logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

सांदीपनि विद्यालय की बस बंद, तहसील में धरने पर बैठे छात्र सांदीपनि विद्यालय की बस सेवा बंद होने से नाराज़ छात्र-छात्राएं तहसील कार्यालय पहुंचकर धरने पर बैठ गए। विद्यार्थियों का कहना है कि बस बंद होने से स्कूल आने-जाने में भारी परेशानी हो रही है और कई छात्र ट्रॉली व अन्य साधनों से आने को मजबूर हैं। छात्रों ने प्रशासन से जल्द बस सेवा दोबारा शुरू कराने की मांग की है।

3 hrs ago
user_सौरभ जैन
सौरभ जैन
शमशाबाद, विदिशा, मध्य प्रदेश•
3 hrs ago

सांदीपनि विद्यालय की बस बंद, तहसील में धरने पर बैठे छात्र सांदीपनि विद्यालय की बस सेवा बंद होने से नाराज़ छात्र-छात्राएं तहसील कार्यालय पहुंचकर धरने पर बैठ गए। विद्यार्थियों का कहना है कि बस बंद होने से स्कूल आने-जाने में भारी परेशानी हो रही है और कई छात्र ट्रॉली व अन्य साधनों से आने को मजबूर हैं। छात्रों ने प्रशासन से जल्द बस सेवा दोबारा शुरू कराने की मांग की है।

