logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

बांदा,थाना कोतवाली नगर क्षेत्रांतर्गत एक आवासीय विद्यालय में आवासित एक 12 वर्षीय व एक 8 वर्षीय बच्चों की रात्रि में तबियत खराब होने पर स्कूल प्रबंधन द्वारा तुरंत बच्चों को इलाज हेतु अस्पताल पहुंचाया गया जहां एक बच्चे को जिला अस्पताल में तथा दूसरे बच्चे को मेडिकल कॉलेज बांदा में डॉक्टरों द्वारा मृत घोषित कर दिया गया। बांदा,थाना कोतवाली नगर क्षेत्रांतर्गत एक आवासीय विद्यालय में आवासित एक 12 वर्षीय व एक 8 वर्षीय बच्चों की रात्रि में तबियत खराब होने पर स्कूल प्रबंधन द्वारा तुरंत बच्चों को इलाज हेतु अस्पताल पहुंचाया गया जहां एक बच्चे को जिला अस्पताल में तथा दूसरे बच्चे को मेडिकल कॉलेज बांदा में डॉक्टरों द्वारा मृत घोषित कर दिया गया। परिजनों को सूचित किया गया है। पुलिस द्वारा शवों को कब्जे में लेकर पंचायतनामा कर पोस्टमार्टम की कार्यवाही की जा रही है। बाइट अपर पुलिस अधीक्षक बांदा शिवराज।

1 hr ago
user_Surash Sahu
Surash Sahu
बांदा, बांदा, उत्तर प्रदेश•
1 hr ago
06dad48c-8b81-4981-9968-3d66f3396dd8
53913fa4-5079-47b0-8a25-fa12a9a33324
78e33e87-249d-4cb8-ace2-ffda5fc2fb1c

बांदा,थाना कोतवाली नगर क्षेत्रांतर्गत एक आवासीय विद्यालय में आवासित एक 12 वर्षीय व एक 8 वर्षीय बच्चों की रात्रि में तबियत खराब होने पर स्कूल प्रबंधन द्वारा तुरंत बच्चों को इलाज हेतु अस्पताल पहुंचाया गया जहां एक बच्चे को जिला अस्पताल में तथा दूसरे बच्चे को मेडिकल कॉलेज बांदा में डॉक्टरों द्वारा मृत घोषित कर दिया गया। बांदा,थाना कोतवाली नगर क्षेत्रांतर्गत एक आवासीय विद्यालय में आवासित एक 12 वर्षीय व एक 8 वर्षीय बच्चों की रात्रि में तबियत खराब होने पर स्कूल प्रबंधन द्वारा तुरंत बच्चों को इलाज हेतु अस्पताल पहुंचाया गया जहां एक बच्चे को जिला अस्पताल में तथा दूसरे बच्चे को मेडिकल कॉलेज बांदा में डॉक्टरों द्वारा मृत घोषित कर दिया गया। परिजनों को सूचित किया गया है। पुलिस द्वारा शवों को कब्जे में लेकर पंचायतनामा कर पोस्टमार्टम की कार्यवाही की जा रही है। बाइट अपर पुलिस अधीक्षक बांदा शिवराज।

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • *कीचड़ में खड़े होकर फहराया तिरंगा-शर्मनाक तस्वीर वायरल* बांदा। 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस के दिन देशभक्ति का जज्बा तो आसमान छू रहा था, लेकिन बांदा के बबेरू क्षेत्र के एक स्कूल की तस्वीर देखकर हर किसी का सिर शर्म से झुक जाएगा।वायरल तस्वीर पूर्व माध्यमिक विद्यालय पिष्टा, क्षेत्र बबेरू, की है। तस्वीर में साफ दिख रहा है कि स्कूली बच्चे घुटने तक भरे गंदे पानी और कीचड़ में खड़े होकर झंडा रोहण में शामिल हुए। छत पर कुछ बच्चे झंडा फहरा रहे हैं, नीचे मैदान पूरी तरह जलमग्न है। लड़के-लड़कियां गुलाबी यूनिफॉर्म में लाइन लगाकर खड़े हैं, लेकिन उनके पैर कीचड़ में सने हैं। स्कूल के बोर्ड पर "स्थापना वर्ष 2003" लिखा है। यानी 23 साल बीत गए, लेकिन आज तक स्कूल परिसर में जलनिकासी की व्यवस्था नहीं हो पाई। बारिश होते ही पूरा मैदान तालाब बन जाता है।स्थानीय लोगों का आरोप है कि हर साल 15 अगस्त और 26 जनवरी पर यही हाल होता है। अधिकारियों को फोटो भेजी जाती है, भाषण दिए जाते हैं, लेकिन धरातल पर कुछ नहीं बदलता।तस्वीर वायरल होते ही लोगों में गुस्सा है। अभिभावकों ने मांग की है कि जिलाधिकारी बांदा और बीएसए तुरंत संज्ञान लें और स्कूल में जलनिकासी, पक्का मैदान और मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराएं।
    1
