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आप लोगों से हाथ जोड़कर विनती हे ।

3 hrs ago
user_मनीष सिह,राजपुत
मनीष सिह,राजपुत
बिजोलिया, भीलवाड़ा, राजस्थान•
3 hrs ago

आप लोगों से हाथ जोड़कर विनती हे ।

More news from राजस्थान and nearby areas
  • आप लोगों से हाथ जोड़कर विनती हे ।
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    आप लोगों से हाथ जोड़कर विनती हे ।
    user_मनीष सिह,राजपुत
    मनीष सिह,राजपुत
    बिजोलिया, भीलवाड़ा, राजस्थान•
    3 hrs ago
  • 1 मई 2026 को मेवाड़ क्षेत्र के प्रसिद्ध भजन गायक धनराज जोशी (बड़वाई) का शुक्रवार सुबह एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना में आकस्मिक निधन हो गया। यह हादसा हल्दीघाटी क्षेत्र में उस समय हुआ, जब वे भजन संध्या कार्यक्रम से लौट रहे थे। प्राप्त जानकारी के अनुसार, धनराज जोशी हल्दीघाटी के समीप सेमण गांव में आयोजित भजन संध्या में भाग लेकर वापस लौट रहे थे। आज सुबह करीब 5 बजे देबारी और एयरपोर्ट के बीच उनकी कार अचानक अनियंत्रित होकर पलट गई। दुर्घटना इतनी गंभीर थी कि धनराज जोशी की मौके पर ही मृत्यु हो गई। हादसे में वाहन चालक राजेंद्र सोनी गंभीर रूप से घायल हो गए। जिन्हें तुरंत उपचार के लिए उदयपुर के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। बताया जा रहा है कि कार्यक्रम से लौटते समय धनराज जोशी के पुत्र सहित अन्य साथी पहले ही वाहन से उतर गए थे। जिससे वे इस दुर्घटना से सुरक्षित बच गए। धनराज जोशी मेवाड़ और मारवाड़ क्षेत्र में अपने मधुर भजनों और विशिष्ट प्रस्तुति शैली के कारण अत्यंत लोकप्रिय थे। उनकी आवाज और भक्ति संगीत ने हजारों श्रोताओं के दिलों में विशेष स्थान बनाया था। उनके निधन से भजन संगीत जगत को अपूरणीय क्षति हुई है। स्थानीय समाज, श्रोताओं एवं संगीत प्रेमियों ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की है।
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    1 मई 2026 को मेवाड़ क्षेत्र के प्रसिद्ध भजन गायक धनराज जोशी (बड़वाई) का शुक्रवार सुबह एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना में आकस्मिक निधन हो गया। 
यह हादसा हल्दीघाटी क्षेत्र में उस समय हुआ, जब वे भजन संध्या कार्यक्रम से लौट रहे थे।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, धनराज जोशी हल्दीघाटी के समीप सेमण गांव में आयोजित भजन संध्या में भाग लेकर वापस लौट रहे थे। 
आज सुबह करीब 5 बजे देबारी और एयरपोर्ट के बीच उनकी कार अचानक अनियंत्रित होकर पलट गई।
दुर्घटना इतनी गंभीर थी कि धनराज जोशी की मौके पर ही मृत्यु हो गई।
हादसे में वाहन चालक राजेंद्र सोनी गंभीर रूप से घायल हो गए। 
जिन्हें तुरंत उपचार के लिए उदयपुर के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
बताया जा रहा है कि कार्यक्रम से लौटते समय धनराज जोशी के पुत्र सहित अन्य साथी पहले ही वाहन से उतर गए थे। 
जिससे वे इस दुर्घटना से सुरक्षित बच गए।
धनराज जोशी मेवाड़ और मारवाड़ क्षेत्र में अपने मधुर भजनों और विशिष्ट प्रस्तुति शैली के कारण अत्यंत लोकप्रिय थे। 
उनकी आवाज और भक्ति संगीत ने हजारों श्रोताओं के दिलों में विशेष स्थान बनाया था। उनके निधन से भजन संगीत जगत को अपूरणीय क्षति हुई है।
स्थानीय समाज, श्रोताओं एवं संगीत प्रेमियों ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की है।
    user_Pawan Mehar
    Pawan Mehar
    Local News Reporter रावतभाटा, चित्तौड़गढ़, राजस्थान•
    17 hrs ago
  • एक कविता ....... मजदूर। Ek kavita......... MAZDOOR.
