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नारायणी नदी में मिले 4 शवों को कुशीनगर प्रशासन ने नेपाल पुलिस को किया सुपुर्द नेपाल में आई भीषण प्राकृतिक आपदा के बाद नारायणी (गंडक) नदी में बहकर कुशीनगर जनपद के खड्डा थाना क्षेत्र में पहुंचे चार शवों को पोस्टमार्टम के उपरांत दिन मंगलवार को इंडो नेपाल बॉर्डर ठूठीबारी में कुशीनगर अतिरिक्त मजिस्ट्रेट एसडीएम विवेक शील के नेतृत्व में खड्डा थाना उपनिरीक्षक गंगाराम यादव व केशनाथ यादव द्वारा नेपाल पुलिस महेशपुर इंस्पेक्टर सुबराज बम को सुपुर्द किया गया। बता दे खड्डा थाना क्षेत्र में नदी के ठोकर नंबर-03 के पास 27 अगस्त को चार शव बरामद हुए थे। इनमें एक पुरुष और तीन महिलाएं शामिल हैं। इस दौरान एसएसबी असिस्टेंट कमांडेंट हेमंत कुमार ठूठीबारी थानाध्यक्ष अमित सिंह मौजूद रहे।
ASHUTOSH KUMAR RAUNIYAR
नारायणी नदी में मिले 4 शवों को कुशीनगर प्रशासन ने नेपाल पुलिस को किया सुपुर्द नेपाल में आई भीषण प्राकृतिक आपदा के बाद नारायणी (गंडक) नदी में बहकर कुशीनगर जनपद के खड्डा थाना क्षेत्र में पहुंचे चार शवों को पोस्टमार्टम के उपरांत दिन मंगलवार को इंडो नेपाल बॉर्डर ठूठीबारी में कुशीनगर अतिरिक्त मजिस्ट्रेट एसडीएम विवेक शील के नेतृत्व में खड्डा थाना उपनिरीक्षक गंगाराम यादव व केशनाथ यादव द्वारा नेपाल पुलिस महेशपुर इंस्पेक्टर सुबराज बम को सुपुर्द किया गया। बता दे खड्डा थाना क्षेत्र में नदी के ठोकर नंबर-03 के पास 27 अगस्त को चार शव बरामद हुए थे। इनमें एक पुरुष और तीन महिलाएं शामिल हैं। इस दौरान एसएसबी असिस्टेंट कमांडेंट हेमंत कुमार ठूठीबारी थानाध्यक्ष अमित सिंह मौजूद रहे।
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- ठूठीबारी में स्कूल गेट के पास दिखा विशालकाय मगरमच्छ, मचा हड़कंप | Maharajganj News महराजगंज के ठूठीबारी में सोमवार रात स्कूल गेट के पास विशालकाय मगरमच्छ दिखाई देने से हड़कंप मच गया। व्यस्त बस स्टैंड के पास मगरमच्छ मिलने से स्थानीय लोगों और यात्रियों में दहशत फैल गई। लोगों ने वन विभाग से मगरमच्छ को सुरक्षित पकड़कर आबादी से दूर ले जाने की मांग की है।1
- स्वच्छता अभियान में जनप्रतिनिधियों ने उठाया कूड़ा, ग्रामीणों को किया जागरूक रामकोला, कुशीनगर। स्वच्छ रामकोला अभियान के तहत एक सितंबर से दो अक्टूबर तक चलाए जा रहे स्वच्छता अभियान के क्रम में मंगलवार को क्षेत्र की विभिन्न ग्राम पंचायतों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। जनप्रतिनिधियों और कर्मचारियों ने ग्रामीणों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करते हुए गांवों को साफ-सुथरा रखने में सामूहिक भागीदारी की अपील की। रामपुर बगहा गांव में ग्राम प्रधान मंतिरा देवी और ग्राम पंचायत सचिव शोभनाथ सिंह ने स्वयं कूड़ा उठाकर सफाई की। जनप्रतिनिधियों को सफाई करते देख ग्रामीण भी अभियान में शामिल होने के लिए प्रेरित हुए। इस दौरान लोगों से घरों के साथ सार्वजनिक स्थानों की नियमित सफाई करने और कूड़ा निर्धारित स्थान पर डालने की अपील की गई। एडीओ पंचायत प्रदीप मल्ल ने कहा कि स्वच्छ गांव के लिए प्रत्येक ग्रामीण की सहभागिता जरूरी है। केवल सफाई कर्मचारियों के भरोसे गांव को स्वच्छ नहीं बनाया जा सकता। ग्रामीण अपने घर और आसपास के स्थानों की नियमित सफाई करें और दूसरों को भी स्वच्छता के प्रति जागरूक करें। ग्राम पंचायत अडरौना में ग्राम प्रधान कमलेश यादव, ग्राम