    *कीचड़ में खड़े होकर फहराया तिरंगा-शर्मनाक तस्वीर वायरल*
बांदा। 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस के दिन देशभक्ति का जज्बा तो आसमान छू रहा था, लेकिन बांदा के बबेरू क्षेत्र के एक स्कूल की तस्वीर देखकर हर किसी का सिर शर्म से झुक जाएगा।वायरल तस्वीर पूर्व माध्यमिक विद्यालय पिष्टा, क्षेत्र बबेरू, की है। तस्वीर में साफ दिख रहा है कि स्कूली बच्चे घुटने तक भरे गंदे पानी और कीचड़ में खड़े होकर झंडा रोहण में शामिल हुए। छत पर कुछ बच्चे झंडा फहरा रहे हैं, नीचे मैदान पूरी तरह जलमग्न है। लड़के-लड़कियां गुलाबी यूनिफॉर्म में लाइन लगाकर खड़े हैं, लेकिन उनके पैर कीचड़ में सने हैं। स्कूल के बोर्ड पर "स्थापना वर्ष 2003" लिखा है। यानी 23 साल बीत गए, लेकिन आज तक स्कूल परिसर में जलनिकासी की व्यवस्था नहीं हो पाई। बारिश होते ही पूरा मैदान तालाब बन जाता है।स्थानीय लोगों का आरोप है कि हर साल 15 अगस्त और 26 जनवरी पर यही हाल होता है। अधिकारियों को फोटो भेजी जाती है, भाषण दिए जाते हैं, लेकिन धरातल पर कुछ नहीं बदलता।तस्वीर वायरल होते ही लोगों में गुस्सा है। अभिभावकों ने मांग की है कि जिलाधिकारी बांदा और बीएसए तुरंत संज्ञान लें और स्कूल में जलनिकासी, पक्का मैदान और मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराएं।
    user_Altmush Husain
    Altmush Husain
    बांदा, बांदा, उत्तर प्रदेश•
    21 hrs ago
  • बिठूर घाट से खन्ना पहुंची महाकाल कांवड़ यात्रा: पंचम सिंह आचार्य और बालेन्द्र साहू सहित ग्रामीणों ने गहबरा चौकी पर किया भव्य स्वागत बिठूर घाट से खन्ना पहुंची महाकाल कांवड़ यात्रा: पंचम सिंह आचार्य और बालेन्द्र साहू सहित ग्रामीणों ने गहबरा चौकी पर किया भव्य स्वागतखन्ना। क्षेत्र के श्रद्धालुओं द्वारा आयोजित 'महाकाल कांवड़ यात्रा' अपने गंतव्य पर पहुंच गई है। 'निषाद बन्धु' समूह के नेतृत्व में यह यात्रा बीते 10 अगस्त 2026 को कानपुर के ऐतिहासिक बिठूर घाट से पवित्र गंगाजल लेकर रवाना हुई थी, जो विभिन्न मार्गों से होते हुए खन्ना पहुंची।यात्रा के खन्ना सीमा में प्रवेश करते ही पंचम सिंह आचार्य जी, बालेन्द्र साहू, योगेंद्र सिंह, नीरज निषाद और समस्त खन्ना ग्राम वासियों ने गहबरा चौकी पहुंचकर कांवड़ियों का बेहद गर्मजोशी और उत्साह के साथ स्वागत-सत्कार किया। इस स्वागत समारोह और यात्रा में बड़ी संख्या में बच्चे, महिलाएं और लड़कियां भी शामिल रहीं, जिन्होंने पूरे उत्साह के साथ भोलेनाथ के जयकारे लगाए। ग्रामीणों ने भोले के भक्तों को जल-पान कराया और उन पर पुष्पवर्षा की।इसके बाद, 'रवि डीजे खन्ना' की भक्तिमय धुनों और महाकाल के जयकारों के बीच सभी श्रद्धालु और ग्रामवासी डीजे पर झूमते-थिरकते हुए आगे बढ़ते रहे और खन्ना की ओर प्रस्थान किया। पूरा मार्ग शिवभक्ति के रंग में सराबोर नजर आया और लोग जालंधर बाबा के रास्ते होते हुए प्रसिद्ध तिलहन बाबा मन्दिर पहुंचे, जहां आज 17 अगस्त 2026 को भगवान शिव का पूर्ण विधि-विधान से जलाभिषेक किया जाएगा।इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में अक्षय, पवन, रोहित, विजय, सुनील, रवि, कमल, अंकित, पिंटू, अभिषेक और वैभव सहित बड़ी संख्या में स्थानीय युवाओं और ग्रामीणों का विशेष योगदान रहा
    1
    बिठूर घाट से खन्ना पहुंची महाकाल कांवड़ यात्रा: पंचम सिंह आचार्य और बालेन्द्र साहू सहित ग्रामीणों ने गहबरा चौकी पर किया भव्य स्वागत
