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नेपाल के त्रिशूली बाजार में तबाही की सूनामी लाइव...प्रकृति का तांडव...। नेपाल के त्रिशूली बाजार में तबाही की सूनामी लाइव...प्रकृति का तांडव...।
कौशल कुमार पाण्डेय
नेपाल के त्रिशूली बाजार में तबाही की सूनामी लाइव...प्रकृति का तांडव...। नेपाल के त्रिशूली बाजार में तबाही की सूनामी लाइव...प्रकृति का तांडव...।
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- ऑक्सब्रिज के छात्रों ने पुलिस के साथ मनाया रक्षाबंधन | तेलैया थाना में असली हीरो को राखी बांधी | झुमरी तेलैया A bond beyond blood, a promise of protection ❤️🪢 This Raksha Bandhan, our students of Oxbridge English Classes went to Telaiya Thana to celebrate Rakhi with our real heroes who protect us 24x7. From aarti to tying rakhi and sharing sweets, it was an emotional moment of love, respect and gratitude towards our police brothers. Thank you Jharkhand Police for being our protectors always. Happy Raksha Bandhan from Oxbridge Family 📍 Telaiya Thana, Jhumri Telaiya Oxbridge English Classes, Jhanda Chowk 📞 8235170577, 7654464977 #RakshaBandhan #OxbridgeEnglishClasses #JhumriTelaiya #TelaiyaThana #Koderma #JharkhandPolice #RakhiWithHeroes #RealHeroes #Rakhi2026 #Jharkhand #RespectForPolice4
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- आर्यन बाबू की राखी बनी यादगार, बहनों संग खूब मस्ती और हंसी-ठिठोली रक्षाबंधन का त्योहार आर्यन बाबू के लिए इस बार बेहद खास रहा। सुबह से ही घर में उत्साह का माहौल था। बहनों ने प्यार से आर्यन बाबू की कलाई पर राखी बांधी तो उनके चेहरे पर खुशी साफ झलक रही थी। राखी बंधवाने के बाद आर्यन बाबू ने बहनों को मिठाई खिलाई और उपहार देकर उनका आशीर्वाद लिया। इसके बाद शुरू हुआ असली मनोरंजन। आर्यन बाबू ने अपनी बहनों के साथ खूब हंसी-मजाक किया। कभी कोई मजेदार बात कहकर सबको हंसाया तो कभी बहनों के साथ मिलकर पुराने किस्से याद किए। घर का माहौल ठहाकों से गूंज उठा। बहनों ने भी आर्यन बाबू की खूब टांग खिंचाई की और उन्हें मजेदार बातें सुनाकर खूब हंसाया। आर्यन बाबू ने कहा कि बहनों के साथ बिताया यह पल उनके लिए सबसे अनमोल है। राखी का यह त्योहार प्यार, अपनापन और रिश्तों की मिठास से भरपूर रहा, जिसकी याद सभी के चेहरे पर मुस्कान लाती रहेगी। आर्यन बाबू की राखी बनी यादगार, बहनों संग खूब मस्ती और हंसी-ठिठोली रक्षाबंधन का त्योहार आर्यन बाबू के लिए इस बार बेहद खास रहा। सुबह से ही घर में उत्साह का माहौल था। बहनों ने प्यार से आर्यन बाबू की कलाई पर राखी बांधी तो उनके चेहरे पर खुशी साफ झलक रही थी। राखी बंधवाने के बाद आर्यन बाबू ने बहनों को मिठाई खिलाई और उपहार देकर उनका आशीर्वाद लिया। इसके बाद शुरू हुआ असली मनोरंजन। आर्यन बाबू ने अपनी बहनों के साथ खूब हंसी-मजाक किया। कभी कोई मजेदार बात कहकर सबको हंसाया तो कभी बहनों के साथ मिलकर पुराने किस्से याद किए। घर का माहौल ठहाकों से गूंज उठा। बहनों ने भी आर्यन बाबू की खूब टांग खिंचाई की और उन्हें मजेदार बातें सुनाकर खूब हंसाया। आर्यन बाबू ने कहा कि बहनों के साथ बिताया यह पल उनके लिए सबसे अनमोल है। राखी का यह त्योहार प्यार, अपनापन और रिश्तों की मिठास से भरपूर रहा, जिसकी याद सभी के चेहरे पर मुस्कान लाती रहेगी।1
