लोकेशन सिरोंज खाद के लिए सड़क पर उतरे किसान, गोदाम पर चक्काजाम के बाद एसडीएम कार्यालय का घेराव "सरकार की लापरवाही से किसानों की फसलें बर्बादी की कगार पर" लोकेशन सिरोंज खाद के लिए सड़क पर उतरे किसान, गोदाम पर चक्काजाम के बाद एसडीएम कार्यालय का घेराव "सरकार की लापरवाही से किसानों की फसलें बर्बादी की कगार पर" सिरोंज। प्रदेश में किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने के सरकारी दावों की बुधवार को सिरोंज में पोल खुल गई। खाद के लिए घंटों भटकने के बाद आक्रोशित किसानों ने पहले खाद गोदाम के सामने चक्काजाम कर जोरदार प्रदर्शन किया, फिर बड़ी संख्या में किसान नेता सुरेंद्र रघुवंशी के नेतृत्व में एसडीएम कार्यालय पहुंचकर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपना विरोध दर्ज कराया। इस अवसर पर किसान नेता सुरेंद्र रघुवंशी ने कहा कि इस समय फसलों को खाद की सबसे अधिक आवश्यकता है, लेकिन सरकारी गोदाम खाली पड़े हैं। पर्याप्त बारिश नहीं होने से किसान पहले ही परेशान हैं और अब खाद की कमी ने उनकी चिंता कई गुना बढ़ा दी है। किसानों ने आरोप लगाया कि सरकार की बदइंतजामी का खामियाजा सीधे अन्नदाता को भुगतना पड़ रहा है। प्रदर्शन के दौरान सुरेंद्र रघुवंशी ने अधिकारियों से कहा कि किसान पहले सूखे की मार झेल रहा है और अब खाद की किल्लत से उसकी फसलें बर्बाद होने की स्थिति में हैं। उन्होंने कहा कि यदि समय पर खाद उपलब्ध नहीं कराई गई तो हजारों किसानों की मेहनत पर पानी फिर जाएगा और पूरा साल आर्थिक संकट में गुजरने को मजबूर होना पड़ेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि किसानों के धैर्य की परीक्षा लेना बंद किया जाए और तत्काल पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराई जाए। किसानों के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए एसडीएम ओम नारायण बड़कुल जी मौके पर पहुंचे और जल्द ही पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। हालांकि किसानों ने स्पष्ट किया कि यदि प्रशासन ने अपने वादे पर शीघ्र अमल नहीं किया तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी। इस अवसर पर शिवम शर्मा, चंद्रेश, रमेश बाबू , खेमचंद, उमराव, पदम, जितेंद्र, महाराज सिंह, दीवान सिंह, मेहरबान सिंह, कमर लाल आदि सैकड़ो साथी मौजूद थे
लोकेशन सिरोंज खाद के लिए सड़क पर उतरे किसान, गोदाम पर चक्काजाम के बाद एसडीएम कार्यालय का घेराव "सरकार की लापरवाही से किसानों की फसलें बर्बादी की कगार पर" लोकेशन सिरोंज खाद के लिए सड़क पर उतरे किसान, गोदाम पर चक्काजाम के बाद एसडीएम कार्यालय का घेराव "सरकार की लापरवाही से किसानों की फसलें बर्बादी की कगार पर" सिरोंज। प्रदेश में किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने के सरकारी दावों की बुधवार को सिरोंज में पोल खुल गई। खाद के लिए घंटों भटकने के बाद आक्रोशित किसानों ने पहले खाद गोदाम
के सामने चक्काजाम कर जोरदार प्रदर्शन किया, फिर बड़ी संख्या में किसान नेता सुरेंद्र रघुवंशी के नेतृत्व में एसडीएम कार्यालय पहुंचकर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपना विरोध दर्ज कराया। इस अवसर पर किसान नेता सुरेंद्र रघुवंशी ने कहा कि इस समय फसलों को खाद की सबसे अधिक आवश्यकता है, लेकिन सरकारी गोदाम खाली पड़े हैं। पर्याप्त बारिश नहीं होने से किसान पहले ही परेशान हैं और अब खाद की कमी ने उनकी चिंता कई गुना बढ़ा दी है। किसानों ने आरोप लगाया कि सरकार की बदइंतजामी का
खामियाजा सीधे अन्नदाता को भुगतना पड़ रहा है। प्रदर्शन के दौरान सुरेंद्र रघुवंशी ने अधिकारियों से कहा कि किसान पहले सूखे की मार झेल रहा है और अब खाद की किल्लत से उसकी फसलें बर्बाद होने की स्थिति में हैं। उन्होंने कहा कि यदि समय पर खाद उपलब्ध नहीं कराई गई तो हजारों किसानों की मेहनत पर पानी फिर जाएगा और पूरा साल आर्थिक संकट में गुजरने को मजबूर होना पड़ेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि किसानों के धैर्य की परीक्षा लेना बंद किया जाए और तत्काल पर्याप्त मात्रा में