More news from Bhopal and nearby areas
  • *भोपाल मध्य विधानसभा के वार्ड 42 में पार्षद निधि से करोड़ो विकास कार्य* Development works worth crores undertaken in Ward 42 of the Bhopal Madhya Assembly constituency using the Councilor's fund.
    1
    *भोपाल मध्य विधानसभा के वार्ड 42 में पार्षद निधि से करोड़ो विकास कार्य* 
Development works worth crores undertaken in Ward 42 of the Bhopal Madhya Assembly constituency using the Councilor's fund.
    user_अटल प्रदेश न्यूज़
    अटल प्रदेश न्यूज़
    Huzur, Bhopal•
    4 hrs ago
  • *सीहोर के इछावर में जमीन पर बिना अनुमति के अतिक्रमण का नोटिस दिया*
    1
    *सीहोर के इछावर में जमीन पर बिना अनुमति के अतिक्रमण का नोटिस दिया*
    user_Mohammad faisal
    Mohammad faisal
    हुजूर, भोपाल, मध्य प्रदेश•
    7 hrs ago
  • *5 हजार से अधिक किसानों के हित में बड़ा निर्णय, कवच योजना को मंजूरी* --- *अपेक्स और जिला सहकारी बैंकों द्वारा 50 करोड़ की निधि की जाएगी निर्मित* --- *राज्य सरकार 25 करोड़ की अंशपूंजी करायेगी उपलब्ध* --- *जनजातीय कार्य विभाग के शैक्षणिक संवर्ग के लिए चतुर्थ क्रमोन्नत वेतनमान की स्वीकृति* ---- *स्टेट डाटा सेन्टर के उन्नयन, परिचालन एवं संधारण के लिए 1,099.58 करोड़ रूपये की स्वीकृति* --- *प्रदेश के सर्वांगीण विकास और जन-कल्याण को गति देने के लिए कुल 32,070 करोड़ रुपये की योजनाओं और प्रस्तावों को स्वीकृति* --- *मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक में लिये गए निर्णय* भोपाल, 04 अगस्त 2026 मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसान कल्याण को सर्वाधिक महत्व देते हुए सहकारिता विभाग की कवच योजना को मंजूरी दी, जिससे सहकारिता विभाग के लगभग 5 हजार किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सकेगा। *कवच योजना का अनुमोदन : 5 हजार से अधिक किसानों के हित में बड़ा निर्णय* मंत्रि-परिषद ने सहकारिता विभाग की "कवच योजना" को अनुमोदित किया। यह योजना सहकारी समितियों के ऐसे लगभग 5 हजार किसानों के लिए है, जिनके ऋण खाते में गड़बड़ियां हुई हैं और जांच में देरी की वजह से किसान सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं ले पा रहे हैं। अब ऐसे किसानो को मुख्य धारा में लाकर योजना के तहत नया ऋण मिल सकेगा। निर्णय के अनुसार प्रभावित किसानों को राहत देने के लिए अपैक्स बैंक और जिला सहकारी बैंकों द्वारा अपने स्तर से 50 करोड़ रूपये की सीमा तक की नीधि का निर्माण किया जायेगा। राज्य सरकार भी किसान हित में 25 करोड़ रूपये की अंशपूजी की सहायता एक बार उपलब्ध करायेगी। मंत्रि-परिषद की बैठक में मध्यप्रदेश के सर्वांगीण विकास और जन-कल्याण को गति देने के लिए कुल 32,070 करोड़ रुपये की योजनाओं और प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई। राज्य सरकार के यें महत्वपूर्ण निर्णय मुख्य रूप से सहकारिता से जुड़े लगभग 5 हजार किसानों, प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण, खेल अधोसंरचना के विस्तार, डिजिटल गवर्नेंस के सशक्तिकरण और शैक्षणिक संवर्ग के हित संवर्धन पर केंद्रित है। मंत्रि-परिषद की बैठक में आगामी वित्तीय वर्षों 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 के लिए स्वास्थ्य क्षेत्र को प्राथमिकता देते हुए जिला एवं सिविल अस्पतालों व औषधालयों के सुचारू संचालन के लिए 12 हजार 517.99 करोड़ रुपये, प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल की पहुँच बढ़ाने के लिए 11 हजार 812.02 करोड़ रुपये, प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन (पीएमअभीम) के तहत स्वास्थ्य आपदाओं से निपटने व लैब नेटवर्क निर्माण के लिए 2,449 करोड़ रुपये तथा मलेरिया एवं वेक्टर जनित रोगों के प्रभावी नियंत्रण के लिए 1,705 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई। बैठक में प्रदेश के युवाओं को अंतर्राष्ट्रीय