प्रशासन फेल, किसानों ने खुद मोड़ी रातों नदी की जलधारा: चंदा इकट्ठा कर बांध बनाया, 300 एकड़ सूखी फसलों को मिला जीवनदान चोरौत के यदुपटटी गांव के किसानों ने रातों नदी में बांध बनाकर खेतों में पहुंचा रहे पानी जब यदुपटटी गांव के किसानों के बारिश के अभाव में जल रहे धान के फसल में खेतों तक पानी पहुंचाने में सरकारी तंत्र व प्रखंड प्रशासन फेल हो गया, तो स्थानीय किसानों ने जनसहयोग से रातों नदी के बिचो-बीच बांध बनाकर नदी की जलधारा को ही मोड़ दिया तथा सैकड़ों एकड़ खेतों तक पानी पहुंचाकर हरियाली ला दिया है। किसानों ने नेपाल से आ रहे रातों नदी में चार दिन पूर्व ही मिट्टी भरकर बांध तैयार किया है। बीते रात नेपाल तराई क्षेत्र में हुई मुसलाधार बारिश तथा सीमाओं से सटे आयी बाढ़ का पानी बढ़ जाने से रातों नदी में पानी बढ़ गया और देखते ही देखते यदुपटटी गांव के वार्ड संख्या 1 के सैकड़ों किसानों के लगभग 300 एकड़ में लगी धान की फसल के खेतों को सिंचाई किया है। बांध निर्माण का कार्य को पूरा करने के लिए गांव के बैद्यनाथ मांझी,परिक्षण मांझी, तथा दिनेश मिश्र ने नेतृत्व किया। बैद्यनाथ मांझी ने कहा कि इस नदी में डैम्प या सुलिस गेट की मांग वर्षों से किसानों की है। लेकिन सरकार और सता बदल गयी लेकिन गांव के किसानों की हित के लिए कोई आगे नहीं आ रहे हैं। इन्होंने बताया कि जल रहे धान की फसल को पानी पहुंचाने के लिए जनसहयोग शिविर के दिन बीडीओ सीओ तथा नोडल अधिकारी ने खुद निरीक्षण किया लेकिन अधिकारियों ने बांध बनवाने में अपनी हाथ खड़ी कर लिया।तब किसानों ने जनसहयोग तथा चंदा इकट्ठा कर इस बांध को तैयार किया है जिसमें लाखों रुपए की खर्च किसानों को वहन करना पड़ा है।इस बांध से सुरसंड प्रखंड के दिवाली,मतौना,सिमयाही,सीमरी,चोरौत के यदुपटटी तथा परिगमा गांव के किसानों को खेतों में सीधा पानी पहुंचाया जा रहा है। बांध की सुरक्षा में आधा दर्जन मजदुरों को मजदूरी तय लगाया परिक्षण मांझी ने बताया कि बताया कि बांध की सुरक्षा को लेकर गांव के वैद्यनाथ साह,बेचन मंडल, शिवजी,बबलू,रामशकिल,दु:खरण,रामज्ञाणी सहित सात मजदुरों को मजदूरी तय करके लगाया गया जो रातभर रातजगगा करके बांध की सुरक्षा कर रहे हैं। किसानों ने बताया कि गांव में बाढ़ की खतरा बढ़ते ही बांध काटकर खेत से लेकर खलिहानों बचा लिया जाएगा। चोरौत के यदुपटटी पंचायत के यदुपटटी गांव में बारिश नहीं होने खेतों में सैकड़ों एकड़ में लगी धान की फसल सुखने के बाद गांव के किसानों ने
प्रशासन फेल, किसानों ने खुद मोड़ी रातों नदी की जलधारा: चंदा इकट्ठा कर बांध बनाया, 300 एकड़ सूखी फसलों को मिला जीवनदान चोरौत के यदुपटटी गांव के किसानों ने रातों नदी में बांध बनाकर खेतों में पहुंचा रहे पानी जब यदुपटटी गांव के किसानों के बारिश के अभाव में जल रहे धान के फसल में खेतों तक पानी पहुंचाने में सरकारी तंत्र व प्रखंड प्रशासन फेल हो गया, तो स्थानीय किसानों ने जनसहयोग से रातों नदी के बिचो-बीच बांध बनाकर नदी की जलधारा को ही मोड़ दिया तथा सैकड़ों एकड़ खेतों तक पानी पहुंचाकर हरियाली ला दिया है। किसानों ने नेपाल से आ रहे रातों नदी में चार दिन पूर्व ही मिट्टी भरकर बांध तैयार किया है। बीते रात नेपाल तराई क्षेत्र में हुई मुसलाधार बारिश तथा सीमाओं से सटे आयी बाढ़ का पानी बढ़ जाने से रातों नदी में पानी बढ़ गया और देखते ही देखते यदुपटटी गांव के वार्ड संख्या 1 के सैकड़ों किसानों के लगभग 300 एकड़ में लगी धान की फसल के खेतों को सिंचाई किया है। बांध