- *तालाब बना जानलेवा: दशकर्म कार्यक्रम में स्नान करने गए 60 वर्षीय टेकन भुईयां की डूबने से मौत* *ढाई साल पहले भी रामसागर तालाब में डूबने से हुई थी दो मासूम भाइयों की मौत, लगातार हादसों से ग्रामीणों में चिंता* फोटो -1 हजारीबाग सुनील शर्मा इचाक (हजारीबाग)। इचाक प्रखंड अंतर्गत डाढ़ा गांव में शुक्रवार को दशकर्म (श्राद्ध) कार्यक्रम के दौरान दर्दनाक हादसा हो गया। डाढ़ा स्थित रामसागर तालाब में स्नान करने के दौरान गहरे पानी में चले जाने से टेकन भुईयां (60), पिता बुद्धि भुईयां की डूबने से मौत हो गई। घटना के बाद गांव में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हैजानकारी के अनुसार, गांव के नरेश भुईयां, पिता विदेशी भुईयां के निधन के बाद शुक्रवार को दशकर्म कार्यक्रम आयोजित किया गया था। कार्यक्रम में शामिल होने के लिए स्वजन और बड़ी संख्या में ग्रामीण रामसागर तालाब पहुंचे थे। सभी लोग तालाब में स्नान कर रहे थे। इसी दौरान टेकन भुईयां अचानक गहरे पानी में चले गए और डूब गए।हादसे के बाद मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने काफी देर तक तालाब में खोजबीन कर उन्हें बाहर निकालने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। घटना की सूचना स्थानीय प्रशासन को दी गई। प्रशासन की पहल पर लोटवा गांव से स्थानीय गोताखोरों को बुलाया गया। गोताखोरों ने काफी मशक्कत के बाद टेकन भुईयां का शव तालाब से बाहर निकाला।घटना की जानकारी मिलते ही डाढ़ा गांव में मातम पसर गया। बताया जाता है कि टेकन भुईयां परिवार के कमाने वाले प्रमुख सदस्य थे। उनकी मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।डाढ़ा पंचायत की मुखिया सुनीता देवी ने बरसात के मौसम में नदी, नाले और तालाब में स्नान करने के दौरान लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की। वहीं मुखिया प्रतिनिधि दयानंद कुमार मेहता ने बताया कि प्रशासन की देखरेख में शव को पोस्टमार्टम के लिए शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल, हजारीबाग भेजा जाएगा। उन्होंने मृतक के परिजनों को प्रशासन की ओर से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।पुरानी घटना की याद हुई ताजा रामसागर तालाब में डूबने की यह पहली घटना नहीं है। 26 जनवरी 2024 को इसी तालाब में डूबने से डाढ़ा गांव निवासी शिवकुमार मेहता के दो सगे बेटों—नौ वर्षीय राजकुमार और सात वर्षीय एस. राज की मौत हो गई थी। बताया जाता है कि दोनों भाई अपनी दादी के दशकर्म कार्यक्रम के बाद दोपहर में एक साथी के साथ तालाब में नहाने पहुंचे थे। इसी दौरान दोनों गहरे पानी में चले गए। ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद दोनों को तालाब से बाहर निकाला, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। दोनों भाइयों की मौत से पूरा गांव शोक में डूब गया था।अब करीब ढाई वर्ष बाद उसी रामसागर तालाब में दशकर्म कार्यक्रम के दौरान टेकन भुईयां की डूबने से मौत ने ग्रामीणों के पुराने जख्म को फिर ताजा कर दिया है। लगातार हुई इन घटनाओं के बाद तालाब की गहराई और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों में चिंता है। ग्रामीणों ने तालाब के आसपास सुरक्षा के आवश्यक इंतजाम किए जाने की मांग की है।घटना के बाद सीताराम महतो, अशोक मेहता, दयानंद कुमार, विनोद राम, गंझू राम, परमेश्वर राम, चादों राम, चौहान राम, राहुल राम, महेश राम, बाबू महतो, अशोक महतो, शंकर महतो, छोटेलाल महतो, सूरज मेहता, सूरज कुमार, शशि गिरी, सत्यम मेहता, पंकज कुमार, टिकेश्वर प्रजापति, राजेंद्र प्रजापति, विकास कुमार, पवन कुमार समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर मौजूद रहे। *तालाब बना जानलेवा: दशकर्म कार्यक्रम में स्नान करने गए 60 वर्षीय टेकन भुईयां की डूबने से मौत* *ढाई साल पहले भी रामसागर तालाब में डूबने से हुई थी दो मासूम भाइयों की मौत, लगातार हादसों से ग्रामीणों में चिंता* हजारीबाग सुनील शर्मा इचाक (हजारीबाग)। इचाक प्रखंड अंतर्गत डाढ़ा गांव में शुक्रवार को दशकर्म (श्राद्ध) कार्यक्रम के दौरान दर्दनाक हादसा हो गया। डाढ़ा