पंचायत सचिव तैमूर अंसारी और खंड प्रेरक भगवान सिंह के नेतृत्व में जागरूकता अभियान चलाया गया। प्राथमिक विद्यालय के बच्चों ने गांव में भ्रमण कर ग्रामीणों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया। बच्चों ने कूड़ा इधर-उधर न फेंकने और स्वच्छ वातावरण बनाए रखने की अपील की। अभियान के दौरान 'स्वच्छ ग्राम, स्वस्थ ग्राम, समृद्ध ग्राम' का संदेश दिया गया। ग्रामीणों ने श्रमदान कर गांव को स्वच्छ एवं सुंदर बनाने में सहयोग करने का संकल्प लिया। इस दौरान ग्राम प्रधान प्रतिनिधि, ग्रामीण, कर्मचारी और विद्यालय के बच्चे मौजूद रहे।1
- कुशीनगर में राहुल गांधी पर FIR दर्ज होने पर कुशीनगर कांग्रेसियो में उबाल कुशीनगर में राहुल गांधी पर FIR दर्ज होने पर कुशीनगर कांग्रेसियो में उबाल - काग्रेस कार्यकर्ताओं ने पडरौना में निकाला विरोध मार्च - सुभाष चौक से गांधी प्रतिमा तक मार्च निकालकर जताया विरोध - भाजपा सरकार पर लगाया गंभीर आरोप - भाजपा पर लोकतंत्र को खत्म करने का आरोप - विरोध मार्च में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता रहे शामिल1
- मुडली चौराहे पर युवकों में विवाद, मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल महराजगंज। कोल्हुई थाना क्षेत्र के मुडली चौराहे पर जिम सेंटर के आसपास नौजवानों के बीच आपसी कहासुनी को लेकर विवाद होने की बात सामने आई है। घटना से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कुछ युवक आपस में विवाद करते नजर आ रहे हैं। हालांकि, वायरल वीडियो के आधार पर घटना की पूरी वास्तविक स्थिति और विवाद की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। वीडियो कब और किन परिस्थितियों में बनाया गया, इसकी भी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। मामले को लेकर पुलिस द्वारा वायरल वीडियो की जांच कर घटना में शामिल लोगों और विवाद की वास्तविक वजह का पता लगाने की उम्मीद है। जांच के बाद तथ्यों के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जा सकती है।1
- #नेपाल #बाढ़: आपदा में पीड़ित परिवारों की मदद के लिए प्रेस क्लब ऑफ महराजगंज ने" 51 हजार रुपए" का सहयोग किया! #Maharajganj #nepal #सोनौली #भारत #सीमा #आपदा1
- महराजगंज में पुलिस की सख्ती | बिना हेलमेट बाइक चालकों के चालान | आनंदनगर-धानी डाला मार्ग पर चेकिंग महराजगंज के आनंदनगर-धानी डाला मार्ग पर पुलिस ने सघन वाहन चेकिंग अभियान चलाया। बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाने वाले चालकों के चालान किए गए। पुलिस ने वाहन चालकों को हेलमेट पहनने और यातायात नियमों का पालन करने के लिए जागरूक किया। चेकिंग टीम में एसआई शैलेश सिंह शामिल रहे।1
- उमेश पासवान अच्छा लगे तो वीडियो को लाइक करें..........1
- “देखते ही देखते गंडक नदी में समा गया पूरा मकान! 😱 आखिर कब रुकेगा मंगलपुर शिशुवा में नदी का कटाव?” 📝 डिस्क्रिप्शन बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के योगापट्टी प्रखंड के मंगलपुर शिशुवा गांव से नदी कटाव की डरावनी तस्वीर सामने आई है। गंडक नदी के तेज कटाव की वजह से देखते ही देखते एक बड़ा मकान नदी में समा गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर साल बाढ़ के दौरान नदी का कटाव कई घरों और जमीनों को अपनी चपेट में लेता है, लेकिन इस समस्या से बचाव के लिए स्थायी व्यवस्था नहीं हो पाती। ग्रामीणों को डर है कि अगर कटाव इसी तरह जारी रहा तो आने वाले समय में कई और घर इसकी चपेट में आ सकते हैं। 