स्तर की खेल सुविधाएँ और स्टेडियम उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खेल अधोसंरचना निर्माण के लिए 2,460 करोड़ 57 लाख रुपये की योजना को स्वीकृति दी गई। ई-गवर्नेंस को मजबूती देने के क्रम में स्टेट डाटा सेन्टर (SDC) के उन्नयन, परिचालन एवं संधारण के लिए 1 हजार 99 करोड़ 58 लाख रुपये मंजूर किए गए। जनजातीय कार्य विभाग के सहायक, उच्च श्रेणी, प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षकों के हित में निर्णय लेते हुए 35 वर्ष की सेवा पूर्ण करने पर 1 जुलाई 2023 से चतुर्थ क्रमोन्नत वेतनमान देने का अनुमोदन भी किया गया। *खेल स्टेडियम और अधोसंरचना निर्माण के लिए 2,460.57 करोड़ रूपये की स्वीकृति* मंत्रि-परिषद ने खेल एवं युवा कल्याण विभाग अंतर्गत स्टेडियम एवं खेल अधोसंरचना योजना संचालन संबंधी योजना के वित्तीय वर्ष 2026-27 से वितीय वर्ष 2030-31 तक क्रियान्वयन के लिए 2,460 करोड़ 57 लाख रूपये की स्वीकृति दी है। इससे प्रदेश के खिलाड़ियों को अन्तर्राष्ट्रीय / राष्ट्रीय स्तर की खेल अधोसंरचना उपलब्ध कराई जायेगी तथा उपलब्ध अधोसंरचना का उन्नयन किया जायेगा। साथ ही खिलाड़ियों के लिए आवश्यक स्थाई प्रकार के खेल उपकरण स्थापित कराए जायेंगे। प्रदेश के जिला मुख्यालयों पर स्टेडियम /खेल प्रशिक्षण केन्द्र निर्मित हैं एवं 313 विकास खण्डों में से लगभग 100 स्थानों पर स्टेडियम निर्मित हैं। *जिला और सिविल अस्पताल एवं औषधालयों के संचालन के लिए 12,517.99 करोड़ रूपये की स्वीकृति* मंत्रि-परिषद ने प्रदेश के जिला और सिविल अस्पताल एवं औषधालयों को 01 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक संचालन के लिए 12 हजार 517.99 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गई है। योजना से जिला चिकित्सालय में रोगियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं एवं अस्पताल सुचारू रूप से संचालित किया जा सकेगा। योजना के संचालन का लक्ष्य परिवार कल्याण कार्यक्रम एवं विभाग द्वारा संचालित गतिविधियों एवं विशेष रूप से स्वास्थ्य के प्रति जागरुकता लाना भी है। *मलेरिया सहित अन्य वेक्टरजनित रोगों के नियंत्रण के लिए 1,704 करोड़ 81 लाख रूपये की स्वीकृति* मंत्रि-परिषद ने मलेरिया सहित अन्य वेक्टरजनित रोगों के नियंत्रण से संबंधित योजना शीत ज्वर के 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक संचालन के लिए 1,704 करोड़ 81 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान की है। इस राष्ट्रीय कार्यक्रम अन्तर्गत मलेरिया सहित अन्य वेक्टरजनित रोगों को नियंत्रित किया जाता है, जिसमें नए कीटनाशक और लार्टीसाइड शामिल हैं। *प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन (पीएमअभीम) के संचालन के लिए 2,448 करोड़ 79 लाख रूपये की स्वीकृति* मंत्रि-परिषद ने प्रदेश में प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन (पीएमअभीम) के 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक निरंतर संचालन के लिए 2,448 करोड़ 79 लाख रूपये की स्वीकृति दी है। इस योजना के अंतर्गत जिला अस्पताल एवं चिकित्सा महाविद्यालय स्तर पर क्रिटिकल केयर ब्लॉक और इंटीग्रेटेड सार्वजनिक स्वास्थ्य लैब का निर्माण किया जाएगा तथा विकासखंड स्तर पर ब्लॉक सार्वजनिक स्वास्थ्य यूनिट की स्थापना सुनिश्चित की जायेगी। प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन (पीएमअभीम) के अंतर्गत कोविड महामारी जैसी स्वास्थ्य आपदाओं से निपटने एवं नियंत्रण के लिए स्वास्थ्य प्रणाली को सुदृढ़ किया जा रहा है। इसके साथ ही बीमारियों की शीघ्र पहचान के लिए जाँच प्रणाली को विकासखंड एवं जिला स्तर पर सुदृढ़ करते हुए नवीन नेटवर्क स्थापित किया जा रहा है। इसके परिणामस्वरूप ग्रामीण एवं शहरी स्तर पर स्वास्थ्य आपदाओं की शीघ्र पहचान कर प्रभावी नियंत्रण एवं रोकथाम किया जा सकेगा। *नागरिकों के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल सुनिश्चित करने के लिए 11 हजार 812.02 