Shuru
Apke Nagar Ki App…
ओमप्रकाश राजभर ने इतिहास का एक विश्लेषण प्रस्तुत किया है, जिसे उनके प्रशंसक बड़े ही मर्यादित और तार्किक तरीके से समझाया गया मान रहे हैं।
Pawan Kumar Tiwari
ओमप्रकाश राजभर ने इतिहास का एक विश्लेषण प्रस्तुत किया है, जिसे उनके प्रशंसक बड़े ही मर्यादित और तार्किक तरीके से समझाया गया मान रहे हैं।
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- ओमप्रकाश राजभर ने इतिहास का एक विश्लेषण प्रस्तुत किया है, जिसे उनके प्रशंसक बड़े ही मर्यादित और तार्किक तरीके से समझाया गया मान रहे हैं।1
- प्रतापगढ़ की मांधाता नगर पंचायत की सफाई व्यवस्था एक बार फिर गंभीर सवालों के घेरे में आ गई है। नाली की सफाई को लेकर एक सफाई कर्मी और स्थानीय निवासी के बीच तीखी कहासुनी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद नगर पंचायत के स्वच्छता दावों की हकीकत को लेकर एक नई बहस छिड़ गई है। इस वीडियो ने नगर पंचायत की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि नगर पंचायत क्षेत्र में नियमित सफाई, कूड़ा उठान और नालियों की सफाई की व्यवस्था जमीनी स्तर पर बेहद कमजोर है। कई मोहल्लों में नालियां गंदगी से भरी रहती हैं और सड़क किनारे कूड़े के ढेर आम बात हो गई है। उनका कहना है कि सफाई व्यवस्था सिर्फ सरकारी अभिलेखों और बैठकों तक ही सीमित रह गई है, जबकि कागजों में स्वच्छता अभियान और कूड़ा निस्तारण की रिपोर्टें प्रस्तुत की जाती हैं। स्थानीय नागरिकों के अनुसार, वास्तविक निरीक्षण करने पर तस्वीर बिल्कुल अलग दिखाई देती है, जहां नालियों की नियमित सफाई न होने से जल निकासी प्रभावित होती है और बरसात में जलभराव की समस्या गंभीर हो जाती है। लोगों का यह भी आरोप है कि सफाई कर्मियों की तैनाती और उपस्थिति का रिकॉर्ड भले ही दुरुस्त दिखाया जाता हो, लेकिन आम नागरिकों को इसका लाभ नहीं मिल रहा है। यह वायरल वीडियो संकेत देता है कि समस्या सिर्फ एक नाली या मोहल्ले तक सीमित नहीं है, क्योंकि नगर पंचायत क्षेत्र में लंबे समय से सफाई व्यवस्था को लेकर शिकायतें की जाती रही हैं, लेकिन कोई स्थायी समाधान नहीं निकला है। नागरिक सवाल उठा रहे हैं कि यदि नियमित सफाई हो रही है तो फिर जगह-जगह कूड़े के ढेर और गंदगी की शिकायतें क्यों आ रही हैं, और यदि सफाई कर्मी अपना दायित्व निभा रहे हैं तो जनता में असंतोष क्यों बढ़ रहा है। जनता का यह भी सवाल है कि हर वर्ष सफाई व्यवस्था, कूड़ा निस्तारण और स्वच्छता अभियानों के लिए लाखों रुपये का बजट खर्च होने के बावजूद उसका प्रभाव धरातल पर क्यों नहीं दिख रहा है। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि सफाई व्यवस्था की स्वतंत्र जांच कराई जाए, सफाई कर्मियों की उपस्थिति और कार्यों का सत्यापन हो, कूड़ा उठान और नाली सफाई के बजट का विवरण सार्वजनिक किया जाए, लगातार शिकायतों वाले क्षेत्रों का विशेष निरीक्षण हो, और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए। नगर पंचायत में सफाई व्यवस्था अब केवल प्रशासनिक मुद्दा न रहकर जनता के भरोसे और जवाबदेही का प्रश्न बन चुकी है, जहां लोग चाहते हैं कि स्वच्छता केवल रिपोर्टों में नहीं, बल्कि सड़कों और गलियों में भी दिखाई दे।1
- विकासखंड हरचंदपुर क्षेत्र के बाला ग्राम पंचायत में पूर्व विधायक राकेश प्रताप सिंह ने निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने वहां मौजूद समस्याओं का जायजा लिया।1
- प्रतापगढ़ के नगर कोतवाली क्षेत्र स्थित भोरई का पुरवा और डड़वा गांव के ग्रामीणों ने सोमवार को जिला कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का आरोप है कि इन दोनों गांवों को ग्राम सभा और नगर पालिका क्षेत्र से बाहर कर दिया गया है, जिसके कारण उन्हें विभिन्न सरकारी सुविधाओं से वंचित होना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासनिक अधिकारी को एक प्रार्थना पत्र सौंपकर दोनों गांवों को पुनः नगर पालिका परिषद बेला प्रतापगढ़ में शामिल किए जाने की मांग की। इसके पश्चात, ग्रामीणों ने नगर पालिका परिषद कार्यालय पहुंचकर अधिशासी अधिकारी का घेराव भी किया। अधिशासी अधिकारी ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि इस संबंध में जिलाधिकारी से वार्ता कर गांवों को नगर पालिका क्षेत्र में शामिल कराने का प्रयास किया जाएगा। इस प्रदर्शन में यदुराज, अजय प्रताप यादव, कुंदन यादव, सतीश कुमार, साधना देवी, कुंती देवी, ममता विश्वकर्मा, प्रेमा देवी, शिवकुमार, रविंद्र, राम आसरे, जगदीश यादव, रवि गुप्ता, दीपक कुमार सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।1
- अंशुमन यादव द्वारा कथित तौर पर की गई अभद्र टिप्पणी के कारण ब्राह्मण-ठाकुर समाज में तीव्र नाराजगी और रोष का माहौल है।1
- लखनऊ के नगराम थाना क्षेत्र में स्थित एक पटाखा फैक्ट्री में जोरदार धमाका हुआ है। इस भीषण धमाके की आवाज करीब दो किलोमीटर दूर तक सुनाई दी, जिसके प्रभाव से पूरा घर उड़ गया। इस हादसे में एक महिला और एक युवक घायल हुए हैं। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम राहत कार्य के लिए तुरंत मौके पर पहुंच गई।1