खान-खनिज संशोधन विधेयक के विरोध में कांग्रेस ने सौंपा स्मार-पत्र, झारखंड के जल-जंगल-जमीन और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा की उठाई मांग सतगावां/कोडरमा। खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 के कथित जनविरोधी प्रावधानों के विरोध में कोडरमा जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से महामहिम राष्ट्रपति के नाम उपायुक्त, कोडरमा के माध्यम से स्मार-पत्र सौंपा गया। कांग्रेस नेताओं ने झारखंड के जल, जंगल, जमीन, खनिज संपदा तथा राज्य के संवैधानिक एवं संघीय अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करने की मांग उठाई। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी एवं झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर आयोजित जनसंवाद, जनजागरूकता एवं लोकतांत्रिक आंदोलन के क्रम में कांग्रेस की ओर से यह स्मार-पत्र प्रस्तुत किया गया। स्मार-पत्र में कहा गया कि झारखंड की पहचान केवल इसकी धरती और जंगलों से नहीं, बल्कि यहां मौजूद अपार जल, जंगल, जमीन और खनिज संपदा से भी है। इन प्राकृतिक संसाधनों पर यहां की जनता, आदिवासी, मूलवासी एवं स्थानीय समुदायों के हितों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि झारखंड की खनिज संपदा राज्य के आर्थिक विकास की महत्वपूर्ण आधारशिला है। इसलिए खनिज संसाधनों के दोहन, आवंटन, परिवहन, रॉयल्टी एवं राजस्व से जुड़े निर्णयों में पूर्ण पारदर्शिता और सार्वजनिक जवाबदेही आवश्यक है। नेताओं ने कहा कि ऐसी कोई भी व्यवस्था स्वीकार्य नहीं होगी, जिससे झारखंड के आर्थिक अथवा संवैधानिक अधिकार प्रभावित हों। कांग्रेस की प्रमुख मांगें स्मार-पत्र में झारखंड की खनिज संपदा से संबंधित सभी निर्णयों में पूर्ण पारदर्शिता एवं सार्वजनिक जवाबदेही सुनिश्चित करने, खनिज संसाधनों से प्राप्त राजस्व में झारखंड के न्यायसंगत आर्थिक हितों की रक्षा करने तथा खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 के झारखंड एवं अन्य खनिज संपन्न राज्यों पर पड़ने वाले प्रभाव का व्यापक अध्ययन एवं सार्वजनिक विमर्श कराने की मांग की गई। इसके अलावा जल, जंगल, जमीन और खनिज संसाधनों पर आदिवासी, मूलवासी एवं स्थानीय समुदायों के हितों एवं अधिकारों की रक्षा, खनिज आवंटन एवं उत्खनन से जुड़ी शिकायतों की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच तथा खनिज संपदा से होने वाली आय का पर्याप्त हिस्सा स्थानीय क्षेत्र के विकास में खर्च करने की मांग उठाई गई। कांग्रेस ने खनन प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के पुनर्वास, रोजगार, पर्यावरण संरक्षण एवं सामाजिक सुरक्षा को प्राथमिकता देने की भी मांग की। साथ ही राज्य के संवैधानिक एवं संघीय अधिकारों को प्रभावित करने वाले किसी भी निर्णय से पहले राज्य सरकार एवं संबंधित हितधारकों से सार्थक परामर्श करने की बात कही। ये रहे मौजूद मौके पर मनोज सहाय पिंकू, प्रदेश सचिव, झारखंड कांग्रेस; भागीरथ पासवान, प्रदेश प्रवक्ता, झारखंड कांग्रेस; विजय प्रसाद सिंह, प्रखंड अध्यक्ष, सतगावां; लालदेव प्रसाद यादव, मंडल अध्यक्ष, सतगावां; सलाउद्दीन, कांग्रेस महासचिव, सतगावां तथा सुनील राम, कांग्रेस उपाध्यक्ष, सतगावां सहित कांग्रेस के अन्य कार्यकर्ता एवं समर्थक मौजूद रहे। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि झारखंड की प्राकृतिक संपदा केवल आर्थिक संसाधन नहीं, बल्कि यहां के लोगों के जीवन, संस्कृति और भविष्य से जुड़ी हुई है। इसलिए प्राकृतिक संसाधनों से संबंधित नीतियों में पारदर्शिता, जनहित, सामाजिक न्याय, पर्यावरण संरक्षण तथा राज्य के संवैधानिक अधिकारों को सर्वोच्च प्राथमिकता दिया जाना चाहिए। कांग्रेस ने प्रशासन से स्मार-पत्र को गंभीरता से लेते हुए इसे महामहिम राष्ट्रपति एवं संबंधित सक्षम प्राधिकार तक पहुंचाने तथा झारखंड के हितों की रक्षा के लिए आवश्यक पहल करने की अपील की। खान-खनिज संशोधन विधेयक के विरोध में कांग्रेस ने सौंपा स्मार-पत्र, झारखंड के जल-जंगल-जमीन और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा की उठाई मांग सतगावां/कोडरमा। खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 के कथित जनविरोधी प्रावधानों के विरोध में कोडरमा जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से महामहिम राष्ट्रपति के नाम उपायुक्त, कोडरमा के माध्यम से स्मार-पत्र सौंपा गया। कांग्रेस नेताओं ने झारखंड के जल, जंगल, जमीन, खनिज संपदा तथा राज्य के संवैधानिक एवं संघीय अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करने की मांग उठाई। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी एवं झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर आयोजित जनसंवाद, जनजागरूकता एवं लोकतांत्रिक आंदोलन के क्रम में कांग्रेस की ओर से यह स्मार-पत्र प्रस्तुत किया गया। स्मार-पत्र में कहा गया कि झारखंड की पहचान केवल इसकी धरती और जंगलों से नहीं, बल्कि यहां मौजूद अपार जल, जंगल, जमीन और खनिज संपदा से भी है। इन प्राकृतिक संसाधनों पर यहां की जनता, आदिवासी, मूलवासी एवं स्थानीय समुदायों के हितों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि झारखंड की खनिज संपदा राज्य के आर्थिक विकास की महत्वपूर्ण आधारशिला है। इसलिए खनिज संसाधनों के दोहन, आवंटन, परिवहन, रॉयल्टी एवं राजस्व से जुड़े निर्णयों में पूर्ण पारदर्शिता और सार्वजनिक जवाबदेही आवश्यक है। नेताओं ने कहा कि ऐसी कोई भी व्यवस्था स्वीकार्य नहीं होगी, जिससे झारखंड के आर्थिक अथवा संवैधानिक अधिकार प्रभावित हों। कांग्रेस की प्रमुख मांगें स्मार-पत्र में झारखंड की खनिज संपदा से संबंधित सभी निर्णयों में पूर्ण पारदर्शिता एवं सार्वजनिक जवाबदेही सुनिश्चित करने, खनिज संसाधनों से प्राप्त राजस्व में झारखंड के न्यायसंगत आर्थिक हितों की रक्षा करने तथा खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 के झारखंड एवं अन्य खनिज संपन्न राज्यों पर पड़ने वाले प्रभाव का व्यापक अध्ययन एवं सार्वजनिक विमर्श कराने की मांग की गई। इसके अलावा जल, जंगल, जमीन और खनिज संसाधनों पर आदिवासी, मूलवासी एवं स्थानीय समुदायों के हितों एवं अधिकारों की रक्षा, खनिज आवंटन एवं उत्खनन से जुड़ी शिकायतों की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच तथा खनिज संपदा से होने वाली आय का पर्याप्त हिस्सा स्थानीय क्षेत्र के विकास में खर्च करने की मांग उठाई गई। कांग्रेस ने खनन प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के पुनर्वास, रोजगार, पर्यावरण संरक्षण एवं सामाजिक सुरक्षा को प्राथमिकता देने की भी मांग की। साथ ही राज्य के संवैधानिक एवं संघीय अधिकारों को प्रभावित करने वाले किसी भी निर्णय से पहले राज्य सरकार एवं संबंधित हितधारकों से सार्थक परामर्श करने की बात कही। ये रहे मौजूद मौके पर मनोज सहाय पिंकू, प्रदेश सचिव, झारखंड कांग्रेस; भागीरथ पासवान, प्रदेश प्रवक्ता, झारखंड कांग्रेस; विजय प्रसाद सिंह, प्रखंड अध्यक्ष, सतगावां; लालदेव प्रसाद यादव, मंडल अध्यक्ष, सतगावां; सलाउद्दीन, कांग्रेस महासचिव, सतगावां तथा सुनील राम, कांग्रेस उपाध्यक्ष, सतगावां सहित कांग्रेस के अन्य कार्यकर्ता एवं समर्थक मौजूद रहे। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि झारखंड की प्राकृतिक संपदा केवल आर्थिक संसाधन नहीं, बल्कि यहां के लोगों के जीवन, संस्कृति और भविष्य से जुड़ी हुई है। इसलिए प्राकृतिक संसाधनों से संबंधित नीतियों में पारदर्शिता, जनहित, सामाजिक न्याय, पर्यावरण संरक्षण तथा राज्य के संवैधानिक अधिकारों को सर्वोच्च प्राथमिकता दिया जाना चाहिए। कांग्रेस ने प्रशासन से स्मार-पत्र को गंभीरता से लेते हुए इसे महामहिम राष्ट्रपति एवं संबंधित सक्षम प्राधिकार तक पहुंचाने तथा झारखंड के हितों की रक्षा के लिए आवश्यक पहल करने की अपील की।
खान-खनिज संशोधन विधेयक के विरोध में कांग्रेस ने सौंपा स्मार-पत्र, झारखंड के जल-जंगल-जमीन और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा की उठाई मांग सतगावां/कोडरमा। खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 के कथित जनविरोधी प्रावधानों के विरोध में कोडरमा जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से महामहिम राष्ट्रपति के नाम उपायुक्त, कोडरमा के माध्यम से स्मार-पत्र सौंपा गया। कांग्रेस नेताओं ने झारखंड के जल, जंगल, जमीन, खनिज संपदा तथा राज्य के संवैधानिक एवं संघीय अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करने की मांग उठाई। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी एवं झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर आयोजित जनसंवाद, जनजागरूकता एवं लोकतांत्रिक आंदोलन के क्रम में कांग्रेस की ओर से यह स्मार-पत्र प्रस्तुत किया गया। स्मार-पत्र में कहा गया कि झारखंड की पहचान केवल इसकी धरती और जंगलों से नहीं, बल्कि यहां मौजूद अपार जल, जंगल, जमीन और खनिज संपदा से भी है। इन प्राकृतिक संसाधनों पर यहां की जनता, आदिवासी, मूलवासी एवं स्थानीय समुदायों के हितों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि झारखंड की खनिज संपदा राज्य के आर्थिक विकास की महत्वपूर्ण आधारशिला है। इसलिए खनिज संसाधनों के दोहन, आवंटन, परिवहन, रॉयल्टी एवं राजस्व से जुड़े निर्णयों में पूर्ण पारदर्शिता और सार्वजनिक जवाबदेही आवश्यक है। नेताओं ने कहा कि ऐसी कोई भी व्यवस्था स्वीकार्य नहीं होगी, जिससे झारखंड के आर्थिक अथवा संवैधानिक अधिकार प्रभावित हों। कांग्रेस की प्रमुख मांगें स्मार-पत्र में झारखंड की खनिज संपदा से संबंधित सभी निर्णयों में पूर्ण पारदर्शिता एवं सार्वजनिक जवाबदेही सुनिश्चित करने, खनिज संसाधनों से प्राप्त राजस्व में झारखंड के न्यायसंगत आर्थिक हितों की रक्षा करने तथा खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 के झारखंड एवं अन्य खनिज संपन्न राज्यों पर पड़ने वाले प्रभाव का व्यापक अध्ययन एवं सार्वजनिक विमर्श कराने की मांग की गई। इसके अलावा जल, जंगल, जमीन और खनिज संसाधनों पर आदिवासी, मूलवासी एवं स्थानीय समुदायों के हितों एवं अधिकारों की रक्षा, खनिज आवंटन एवं उत्खनन से जुड़ी शिकायतों की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच तथा खनिज संपदा से होने वाली आय का पर्याप्त हिस्सा स्थानीय क्षेत्र के विकास में खर्च करने