करोड़ रुपये की स्वीकृति* मंत्रि-परिषद ने जिलों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच बढ़ाने, प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल सुनिश्चित करने तथा बेहतर स्वास्थ्य निगरानी के लिए स्वास्थ्य केन्द्रों की स्थापना एवं संचालन (प्राथमिक) सम्बन्धी योजना के 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक निरंतर संचालन के लिए 11 हजार 812.02 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है। योजना का मुख्य उद्देश्य उप स्वास्थ्य केन्द्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र और सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में आंतरिक एवं बाह्य रोगियों का उपचार करना है। आंतरिक रोगियों के लिए निःशुल्क भोजन और दवाईयां उपलब्ध कराई जाती हैं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय एवं उनके अधीन संचालित चिकित्सा संस्थाओं में समस्त रोगो के निदान के लिए विशेषज्ञ और चिकित्सा अधिकारी, नर्सिग एवं फार्मासिस्ट का अमला पदस्थ होता है। *स्टेट डाटा सेन्टर के उन्नयन, परिचालन एवं संधारण के लिए 1,099 करोड़ 58 लाख रूपये की स्वीकृति* मंत्रि-परिषद ने विज्ञान एवं प्रौ‌द्योगिकी विभाग की स्टेट डाटा सेन्टर का उन्नयन, परिचालन एवं संधारण संबंधी योजना के 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक निरंतर संचालन के लिए 1,099 करोड़ 58 लाख रूपये की स्वीकृति दी है। प्रदेश में शासकीय विभागों के महत्वपूर्ण डेटा के सुरक्षित संग्रहण एवं विभिन्न ई-गवर्नेस सेवाओं के संचालन के लिए स्टेट डाटा सेंटर (SDC) का संचालन मध्यप्रदेश स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट कार्पोरेशन (एमपीएसईडीसी) द्वारा किया जा रहा है। राज्य की ई-गवर्नेस अधोसंरचना के प्रमुख घटक के रूप में यह विभिन्न विभागों को होस्टिंग सेवाएं, नागरिक सेवाओं की ऑनलाइन उपलब्धता तथा डिजास्टर रिकवरी के माध्यम से सेवा निरंतरता सुनिश्चित करता है। म.प्र. स्टेट डाटा सेन्टर (एमपी एस.डी.सी) विभिन्न विभागों की वेबसाईटों, पोर्टों. एम.आइ.एस. ईमेल सेवाओं तथा क्लाउड होस्टिंग के लिए एक साझा, सुरक्षित और लागत प्रभावी प्लेटफॉर्म प्रदान करता है। इससे विभागों की आईटी लागत में कमी आती है और नागरिकों को डिजिटल सेवाओं की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित होती है जिससे "डिजिटल इंडिया मिशन को राज्य स्तर पर मजबूती मिलती है। *जनजातीय कार्य विभाग के शैक्षणिक संवर्ग के लिए चतुर्थ क्रमोन्नत वेतनमान की स्वीकृति* मध्यप्रदेश शासन जनजातीय कार्य विभाग के शैक्षणिक संवर्ग के सहायक शिक्षक एवं उच्च श्रेणी शिक्षक तथा नवीन शैक्षणिक संवर्ग के प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षकों के लिए प्रचलित क्रमोन्नत योजना अनुसार चतुर्थ क्रमोन्नत वेतनमान 1 जुलाई 2023 अथवा इसके बाद की तिथि से 35 वर्ष की सेवा पूर्ण करने पर प्रभावशील किए जाने का अनुमोदन दिया गया।
    1
    *5 हजार से अधिक किसानों के हित में बड़ा निर्णय, कवच योजना को मंजूरी*
---
*अपेक्स और जिला सहकारी बैंकों द्वारा 50 करोड़ की निधि की जाएगी निर्मित*
---
*राज्य सरकार 25 करोड़ की अंशपूंजी करायेगी उपलब्ध*
---
*जनजातीय कार्य विभाग के शैक्षणिक संवर्ग के लिए चतुर्थ क्रमोन्नत वेतनमान की स्वीकृति*
----
*स्टेट डाटा सेन्टर के उन्नयन, परिचालन एवं संधारण के लिए 1,099.58 करोड़ रूपये की स्वीकृति*
---
*प्रदेश के सर्वांगीण विकास और जन-कल्याण को गति देने के लिए कुल 32,070 करोड़ रुपये की योजनाओं और प्रस्तावों को स्वीकृति*
---
*मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक में लिये गए निर्णय*
भोपाल, 04 अगस्त 2026
	मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसान कल्याण को सर्वाधिक महत्व देते हुए सहकारिता विभाग की कवच योजना को मंजूरी दी, जिससे सहकारिता विभाग के लगभग 5 हजार किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सकेगा।