बिठूर घाट से खन्ना पहुंची महाकाल कांवड़ यात्रा: पंचम सिंह आचार्य और बालेन्द्र साहू सहित ग्रामीणों ने गहबरा चौकी पर किया भव्य स्वागतखन्ना। क्षेत्र के श्रद्धालुओं द्वारा आयोजित 'महाकाल कांवड़ यात्रा' अपने गंतव्य पर पहुंच गई है। 'निषाद बन्धु' समूह के नेतृत्व में यह यात्रा बीते 10 अगस्त 2026 को कानपुर के ऐतिहासिक बिठूर घाट से पवित्र गंगाजल लेकर रवाना हुई थी, जो विभिन्न मार्गों से होते हुए खन्ना पहुंची।यात्रा के खन्ना सीमा में प्रवेश करते ही पंचम सिंह आचार्य जी, बालेन्द्र साहू, योगेंद्र सिंह, नीरज निषाद और समस्त खन्ना ग्राम वासियों ने गहबरा चौकी पहुंचकर कांवड़ियों का बेहद गर्मजोशी और उत्साह के साथ स्वागत-सत्कार किया। इस स्वागत समारोह और यात्रा में बड़ी संख्या में बच्चे, महिलाएं और लड़कियां भी शामिल रहीं, जिन्होंने पूरे उत्साह के साथ भोलेनाथ के जयकारे लगाए। ग्रामीणों ने भोले के भक्तों को जल-पान कराया और उन पर पुष्पवर्षा की।इसके बाद, 'रवि डीजे खन्ना' की भक्तिमय धुनों और महाकाल के जयकारों के बीच सभी श्रद्धालु और ग्रामवासी डीजे पर झूमते-थिरकते हुए आगे बढ़ते रहे और खन्ना की ओर प्रस्थान किया। पूरा मार्ग शिवभक्ति के रंग में सराबोर नजर आया और लोग जालंधर बाबा के रास्ते होते हुए प्रसिद्ध तिलहन बाबा मन्दिर पहुंचे, जहां आज 17 अगस्त 2026 को भगवान शिव का पूर्ण विधि-विधान से जलाभिषेक किया जाएगा।इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में अक्षय, पवन, रोहित, विजय, सुनील, रवि, कमल, अंकित, पिंटू, अभिषेक और वैभव सहित बड़ी संख्या में स्थानीय युवाओं और ग्रामीणों का विशेष योगदान रहा
    user_राजीव कुमार पत्रकार
    राजीव कुमार पत्रकार
    Local News Reporter महोबा, महोबा, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • मदनलाल धींगरा के बलिदान को वर्णिता संस्था ने किया याद हमीरपुर। सुमेरपुर कस्बे में देशभक्तों की देश के प्रति भूमिका और उनके बलिदान को याद करते हुए वर्णिता संस्था की ओर से सोमवार को क्रांतिकारी मदनलाल धींगरा की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। वक्ताओं ने कहा कि मदनलाल धींगरा भारत माता के साहसी सपूत थे, जिन्होंने देश की आजादी के लिए अपना जीवन न्योछावर कर दिया। मदनलाल धींगरा का जन्म 8 फरवरी 1883 को पंजाब के एक हिंदू खत्री परिवार में डॉ. दित्तामल धींगरा और मंत्रों देवी के घर हुआ था। कम उम्र से ही उनके मन में देशप्रेम की भावना थी। उच्च शिक्षा के लिए इंग्लैंड पहुंचने पर उनका संपर्क इंडिया हाउस और विनायक दामोदर सावरकर से हुआ। भारत में अंग्रेजी शासन द्वारा देशभक्तों पर किए जा रहे अत्याचारों से वे बेहद आहत थे। 1 जुलाई 1909 को उन्होंने ब्रिटिश अधिकारी कर्जन वायली की हत्या कर दी। इसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर फांसी की सजा सुनाई गई। 17 अगस्त 1909 को करीब 25 वर्ष की उम्र में वे शहीद हो गए। वक्ताओं ने कहा कि उनका बलिदान देशवासियों को सदैव प्रेरणा देता रहेगा। कार्यक्रम में अशोक अवस्थी, सिद्धा, बाबूलाल प्रजापति, महावीर प्रजापति, रामनारायण सोनकर, रिचा, भोलू सिंह, शुभम सोनकर, सत्येंद्र और अखिलेश आदि मौजूद रहे।
    1
    मदनलाल धींगरा के बलिदान को वर्णिता संस्था ने  किया याद
हमीरपुर। सुमेरपुर कस्बे में देशभक्तों की देश के प्रति भूमिका और उनके बलिदान को याद करते हुए वर्णिता संस्था की ओर से सोमवार को क्रांतिकारी मदनलाल धींगरा की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। वक्ताओं ने कहा कि मदनलाल धींगरा भारत माता के साहसी सपूत थे, जिन्होंने देश की आजादी के लिए अपना जीवन न्योछावर कर दिया।