की मांग उठाई गई। कांग्रेस ने खनन प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के पुनर्वास, रोजगार, पर्यावरण संरक्षण एवं सामाजिक सुरक्षा को प्राथमिकता देने की भी मांग की। साथ ही राज्य के संवैधानिक एवं संघीय अधिकारों को प्रभावित करने वाले किसी भी निर्णय से पहले राज्य सरकार एवं संबंधित हितधारकों से सार्थक परामर्श करने की बात कही। ये रहे मौजूद मौके पर मनोज सहाय पिंकू, प्रदेश सचिव, झारखंड कांग्रेस; भागीरथ पासवान, प्रदेश प्रवक्ता, झारखंड कांग्रेस; विजय प्रसाद सिंह, प्रखंड अध्यक्ष, सतगावां; लालदेव प्रसाद यादव, मंडल अध्यक्ष, सतगावां; सलाउद्दीन, कांग्रेस महासचिव, सतगावां तथा सुनील राम, कांग्रेस उपाध्यक्ष, सतगावां सहित कांग्रेस के अन्य कार्यकर्ता एवं समर्थक मौजूद रहे। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि झारखंड की प्राकृतिक संपदा केवल आर्थिक संसाधन नहीं, बल्कि यहां के लोगों के जीवन, संस्कृति और भविष्य से जुड़ी हुई है। इसलिए प्राकृतिक संसाधनों से संबंधित नीतियों में पारदर्शिता, जनहित, सामाजिक न्याय, पर्यावरण संरक्षण तथा राज्य के संवैधानिक अधिकारों को सर्वोच्च प्राथमिकता दिया जाना चाहिए। कांग्रेस ने प्रशासन से स्मार-पत्र को गंभीरता से लेते हुए इसे महामहिम राष्ट्रपति एवं संबंधित सक्षम प्राधिकार तक पहुंचाने तथा झारखंड के हितों की रक्षा के लिए आवश्यक पहल करने की अपील की। खान-खनिज संशोधन विधेयक के विरोध में कांग्रेस ने सौंपा स्मार-पत्र, झारखंड के जल-जंगल-जमीन और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा की उठाई मांग सतगावां/कोडरमा। खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 के कथित जनविरोधी प्रावधानों के विरोध में कोडरमा जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से महामहिम राष्ट्रपति के नाम उपायुक्त, कोडरमा के माध्यम से स्मार-पत्र सौंपा गया। कांग्रेस नेताओं ने झारखंड के जल, जंगल, जमीन, खनिज संपदा तथा राज्य के संवैधानिक एवं संघीय अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करने की मांग उठाई। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी एवं झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर आयोजित जनसंवाद, जनजागरूकता एवं लोकतांत्रिक आंदोलन के क्रम में कांग्रेस की ओर से यह स्मार-पत्र प्रस्तुत किया गया। स्मार-पत्र में कहा गया कि झारखंड की पहचान केवल इसकी धरती और जंगलों से नहीं, बल्कि यहां मौजूद अपार जल, जंगल, जमीन और खनिज संपदा से भी है। इन प्राकृतिक संसाधनों पर यहां की जनता, आदिवासी, मूलवासी एवं स्थानीय समुदायों के हितों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि झारखंड की खनिज संपदा राज्य के आर्थिक विकास की महत्वपूर्ण आधारशिला है। इसलिए खनिज संसाधनों के दोहन, आवंटन, परिवहन, रॉयल्टी एवं राजस्व से जुड़े निर्णयों में पूर्ण पारदर्शिता और सार्वजनिक जवाबदेही आवश्यक है। नेताओं ने कहा कि ऐसी कोई भी व्यवस्था स्वीकार्य नहीं होगी, जिससे झारखंड के आर्थिक अथवा संवैधानिक अधिकार प्रभावित हों। कांग्रेस की प्रमुख मांगें स्मार-पत्र में झारखंड की खनिज संपदा से संबंधित सभी निर्णयों में पूर्ण पारदर्शिता एवं सार्वजनिक जवाबदेही सुनिश्चित करने, खनिज संसाधनों से प्राप्त राजस्व में झारखंड के न्यायसंगत आर्थिक हितों की रक्षा करने तथा खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 के झारखंड एवं अन्य