*कवच योजना का अनुमोदन : 5 हजार से अधिक किसानों के हित में बड़ा निर्णय*

	मंत्रि-परिषद ने सहकारिता विभाग की "कवच योजना" को अनुमोदित किया। यह योजना सहकारी समितियों के ऐसे लगभग 5 हजार किसानों के लिए है, जिनके ऋण खाते में गड़बड़ियां हुई हैं और जांच में देरी की वजह से किसान सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं ले पा रहे हैं। अब ऐसे किसानो को मुख्य धारा में लाकर योजना के तहत नया ऋण मिल सकेगा। निर्णय के अनुसार प्रभावित किसानों को राहत देने के लिए अपैक्स बैंक और जिला सहकारी बैंकों द्वारा अपने स्तर से 50 करोड़ रूपये की सीमा तक की नीधि का निर्माण किया जायेगा। राज्य सरकार भी किसान हित में 25 करोड़ रूपये की अंशपूजी की सहायता एक बार उपलब्ध करायेगी।
	मंत्रि-परिषद की बैठक में मध्यप्रदेश के सर्वांगीण विकास और जन-कल्याण को गति देने के लिए कुल 32,070 करोड़ रुपये की योजनाओं और प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई। राज्य सरकार के यें महत्वपूर्ण निर्णय मुख्य रूप से सहकारिता से जुड़े लगभग 5 हजार किसानों, प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण, खेल अधोसंरचना के विस्तार, डिजिटल गवर्नेंस के सशक्तिकरण और शैक्षणिक संवर्ग के हित संवर्धन पर केंद्रित है।
	मंत्रि-परिषद की बैठक में आगामी वित्तीय वर्षों 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 के लिए स्वास्थ्य क्षेत्र को प्राथमिकता देते हुए जिला एवं सिविल अस्पतालों व औषधालयों के सुचारू संचालन के लिए 12 हजार 517.99 करोड़ रुपये, प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल की पहुँच बढ़ाने के लिए 11 हजार 812.02 करोड़ रुपये, प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन (पीएमअभीम) के तहत स्वास्थ्य आपदाओं से निपटने व लैब नेटवर्क निर्माण के लिए 2,449 करोड़ रुपये तथा मलेरिया एवं वेक्टर जनित रोगों के प्रभावी नियंत्रण के लिए 1,705 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई।
	बैठक में प्रदेश के युवाओं को अंतर्राष्ट्रीय स्तर की खेल सुविधाएँ और स्टेडियम उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खेल अधोसंरचना निर्माण के लिए 2,460 करोड़ 57 लाख रुपये की योजना को स्वीकृति दी गई। ई-गवर्नेंस को मजबूती देने के क्रम में स्टेट डाटा सेन्टर (SDC) के उन्नयन, परिचालन एवं संधारण के लिए 1 हजार 99 करोड़ 58 लाख रुपये मंजूर किए गए। जनजातीय कार्य विभाग के सहायक, उच्च श्रेणी, प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षकों के हित में निर्णय लेते हुए 35 वर्ष की सेवा पूर्ण करने पर 1 जुलाई 2023 से चतुर्थ क्रमोन्नत वेतनमान देने का अनुमोदन भी किया गया।

*खेल स्टेडियम और अधोसंरचना निर्माण के लिए 2,460.57 करोड़ रूपये की स्वीकृति*

	मंत्रि-परिषद ने खेल एवं युवा कल्याण विभाग अंतर्गत स्टेडियम एवं खेल अधोसंरचना योजना संचालन संबंधी योजना के वित्तीय वर्ष 2026-27 से वितीय वर्ष 2030-31 तक क्रियान्वयन के लिए 2,460 करोड़ 57 लाख रूपये की स्वीकृति दी है। इससे प्रदेश के खिलाड़ियों को अन्तर्राष्ट्रीय / राष्ट्रीय स्तर की खेल अधोसंरचना उपलब्ध कराई जायेगी तथा उपलब्ध अधोसंरचना का उन्नयन किया जायेगा। साथ ही खिलाड़ियों के लिए आवश्यक स्थाई प्रकार के खेल उपकरण स्थापित कराए जायेंगे। प्रदेश के जिला मुख्यालयों पर स्टेडियम /खेल प्रशिक्षण केन्द्र निर्मित हैं एवं 313 विकास खण्डों में से लगभग 100 स्थानों पर स्टेडियम निर्मित हैं।

*जिला और सिविल अस्पताल एवं औषधालयों के संचालन के लिए 12,517.99 करोड़ रूपये की स्वीकृति*

	मंत्रि-परिषद ने प्रदेश के जिला और सिविल अस्पताल एवं औषधालयों को 01 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक संचालन के लिए 12 हजार 517.99 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गई है। योजना से जिला चिकित्सालय में रोगियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं एवं अस्पताल सुचारू रूप से संचालित किया जा सकेगा। योजना के संचालन का लक्ष्य परिवार कल्याण कार्यक्रम एवं विभाग द्वारा संचालित गतिविधियों एवं विशेष रूप से स्वास्थ्य के प्रति जागरुकता लाना भी है।