निर्माण का कार्य को पूरा करने के लिए गांव के बैद्यनाथ मांझी,परिक्षण मांझी, तथा दिनेश मिश्र ने नेतृत्व किया। बैद्यनाथ मांझी ने कहा कि इस नदी में डैम्प या सुलिस गेट की मांग वर्षों से किसानों की है। लेकिन सरकार और सता बदल गयी लेकिन गांव के किसानों की हित के लिए कोई आगे नहीं आ रहे हैं। इन्होंने बताया कि जल रहे धान की फसल को पानी पहुंचाने के लिए जनसहयोग शिविर के दिन बीडीओ सीओ तथा नोडल अधिकारी ने खुद निरीक्षण किया लेकिन अधिकारियों ने बांध बनवाने में अपनी हाथ खड़ी कर लिया।तब किसानों ने जनसहयोग तथा चंदा इकट्ठा कर इस बांध को तैयार किया है जिसमें लाखों रुपए की खर्च किसानों को वहन करना पड़ा है।इस बांध से सुरसंड प्रखंड के दिवाली,मतौना,सिमयाही,सीमरी,चोरौत के यदुपटटी तथा परिगमा गांव के किसानों को खेतों में सीधा पानी पहुंचाया जा रहा है। बांध की सुरक्षा में आधा दर्जन मजदुरों को मजदूरी तय लगाया परिक्षण मांझी ने बताया कि बताया कि बांध की सुरक्षा को लेकर गांव के वैद्यनाथ साह,बेचन मंडल, शिवजी,बबलू,रामशकिल,दु:खरण,रामज्ञाणी सहित सात मजदुरों को मजदूरी तय करके लगाया गया जो रातभर रातजगगा करके बांध की सुरक्षा कर रहे हैं। किसानों ने बताया कि गांव में बाढ़ की खतरा बढ़ते ही बांध काटकर खेत से लेकर खलिहानों बचा लिया जाएगा। चोरौत के यदुपटटी पंचायत के यदुपटटी गांव में बारिश नहीं होने खेतों में सैकड़ों एकड़ में लगी धान की फसल सुखने के बाद गांव के किसानों ने
- प्रशासन फेल, किसानों ने खुद मोड़ी रातों नदी की जलधारा: चंदा इकट्ठा कर बांध बनाया, 300 एकड़ सूखी फसलों को मिला जीवनदान चोरौत के यदुपटटी गांव के किसानों ने रातों नदी में बांध बनाकर खेतों में पहुंचा रहे पानी जब यदुपटटी गांव के किसानों के बारिश के अभाव में जल रहे धान के फसल में खेतों तक पानी पहुंचाने में सरकारी तंत्र व प्रखंड प्रशासन फेल हो गया, तो स्थानीय किसानों ने जनसहयोग से रातों नदी के बिचो-बीच बांध बनाकर नदी की जलधारा को ही मोड़ दिया तथा सैकड़ों एकड़ खेतों तक पानी पहुंचाकर हरियाली ला दिया है। किसानों ने नेपाल से आ रहे रातों नदी में चार दिन पूर्व ही मिट्टी भरकर बांध तैयार किया है। बीते रात नेपाल तराई क्षेत्र में हुई मुसलाधार बारिश तथा सीमाओं से सटे आयी बाढ़ का पानी बढ़ जाने से रातों नदी में पानी बढ़ गया और देखते ही देखते यदुपटटी गांव के वार्ड संख्या 1 के सैकड़ों किसानों के लगभग 300 एकड़ में लगी धान की फसल के खेतों को सिंचाई किया है। बांध निर्माण का कार्य को पूरा करने के लिए गांव के बैद्यनाथ मांझी,परिक्षण मांझी, तथा दिनेश मिश्र ने नेतृत्व किया। बैद्यनाथ मांझी ने कहा कि इस नदी में डैम्प या सुलिस गेट की मांग वर्षों से किसानों की है। लेकिन सरकार और सता बदल गयी लेकिन गांव के किसानों की हित के लिए कोई आगे नहीं आ रहे हैं। इन्होंने बताया कि जल रहे धान की फसल को पानी पहुंचाने के लिए जनसहयोग शिविर के दिन बीडीओ सीओ तथा नोडल अधिकारी ने खुद निरीक्षण किया लेकिन अधिकारियों ने बांध बनवाने में अपनी हाथ खड़ी कर लिया।तब किसानों ने जनसहयोग तथा चंदा इकट्ठा कर इस बांध को तैयार किया है जिसमें लाखों रुपए की खर्च किसानों को वहन करना पड़ा है।इस बांध से सुरसंड प्रखंड के दिवाली,मतौना,सिमयाही,सीमरी,चोरौत के यदुपटटी तथा परिगमा गांव के किसानों को खेतों में सीधा पानी पहुंचाया जा रहा है। बांध की सुरक्षा में आधा दर्जन मजदुरों को मजदूरी तय लगाया परिक्षण मांझी ने बताया कि बताया कि बांध की सुरक्षा को लेकर गांव के वैद्यनाथ साह,बेचन मंडल, शिवजी,बबलू,रामशकिल,दु:खरण,रामज्ञाणी सहित सात मजदुरों को मजदूरी तय करके लगाया गया जो रातभर रातजगगा करके बांध की सुरक्षा कर रहे हैं। किसानों ने बताया कि गांव में बाढ़ की खतरा बढ़ते ही बांध काटकर खेत से लेकर खलिहानों बचा लिया जाएगा। चोरौत के यदुपटटी पंचायत के यदुपटटी गांव में बारिश नहीं होने खेतों में सैकड़ों एकड़ में लगी धान की फसल सुखने के बाद गांव के किसानों ने1