खनिज संपन्न राज्यों पर पड़ने वाले प्रभाव का व्यापक अध्ययन एवं सार्वजनिक विमर्श कराने की मांग की गई। इसके अलावा जल, जंगल, जमीन और खनिज संसाधनों पर आदिवासी, मूलवासी एवं स्थानीय समुदायों के हितों एवं अधिकारों की रक्षा, खनिज आवंटन एवं उत्खनन से जुड़ी शिकायतों की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच तथा खनिज संपदा से होने वाली आय का पर्याप्त हिस्सा स्थानीय क्षेत्र के विकास में खर्च करने की मांग उठाई गई। कांग्रेस ने खनन प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के पुनर्वास, रोजगार, पर्यावरण संरक्षण एवं सामाजिक सुरक्षा को प्राथमिकता देने की भी मांग की। साथ ही राज्य के संवैधानिक एवं संघीय अधिकारों को प्रभावित करने वाले किसी भी निर्णय से पहले राज्य सरकार एवं संबंधित हितधारकों से सार्थक परामर्श करने की बात कही। ये रहे मौजूद मौके पर मनोज सहाय पिंकू, प्रदेश सचिव, झारखंड कांग्रेस; 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- नेपाल के त्रिशूली बाजार में तबाही की सूनामी लाइव...प्रकृति का तांडव...। नेपाल के त्रिशूली बाजार में तबाही की सूनामी लाइव...प्रकृति का तांडव...।1
- ऑक्सब्रिज के छात्रों ने पुलिस के साथ मनाया रक्षाबंधन | तेलैया थाना में असली हीरो को राखी बांधी | झुमरी तेलैया A bond beyond blood, a promise of protection ❤️🪢 This Raksha Bandhan, our students of Oxbridge English Classes went to Telaiya Thana to celebrate Rakhi with our real heroes who protect us 24x7. From aarti to tying rakhi and sharing sweets, it was an emotional moment of love, respect and gratitude towards our police brothers. Thank you Jharkhand Police for being our protectors always. Happy Raksha Bandhan from Oxbridge Family 📍 Telaiya Thana, Jhumri Telaiya Oxbridge English Classes, Jhanda Chowk 📞 8235170577, 7654464977 #RakshaBandhan #OxbridgeEnglishClasses #JhumriTelaiya #TelaiyaThana #Koderma #JharkhandPolice #RakhiWithHeroes #RealHeroes #Rakhi2026 #Jharkhand #RespectForPolice4
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- ये बच्चा तो बारूद निकला... ये बच्चा तो बारूद निकला... ये बच्चा तो बारूद निकला...1
- खेशनरो नीमाडीह सड़क कीचड़मुक्त ,युवा समाजसेवी मनोहर लाल यादव ने निजी खर्च से कराया कार्य खेशनरों-निमाडीह सड़क कीचड़मुक्त, युवा समाजसेवी मनोहर लाल यादव ने निजी खर्च से कराया कार्य गावां/गिरिडीह :-गदर पंचायत के खेशनरों-निमाडीह गांव जाने वाली सड़क की स्थिति लंबे समय से काफी जर्जर हो चुकी थी। सड़क पर कीचड़ एवं पानी जमा रहने के कारण ग्रामीणों और राहगीरों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। स्थानीय लोगों के अनुसार समस्या काफी दिनों से बनी हुई थी, लेकिन इस ओर किसी जनप्रतिनिधि का ध्यान नहीं गया। इसी बीच गांव के युवा साथी अजय कुमार ने सड़क की बदहाल स्थिति की जानकारी युवा समाजसेवी एवं भावी मुखिया उम्मीदवार मनोहर लाल यादव को दी। सूचना मिलते ही मनोहर लाल यादव ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अपने निजी खर्च पर जेसीबी मशीन लगवाकर सड़क पर जमा कीचड़ एवं पानी को हटवाने का कार्य शुरू कराया। जेसीबी के माध्यम से सड़क की साफ-सफाई कर आवागमन को सुगम बनाया गया, जिससे ग्रामीणों में खुशी का माहौल है। स्थानीय लोगों ने बताया कि सड़क की सफाई होने से अब आने-जाने में काफी सुविधा होगी और दुर्घटनाओं की संभावना भी कम होगी। इस कार्य में संदीप कुमार, जितेंद्र कुमार, उमेश यादव, अजीत कुमार, जागेश्वर यादव, महेंद्र यादव, भुनेश्वर यादव सहित दर्जनों युवाओं ने सक्रिय सहयोग दिया। ग्रामीणों ने मनोहर लाल यादव एवं सभी युवा साथियों के इस सराहनीय प्रयास की प्रशंसा करते हुए कहा कि जनसमस्याओं के समाधान के लिए ऐसे कार्य समाज के लिए प्रेरणादायक है4
