Shuru
Apke Nagar Ki App…
सीतामढ़ी में एक लड़का लड़की ने भाग कर मंदिर में किया शादी
SAROJ KUMAR
सीतामढ़ी में एक लड़का लड़की ने भाग कर मंदिर में किया शादी
More news from बिहार and nearby areas
- आस्था विश्वाश का महापर्व छठ पूजा का मनमोहक वीडियो जो आपको छठ में घर आने पर मजबूर कर देगा।1
- सीतामढ़ी के डीएम तनय सुल्तानिया जिनका बुजुर्ग ने प्यार से चेहरा छू लिया ये, भावुक कर गया ये पल! मुस्कुराते रहे डीएम। सीतामढ़ी: डुमरा प्रखंड की बिशनपुर पंचायत में आयोजित सहयोग शिविर के दौरान उस वक्त माहौल भावुक हो गया, जब जिलाधिकारी तनय सुल्तानिया बुजुर्ग ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुन रहे थे। इसी दौरान एक बुजुर्ग ने बेहद आत्मीयता के साथ डीएम साहब का चेहरा छूकर अपना स्नेह जताया। डीएम भी सहज भाव से बुजुर्ग से बातचीत करते नजर आए। #Sitamarhi #DM #TanaySultania #Bishanpur #SahyogShivir #viralvideoシ1
- सीतामढ़ी में एक लड़का लड़की ने भाग कर मंदिर में किया शादी1
- बोतल चौक पर पलटी पिकप को किया खड़ा1
- बाढ़ की तैयारी के बीच बागमती नदी में रातभर मिट्टी कटाई का आरोप, प्रशासन की कार्यशैली पर उठे सवाल बाढ़ की तैयारी के बीच बागमती नदी में रातभर मिट्टी कटाई का आरोप, प्रशासन की कार्यशैली पर उठे सवाल1
- प्रशासन फेल, किसानों ने खुद मोड़ी रातों नदी की जलधारा: चंदा इकट्ठा कर बांध बनाया, 300 एकड़ सूखी फसलों को मिला जीवनदान चोरौत के यदुपटटी गांव के किसानों ने रातों नदी में बांध बनाकर खेतों में पहुंचा रहे पानी जब यदुपटटी गांव के किसानों के बारिश के अभाव में जल रहे धान के फसल में खेतों तक पानी पहुंचाने में सरकारी तंत्र व प्रखंड प्रशासन फेल हो गया, तो स्थानीय किसानों ने जनसहयोग से रातों नदी के बिचो-बीच बांध बनाकर नदी की जलधारा को ही मोड़ दिया तथा सैकड़ों एकड़ खेतों तक पानी पहुंचाकर हरियाली ला दिया है। किसानों ने नेपाल से आ रहे रातों नदी में चार दिन पूर्व ही मिट्टी भरकर बांध तैयार किया है। बीते रात नेपाल तराई क्षेत्र में हुई मुसलाधार बारिश तथा सीमाओं से सटे आयी बाढ़ का पानी बढ़ जाने से रातों नदी में पानी बढ़ गया और देखते ही देखते यदुपटटी गांव के वार्ड संख्या 1 के सैकड़ों किसानों के लगभग 300 एकड़ में लगी धान की फसल के खेतों को सिंचाई किया है। बांध निर्माण का कार्य को पूरा करने के लिए गांव के बैद्यनाथ मांझी,परिक्षण मांझी, तथा दिनेश मिश्र ने नेतृत्व किया। बैद्यनाथ मांझी ने कहा कि इस नदी में डैम्प या सुलिस गेट की मांग वर्षों से किसानों की है। लेकिन सरकार और सता बदल गयी लेकिन गांव के किसानों की हित के लिए कोई आगे नहीं आ रहे हैं। इन्होंने बताया कि जल रहे धान की फसल को पानी पहुंचाने के लिए जनसहयोग शिविर के दिन बीडीओ सीओ तथा नोडल अधिकारी ने खुद निरीक्षण किया लेकिन अधिकारियों ने बांध बनवाने में अपनी हाथ खड़ी कर लिया।तब किसानों ने जनसहयोग तथा चंदा इकट्ठा कर इस बांध को तैयार किया है जिसमें लाखों रुपए की खर्च किसानों को वहन करना पड़ा है।इस बांध से सुरसंड प्रखंड के दिवाली,मतौना,सिमयाही,सीमरी,चोरौत के यदुपटटी तथा परिगमा गांव के किसानों को खेतों में सीधा पानी पहुंचाया जा रहा है। बांध की सुरक्षा में आधा दर्जन मजदुरों को मजदूरी तय लगाया परिक्षण मांझी ने बताया कि बताया कि बांध की सुरक्षा को लेकर गांव के वैद्यनाथ साह,बेचन मंडल, शिवजी,बबलू,रामशकिल,दु:खरण,रामज्ञाणी सहित सात मजदुरों को मजदूरी तय करके लगाया गया जो रातभर रातजगगा करके बांध की सुरक्षा कर रहे हैं। किसानों ने बताया कि गांव में बाढ़ की खतरा बढ़ते ही बांध काटकर खेत से लेकर खलिहानों बचा लिया जाएगा। चोरौत के यदुपटटी पंचायत के यदुपटटी गांव में बारिश नहीं होने खेतों में सैकड़ों एकड़ में लगी धान की फसल सुखने के बाद गांव के किसानों ने1
- शिवहर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, कमोद ह*त्याकांड में एक गिरफ्तार।1
- bihar Ka Natural View In Village viral Shorts Video Pm Modi1