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- सीतामढ़ी के डीएम तनय सुल्तानिया जिनका बुजुर्ग ने प्यार से चेहरा छू लिया ये, भावुक कर गया ये पल! मुस्कुराते रहे डीएम। सीतामढ़ी: डुमरा प्रखंड की बिशनपुर पंचायत में आयोजित सहयोग शिविर के दौरान उस वक्त माहौल भावुक हो गया, जब जिलाधिकारी तनय सुल्तानिया बुजुर्ग ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुन रहे थे। इसी दौरान एक बुजुर्ग ने बेहद आत्मीयता के साथ डीएम साहब का चेहरा छूकर अपना स्नेह जताया। डीएम भी सहज भाव से बुजुर्ग से बातचीत करते नजर आए। #Sitamarhi #DM #TanaySultania #Bishanpur #SahyogShivir #viralvideoシ1
- शराब मामले में फरार अभियुक्त गिरफ्तार, भेजा न्यायिक हिरासत #nonfollowers #facebookreels #foryouシ #cryptonews शराब मामले में फरार अभियुक्त गिरफ्तार, भेजा न्यायिक हिरासत #nonfollowers #facebookreels #foryouシ #cryptonews1
- बाल संरक्षण को लेकर आंगनवाड़ी सेविकाओं और आशा कार्यकर्ताओं की क्षमता वर्धन कार्यशाला आयोजित जनता की आवाज न्यूज - बासोपट्टी 90 सेविकाओं को दिया गया बाल कल्याण एवं संरक्षण का प्रशिक्षण बासोपट्टी (मधुबनी): प्रखंड मुख्यालय स्थित बाल विकास परियोजना कार्यालय परिसर में मंगलवार को बाल कल्याण संरक्षण समिति के तत्वावधान में कवच परियोजना के द्वारा आंगनवाड़ी सेविकाओं एवं आशा कार्यकर्ताओं के लिए एक दिवसीय क्षमता वर्धन कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण स्तर पर कार्य करने वाली सेविकाओं एवं कार्यकर्ताओं को बाल कल्याण एवं संरक्षण से जुड़े विषयों की विस्तृत जानकारी देकर उनकी कार्यक्षमता को बेहतर बनाना था। कार्यशाला में सेक्टर एक से चार तक की करीब 90 आंगनवाड़ी सेविकाओं एवं महिला पर्यवेक्षिकाओं ने भाग लिया। प्रशिक्षकों द्वारा बाल अधिकार, बच्चों की सुरक्षा, बाल संरक्षण से संबंधित कानूनी प्रावधानों तथा बच्चों से जुड़ी समस्याओं की पहचान और उनके उचित समाधान की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही जरूरतमंद, अनाथ, असहाय एवं संकट में फंसे बच्चों को सरकारी योजनाओं एवं संरक्षण सेवाओं से जोड़ने में सेविकाओं की भूमिका पर भी चर्चा की गई। सेविकाओं को बच्चों के प्रति संवेदनशील व्यवहार अपनाने तथा किसी भी प्रकार के बाल उत्पीड़न, उपेक्षा या संकट की स्थिति में तुरंत संबंधित विभाग व चाइल्ड लाइन को सूचना देने के लिए जागरूक किया गया। प्रशिक्षकों ने कहा कि आंगनवाड़ी सेविका एवं आशा कार्यकर्ता गांव स्तर पर बच्चों और परिवारों के सीधे संपर्क में रहती हैं, इसलिए बाल संरक्षण व्यवस्था को मजबूत करने में उनकी भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। इस अवसर पर जिला परियोजना प्रबंधक रूपाली कुमारी, प्रखंड कवच परियोजना समन्वयक सह प्रशिक्षक तबरेज हसन, संजीव सिंह, एलएस सरिता कुमारी, जय भारती, कुमारी अणु सहित अन्य कर्मी मौजूद रहे।1
