डेरापुर सीचसी के उलरापुर व कुढ़ावल गांव टीबी मुक्त घोषित, ग्राम प्रधानों को सीएचसी अधीक्षक नें किया सम्मानित डेरापुर सीचसी के उलरापुर व कुढ़ावल गांव टीबी मुक्त घोषित, ग्राम प्रधानों को सीएचसी अधीक्षक नें किया सम्मानित कानपुर देहात के डेरापुर क्षेत्र में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) के अंतर्गत आने वाले उलरापुर और कुढ़ावल गांवों को टीबी मुक्त घोषित किया गया। इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर सीएचसी अधीक्षक डॉ. अशोक कुमार ने दोनों ग्राम प्रधानों को सम्मानित किया। रविवार सुबह करीब 11 बजे जानकारी देते हुए डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि उत्तर प्रदेश शासन के टीबी मुक्त अभियान में कुढ़ावल की प्रधान शोभना देवी और उलरापुर के प्रधान विनोद यादव ने अहम भूमिका निभाई। दोनों जनप्रतिनिधियों ने गांवों में टीबी मरीजों की पहचान, जांच और उपचार सुनिश्चित कराने में सक्रिय सहयोग किया। इसी सामूहिक प्रयास का सकारात्मक परिणाम रहा कि दोनों गांव टीबी रोग से मुक्त घोषित किए जा सके। डॉ. कुमार ने कहा कि जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों के सहयोग से ही गांवों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित की जा सकती हैं। इस अवसर पर दोनों ग्राम प्रधानों को प्रतीक चिन्ह भेंट कर माल्यार्पण किया गया। साथ ही सीएचसी क्षेत्र के सभी ग्राम प्रधानों, समाजसेवियों और ग्रामीणों से स्वास्थ्य संबंधी योजनाओं में बढ़-चढ़कर सहयोग करने की अपील भी की गई।
डेरापुर सीचसी के उलरापुर व कुढ़ावल गांव टीबी मुक्त घोषित, ग्राम प्रधानों को सीएचसी अधीक्षक नें किया सम्मानित डेरापुर सीचसी के उलरापुर व कुढ़ावल गांव टीबी मुक्त घोषित, ग्राम प्रधानों को सीएचसी अधीक्षक नें किया सम्मानित कानपुर देहात के डेरापुर क्षेत्र में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) के अंतर्गत आने वाले उलरापुर और कुढ़ावल गांवों को टीबी मुक्त घोषित किया गया। इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर सीएचसी अधीक्षक डॉ. अशोक कुमार ने दोनों ग्राम प्रधानों को सम्मानित किया। रविवार सुबह करीब 11 बजे जानकारी देते हुए डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि उत्तर प्रदेश शासन के टीबी मुक्त अभियान में कुढ़ावल की प्रधान शोभना देवी और उलरापुर के प्रधान विनोद यादव ने अहम भूमिका निभाई। दोनों जनप्रतिनिधियों ने गांवों में टीबी मरीजों की पहचान, जांच और उपचार सुनिश्चित कराने में सक्रिय सहयोग किया। इसी सामूहिक प्रयास का सकारात्मक परिणाम रहा कि दोनों गांव टीबी रोग से मुक्त घोषित किए जा सके। डॉ. कुमार ने कहा कि जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों के सहयोग से ही गांवों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित की जा सकती हैं। इस अवसर पर दोनों ग्राम प्रधानों को प्रतीक चिन्ह भेंट कर माल्यार्पण किया गया। साथ ही सीएचसी क्षेत्र के सभी ग्राम प्रधानों, समाजसेवियों और ग्रामीणों से स्वास्थ्य संबंधी योजनाओं में बढ़-चढ़कर सहयोग करने की अपील भी की गई।