स्थित रामसागर तालाब में स्नान करने के दौरान गहरे पानी में चले जाने से टेकन भुईयां (60), पिता बुद्धि भुईयां की डूबने से मौत हो गई। घटना के बाद गांव में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हैजानकारी के अनुसार, गांव के नरेश भुईयां, पिता विदेशी भुईयां के निधन के बाद शुक्रवार को दशकर्म कार्यक्रम आयोजित किया गया था। कार्यक्रम में शामिल होने के लिए स्वजन और बड़ी संख्या में ग्रामीण रामसागर तालाब पहुंचे थे। सभी लोग तालाब में स्नान कर रहे थे। इसी दौरान टेकन भुईयां अचानक गहरे पानी में चले गए और डूब गए।हादसे के बाद मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने काफी देर तक तालाब में खोजबीन कर उन्हें बाहर निकालने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। घटना की सूचना स्थानीय प्रशासन को दी गई। प्रशासन की पहल पर लोटवा गांव से स्थानीय गोताखोरों को बुलाया गया। गोताखोरों ने काफी मशक्कत के बाद टेकन भुईयां का शव तालाब से बाहर निकाला।घटना की जानकारी मिलते ही डाढ़ा गांव में मातम पसर गया। बताया जाता है कि टेकन भुईयां परिवार के कमाने वाले प्रमुख सदस्य थे। उनकी मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।डाढ़ा पंचायत की मुखिया सुनीता देवी ने बरसात के मौसम में नदी, नाले और तालाब में स्नान करने के दौरान लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की। वहीं मुखिया प्रतिनिधि दयानंद कुमार मेहता ने बताया कि प्रशासन की देखरेख में शव को पोस्टमार्टम के लिए शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल, हजारीबाग भेजा जाएगा। उन्होंने मृतक के परिजनों को प्रशासन की ओर से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।पुरानी घटना की याद हुई ताजा रामसागर तालाब में डूबने की यह पहली घटना नहीं है। 26 जनवरी 2024 को इसी तालाब में डूबने से डाढ़ा गांव निवासी शिवकुमार मेहता के दो सगे बेटों—नौ वर्षीय राजकुमार और सात वर्षीय एस. राज की मौत हो गई थी। बताया जाता है कि दोनों भाई अपनी दादी के दशकर्म कार्यक्रम के बाद दोपहर में एक साथी के साथ तालाब में नहाने पहुंचे थे। इसी दौरान दोनों गहरे पानी में चले गए। ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद दोनों को तालाब से बाहर निकाला, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। दोनों भाइयों की मौत से पूरा गांव शोक में डूब गया था।अब करीब ढाई वर्ष बाद उसी रामसागर तालाब में दशकर्म कार्यक्रम के दौरान टेकन भुईयां की डूबने से मौत ने ग्रामीणों के पुराने जख्म को फिर ताजा कर दिया है। लगातार हुई इन घटनाओं के बाद तालाब की गहराई और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों में चिंता है। ग्रामीणों ने तालाब के आसपास सुरक्षा के आवश्यक इंतजाम किए जाने की मांग की है।घटना के बाद सीताराम महतो, अशोक मेहता, दयानंद कुमार, विनोद राम, गंझू राम, परमेश्वर राम, चादों राम, चौहान राम, राहुल राम, महेश राम, बाबू महतो, अशोक महतो, शंकर महतो, छोटेलाल महतो, सूरज मेहता, सूरज कुमार, शशि गिरी, सत्यम मेहता, पंकज कुमार, टिकेश्वर प्रजापति, राजेंद्र प्रजापति, विकास कुमार, पवन कुमार समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर मौजूद रहे।4
- पक़रीबरावा रक्षाबंधन की समस्त देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं पक़रीबरावा रक्षाबंधन की समस्त देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं1