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    एक कविता ....... मजदूर।   Ek kavita......... MAZDOOR.
    user_Shyam kumar Pokra
    Shyam kumar Pokra
    Bundi, Rajasthan•
    10 hrs ago
  • आभार धन्यवाद साधुवाद समस्त ओसवाल श्री सुमित नाथ दादा के भक्तों को। अत्यंत हर्ष के साथ मुझे उद्घोष करना पड़ रहा है। 5 दिन का वेदी प्रतिष्ठा कलश और ध्वजा का समारोह स्टेशन क्षेत्र के और उसे 10,15 किलोमीटर दूर के सजती बनधुओ की कड़ी मेहनत दूर दृष्टि और पक्के इरादे से यह आयोजन बहुत सफल और हर्ष उल्लास के साथ संपन्न हुआ है। लेकिन मुझे समाज का अदनासा सेवक होने के नाते और मैं अंतर्राष्ट्रीय वेदी प्रतिष्ठा समारोह नेपाल मुंबई दिल्ली मध्य प्रदेश गुजरात कई प्रात में कवरेज करने जाता हूं। लेकिन इस प्रतिष्ठा समारोह में बेटों ने पिता को को आधा किलो सोना पहन कर गौरांवित किया। और उन्होंने मीडिया को भरपूर लिफाफे बाट कर अपने नाम की शोहरत कमाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। भास्कर पत्रिका के संपादक और उनके पैपर के संपादक को पांच हजार का लिफाफा थमा कर मीडिया मैनेजमेंट कर केवल केवल हर्ष सिह जीतूसिह और चालाक चतुर राजेश चतर का नाम पैसों की दम छपवाया। बेटो ने पैसे मीडिया पर लुटाये किन्तु वह अपने पिता श्री सोहन सिंह जी को भी भूल गए स्वर्गीय ओम सिंह जी को भी भूल गए। इस मंदिर की रीड की हड्डी महेंद्र कुमार पोंगलिया सुरेंद्र कुमार भंडारी जी स्वर्गीय सुरेंद्र मेहता जी और उनकी अर्धांगिनी श्रीमती मधु मेहता और श्रीमती प्रवीणा सिंघवी हीरालाल इंदू गांधी और पोगलिया परिवार के तीन चार मुखिया जो वर्षों से सुमित नाथ दादा की पूजा अर्चना करते आ रहे हैं। जव दो-तीन घर स्टेशन पर हुआ करथे उनमें से पोंगलिया जी का घर और भंडारी जी के परिवार को ओम सिंह जी ने इस छोटे से चैतालय से जोड़ा था उन लोगों की भक्ति की समर्पण भावना को भी यह लोग भूल गए। वही गिरीश खजांची कभी एक दिन पेपर में नाम नहीं दिया । जव यह चैतालय एक छोटे से भवन में था वहां भगवान सुमित नाथ जी विराजमान थे। माता पिता के वादे को उनके आज्ञाकारी श्रवण कुमार रूपी ओम सिंह जी ने जी जान लगाकर इस मंदिर को भव्य बनाने की इच्छा थी भव्य मंदिर बने वह दादा सुमित नाथजी वहां विराजे वेदी प्रतिष्ठा हो। यह उनका सपना था लेकिन उनके परिवार की मुखिया बड़ी ताई जी श्रीमती कुसुम खजांची मीनू खजांची तथा खजांची परिवार और भी कई दर्जनों परिवार के मुखिया इस मंदिर में लाखों रुपए का दान कर इस वेदी प्रतिष्ठा को सफल बनाने में उन्होंने तन मन धन से। योगदान दिया उनका 5 दिन में से एक दिन भी एक शब्द का नाम नहीं दिया इसलिए मुझे यह तीखी पाती समाज के नाम लिखना पड़ रही है। मुझ जैसे अंतिम छोर पर बैठे हुए बीपीएल के आदमी ने ना रोजगार है ना काम है। उसके बाद भी मेरी अर्धांगिनी ने इस प्राण प्रतिष्ठा वेदी में एक बूंद धन की डाली है। मैं निरंतर 5 दिन से अपना पूरा समय दे रहा हु ₹100 लाइव समाचारों का टेलीकास्ट कर प्रोग्राम का कवरेज किया। जिसे लाखो लोगों ने देखा निहारा और तारीफ की । पत्रिका भास्कर छोटे-मोटे अखबारों को कार्यक्रम के मुखियओ ने पांच ₹5000 के लिफाफे