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- राज्य स्वास्थ्य समिति, बिहार के निर्देश के आलोक में गैर-संचारी रोगों (NP-NCD) की पहचान, जांच एवं उपचार को आमजन तक पहुंचाने के उद्देश्य से आज सदर अस्पताल, मधुबनी में ‘जांच एवं उपचार चिकित्सा आपके द्वार’ अभियान की शुरुआत हुई। अभियान का आयोजन 2 सितंबर 2026 से 30 नवंबर 2026 तक किया जाना है। इस अवसर पर जिला पदाधिकारी आनंद शर्मा, सिविल सर्जन हरेन्द्र कुमार सहित स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारी, चिकित्सक, कर्मी एवं अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान एनपी-एनसीडी कार्यक्रम के तहत गैर-संचारी रोगों की समय पर पहचान, जांच एवं उपचार के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी गई। अभियान के माध्यम से लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने तथा विभिन्न गैर-संचारी रोगों की जांच एवं आवश्यक उपचार की सुविधा उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया। जिला पदाधिकारी आनंद शर्मा ने कहा कि गैर-संचारी रोगों की समय पर पहचान और उपचार से गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से बचाव संभव है। उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों एवं स्वास्थ्यकर्मियों को अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करने तथा अधिक से अधिक लोगों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने जिला वासियों से आह्वान किया कि अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठाएं। उन्होंने अभियान के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए जिले में जागरूकता रथ के संचालन एवं प्रचार-प्रसार सहित विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से लोगों को जागरूक करने का भी निर्देश दिया गया है। सिविल सर्जन हरेन्द्र कुमार ने कहा कि अभियान के दौरान निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप जांच एवं उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने आमलोगों से अपील की कि वे स्वास्थ्य जांच को गंभीरता से लें और किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य संबंधी समस्या होने पर समय पर चिकित्सकीय परामर्श प्राप्त करें।2
- नेपाल से बाइक की टंकी तथा सीट नीचे छुपाकर ले जा रहा था शराब,चोरौत पुलिस ने पकड़कर भेजा जेल नेपाल से बाइक की टंकी व सीट के नीचे छुपा कर ले जा रहे शराब धंधेबाज को चोरौत पुलिस ने पकड़कर जेल भेज दिया है। इस दौरान पुलिस ने बाइक से 53 बोतल अंग्रेजी शराब बरामद किया । तथा धंधे में संलिप्त युवक को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। थानाध्यक्ष मोनी कुमारी ने बताया कि चोरौत थाना में कार्यरत पीटीसी सुमित कुमार सुमन ने गुप्त सूचना के आधार पर भंटाबारी स्थित दुर्गा स्थान के पास से नेपाल से शराब लेकर जा रहे शराब धंधेबाज को दबोच लिया। तथा उसके बाइक की तलाशी लेने पर बाइक के टंकी से लेकर सीट के अंदर में 375 एमएल के 36 बोतल तथा 180 एमएल के 16 बोतल अंग्रेजी शराब बरामद की । वहीं गाड़ी में इंजन संचालन के लिए पेट्रोल का एक अलग बोतल में रखकर सीट के नीचे ही रखा था। धंधेबाज की पहचान पुपरी थाना क्षेत्र के ससौला गांव के योगेन्द्र सिंह के पुत्र विकास कुमार सिंह के रुप में की गयी है। थानाध्यक्ष मोनी कुमारी ने बताया कि पीटीसी सुमित कुमार सुमन के प्रतिवेदन पर धंधेबाज के विरुद्ध मद्य निषेध अधिनियम अधिनियम के तहत एफआईआर कर गिरफ्तार विकास कुमार सिंह को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।2