*मलेरिया सहित अन्य वेक्टरजनित रोगों के नियंत्रण के लिए 1,704 करोड़ 81 लाख रूपये की स्वीकृति*

	मंत्रि-परिषद ने मलेरिया सहित अन्य वेक्टरजनित रोगों के नियंत्रण से संबंधित योजना शीत ज्वर के 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक संचालन के लिए 1,704 करोड़ 81 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान की है। इस राष्ट्रीय कार्यक्रम अन्तर्गत मलेरिया सहित अन्य वेक्टरजनित रोगों को नियंत्रित किया जाता है, जिसमें नए कीटनाशक और लार्टीसाइड शामिल हैं।

*प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन (पीएमअभीम) के संचालन के लिए 2,448 करोड़ 79 लाख रूपये की स्वीकृति*

	मंत्रि-परिषद ने प्रदेश में प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन (पीएमअभीम) के 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक निरंतर संचालन के लिए 2,448 करोड़ 79 लाख रूपये की स्वीकृति दी है। इस योजना के अंतर्गत जिला अस्पताल एवं चिकित्सा महाविद्यालय स्तर पर क्रिटिकल केयर ब्लॉक और इंटीग्रेटेड सार्वजनिक स्वास्थ्य लैब का निर्माण किया जाएगा तथा विकासखंड स्तर पर ब्लॉक सार्वजनिक स्वास्थ्य यूनिट की स्थापना सुनिश्चित की जायेगी। प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन (पीएमअभीम) के अंतर्गत कोविड महामारी जैसी स्वास्थ्य आपदाओं से निपटने एवं नियंत्रण के लिए स्वास्थ्य प्रणाली को सुदृढ़ किया जा रहा है। इसके साथ ही बीमारियों की शीघ्र पहचान के लिए जाँच प्रणाली को विकासखंड एवं जिला स्तर पर सुदृढ़ करते हुए नवीन नेटवर्क स्थापित किया जा रहा है। इसके परिणामस्वरूप ग्रामीण एवं शहरी स्तर पर स्वास्थ्य आपदाओं की शीघ्र पहचान कर प्रभावी नियंत्रण एवं रोकथाम किया जा सकेगा।

*नागरिकों के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल सुनिश्चित करने के लिए 11 हजार 812.02 करोड़ रुपये की स्वीकृति*

	मंत्रि-परिषद ने जिलों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच बढ़ाने, प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल सुनिश्चित करने तथा बेहतर स्वास्थ्य निगरानी के लिए स्वास्थ्य केन्द्रों की स्थापना एवं संचालन (प्राथमिक) सम्बन्धी योजना के 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक निरंतर संचालन के लिए 11 हजार 812.02 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है। योजना का मुख्य उद्देश्य उप स्वास्थ्य केन्द्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र और सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में आंतरिक एवं बाह्य रोगियों का उपचार करना है। आंतरिक रोगियों के लिए निःशुल्क भोजन और दवाईयां उपलब्ध कराई जाती हैं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय एवं उनके अधीन संचालित चिकित्सा संस्थाओं में समस्त रोगो के निदान के लिए विशेषज्ञ और चिकित्सा अधिकारी, नर्सिग एवं फार्मासिस्ट का अमला पदस्थ होता है।

*स्टेट डाटा सेन्टर के उन्नयन, परिचालन एवं संधारण के लिए 1,099 करोड़ 58 लाख रूपये की स्वीकृति*