मदनलाल धींगरा का जन्म 8 फरवरी 1883 को पंजाब के एक हिंदू खत्री परिवार में डॉ. दित्तामल धींगरा और मंत्रों देवी के घर हुआ था। कम उम्र से ही उनके मन में देशप्रेम की भावना थी। उच्च शिक्षा के लिए इंग्लैंड पहुंचने पर उनका संपर्क इंडिया हाउस और विनायक दामोदर सावरकर से हुआ। भारत में अंग्रेजी शासन द्वारा देशभक्तों पर किए जा रहे अत्याचारों से वे बेहद आहत थे।
1 जुलाई 1909 को उन्होंने ब्रिटिश अधिकारी कर्जन वायली की हत्या कर दी। इसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर फांसी की सजा सुनाई गई। 17 अगस्त 1909 को करीब 25 वर्ष की उम्र में वे शहीद हो गए। वक्ताओं ने कहा कि उनका बलिदान देशवासियों को सदैव प्रेरणा देता रहेगा।
कार्यक्रम में अशोक अवस्थी, सिद्धा, बाबूलाल प्रजापति, महावीर प्रजापति, रामनारायण सोनकर, रिचा, भोलू सिंह, शुभम सोनकर, सत्येंद्र और अखिलेश आदि मौजूद रहे।
    user_संतोष कुमार चक्रवर्ती
    संतोष कुमार चक्रवर्ती
    Journalist हमीरपुर, हमीरपुर, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • बाहरी पुलिस के उत्पीड़न के विरोध में सर्राफा कारोबारियों ने बाजार बंद कर दिया धरना बाहरी पुलिस के उत्पीड़न के विरोध में सर्राफा कारोबारियों ने बाजार बंद कर दिया धरना
    1
    बाहरी पुलिस के उत्पीड़न के विरोध में सर्राफा कारोबारियों ने बाजार बंद कर दिया धरना
बाहरी पुलिस के उत्पीड़न के विरोध में सर्राफा कारोबारियों ने बाजार बंद कर दिया धरना
    user_इंडिया न्यूज यूपी एक्सप्रेस
    इंडिया न्यूज यूपी एक्सप्रेस
    महोबा, महोबा, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • सात साल का बच्चा कागजों में ‘मर गया’, हकीकत में स्कूल जा रहा! जमीन के लिए मां पर बेटे का फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाने का आरोप, नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर उठे गंभीर सवाल #महोबा। जमीन और संपत्ति का लालच इंसान को किस हद तक ले जा सकता है, नगर में सामने आया एक मामला इसकी बेहद मार्मिक तस्वीर पेश करता है। यहां आरोप है कि एक मां ने अपने ही जिंदा और स्कूल में पढ़ रहे सात वर्षीय बेटे पुष्पराज चौरसिया को सरकारी कागजों में मृत दिखा दिया। इतना ही नहीं, उसके नाम से बाकायदा मृत्यु प्रमाणपत्र भी जारी हो गया। अब इस मामले ने केवल पारिवारिक संपत्ति विवाद ही नहीं, बल्कि नगर पालिका परिषद महोबा की जन्म-मृत्यु पंजीकरण व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामला नगर महोबा के महतवाना मोहल्ले का बताया जा रहा है। सूत्रों से उपलब्ध जानकारी के अनुसार पुष्पराज के पिता हरीश चौरसिया की वर्ष 2020 में लंबी बीमारी के बाद मृत्यु हुई थी। आरोप है कि मृत्यु से पहले हरीश ने अपने हिस्से की जमीन की वसीयत अपने नाबालिग बेटे पुष्पराज के नाम कर दी थी और पत्नी रजनी को उसका संरक्षक बनाया था। इसके बाद जमीन पर बेटे का अधिकार होने की बात सामने आती है। फिर शुरू हुआ कथित ‘कागजी खेल’ परिवार के आरोपों के मुताबिक, इसी संपत्ति को अपने नाम कराने के लिए पुष्पराज को ही कागजों में मृत दिखाने की साजिश रची गई। हैरानी की बात यह है कि कथित मृत्यु प्रमाणपत्र में बच्चे की मृत्यु 3 मार्च 2019 दर्शाई गई है, जबकि यह प्रमाणपत्र 7 जनवरी 2026 को जारी होने की बात सामने आई है। यानी जिस बच्चे के बारे में सरकारी रिकॉर्ड में मृत्यु दर्ज कर दी गई, वह आज भी जीवित है, स्कूल जा रहा है और अपने परिवार के बीच रह रहा है। सबसे बड़ा सवाल—नगर पालिका ने किस आधार पर मान ली मौत? यहीं से इस पूरे प्रकरण की सबसे बड़ी पड़ताल शुरू होती है। एक सात वर्षीय जीवित बच्चा सरकारी रिकॉर्ड में मृत कैसे