- खान-खनिज संशोधन विधेयक के विरोध में कांग्रेस ने सौंपा स्मार-पत्र, झारखंड के जल-जंगल-जमीन और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा की उठाई मांग सतगावां/कोडरमा। खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 के कथित जनविरोधी प्रावधानों के विरोध में कोडरमा जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से महामहिम राष्ट्रपति के नाम उपायुक्त, कोडरमा के माध्यम से स्मार-पत्र सौंपा गया। कांग्रेस नेताओं ने झारखंड के जल, जंगल, जमीन, खनिज संपदा तथा राज्य के संवैधानिक एवं संघीय अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करने की मांग उठाई। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी एवं झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर आयोजित जनसंवाद, जनजागरूकता एवं लोकतांत्रिक आंदोलन के क्रम में कांग्रेस की ओर से यह स्मार-पत्र प्रस्तुत किया गया। स्मार-पत्र में कहा गया कि झारखंड की पहचान केवल इसकी धरती और जंगलों से नहीं, बल्कि यहां मौजूद अपार जल, जंगल, जमीन और खनिज संपदा से भी है। इन प्राकृतिक संसाधनों पर यहां की जनता, आदिवासी, मूलवासी एवं स्थानीय समुदायों के हितों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि झारखंड की खनिज संपदा राज्य के आर्थिक विकास की महत्वपूर्ण आधारशिला है। इसलिए खनिज संसाधनों के दोहन, आवंटन, परिवहन, रॉयल्टी एवं राजस्व से जुड़े निर्णयों में पूर्ण पारदर्शिता और सार्वजनिक जवाबदेही आवश्यक है। नेताओं ने कहा कि ऐसी कोई भी व्यवस्था स्वीकार्य नहीं होगी, जिससे झारखंड के आर्थिक अथवा संवैधानिक अधिकार प्रभावित हों। कांग्रेस की प्रमुख मांगें स्मार-पत्र में झारखंड की खनिज संपदा से संबंधित सभी निर्णयों में पूर्ण पारदर्शिता एवं सार्वजनिक जवाबदेही सुनिश्चित करने, खनिज संसाधनों से प्राप्त राजस्व में झारखंड के न्यायसंगत आर्थिक हितों की रक्षा करने तथा खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 के झारखंड एवं अन्य खनिज संपन्न राज्यों पर पड़ने वाले प्रभाव का व्यापक अध्ययन एवं सार्वजनिक विमर्श कराने की मांग की गई। इसके अलावा जल, जंगल, जमीन और खनिज संसाधनों पर आदिवासी, मूलवासी एवं स्थानीय समुदायों के हितों एवं अधिकारों की रक्षा, खनिज आवंटन एवं उत्खनन से जुड़ी शिकायतों की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच तथा खनिज संपदा से होने वाली आय का पर्याप्त हिस्सा स्थानीय क्षेत्र के विकास में खर्च करने की मांग उठाई गई। कांग्रेस ने खनन प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के पुनर्वास, रोजगार, पर्यावरण संरक्षण एवं सामाजिक सुरक्षा को प्राथमिकता देने की भी मांग की। साथ ही राज्य के संवैधानिक एवं संघीय अधिकारों को प्रभावित करने वाले किसी भी निर्णय से पहले राज्य सरकार एवं संबंधित हितधारकों से सार्थक परामर्श करने की बात कही। ये रहे मौजूद मौके पर मनोज सहाय पिंकू, प्रदेश सचिव, झारखंड कांग्रेस; भागीरथ पासवान, प्रदेश प्रवक्ता, झारखंड कांग्रेस; विजय प्रसाद सिंह, प्रखंड अध्यक्ष, सतगावां; लालदेव प्रसाद यादव, मंडल अध्यक्ष, सतगावां; सलाउद्दीन, कांग्रेस महासचिव, सतगावां तथा सुनील राम, कांग्रेस उपाध्यक्ष, सतगावां सहित कांग्रेस के अन्य कार्यकर्ता एवं समर्थक मौजूद रहे। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि झारखंड की प्राकृतिक संपदा केवल आर्थिक संसाधन नहीं, बल्कि यहां के लोगों के जीवन, संस्कृति और भविष्य से जुड़ी हुई है। इसलिए प्राकृतिक संसाधनों से संबंधित नीतियों में पारदर्शिता, जनहित, सामाजिक न्याय, पर्यावरण संरक्षण तथा राज्य के संवैधानिक अधिकारों को सर्वोच्च प्राथमिकता दिया जाना चाहिए। कांग्रेस ने प्रशासन से स्मार-पत्र को गंभीरता से लेते हुए इसे महामहिम राष्ट्रपति एवं संबंधित सक्षम प्राधिकार तक पहुंचाने तथा झारखंड के हितों की रक्षा के लिए आवश्यक पहल करने की अपील की। खान-खनिज संशोधन विधेयक के विरोध में कांग्रेस ने सौंपा स्मार-पत्र, झारखंड के जल-जंगल-जमीन और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा की उठाई मांग सतगावां/कोडरमा। खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 के कथित जनविरोधी प्रावधानों के विरोध में कोडरमा जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से महामहिम राष्ट्रपति के नाम उपायुक्त, कोडरमा के माध्यम से स्मार-पत्र सौंपा गया। कांग्रेस नेताओं ने झारखंड के जल, जंगल, जमीन, खनिज संपदा तथा राज्य के संवैधानिक एवं संघीय अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करने की मांग उठाई। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी एवं झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर आयोजित जनसंवाद, जनजागरूकता एवं लोकतांत्रिक आंदोलन के क्रम में कांग्रेस की ओर से यह स्मार-पत्र प्रस्तुत किया गया। स्मार-पत्र में कहा गया कि झारखंड की पहचान केवल इसकी धरती और जंगलों से नहीं, बल्कि यहां मौजूद अपार जल, जंगल, जमीन और खनिज संपदा से भी है। इन प्राकृतिक संसाधनों पर यहां की जनता, आदिवासी, मूलवासी एवं स्थानीय समुदायों के हितों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि झारखंड की खनिज संपदा राज्य के आर्थिक विकास की महत्वपूर्ण आधारशिला है। इसलिए खनिज संसाधनों के दोहन, आवंटन, परिवहन, रॉयल्टी एवं राजस्व से जुड़े निर्णयों में पूर्ण पारदर्शिता और सार्वजनिक जवाबदेही आवश्यक है। नेताओं ने कहा कि ऐसी कोई भी व्यवस्था स्वीकार्य नहीं होगी, जिससे झारखंड के आर्थिक अथवा संवैधानिक अधिकार प्रभावित हों। कांग्रेस की प्रमुख मांगें स्मार-पत्र में झारखंड की खनिज संपदा से संबंधित सभी निर्णयों में पूर्ण पारदर्शिता एवं सार्वजनिक जवाबदेही सुनिश्चित करने, खनिज संसाधनों से प्राप्त राजस्व में झारखंड के न्यायसंगत आर्थिक हितों की रक्षा करने तथा खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 के झारखंड एवं अन्य खनिज संपन्न राज्यों पर पड़ने वाले प्रभाव का व्यापक अध्ययन एवं सार्वजनिक विमर्श कराने की मांग की गई। इसके अलावा जल, जंगल, जमीन और खनिज संसाधनों पर आदिवासी, मूलवासी एवं स्थानीय समुदायों के हितों एवं अधिकारों की रक्षा, खनिज आवंटन एवं उत्खनन से जुड़ी शिकायतों की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच तथा खनिज संपदा से होने वाली आय का पर्याप्त हिस्सा स्थानीय क्षेत्र के विकास में खर्च करने की मांग उठाई गई। कांग्रेस ने खनन प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के पुनर्वास, रोजगार, पर्यावरण संरक्षण एवं सामाजिक सुरक्षा को प्राथमिकता देने की भी मांग की। साथ ही राज्य के संवैधानिक एवं संघीय अधिकारों को प्रभावित करने वाले किसी भी निर्णय से पहले राज्य सरकार एवं संबंधित हितधारकों से सार्थक परामर्श करने की बात कही। ये रहे मौजूद मौके पर मनोज सहाय पिंकू, प्रदेश सचिव, झारखंड कांग्रेस; भागीरथ पासवान, प्रदेश प्रवक्ता, झारखंड कांग्रेस; विजय प्रसाद सिंह, प्रखंड अध्यक्ष, सतगावां; लालदेव प्रसाद यादव, मंडल अध्यक्ष, सतगावां; सलाउद्दीन, कांग्रेस महासचिव, सतगावां तथा सुनील राम, कांग्रेस उपाध्यक्ष, सतगावां सहित कांग्रेस के अन्य कार्यकर्ता एवं समर्थक मौजूद रहे। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि झारखंड की प्राकृतिक संपदा केवल आर्थिक संसाधन नहीं, बल्कि यहां के लोगों के जीवन, संस्कृति और भविष्य से जुड़ी हुई है। इसलिए प्राकृतिक संसाधनों से संबंधित नीतियों में पारदर्शिता, जनहित, सामाजिक न्याय, पर्यावरण संरक्षण तथा राज्य के संवैधानिक अधिकारों को सर्वोच्च प्राथमिकता दिया जाना चाहिए। कांग्रेस ने प्रशासन से स्मार-पत्र को गंभीरता से लेते हुए इसे महामहिम राष्ट्रपति एवं संबंधित सक्षम प्राधिकार तक पहुंचाने तथा झारखंड के हितों की रक्षा के लिए आवश्यक पहल करने की अपील की।1