	मंत्रि-परिषद ने विज्ञान एवं प्रौ‌द्योगिकी विभाग की स्टेट डाटा सेन्टर का उन्नयन, परिचालन एवं संधारण संबंधी योजना के 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक निरंतर संचालन के लिए 1,099 करोड़ 58 लाख रूपये की स्वीकृति दी है।
	प्रदेश में शासकीय विभागों के महत्वपूर्ण डेटा के सुरक्षित संग्रहण एवं विभिन्न ई-गवर्नेस सेवाओं के संचालन के लिए स्टेट डाटा सेंटर (SDC) का संचालन मध्यप्रदेश स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट कार्पोरेशन (एमपीएसईडीसी) द्वारा किया जा रहा है। राज्य की ई-गवर्नेस अधोसंरचना के प्रमुख घटक के रूप में यह विभिन्न विभागों को होस्टिंग सेवाएं, नागरिक सेवाओं की ऑनलाइन उपलब्धता तथा डिजास्टर रिकवरी के माध्यम से सेवा निरंतरता सुनिश्चित करता है।
	म.प्र. स्टेट डाटा सेन्टर (एमपी एस.डी.सी) विभिन्न विभागों की वेबसाईटों, पोर्टों. एम.आइ.एस. ईमेल सेवाओं तथा क्लाउड होस्टिंग के लिए एक साझा, सुरक्षित और लागत प्रभावी प्लेटफॉर्म प्रदान करता है। इससे विभागों की आईटी लागत में कमी आती है और नागरिकों को डिजिटल सेवाओं की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित होती है जिससे "डिजिटल इंडिया मिशन को राज्य स्तर पर मजबूती मिलती है।

*जनजातीय कार्य विभाग के शैक्षणिक संवर्ग के लिए चतुर्थ क्रमोन्नत वेतनमान की स्वीकृति*

	मध्यप्रदेश शासन जनजातीय कार्य विभाग के शैक्षणिक संवर्ग के सहायक शिक्षक एवं उच्च श्रेणी शिक्षक तथा नवीन शैक्षणिक संवर्ग के प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षकों के लिए प्रचलित क्रमोन्नत योजना अनुसार चतुर्थ क्रमोन्नत वेतनमान 1 जुलाई 2023 अथवा इसके बाद की तिथि से 35 वर्ष की सेवा पूर्ण करने पर प्रभावशील किए जाने का अनुमोदन दिया गया।
    user_शाहिद खान रिपोर्टर
    शाहिद खान रिपोर्टर
    Journalist हुजूर, भोपाल, मध्य प्रदेश•
    6 hrs ago
  • रायसेन में बार-बार अतिक्रमण हटाने के बावजूद फिर से में रोड पर हो रहा है अतिक्रमण
    1
    रायसेन में बार-बार अतिक्रमण हटाने के बावजूद फिर से में रोड पर हो रहा है अतिक्रमण
    user_Amit sharma
    Amit sharma
    Photographer रायसेन, रायसेन, मध्य प्रदेश•
    8 hrs ago
  • लोकेशन सिरोंज खाद के लिए सड़क पर उतरे किसान, गोदाम पर चक्काजाम के बाद एसडीएम कार्यालय का घेराव "सरकार की लापरवाही से किसानों की फसलें बर्बादी की कगार पर" लोकेशन सिरोंज खाद के लिए सड़क पर उतरे किसान, गोदाम पर चक्काजाम के बाद एसडीएम कार्यालय का घेराव "सरकार की लापरवाही से किसानों की फसलें बर्बादी की कगार पर" सिरोंज। प्रदेश में किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने के सरकारी दावों की बुधवार को सिरोंज में पोल खुल गई। खाद के लिए घंटों भटकने के बाद आक्रोशित किसानों ने पहले खाद गोदाम के सामने चक्काजाम कर जोरदार प्रदर्शन किया, फिर बड़ी संख्या में किसान नेता सुरेंद्र रघुवंशी के नेतृत्व में एसडीएम कार्यालय पहुंचकर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपना विरोध दर्ज कराया। इस अवसर पर किसान नेता सुरेंद्र रघुवंशी ने कहा कि इस समय फसलों को खाद की सबसे अधिक आवश्यकता है, लेकिन सरकारी गोदाम खाली पड़े हैं। पर्याप्त बारिश नहीं होने से किसान पहले ही परेशान हैं और अब खाद की कमी ने उनकी चिंता कई गुना बढ़ा दी है। किसानों ने आरोप लगाया कि सरकार की बदइंतजामी का खामियाजा सीधे अन्नदाता को भुगतना पड़ रहा है। प्रदर्शन के दौरान सुरेंद्र रघुवंशी ने अधिकारियों से कहा कि किसान पहले सूखे की मार झेल रहा है और अब खाद की किल्लत से उसकी फसलें बर्बाद होने की स्थिति में हैं। उन्होंने कहा कि यदि समय पर खाद उपलब्ध नहीं कराई गई तो हजारों किसानों की मेहनत पर पानी फिर जाएगा और पूरा साल आर्थिक संकट में गुजरने को मजबूर होना पड़ेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि किसानों के धैर्य की परीक्षा लेना बंद किया जाए और तत्काल पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराई जाए। किसानों के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए एसडीएम ओम नारायण बड़कुल जी मौके पर पहुंचे और जल्द ही पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। हालांकि किसानों ने स्पष्ट किया कि यदि प्रशासन ने अपने वादे पर शीघ्र अमल नहीं किया तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी। इस अवसर पर शिवम शर्मा, चंद्रेश, रमेश बाबू , खेमचंद, उमराव, पदम, जितेंद्र, महाराज सिंह, दीवान सिंह, मेहरबान सिंह, कमर लाल आदि सैकड़ो साथी मौजूद थे
    4
    लोकेशन सिरोंज 