हो गया? यदि मृत्यु वर्ष 2019 में हुई बताई गई, तो मृत्यु की सूचना किसने दी? क्या मृत्यु की सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान और हस्ताक्षर/अंगूठा निशान रिकॉर्ड में है? क्या बच्चे की मृत्यु के संबंध में कोई चिकित्सकीय प्रमाण, अस्पताल का रिकॉर्ड अथवा मृत्यु का कारण दर्ज किया गया? यदि मामला सात साल पुराना था तो विलंबित मृत्यु पंजीकरण के लिए कौन-सी प्रक्रिया अपनाई गई? क्या किसी सक्षम अधिकारी या मजिस्ट्रेट का आदेश लिया गया? किस अधिकारी अथवा कर्मचारी ने आवेदन और संलग्न दस्तावेजों का सत्यापन किया? और सबसे महत्वपूर्ण—क्या नगर पालिका के रिकॉर्ड में दर्ज ‘मृत’ बच्चे की पहचान उसी बच्चे से मिलाई गई, जो आज जीवित है? इन सवालों के जवाब जांच के बाद ही सामने आएंगे, लेकिन मामला सामने आने के बाद नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर सवाल उठना स्वाभाविक है। एक वर्ष से अधिक समय बाद मृत्यु का पंजीकरण कराने के लिए सामान्य प्रक्रिया से अलग विशेष प्रावधान हैं। अधिनियम के अनुसार ऐसी स्थिति में प्रथम श्रेणी के मजिस्ट्रेट के आदेश के साथ मृत्यु की सत्यता का सत्यापन आवश्यक है। ऐसे में यदि इस मामले में सचमुच 2019 की कथित मृत्यु का पंजीकरण 2026 में कराया गया, तो जांच का एक अहम बिंदु यह भी होगा कि उस विलंबित पंजीकरण के लिए कौन-सी वैधानिक प्रक्रिया अपनाई गई और उसके पीछे कौन-कौन से दस्तावेज लगाए गए। दादा की शिकायत ने खोली परत मामले का खुलासा तब हुआ जब बच्चे के दादा कुंवर बहादुर को कथित रूप से इस पूरे प्रकरण की जानकारी हुई। उन्होंने एसडीएम के समक्ष शिकायत कर अपने पोते के जीवित होने और संपत्ति को लेकर कथित फर्जीवाड़े की निष्पक्ष जांच की मांग की। परिवार का दावा है कि बच्चा जीवित है और स्कूल में पढ़ रहा है। यही दावा इस पूरे मामले को सामान्य संपत्ति विवाद से कहीं अधिक गंभीर बना देता है। अब जांच से खुलेगा ‘मृत्यु प्रमाणपत्र’ का राज एसडीएम शिवध्यान पांडेय ने मामले का संज्ञान लेते हुए जांच की बात कही है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक उनका कहना है कि मृत्यु प्रमाणपत्र नगर पालिका से जारी हुआ है और जांच के बाद जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल यह मामला आरोपों और प्रशासनिक जांच के स्तर पर है। इसलिए मां अथवा किसी नगर पालिका कर्मचारी की भूमिका को जांच पूरी होने से पहले दोष सिद्ध मानना उचित नहीं होगा। लेकिन सवाल अपनी जगह बेहद बड़ा है— अगर पुष्पराज सचमुच जीवित था और आज भी स्कूल जा रहा है, तो सरकारी कागजों में उसकी मौत किसने लिखी? किसके दस्तावेजों पर भरोसा किया गया? किसने मृत्यु की पुष्टि की? और नगर पालिका परिषद महोबा के मृत्यु पंजीकरण रिकॉर्ड में सात वर्षीय बच्चे की कथित मौत दर्ज होने तक किसी स्तर पर इसकी जांच क्यों नहीं हुई? यह केवल एक परिवार की जमीन का विवाद नहीं है। यह सवाल उस सरकारी दस्तावेज की विश्वसनीयता का भी है, जिसे किसी व्यक्ति की मृत्यु का कानूनी प्रमाण माना जाता है। यदि जांच में आरोप सही साबित होते हैं तो यह पता लगाना जरूरी होगा कि एक जीवित बच्चे को कागजों में मृत बनाने की प्रक्रिया में कौन-कौन से हाथ शामिल थे और सरकारी व्यवस्था की कौन-सी कड़ी विफल हुई। अब निगाहें एसडीएम की जांच पर हैं। जांच रिपोर्ट ही बताएगी कि पुष्पराज को कागजों में ‘मृत’ बनाने वाला असली खेल क्या था और नगर पालिका से यह प्रमाणपत्र आखिर किन परिस्थितियों में जारी हुआ। #ikvnews #mahobainsight
    1
    सात साल का बच्चा कागजों में ‘मर गया’, हकीकत में स्कूल जा रहा!

