बीदासर कस्बे के नोखा-सीकर मार्ग स्थित दादूदयाल संत आश्रम श्री तपोधाम में आयोजित संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा एवं संत सम्मेलन के पांचवें दिन रविवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। कथा पंडाल में दिनभर भक्तिमय माहौल बना रहा, जहाँ उपस्थित सभी भक्त कथा का श्रवण कर धर्मलाभ अर्जित करते रहे। कथावाचक पंडित देवकीनंदन महाराज ने श्रद्धालुओं को श्रीमद्भागवत कथा का रसपान कराते हुए भगवान की भक्ति, सत्संग और मानव जीवन के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि संतों का सानिध्य व्यक्ति के जीवन को नई दिशा देता है, और भागवत कथा मनुष्य को धर्म, ज्ञान तथा वैराग्य का मार्ग दिखाती है। कथा के दौरान प्रस्तुत भजनों पर श्रद्धालु भाव-विभोर होकर झूम उठे। संत सम्मेलन में विभिन्न क्षेत्रों से पधारे संत-महात्माओं ने अपने प्रवचनों के माध्यम से मानव कल्याण, सदाचार और आध्यात्मिक जीवन अपनाने का संदेश दिया। उन्होंने वर्तमान समय में समाज के लिए संस्कार, सेवा और सत्संग की अत्यधिक आवश्यकता पर जोर दिया। आश्रम परिसर में चल रहे श्रीमद्दादूवाणी के नित्य पाठ एवं अन्य धार्मिक अनुष्ठानों में भी श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। महामंडलेश्वर संत मेलादास महाराज के कृपापात्र शिष्य संत तपस्वीदास महाराज ने जानकारी दी कि कथा एवं संत सम्मेलन में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुँच रहे हैं। कार्यक्रम के तहत आगामी 24 जून तक कथा, शोभायात्रा, जागरण, हवन-यज्ञ और विशाल भंडारे सहित विभिन्न धार्मिक आयोजन लगातार जारी रहेंगे।
बीदासर कस्बे के नोखा-सीकर मार्ग स्थित दादूदयाल संत आश्रम श्री तपोधाम में आयोजित संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा एवं संत सम्मेलन के पांचवें दिन रविवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। कथा पंडाल में दिनभर भक्तिमय माहौल बना रहा, जहाँ उपस्थित सभी भक्त कथा का श्रवण कर धर्मलाभ अर्जित करते रहे। कथावाचक पंडित देवकीनंदन महाराज ने श्रद्धालुओं को श्रीमद्भागवत कथा का रसपान कराते हुए भगवान की भक्ति, सत्संग और मानव जीवन के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि संतों का सानिध्य व्यक्ति के जीवन को नई दिशा देता है, और भागवत कथा मनुष्य को धर्म, ज्ञान तथा वैराग्य का मार्ग दिखाती है। कथा के दौरान प्रस्तुत भजनों पर श्रद्धालु भाव-विभोर होकर
झूम उठे। संत सम्मेलन में विभिन्न क्षेत्रों से पधारे संत-महात्माओं ने अपने प्रवचनों के माध्यम से मानव कल्याण, सदाचार और आध्यात्मिक जीवन अपनाने का संदेश दिया। उन्होंने वर्तमान समय में समाज के लिए संस्कार, सेवा और सत्संग की अत्यधिक आवश्यकता पर जोर दिया। आश्रम परिसर में चल रहे श्रीमद्दादूवाणी के नित्य पाठ एवं अन्य धार्मिक अनुष्ठानों में भी श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। महामंडलेश्वर संत मेलादास महाराज के कृपापात्र शिष्य संत तपस्वीदास महाराज ने जानकारी दी कि कथा एवं संत सम्मेलन में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुँच रहे हैं। कार्यक्रम के तहत आगामी 24 जून तक कथा, शोभायात्रा, जागरण, हवन-यज्ञ और विशाल भंडारे सहित विभिन्न धार्मिक आयोजन लगातार जारी रहेंगे।
- रींगस के ग्राम पंचायत चोमू पुरोहितान में चोरी की एक वारदात सामने आई है, जहाँ शैतान सिंह नेहरा के घर से शनिवार रात्रि में अज्ञात चोरों ने गैस सिलेंडर चुरा लिए। यह पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, जिससे चोरी का फुटेज उपलब्ध है। घटना की जानकारी मिलते ही रींगस पुलिस थाना को तत्काल सूचित किया गया। सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुँची और मामले की जाँच शुरू कर दी है। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है ताकि चोरों का सुराग मिल सके। गाँव में चोरी की बढ़ती वारदातों को लेकर ग्रामीणों में काफी रोष है। ग्रामीणों की नाराजगी को देखते हुए पुलिस ने जल्द से जल्द इस मामले का खुलासा करने का आश्वासन दिया है।1
- मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET में पेपर लीक के विवादों के बीच 21 जून को आयोजित दोबारा परीक्षा से एक अत्यंत प्रेरणादायक घटना सामने आई है। एक भीषण सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद छात्रा सृष्टि दुबे ने हिम्मत नहीं हारी और अपनी NEET की परीक्षा दी। उनके इस दृढ़ संकल्प को देखते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने स्वयं इस मामले का संज्ञान लिया और परीक्षा केंद्र पर उनके लिए विशेष व्यवस्था करवाई। सृष्टि के एक गंभीर एक्सीडेंट में 9 पसलियां टूट गई थीं, लेकिन इस असहनीय दर्द और शारीरिक चुनौती के बावजूद उन्होंने परीक्षा देने का निर्णय लिया, जो डॉक्टर बनने के उनके अटूट सपने को दर्शाता है। छात्रा के पिता द्वारा मदद की गुहार लगाने पर, शिक्षा मंत्री ने मानवीय आधार पर तुरंत उनकी अपील स्वीकार की। उनके निर्देश पर प्रशासन ने सृष्टि के लिए परीक्षा केंद्र में एक अलग कमरे की व्यवस्था की और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सेंटर के बाहर एंबुलेंस और मेडिकल सपोर्ट टीम भी तैनात की गई। प्रशासन ने इस साहसिक कदम में पूरी संवेदनशीलता के साथ उनका साथ दिया। परीक्षा के बाद, छात्रा के माता-पिता ने फोन के माध्यम से शिक्षा मंत्री का विशेष रूप से धन्यवाद किया। यह घटना उन 22 लाख से अधिक छात्रों के लिए एक बड़ी मिसाल है जो इस परीक्षा में हिस्सा ले रहे हैं। सृष्टि का यह समर्पण साबित करता है कि यदि लक्ष्य के प्रति सच्ची निष्ठा और अटल इरादा हो, तो कोई भी शारीरिक या मानसिक बाधा सफलता के मार्ग में रुकावट नहीं बन सकती।1
- स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, ऐसी परिस्थितियाँ बन गई हैं जहाँ सच बोलना गुनाह माना जा रहा है। बताया गया है कि जहाँ कभी सरेआम एनकाउंटर कर दिए जाते हैं तो कभी किसी को सीधे गिरफ्तार कर लिया जाता है। हैरानी की बात यह है कि इस सब में अपराधियों को नहीं, बल्कि अपराधों को उजागर करने वाले लोगों को निशाना बनाकर गिरफ्तार किया जा रहा है। इस स्थिति पर सवाल उठाया गया है कि क्या यह तरीका सही है और इस पर आम जनता की क्या राय है।1
- यह संदेश 'नर सेवा ही नारायण सेवा' के सिद्धांत को समझते हुए गरीब बच्चों का सहारा बनने का आह्वान करता है। इसमें स्पष्ट किया गया है कि आर्थिक सहयोग के बिना कुछ भी संभव नहीं है, इसलिए सभी से मिलकर इन बच्चों की मदद के लिए सहयोग करने का आग्रह किया गया है। संस्था के प्रति यह प्रण लिया गया है कि इसके सेवा और समर्पण के भाव को देखकर लोग इसके साथ चलने का संकल्प लें।1
- चूरू में राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET-UG) को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था की है। परीक्षा से पहले प्रश्नपत्रों की सुरक्षा के लिए बीएसएफ जवानों की निगरानी में विशेष इंतजाम किए गए हैं, जिसमें प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस बल की सक्रिय मौजूदगी ने सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। प्रश्नपत्रों की सुरक्षा के लिए एक बहुस्तरीय व्यवस्था लागू की गई है, जिसके तहत बीएसएफ और पुलिस बल की निगरानी में उनका सुरक्षित परिवहन सुनिश्चित किया जा रहा है। परीक्षा केंद्रों पर प्रशासन की विशेष नजर रहेगी, और अधिकारियों को निष्पक्ष तथा पारदर्शी परीक्षा कराने के लिए आवश्यक निर्देश भी दिए गए हैं। प्रशासन युवाओं के भविष्य से जुड़ी इस महत्वपूर्ण परीक्षा के आयोजन को लेकर पूरी तरह सतर्क है और सुरक्षा व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है।2
- राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित NEET (UG)-2026 परीक्षा रविवार को नागौर शहर में सफलतापूर्वक संपन्न हुई। अतिरिक्त जिला कलक्टर चम्पालाल जीनगर ने बताया कि इस परीक्षा के लिए कुल 4343 अभ्यर्थियों को आवंटित किया गया था। इनमें से 4071 अभ्यर्थी परीक्षा में उपस्थित हुए, वहीं 272 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे।4
- चिड़ावा शहर के खेतड़ी रोड स्थित एक नाले में नंदी के गिर जाने से अफरा-तफरी का माहौल बन गया। यह घटना नाले पर लगी सीमेंट की पट्टियों के टूटने के कारण हुई, जिससे नंदी अचानक नाले में जा गिरा और मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलते ही गौरक्षक मनोज स्वामी और स्थानीय दुकानदार तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे और नंदी को सुरक्षित बाहर निकालने का अभियान शुरू किया। मनोज स्वामी और स्थानीय दुकानदारों ने मिलकर नाले की क्षतिग्रस्त पट्टियों को हटाया और काफी मशक्कत के बाद नंदी को सकुशल बाहर निकालने में सफलता प्राप्त की। स्थानीय लोगों ने बताया कि समय रहते राहत कार्य शुरू होने से गोवंश की जान बच गई। नंदी के सुरक्षित बाहर निकलने पर स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली और इस बचाव कार्य में सहयोग करने वाले गौरक्षकों एवं दुकानदारों की तत्परता और प्रयासों की जमकर सराहना की।1
- सीकर जिले के धोद विधानसभा क्षेत्र में स्थित सिंगरावट गांव से एक री-नीट परीक्षा केंद्र से संबंधित खबर सामने आई है।1