खाद के लिए सड़क पर उतरे किसान, गोदाम पर चक्काजाम के बाद एसडीएम कार्यालय का घेराव
"सरकार की लापरवाही से किसानों की फसलें बर्बादी की कगार पर"
लोकेशन सिरोंज 
खाद के लिए सड़क पर उतरे किसान, गोदाम पर चक्काजाम के बाद एसडीएम कार्यालय का घेराव
"सरकार की लापरवाही से किसानों की फसलें बर्बादी की कगार पर"
सिरोंज। प्रदेश में किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने के सरकारी दावों की बुधवार को सिरोंज में पोल खुल गई। खाद के लिए घंटों भटकने के बाद आक्रोशित किसानों ने पहले खाद गोदाम के सामने चक्काजाम कर जोरदार प्रदर्शन किया, फिर बड़ी संख्या में किसान नेता सुरेंद्र रघुवंशी के नेतृत्व में एसडीएम कार्यालय पहुंचकर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपना विरोध दर्ज कराया।
इस अवसर पर किसान नेता सुरेंद्र रघुवंशी ने कहा कि इस समय फसलों को खाद की सबसे अधिक आवश्यकता है, लेकिन सरकारी गोदाम खाली पड़े हैं। पर्याप्त बारिश नहीं होने से किसान पहले ही परेशान हैं और अब खाद की कमी ने उनकी चिंता कई गुना बढ़ा दी है। किसानों ने आरोप लगाया कि सरकार की बदइंतजामी का खामियाजा सीधे अन्नदाता को भुगतना पड़ रहा है।
प्रदर्शन के दौरान सुरेंद्र रघुवंशी ने अधिकारियों से कहा कि किसान पहले सूखे की मार झेल रहा है और अब खाद की किल्लत से उसकी फसलें बर्बाद होने की स्थिति में हैं। उन्होंने कहा कि यदि समय पर खाद उपलब्ध नहीं कराई गई तो हजारों किसानों की मेहनत पर पानी फिर जाएगा और पूरा साल आर्थिक संकट में गुजरने को मजबूर होना पड़ेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि किसानों के धैर्य की परीक्षा लेना बंद किया जाए और तत्काल पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराई जाए।
किसानों के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए एसडीएम ओम नारायण बड़कुल जी मौके पर पहुंचे और जल्द ही पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। हालांकि किसानों ने स्पष्ट किया कि यदि प्रशासन ने अपने वादे पर शीघ्र अमल नहीं किया तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी। इस अवसर पर शिवम शर्मा, चंद्रेश, रमेश बाबू , खेमचंद, उमराव, पदम, जितेंद्र, महाराज सिंह, दीवान सिंह, मेहरबान सिंह, कमर लाल आदि सैकड़ो  साथी मौजूद थे
    user_रिपोर्टर rupesh yadav
    रिपोर्टर rupesh yadav
    Photographer सिरोंज, विदिशा, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.