जमीन के लिए मां पर बेटे का फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाने का आरोप, नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर उठे गंभीर सवाल
#महोबा। जमीन और संपत्ति का लालच इंसान को किस हद तक ले जा सकता है, नगर में सामने आया एक मामला इसकी बेहद मार्मिक तस्वीर पेश करता है। यहां आरोप है कि एक मां ने अपने ही जिंदा और स्कूल में पढ़ रहे सात वर्षीय बेटे पुष्पराज चौरसिया को सरकारी कागजों में मृत दिखा दिया। इतना ही नहीं, उसके नाम से बाकायदा मृत्यु प्रमाणपत्र भी जारी हो गया। अब इस मामले ने केवल पारिवारिक संपत्ति विवाद ही नहीं, बल्कि नगर पालिका परिषद महोबा की जन्म-मृत्यु पंजीकरण व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मामला नगर महोबा के महतवाना मोहल्ले का बताया जा रहा है। सूत्रों से उपलब्ध जानकारी के अनुसार पुष्पराज के पिता हरीश चौरसिया की वर्ष 2020 में लंबी बीमारी के बाद मृत्यु हुई थी। आरोप है कि मृत्यु से पहले हरीश ने अपने हिस्से की जमीन की वसीयत अपने नाबालिग बेटे पुष्पराज के नाम कर दी थी और पत्नी रजनी को उसका संरक्षक बनाया था। इसके बाद जमीन पर बेटे का अधिकार होने की बात सामने आती है।
फिर शुरू हुआ कथित ‘कागजी खेल’
परिवार के आरोपों के मुताबिक, इसी संपत्ति को अपने नाम कराने के लिए पुष्पराज को ही कागजों में मृत दिखाने की साजिश रची गई। हैरानी की बात यह है कि कथित मृत्यु प्रमाणपत्र में बच्चे की मृत्यु 3 मार्च 2019 दर्शाई गई है, जबकि यह प्रमाणपत्र 7 जनवरी 2026 को जारी होने की बात सामने आई है।
यानी जिस बच्चे के बारे में सरकारी रिकॉर्ड में मृत्यु दर्ज कर दी गई, वह आज भी जीवित है, स्कूल जा रहा है और अपने परिवार के बीच रह रहा है।
सबसे बड़ा सवाल—नगर पालिका ने किस आधार पर मान ली मौत?
यहीं से इस पूरे प्रकरण की सबसे बड़ी पड़ताल शुरू होती है।
एक सात वर्षीय जीवित बच्चा सरकारी रिकॉर्ड में मृत कैसे हो गया?
यदि मृत्यु वर्ष 2019 में हुई बताई गई, तो मृत्यु की सूचना किसने दी?
क्या मृत्यु की सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान और हस्ताक्षर/अंगूठा निशान रिकॉर्ड में है?
क्या बच्चे की मृत्यु के संबंध में कोई चिकित्सकीय प्रमाण, अस्पताल का रिकॉर्ड अथवा मृत्यु का कारण दर्ज किया गया?
यदि मामला सात साल पुराना था तो विलंबित मृत्यु पंजीकरण के लिए कौन-सी प्रक्रिया अपनाई गई?
क्या किसी सक्षम अधिकारी या मजिस्ट्रेट का आदेश लिया गया?
किस अधिकारी अथवा कर्मचारी ने आवेदन और संलग्न दस्तावेजों का सत्यापन किया?
और सबसे महत्वपूर्ण—क्या नगर पालिका के रिकॉर्ड में दर्ज ‘मृत’ बच्चे की पहचान उसी बच्चे से मिलाई गई, जो आज जीवित है?