👉 क्या इस इलाके में जल्द से जल्द मजबूत कटावरोधी कार्य कराया जाएगा? 👉 आखिर हर साल होने वाले इस नुकसान का स्थायी समाधान कब होगा? वीडियो को शेयर करें ताकि मंगलपुर शिशुवा के लोगों की आवाज प्रशासन तक पहुंच सके। 🔥 “देखते ही देखते गंडक नदी में समा गया पूरा मकान! 😱 आखिर कब रुकेगा मंगलपुर शिशुवा में नदी का कटाव?” 📝 डिस्क्रिप्शन बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के योगापट्टी प्रखंड के मंगलपुर शिशुवा गांव से नदी कटाव की डरावनी तस्वीर सामने आई है। गंडक नदी के तेज कटाव की वजह से देखते ही देखते एक बड़ा मकान नदी में समा गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर साल बाढ़ के दौरान नदी का कटाव कई घरों और जमीनों को अपनी चपेट में लेता है, लेकिन इस समस्या से बचाव के लिए स्थायी व्यवस्था नहीं हो पाती। ग्रामीणों को डर है कि अगर कटाव इसी तरह जारी रहा तो आने वाले समय में कई और घर इसकी चपेट में आ सकते हैं। 👉 क्या इस इलाके में जल्द से जल्द मजबूत कटावरोधी कार्य कराया जाएगा? 👉 आखिर हर साल होने वाले इस नुकसान का स्थायी समाधान कब होगा? वीडियो को शेयर करें ताकि मंगलपुर शिशुवा के लोगों की आवाज प्रशासन तक पहुंच सके। 🔥1
- अघोरी ने जलती चिता से मांस निकालकर खाया। वीडियो वायरल होने की बाद मचा बवाल, नाराज संतों ने की कार्रवाई की मांग। आपको बता दें कि धार्मिक नगरी उज्जैन से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। खुद को 'अघोरी' बताने वाली एक महिला ने श्मशान घाट में जलती चिता से इंसान का मांस निकालकर खाया। वीडियो सामने आने के बाद संत समाज और आम लोगों में नाराजगी है। मामला उज्जैन के चक्रतीर्थ श्मशान घाट का है। अघोरी का नाम काली उर्फ नंद गिरि बताया जा रहा है। आरोप है महिला अघोरी नंद गिरि ने जलती चिता से इंसान का मांस निकालकर खाया। उन्होंने खुद ये वीडियो अपने इंस्टग्राम अकाउंट पर पोस्ट किया है। जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। अघोरी ने चिता से मांस निकालकर खाया वीडियो में नंद गिरि ने खुद को अघोरी और किन्नर अखाड़ा की महामंडलेश्वर बताया। वह कहती है 'हम आज इंसान का मांस खाएंगे।' इसके बाद कुछ मंत्र बोलने के बाद तलवार चिता के अंदर डालती हैं एक मांस का टुकड़ा निकालती है। इसके बाद वह उसे खाती हैं। इतना ही नहीं वह कहती है मांस गर्म और स्वादिष्ट है। उज्जैन के साधु-संतों में नाराजगी इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद उज्जैन के साधु-संतों में भारी गुस्सा देखने को मिल रहा है। साधु-संतों और अघोर परंपरा से जुड़े लोगों ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने आरोपी अघोरी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। अघोरी अखाड़े के पीठाधीश्वर और राष्ट्रीय अध्यक्ष खड़ेश्वरी अघोरी बाबा विष्णुनाथ ने मामले की पुलिस से शिकायत की है। वहीं, जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर शैलेशानंद गिरी महाराज ने इसे अंतिम संस्कार और शव से छेड़छाड़ और अपमान बताया है। उन्होंने कहा कि "अघोर की अपनी मर्यादा है और तंत्र क्रियाओं को गोपनीय रखना जरूरी है। उनका सार्वजनिक प्रदर्शन उचित नहीं है। आधुनिक समाज में मानव मांस खाने जैसी गतिविधि को नरपिशाची प्रवृत्ति के रूप में देखा जाता है। यह सनातन धर्म और अघोर परंपरा की मर्यादा के खिलाफ है। "1