के मृत्यु की सूचना मिलने ही परिवार में कोहराम मच गया
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    चुर्क चौकी क्षेत्र अंतर्गत आज सुबह रौप में एक अधेड़ अपनी भैंस को लेकर तालाब की तरफ गया था जहां पर भैस तालाब में चली गई भैस निकालने के लिए तालाब में चला गया जहां वह पानी में डूब गया पानी में डूबते ही वहां पर यूवको ने हल्ला किया तो ग्रामीण इकट्ठा हो गए तथा चौकी चुर्क को सूचना दी गई सूचना मिलते ही चौकी प्रभारी चुर्क मौके पर उपस्थित हो गए साहसी यूवको ने तालाब मे कुदकर डुबे व्यक्ति को बाहर निकाला तथा अपने प्राइवेट वाहन से उसे जिला अस्पताल भेजा जहां देखते ही डॉक्टर ने उसे मृतक घोषित कर दिया युवक की पहचान रजिन्दर यादव पुत्र स्व चन्दन यादव निवासी रौप उम्र 50वर्ष के रूप में हुई युवक के मृत्यु की सूचना मिलने ही परिवार में कोहराम मच गया
    user_Sanjay Singh
    Sanjay Singh
    रॉबर्ट्सगंज, सोनभद्र, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • सोनभद्र कोन थाना क्षेत्र के पीपरखाड़ गांव में गुरुवार सुबह उस वक्त दिल दहला देने वाला मंजर देखने को मिला, जब तीन अलग-अलग एम्बुलेंसों से एक साथ तीन शव गांव पहुंचे। जैसे ही शव गांव में पहुंचे, चीख-पुकार और करुण क्रंदन से पूरा माहौल गूंज उठा। हर आंख नम थी और हर दिल इस दर्दनाक दृश्य से दहल गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, छत्तीसगढ़ के शक्ति जिले के सिंहीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में 14 अप्रैल को हुए भीषण बॉयलर विस्फोट में कोन क्षेत्र के तीन मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद छत्तीसगढ़ प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए शवों को एम्बुलेंस से उनके पैतृक गांव भिजवाया। मृतकों में पीपरखाड़ गांव के बरवाहा टोला निवासी राजू राम (40) पुत्र चरित्र राम और बृजेश (31) पुत्र जवाहिर राम शामिल हैं, जो आपस में चचेरे भाई थे। वहीं केवाल टोला निवासी पंकज (25) पुत्र सुभाष की भी इस हादसे में जान चली गई। बताया जाता है कि तीनों युवक करीब तीन महीने पहले ही एक ठेकेदार के माध्यम से प्लांट में मजदूरी करने गए थे। बताया जा रहा है कि मंगलवार दोपहर करीब 2:30 बजे प्लांट के यूनिट नंबर-1 में अचानक जोरदार विस्फोट हुआ। धमाका इतना भीषण था कि कई मजदूर इसकी चपेट में आ गए। इस हादसे में कई अन्य मजदूरों के मारे जाने की आशंका है, जबकि दर्जनों श्रमिक गंभीर रूप से घायल हुए हैं और उनका इलाज विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है। जैसे ही शव गांव पहुंचे, परिजनों में कोहराम मच गया। महिलाओं का विलाप और बच्चों की सिसकियां हर किसी का दिल झकझोर रही थीं। पूरे गांव के लोग मृतकों के घरों पर जुट गए और शोक संतप्त परिवारों को ढांढस बंधाने की कोशिश करते रहे, लेकिन इस गहरे दुख के सामने हर सांत्वना बेअसर नजर आई बाद में तीनों मृतकों का अंतिम संस्कार कचनरवा पाण्डु नदी तट स्थित श्मशान घाट पर एक साथ किया गया। एक साथ तीन अर्थियां उठने का दृश्य इतना हृदयविदारक था कि वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें भर आईं। इस दर्दनाक हादसे ने न सिर्फ पीपरखाड़ गांव बल्कि पूरे कोन क्षेत्र को शोक में डुबो दिया है। ग्रामीणों ने मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा और सरकारी सहायता देने की मांग की है। साथ ही प्लांट में सुरक्षा व्यवस्था की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग भी उठाई गई है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
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    सोनभद्र कोन थाना क्षेत्र के पीपरखाड़ गांव में गुरुवार सुबह उस वक्त दिल दहला देने वाला मंजर देखने को मिला, जब तीन अलग-अलग एम्बुलेंसों से एक साथ तीन शव गांव पहुंचे। जैसे ही शव गांव में पहुंचे, चीख-पुकार और करुण क्रंदन से पूरा माहौल गूंज उठा। हर आंख नम थी और हर दिल इस दर्दनाक दृश्य से दहल गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, छत्तीसगढ़ के शक्ति जिले के सिंहीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में 14 अप्रैल को हुए भीषण बॉयलर विस्फोट में कोन क्षेत्र के तीन मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद छत्तीसगढ़ प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए शवों को एम्बुलेंस से उनके पैतृक गांव भिजवाया।
मृतकों में पीपरखाड़ गांव के बरवाहा टोला निवासी राजू राम (40) पुत्र चरित्र राम और बृजेश (31) पुत्र जवाहिर राम शामिल हैं, जो आपस में चचेरे भाई थे। वहीं केवाल टोला निवासी पंकज (25) पुत्र सुभाष की भी इस हादसे में जान चली गई। बताया जाता है कि तीनों युवक करीब तीन महीने पहले ही एक ठेकेदार के माध्यम से प्लांट में मजदूरी करने गए थे।
बताया जा रहा है कि मंगलवार दोपहर करीब 2:30 बजे प्लांट के यूनिट नंबर-1 में अचानक जोरदार विस्फोट हुआ। धमाका इतना भीषण था कि कई मजदूर इसकी चपेट में आ गए। इस हादसे में कई अन्य मजदूरों के मारे जाने की आशंका है, जबकि दर्जनों श्रमिक गंभीर रूप से घायल हुए हैं और उनका इलाज विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है।
जैसे ही शव गांव पहुंचे, परिजनों में कोहराम मच गया। महिलाओं का विलाप और बच्चों की सिसकियां हर किसी का दिल झकझोर रही थीं। पूरे गांव के लोग मृतकों के घरों पर जुट गए और शोक संतप्त परिवारों को ढांढस बंधाने की कोशिश करते रहे, लेकिन इस गहरे दुख के सामने हर सांत्वना बेअसर नजर आई बाद में तीनों मृतकों का अंतिम संस्कार कचनरवा पाण्डु नदी तट स्थित श्मशान घाट पर एक साथ किया गया। एक साथ तीन अर्थियां उठने का दृश्य इतना हृदयविदारक था कि वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें भर आईं।
इस दर्दनाक हादसे ने न सिर्फ पीपरखाड़ गांव बल्कि पूरे कोन क्षेत्र को शोक में डुबो दिया है। ग्रामीणों ने मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा और सरकारी सहायता देने की मांग की है। साथ ही प्लांट में सुरक्षा व्यवस्था की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग भी उठाई गई है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
    user_पत्रकार किरण गौड़ (ब्यूरो चीफ)
    पत्रकार किरण गौड़ (ब्यूरो चीफ)
    Media company ओबरा, सोनभद्र, उत्तर प्रदेश•
    18 hrs ago
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