इन सवालों के जवाब जांच के बाद ही सामने आएंगे, लेकिन मामला सामने आने के बाद नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
एक वर्ष से अधिक समय बाद मृत्यु का पंजीकरण कराने के लिए सामान्य प्रक्रिया से अलग विशेष प्रावधान हैं। अधिनियम के अनुसार ऐसी स्थिति में प्रथम श्रेणी के मजिस्ट्रेट के आदेश के साथ मृत्यु की सत्यता का सत्यापन आवश्यक है।
ऐसे में यदि इस मामले में सचमुच 2019 की कथित मृत्यु का पंजीकरण 2026 में कराया गया, तो जांच का एक अहम बिंदु यह भी होगा कि उस विलंबित पंजीकरण के लिए कौन-सी वैधानिक प्रक्रिया अपनाई गई और उसके पीछे कौन-कौन से दस्तावेज लगाए गए।
दादा की शिकायत ने खोली परत
मामले का खुलासा तब हुआ जब बच्चे के दादा कुंवर बहादुर को कथित रूप से इस पूरे प्रकरण की जानकारी हुई। उन्होंने एसडीएम के समक्ष शिकायत कर अपने पोते के जीवित होने और संपत्ति को लेकर कथित फर्जीवाड़े की निष्पक्ष जांच की मांग की।
परिवार का दावा है कि बच्चा जीवित है और स्कूल में पढ़ रहा है। यही दावा इस पूरे मामले को सामान्य संपत्ति विवाद से कहीं अधिक गंभीर बना देता है।
अब जांच से खुलेगा ‘मृत्यु प्रमाणपत्र’ का राज
एसडीएम शिवध्यान पांडेय ने मामले का संज्ञान लेते हुए जांच की बात कही है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक उनका कहना है कि मृत्यु प्रमाणपत्र नगर पालिका से जारी हुआ है और जांच के बाद जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल यह मामला आरोपों और प्रशासनिक जांच के स्तर पर है। इसलिए मां अथवा किसी नगर पालिका कर्मचारी की भूमिका को जांच पूरी होने से पहले दोष सिद्ध मानना उचित नहीं होगा।
लेकिन सवाल अपनी जगह बेहद बड़ा है—
अगर पुष्पराज सचमुच जीवित था और आज भी स्कूल जा रहा है, तो सरकारी कागजों में उसकी मौत किसने लिखी?
किसके दस्तावेजों पर भरोसा किया गया?
किसने मृत्यु की पुष्टि की?
और नगर पालिका परिषद महोबा के मृत्यु पंजीकरण रिकॉर्ड में सात वर्षीय बच्चे की कथित मौत दर्ज होने तक किसी स्तर पर इसकी जांच क्यों नहीं हुई?
यह केवल एक परिवार की जमीन का विवाद नहीं है। यह सवाल उस सरकारी दस्तावेज की विश्वसनीयता का भी है, जिसे किसी व्यक्ति की मृत्यु का कानूनी प्रमाण माना जाता है। यदि जांच में आरोप सही साबित होते हैं तो यह पता लगाना जरूरी होगा कि एक जीवित बच्चे को कागजों में मृत बनाने की प्रक्रिया में कौन-कौन से हाथ शामिल थे और सरकारी व्यवस्था की कौन-सी कड़ी विफल हुई।
अब निगाहें एसडीएम की जांच पर हैं। जांच रिपोर्ट ही बताएगी कि पुष्पराज को कागजों में ‘मृत’ बनाने वाला असली खेल क्या था और नगर पालिका से यह प्रमाणपत्र आखिर किन परिस्थितियों में जारी हुआ।
#ikvnews #mahobainsight
    user_Nitendra Jha
    Nitendra Jha
    Mahoba Insight & Ikvnews Sharafipura, Mahoba•
    16 hrs ago
  • शिवभक्तों के लिए कैलाश मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल में कराया भंडारा बांदा। पवित्र सावन माह के अवसर पर शिव भक्तों और कांवड़ लेकर आने-जाने वाले श्रद्धालुओं की सेवा के लिए कैलाश मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल के ईएनटी विशेषज्ञ डॉक्टर भूपेंद्र सिंह के द्वारा भंडारे का आयोजन किया गया। भंडारे में हजारों की संख्या में पहुंचे शिव भक्तों और कांवड़ियों ने प्रसाद ग्रहण किया। इस दौरान श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद एवं भोजन की समुचित व्यवस्था की गई। आयोजन में बड़ी संख्या में लोगों ने सहभागिता कर शिव भक्तों की सेवा की। भंडारे को लेकर श्रद्धालुओं में भी उत्साह देखने को मिला। वहीं, कैलाश मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल परिसर में 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस भी बड़े धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर राष्ट्रध्वज फहराकर देश के वीर शहीदों और स्वतंत्रता सेनानियों को नमन किया गया। अस्पताल के चिकित्सकों, कर्मचारियों एवं अन्य लोगों ने कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक भाग लिया।
    1
    शिवभक्तों के लिए कैलाश मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल में कराया भंडारा