- जिलाधिकारी ने पेट्रोल-डीजल व घरेलू गैस आपूर्ति की समीक्षा की, समय से गैस उपलब्ध कराने के निर्देश जिलाधिकारी कपिल सिंह की अध्यक्षता एवं पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेंद्र पांडे की उपस्थिति में कलेक्ट्रेट सभागार में जनपद में पेट्रोल, डीजल एवं घरेलू गैस की उपलब्धता और भंडारण की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) दिग्विजय सिंह सहित विभिन्न ऑयल कंपनियों के अधिकारी, पूर्ति विभाग के अधिकारी और संबंधित विभागों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। वहीं सभी उप जिलाधिकारी, क्षेत्राधिकारी, गैस एजेंसी संचालक एवं पेट्रोल पंप डीलर ऑनलाइन माध्यम से जुड़े। बैठक में इंडियन ऑयल, हिंदुस्तान पेट्रोलियम, नायरा एनर्जी समेत अन्य कंपनियों के अधिकारियों ने बताया कि जनपद में पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। कृषि कार्यों के चलते ईंधन की मांग में अस्थायी वृद्धि हुई थी, लेकिन वर्तमान में स्थिति सामान्य है और किसी प्रकार की कमी नहीं है। घरेलू गैस आपूर्ति की समीक्षा के दौरान बताया गया कि गैस आपूर्ति में कोई कटौती नहीं की गई है और उपभोक्ताओं को प्राथमिकता के आधार पर सिलेंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। हालांकि, कॉमर्शियल सिलेंडरों की आपूर्ति पर उच्च स्तर से कैपिंग लागू है। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी उपभोक्ताओं को बुकिंग के बाद समय से गैस सिलेंडर उपलब्ध कराया जाए और निर्धारित मूल्य से अधिक वसूली किसी भी स्थिति में न की जाए। उन्होंने कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी देते हुए उपभोक्ताओं के साथ शिष्ट एवं संवेदनशील व्यवहार सुनिश्चित करने को कहा। बैठक में बताया गया कि नगरीय क्षेत्रों में गैस सिलेंडर बुकिंग की समय सीमा 25 दिन तथा ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन निर्धारित है, जिसका पालन उपभोक्ताओं द्वारा किया जाना आवश्यक है। साथ ही प्रवासी मजदूरों, छात्रों और जरूरतमंदों को एफटीएल (5 किलोग्राम) गैस कनेक्शन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया जारी है, जिसके लिए आधार कार्ड के माध्यम से गैस एजेंसियों से संपर्क किया जा सकता है। अंत में जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों एवं प्रतिभागियों का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए बैठक का समापन किया।1
- कानपुर देहात के अकबरपुर कोतवाली क्षेत्र से सामने आई यह खबर स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े करती है। मामले के मुख्य बिंदुः 👇👇👇👇👇 ▶️राजकीय मेडिकल कॉलेज के गेट के पास कूड़ेदान। ▶️ आवारा कुत्तों द्वारा नोचे जाने पर स्थानीय लोगों की नजर पड़ी। ▶️भ्रूण लगभग 20 सप्ताह (करीब 5 महीने) का बताया जा रहा है। ▶️पुलिस ने भ्रूण को कब्जे में लेकर मोर्चरी भेज दिया है और अस्पताल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।2
- किसान के गेहूं के खेतों पराली में आग लगी गाव के लोगों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया उपस्थिति दर्ज कराने के लिए आग बुझने के बाद फायर ब्रिगेड सर्विस की गाड़ी पहुंची सिकंदरा कानपुर देहात तहसील क्षेत्र के नसीरपुर गांव के करीब गेहूं की पराली में अचानक आग लगीं क्षेत्र में किसानों ने जल्दबाजी के चक्कर में हार्वेस्टर मशीन से गेहूं की कटाई जल्द कर डाली बची हुई पराली में कभी आग लगा दी जाती तो कभी बिजली शॉर्ट सर्किट से लग जाती राहगीरों ने देखा कि गेहूं खेत पराली में आग लगी हुई है जिससे गांव के लोग भागते हुए पानी लेकर आग बुझाने के लिए पहुंचे कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया किसान भाईयों ने फायर विकेट को सूचना लेकिन समय पर फायर विकेट की गाड़ी ना आ सकी आग बुझाने के बाद फायर विकेट के कर्मचारी प्रेशर पानी पाइप चलाते हुए क्षेत्रीय किसानों ने बताया है कि खेतों से निकली ग्रामीण बिजली ग्यारह हजार की पावर लाइन एक हरे-भरे वृक्ष में इंसुलेटर तार बांधकर बिजली का पोल बना दिया साप तौर पर आप देख सकते हैं पेड़ में तार बंधे हुए हैं जिससे साबित होता है कि बिजली विभाग की बड़ी लापरवाही हो रही उजागर ।4