- आर्यन बाबू की राखी बनी यादगार, बहनों संग खूब मस्ती और हंसी-ठिठोली रक्षाबंधन का त्योहार आर्यन बाबू के लिए इस बार बेहद खास रहा। सुबह से ही घर में उत्साह का माहौल था। बहनों ने प्यार से आर्यन बाबू की कलाई पर राखी बांधी तो उनके चेहरे पर खुशी साफ झलक रही थी। राखी बंधवाने के बाद आर्यन बाबू ने बहनों को मिठाई खिलाई और उपहार देकर उनका आशीर्वाद लिया। इसके बाद शुरू हुआ असली मनोरंजन। आर्यन बाबू ने अपनी बहनों के साथ खूब हंसी-मजाक किया। कभी कोई मजेदार बात कहकर सबको हंसाया तो कभी बहनों के साथ मिलकर पुराने किस्से याद किए। घर का माहौल ठहाकों से गूंज उठा। बहनों ने भी आर्यन बाबू की खूब टांग खिंचाई की और उन्हें मजेदार बातें सुनाकर खूब हंसाया। आर्यन बाबू ने कहा कि बहनों के साथ बिताया यह पल उनके लिए सबसे अनमोल है। राखी का यह त्योहार प्यार, अपनापन और रिश्तों की मिठास से भरपूर रहा, जिसकी याद सभी के चेहरे पर मुस्कान लाती रहेगी। आर्यन बाबू की राखी बनी यादगार, बहनों संग खूब मस्ती और हंसी-ठिठोली रक्षाबंधन का त्योहार आर्यन बाबू के लिए इस बार बेहद खास रहा। सुबह से ही घर में उत्साह का माहौल था। बहनों ने प्यार से आर्यन बाबू की कलाई पर राखी बांधी तो उनके चेहरे पर खुशी साफ झलक रही थी। राखी बंधवाने के बाद आर्यन बाबू ने बहनों को मिठाई खिलाई और उपहार देकर उनका आशीर्वाद लिया। इसके बाद शुरू हुआ असली मनोरंजन। आर्यन बाबू ने अपनी बहनों के साथ खूब हंसी-मजाक किया। कभी कोई मजेदार बात कहकर सबको हंसाया तो कभी बहनों के साथ मिलकर पुराने किस्से याद किए। घर का माहौल ठहाकों से गूंज उठा। बहनों ने भी आर्यन बाबू की खूब टांग खिंचाई की और उन्हें मजेदार बातें सुनाकर खूब हंसाया। आर्यन बाबू ने कहा कि बहनों के साथ बिताया यह पल उनके लिए सबसे अनमोल है। राखी का यह त्योहार प्यार, अपनापन और रिश्तों की मिठास से भरपूर रहा, जिसकी याद सभी के चेहरे पर मुस्कान लाती रहेगी।1
- डुमरी विधायक जयराम महतो vs daroga ji का वार्ता पुलिस एसोसिएशन को क्यों बुरा लगा1
- खान-खनिज संशोधन विधेयक के विरोध में कांग्रेस ने सौंपा स्मार-पत्र, झारखंड के जल-जंगल-जमीन और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा की उठाई मांग सतगावां/कोडरमा। खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 के कथित जनविरोधी प्रावधानों के विरोध में कोडरमा जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से महामहिम राष्ट्रपति के नाम उपायुक्त, कोडरमा के माध्यम से स्मार-पत्र सौंपा गया। कांग्रेस नेताओं ने झारखंड के जल, जंगल, जमीन, खनिज संपदा तथा राज्य के संवैधानिक एवं संघीय अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करने की मांग उठाई। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी एवं झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर आयोजित जनसंवाद, जनजागरूकता एवं लोकतांत्रिक आंदोलन के क्रम में कांग्रेस की ओर से यह स्मार-पत्र प्रस्तुत किया गया। स्मार-पत्र में कहा गया कि झारखंड की पहचान केवल इसकी धरती और जंगलों से नहीं, बल्कि यहां मौजूद अपार जल, जंगल, जमीन और खनिज संपदा से भी है। इन प्राकृतिक संसाधनों पर यहां की जनता, आदिवासी, मूलवासी एवं स्थानीय समुदायों के हितों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि झारखंड की खनिज संपदा राज्य के आर्थिक विकास की महत्वपूर्ण आधारशिला है। इसलिए खनिज संसाधनों के दोहन, आवंटन, परिवहन, रॉयल्टी एवं राजस्व से जुड़े निर्णयों में पूर्ण पारदर्शिता और सार्वजनिक जवाबदेही आवश्यक है। नेताओं ने कहा कि ऐसी कोई भी व्यवस्था स्वीकार्य नहीं होगी, जिससे झारखंड के आर्थिक अथवा संवैधानिक अधिकार प्रभावित हों। कांग्रेस की प्रमुख मांगें स्मार-पत्र में झारखंड की खनिज संपदा से संबंधित सभी निर्णयों में पूर्ण पारदर्शिता एवं सार्वजनिक जवाबदेही सुनिश्चित करने, खनिज संसाधनों से प्राप्त राजस्व में झारखंड के न्यायसंगत आर्थिक हितों की रक्षा करने तथा खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 के झारखंड एवं अन्य खनिज संपन्न राज्यों पर पड़ने वाले प्रभाव का व्यापक अध्ययन एवं सार्वजनिक विमर्श कराने की मांग की गई। इसके अलावा जल, जंगल, जमीन और खनिज संसाधनों पर आदिवासी, मूलवासी एवं स्थानीय समुदायों के हितों एवं अधिकारों की रक्षा, खनिज आवंटन एवं उत्खनन से जुड़ी शिकायतों की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच तथा खनिज संपदा से होने वाली आय का पर्याप्त हिस्सा स्थानीय क्षेत्र के विकास में खर्च करने की मांग उठाई गई। कांग्रेस ने खनन प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के पुनर्वास, रोजगार, पर्यावरण संरक्षण एवं सामाजिक सुरक्षा को प्राथमिकता देने की भी मांग की। साथ ही राज्य के संवैधानिक एवं संघीय अधिकारों को प्रभावित करने वाले किसी भी निर्णय से पहले राज्य सरकार एवं संबंधित हितधारकों से सार्थक परामर्श करने की बात कही। ये रहे मौजूद मौके पर मनोज सहाय पिंकू, प्रदेश सचिव, झारखंड कांग्रेस; भागीरथ पासवान, प्रदेश प्रवक्ता, झारखंड कांग्रेस; विजय प्रसाद सिंह, प्रखंड अध्यक्ष, सतगावां; लालदेव प्रसाद यादव, मंडल अध्यक्ष, सतगावां; सलाउद्दीन, कांग्रेस महासचिव, सतगावां तथा सुनील राम, कांग्रेस उपाध्यक्ष, सतगावां सहित कांग्रेस के अन्य कार्यकर्ता एवं समर्थक मौजूद रहे। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि झारखंड की प्राकृतिक संपदा केवल आर्थिक संसाधन नहीं, बल्कि यहां के लोगों के जीवन, संस्कृति और भविष्य से जुड़ी हुई है। इसलिए प्राकृतिक संसाधनों से संबंधित नीतियों में पारदर्शिता, जनहित, सामाजिक न्याय, पर्यावरण संरक्षण तथा राज्य के संवैधानिक अधिकारों को सर्वोच्च प्राथमिकता दिया जाना चाहिए। कांग्रेस ने प्रशासन से स्मार-पत्र को गंभीरता से लेते हुए इसे महामहिम राष्ट्रपति एवं संबंधित सक्षम प्राधिकार तक पहुंचाने तथा झारखंड के हितों की रक्षा के लिए आवश्यक पहल करने की अपील की। खान-खनिज संशोधन विधेयक के विरोध में कांग्रेस ने सौंपा स्मार-पत्र, झारखंड के जल-जंगल-जमीन और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा की उठाई मांग सतगावां/कोडरमा। खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 के कथित जनविरोधी प्रावधानों के विरोध में कोडरमा जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से महामहिम राष्ट्रपति के नाम उपायुक्त, कोडरमा के माध्यम से स्मार-पत्र सौंपा गया। कांग्रेस नेताओं ने झारखंड के जल, जंगल, जमीन, खनिज संपदा तथा राज्य के संवैधानिक एवं संघीय अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करने की मांग उठाई। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी एवं झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर आयोजित जनसंवाद, जनजागरूकता एवं लोकतांत्रिक आंदोलन के क्रम में कांग्रेस की ओर से यह स्मार-पत्र प्रस्तुत किया गया। स्मार-पत्र में कहा गया कि झारखंड की पहचान केवल इसकी धरती और जंगलों से नहीं, बल्कि यहां मौजूद अपार जल, जंगल, जमीन और खनिज संपदा से भी है। इन प्राकृतिक संसाधनों पर यहां की जनता, आदिवासी, मूलवासी एवं स्थानीय समुदायों के हितों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि झारखंड की खनिज संपदा राज्य के आर्थिक विकास की महत्वपूर्ण आधारशिला है। इसलिए खनिज संसाधनों के दोहन, आवंटन, परिवहन, रॉयल्टी एवं राजस्व से जुड़े निर्णयों में पूर्ण पारदर्शिता और सार्वजनिक जवाबदेही आवश्यक है। नेताओं ने कहा कि ऐसी कोई भी व्यवस्था स्वीकार्य नहीं होगी, जिससे झारखंड के आर्थिक अथवा संवैधानिक अधिकार प्रभावित हों। कांग्रेस की प्रमुख मांगें स्मार-पत्र में झारखंड की खनिज संपदा से संबंधित सभी निर्णयों में पूर्ण पारदर्शिता एवं सार्वजनिक जवाबदेही सुनिश्चित करने, खनिज संसाधनों से प्राप्त राजस्व में झारखंड के न्यायसंगत आर्थिक हितों की रक्षा करने तथा खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 के झारखंड एवं अन्य खनिज संपन्न राज्यों पर पड़ने वाले प्रभाव का व्यापक अध्ययन एवं सार्वजनिक विमर्श कराने की मांग की गई। इसके अलावा जल, जंगल, जमीन और खनिज संसाधनों पर आदिवासी, मूलवासी एवं स्थानीय समुदायों के हितों एवं अधिकारों की रक्षा, खनिज आवंटन एवं उत्खनन से जुड़ी शिकायतों की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच तथा खनिज संपदा से होने वाली आय का पर्याप्त हिस्सा स्थानीय क्षेत्र के विकास में खर्च करने की मांग उठाई गई। कांग्रेस ने खनन प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के पुनर्वास, रोजगार, पर्यावरण संरक्षण एवं सामाजिक सुरक्षा को प्राथमिकता देने की भी मांग की। साथ ही राज्य के संवैधानिक एवं संघीय अधिकारों को प्रभावित करने वाले किसी भी निर्णय से पहले राज्य सरकार एवं संबंधित हितधारकों से सार्थक परामर्श करने की बात कही। ये रहे मौजूद मौके पर मनोज सहाय पिंकू, प्रदेश सचिव, झारखंड कांग्रेस; भागीरथ पासवान, प्रदेश प्रवक्ता, झारखंड कांग्रेस; विजय प्रसाद सिंह, प्रखंड अध्यक्ष, सतगावां; लालदेव प्रसाद यादव, मंडल अध्यक्ष, सतगावां; सलाउद्दीन, कांग्रेस महासचिव, सतगावां तथा सुनील राम, कांग्रेस उपाध्यक्ष, सतगावां सहित कांग्रेस के अन्य कार्यकर्ता एवं समर्थक मौजूद रहे। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि झारखंड की प्राकृतिक संपदा केवल आर्थिक संसाधन नहीं, बल्कि यहां के लोगों के जीवन, संस्कृति और भविष्य से जुड़ी हुई है। इसलिए प्राकृतिक संसाधनों से संबंधित नीतियों में पारदर्शिता, जनहित, सामाजिक न्याय, पर्यावरण संरक्षण तथा राज्य के संवैधानिक अधिकारों को सर्वोच्च प्राथमिकता दिया जाना चाहिए। कांग्रेस ने प्रशासन से स्मार-पत्र को गंभीरता से लेते हुए इसे महामहिम राष्ट्रपति एवं संबंधित सक्षम प्राधिकार तक पहुंचाने तथा झारखंड के हितों की रक्षा के लिए आवश्यक पहल करने की अपील की।1