बांदा। पवित्र सावन माह के अवसर पर शिव भक्तों और कांवड़ लेकर आने-जाने वाले श्रद्धालुओं की सेवा के लिए कैलाश मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल के ईएनटी विशेषज्ञ डॉक्टर भूपेंद्र सिंह के द्वारा भंडारे का आयोजन किया गया। भंडारे में हजारों की संख्या में पहुंचे शिव भक्तों और कांवड़ियों ने प्रसाद ग्रहण किया।
इस दौरान श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद एवं भोजन की समुचित व्यवस्था की गई। आयोजन में बड़ी संख्या में लोगों ने सहभागिता कर शिव भक्तों की सेवा की। भंडारे को लेकर श्रद्धालुओं में भी उत्साह देखने को मिला।
वहीं, कैलाश मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल परिसर में 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस भी बड़े धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर राष्ट्रध्वज फहराकर देश के वीर शहीदों और स्वतंत्रता सेनानियों को नमन किया गया। अस्पताल के चिकित्सकों, कर्मचारियों एवं अन्य लोगों ने कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक भाग लिया।
    user_Amod Kumar
    Amod Kumar
    रिपोर्टर बांदा, बांदा, उत्तर प्रदेश•
    20 hrs ago
  • राठ से दिल्ली जा रही चलती रोडवेज बस के दोनों पिछले टायर निकल बाल बाल बचे यात्री ➡️ राठ से दिल्ली जा रही थी रोडवेज बस ➡️ चिकासीशंदं पुल पर चढ़ते समय अचानक निकले दोनों टायर ➡️ टायर निकलते ही यात्रियों में मचा हड़कंप ➡️ चालक ने बस को नियंत्रित कर सुरक्षित रोका ➡️ बस में सवार 5-6 यात्री बाल-बाल बचे ➡️ घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं ➡️ डिपो प्रभारी ने फोरमैन से मांगा स्पष्टीकरण ➡️ दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी
    1
    राठ से दिल्ली जा रही चलती रोडवेज बस के दोनों पिछले टायर निकल बाल बाल बचे यात्री 
➡️ राठ से दिल्ली जा रही थी रोडवेज बस
➡️ चिकासीशंदं पुल पर चढ़ते समय अचानक निकले दोनों टायर
➡️ टायर निकलते ही यात्रियों में मचा हड़कंप
➡️ चालक ने बस को नियंत्रित कर सुरक्षित रोका
➡️ बस में सवार 5-6 यात्री बाल-बाल बचे
➡️ घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं
➡️ डिपो प्रभारी ने फोरमैन से मांगा स्पष्टीकरण
➡️ दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी
    user_ISLAM
    ISLAM
    Local News Reporter मौदहा, हमीरपुर, उत्तर प्रदेश•
    13 hrs ago
  • कुलपहाड़ में ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन की समीक्षा बैठक, संगठन विस्तार पर मंथन कुलपहाड़ में ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन की समीक्षा बैठक, संगठन विस्तार पर मंथन
    1
    कुलपहाड़ में ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन की समीक्षा बैठक, संगठन विस्तार पर मंथन

कुलपहाड़ में ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन की समीक्षा बैठक, संगठन विस्तार पर मंथन
    user_इंडिया न्यूज यूपी एक्सप्रेस
    इंडिया न्यूज यूपी एक्सप्रेस
    महोबा, महोबा, उत्तर प्रदेश•
    9 hrs ago
  • घर में घुसकर युवती से दुष्कर्म का आरोप पीड़िता ने आरोपी पर मुकदमा दर्ज करने की लगाई गुहार हमीरपुर : घर में घुसकर युवती से दुष्कर्म का आरोप, आरोपी युवक पर मुकदमा दर्ज कराने की मांग मकान मालिक के बेटे पर युवती ने लगाया दुष्कर्म का आरोप परिजनों के मजदूरी पर जाने के दौरान वारदात का आरोप पीड़िता ने थाने पहुंचकर पुलिस से लगाई न्याय की गुहार सुमेरपुर थाना क्षेत्र का मामला
    1
    घर में घुसकर युवती से दुष्कर्म का आरोप पीड़िता ने आरोपी पर मुकदमा दर्ज करने की लगाई गुहार 
हमीरपुर : घर में घुसकर युवती से दुष्कर्म का आरोप, आरोपी युवक पर मुकदमा दर्ज कराने की मांग
मकान मालिक के बेटे पर युवती ने लगाया दुष्कर्म का आरोप
परिजनों के मजदूरी पर जाने के दौरान वारदात का आरोप
पीड़िता ने थाने पहुंचकर पुलिस से लगाई न्याय की गुहार
सुमेरपुर थाना क्षेत्र का मामला
    user_ISLAM
    ISLAM
    Local News Reporter मौदहा, हमीरपुर, उत्तर प्रदेश•
    12 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.