- सिकंदरा थाना क्षेत्र में 17 वर्ष की नाबालिक लड़की से दुष्कर्म का मामला सामने आया है। पीड़िता की मां की तहरीर पर पुलिस ने नामजद आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। महिला ने पुलिस को दी गई तहरीर में आरोप लगाते हुए बताया कि गांव का युवक सुनील कुशवाहा उनकी 17 वर्षीय नाबालिक बेटी को बहला फुसलाकर अपने साथ ले गया। आरोप है कि सुनील कुशवाहा ने नाबालिक के साथ दुष्कर्म किया। तहरीर में यह भी बताया गया कि इस घटना में गांव का एक अन्य युवक विशाल भी सुनील के साथ शामिल था।हालांकि दुष्कर्म का मुख्य आरोप सुनील कुशवाहा पर है। मामले की गंभीरता को देखते सिकंदरा थाना प्रभारी जनार्दन प्रताप सिंह ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। पुलिस ने मुख्य आरोपी और उसके साथी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट सहित संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। सिकंदरा थाना प्रभारी जनार्दन प्रताप सिंह ने बताया कि महिला की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया है और पीड़िता को मेडिकल परीक्षण के लिए भेजा गया है आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास किया जा रहे हैं जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा।1
- ,खबर औरैया से होमगार्ड परीक्षा को लेकर प्रशासन अलर्ट ,सीसी टीवी कैमरे की निगरानी में परीक्षा1
- चलती ट्रेन से गिरा यात्री, हालत गंभीर 🚨 रीवा एक्सप्रेस से सफर कर रहे उन्नाव जिले के गंगा खेड़ा नौगवां शाहपुर निवासी 45 वर्षीय होरीलाल, पुत्र स्वर्गीय अगनू, नींद लगने के कारण चलती ट्रेन से नीचे गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और तुरंत एंबुलेंस को सूचना दी। एंबुलेंस के जरिए घायल को झींझक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार किया। चिकित्सकों ने हालत नाजुक देखते हुए होरीलाल को बेहतर इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। घटना के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया1
- जनपद औरैया में देर रात बाहन चेकिंग अभियान चलाया गया जिसमें करीब 153 वाहनों को चेक किया गया कुल चालान 583000 का काटा गया1
- डेरापुर सीचसी के उलरापुर व कुढ़ावल गांव टीबी मुक्त घोषित, ग्राम प्रधानों को सीएचसी अधीक्षक नें किया सम्मानित कानपुर देहात के डेरापुर क्षेत्र में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) के अंतर्गत आने वाले उलरापुर और कुढ़ावल गांवों को टीबी मुक्त घोषित किया गया। इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर सीएचसी अधीक्षक डॉ. अशोक कुमार ने दोनों ग्राम प्रधानों को सम्मानित किया। रविवार सुबह करीब 11 बजे जानकारी देते हुए डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि उत्तर प्रदेश शासन के टीबी मुक्त अभियान में कुढ़ावल की प्रधान शोभना देवी और उलरापुर के प्रधान विनोद यादव ने अहम भूमिका निभाई। दोनों जनप्रतिनिधियों ने गांवों में टीबी मरीजों की पहचान, जांच और उपचार सुनिश्चित कराने में सक्रिय सहयोग किया। इसी सामूहिक प्रयास का सकारात्मक परिणाम रहा कि दोनों गांव टीबी रोग से मुक्त घोषित किए जा सके। डॉ. कुमार ने कहा कि जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों के सहयोग से ही गांवों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित की जा सकती हैं। इस अवसर पर दोनों ग्राम प्रधानों को प्रतीक चिन्ह भेंट कर माल्यार्पण किया गया। साथ ही सीएचसी क्षेत्र के सभी ग्राम प्रधानों, समाजसेवियों और ग्रामीणों से स्वास्थ्य संबंधी योजनाओं में बढ़-चढ़कर सहयोग करने की अपील भी की गई।1