खाद उपलब्ध कराई जाए। किसानों के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए एसडीएम ओम नारायण बड़कुल जी मौके पर पहुंचे और जल्द ही पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। हालांकि किसानों ने स्पष्ट किया कि यदि प्रशासन ने अपने वादे पर शीघ्र अमल नहीं किया तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी। इस अवसर पर शिवम शर्मा, चंद्रेश, रमेश बाबू , खेमचंद, उमराव, पदम, जितेंद्र, महाराज सिंह, दीवान सिंह, मेहरबान सिंह, कमर लाल आदि सैकड़ो साथी मौजूद थे
- अशोकनगर कलेक्टर श्री साकेत मालवीय ने आज भ्रमण के दौरान शासकीय मॉडल स्कूल मुंगावली का भ्रमण किया। इस दौरान स्कूली बच्चों से संवाद किया। उन्होंने शिक्षक की भूमिका निभाकर बच्चों को गणित विषय से संबंधित प्रश्नों को हल करके बताया1
- अरविंद केजरीवाल का केंद्र सरकार की E20 ईंधन नीति के खिलाफ मार्च का ऐलान1
- समस्त कार्यकर्ताओं के संघर्ष मेहनत से हुई विजय :-प्रभुसिंह ठाकुर बीना (सागर)दतिया के क्लस्टर प्रभारी दाऊ प्रभुसिंह ठाकुर जी के एवं समस्त कार्यकर्ताओं के संघर्ष मेहनत से हुई विजय की कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह जी एव समस्त दतिया वासियों एव कांग्रेस जनों को बधाई हार्दिक शुभकामनाएं....💐💐 निश्चित ही कांग्रेस हर किला फतह करने में सक्षम है भाजपा ने दतिया चुनाव में शासन प्रशाशन धनबल के साथ अपना सर्वस्व लगा दिया फिर भी औंधे मुंह गिरी!1
- NEWS24 छोड़ने के बाद पहली बार बोलीं गरिमा सिंह, कहा— "जब सवाल पूछना मुश्किल हो जाए, तो कुर्सी छोड़ देना बेहतर" करीब तीन साल तक सरकार से सवाल पूछने की बात कही, बोलीं— पत्रकारिता का धर्म सत्ता से जवाब मांगना है। नई दिल्ली। वरिष्ठ टीवी पत्रकार और एंकर गरिमा सिंह ने NEWS24 से इस्तीफा देने के बाद पहली बार सार्वजनिक रूप से अपनी चुप्पी तोड़ी है। सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो संदेश में उन्होंने मौजूदा मीडिया माहौल, पत्रकारिता की स्वतंत्रता और सत्ता से सवाल पूछने की जिम्मेदारी पर खुलकर अपनी बात रखी। गरिमा सिंह ने कहा कि पत्रकारिता का मूल उद्देश्य जनता के सवालों को सत्ता तक पहुंचाना और जवाबदेही तय करना है। उनके अनुसार, यदि पत्रकार सत्ता से असहज सवाल नहीं पूछ पाएंगे, तो लोकतंत्र की बुनियाद कमजोर होगी। उन्होंने बताया कि पिछले लगभग तीन वर्षों तक उन्होंने पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ सरकार से सवाल पूछने का प्रयास किया। लेकिन एक समय ऐसा आया जब उन्हें महसूस हुआ कि अब वे पहले की तरह स्वतंत्र होकर अपनी जिम्मेदारी नहीं निभा पा रही हैं। इसी कारण उन्होंने NEWS24 से इस्तीफा देने का निर्णय लिया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि पत्रकारिता केवल खबरें पढ़ने का माध्यम नहीं है, बल्कि जनता की आवाज को सत्ता तक पहुंचाने का दायित्व भी है। उन्होंने संकेत दिया कि जब पत्रकार अपने पेशे की मूल जिम्मेदारी निभाने में स्वयं को असहज महसूस करने लगे, तो उस स्थिति पर गंभीरता से विचार करना जरूरी हो जाता है। गरिमा सिंह के इस बयान के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर व्यापक चर्चा शुरू हो गई है। कई लोगों ने उनके साहस और विचारों की सराहना करते हुए इसे पत्रकारिता की स्वतंत्रता से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा बताया, जबकि कुछ लोगों ने उनके विचारों से असहमति भी जताई और अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दीं। फिलहाल, गरिमा सिंह के बयान पर NEWS24 या अन्य संबंधित पक्ष की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में यह मामला सोशल मीडिया और मीडिया जगत में चर्चा का विषय बना हुआ है।1
- शमशाबाद के डबरी गांव में मिले पशु अवशेष, जांच की मांग को लेकर सड़क पर प्रदर्शन विदिशा के शमशाबाद थाना क्षेत्र के डबरी गांव के पास पशु अवशेष मिलने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। वहीं बजरंग दल, विश्व हिंदू परिषद और ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।1