दिए समाचार अपने नाम से छपवाए मुझे ₹5 का नोट भी नहीं दे पाए क्या यह समाज सेवा करेंगे। और क्या यह समाज का हित करेंगे। मैं इस मंदिर से 20, 25 साल से जुड़ा हुआ हूं आता बहुत कम हूं। लेकिन इस मंदिर चार दिवारी से जोड़ने का श्रेय स्वगीय ओम सिंह जी खजांची जी भाई साहब को जाता है। उन्होंने जब बीमार पड़े थे। मुझसे कहा था गांधी साहब मंदिर की वेदी प्रतिष्ठा ध्वजारोहण हो तो आप तन मन धन से कार्य करना। उनके वचन को निभाने के कारण मैंने अपना अमूल्य समय पहली बार जिंदगी में वोलियां आदरणीय मनोज जी हरण जिनका मैं बहुत दीवाना हूं। जिनकी जीव्या पर मां सरस्वती और मां लक्ष्मी दोनों एक साथ बिराजती हैं। गाय के चारे के लिए ₹2000 की स्वेच्छा से वोली वोलीथी। वही मेरी अर्धांगिनी श्रीमति इंदिरा जैन ने 15 हजार रुपए की बोलियां बोल दी। जो हमारी हैसियत से बाहर थी। लेकिन कोई बात नहीं। उसके बाद सबका मुंह देखकर सम्मान किया गया हमारा मुंह का चेहरा गरीबों की कालिक से पूता होने के कारण हमें समाज के यह धन्ना सेठ मात्र समाज में भीड़ बढ़ाने ने का औजार हथियार मानते हैं। कल कार्यक्रम समाप्त हो जाएगा। अगले सप्ताह में मीटिंग रखी जाएगी और एक-एक पैसे का हिसाब मांगा जाएगा। उसका श्वेत पत्र जारी करवाया जाएगा। हर घर भिजवाए जाएगा महाराज ने और मनोज जी हरण जी इनके गुण काफी गाये। राहुल चोरड़िया अगर हर्ष को नहीं मिलते। तो वह कुछ नहीं कर पाते सारा श्रेय इस वेदी प्रतिष्ठा का। प्रत्यक्ष और प्रत्यक्ष रूप से राहुल चोरड़िया उनके परिवार और उनके इष्ट मित्रों ने जो 5 दिन मेहनत की है। और कार्यक्रम को आदुतिय भव्य बनाया है। उनका भी नाम समाचार पत्रों में इन दोनों भाइयों ने नहीं दिया नहीं दिया। पुनः क्षमा याचना के साथ। यह तीखी पाती यह तीखा पत्र मैं समाज की अदालत में रख रहा हूं। अगर मेरी बात में दम ना हो तो मैं कभी भी मंदिर की चौखट नहीं चडूगा और हर गिज अब यह दादा सुमित नाथ का मंदिर गरीब से गरीब समाज के व्यक्ति की बात को सुनेगा और न्याय करेगा।
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    आभार धन्यवाद साधुवाद समस्त ओसवाल श्री सुमित नाथ दादा के भक्तों को। 
अत्यंत हर्ष के साथ मुझे उद्घोष करना पड़ रहा है।  5 दिन का वेदी प्रतिष्ठा कलश और ध्वजा का समारोह स्टेशन क्षेत्र के और उसे 10,15 किलोमीटर दूर के सजती बनधुओ की कड़ी मेहनत दूर दृष्टि और पक्के इरादे से यह आयोजन बहुत सफल और हर्ष उल्लास के साथ संपन्न हुआ है। 
लेकिन मुझे समाज का अदनासा सेवक होने के नाते और मैं अंतर्राष्ट्रीय वेदी प्रतिष्ठा समारोह नेपाल मुंबई दिल्ली मध्य प्रदेश गुजरात कई प्रात में कवरेज करने जाता हूं।
लेकिन इस प्रतिष्ठा समारोह में बेटों ने पिता को 
को आधा किलो सोना पहन कर गौरांवित किया। और उन्होंने मीडिया को भरपूर लिफाफे बाट कर अपने नाम की शोहरत कमाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। भास्कर पत्रिका के संपादक और उनके पैपर के संपादक को  पांच हजार का लिफाफा थमा कर मीडिया मैनेजमेंट कर केवल केवल हर्ष सिह जीतूसिह और चालाक चतुर राजेश चतर का नाम पैसों की दम छपवाया। बेटो ने पैसे मीडिया पर लुटाये किन्तु वह अपने पिता श्री सोहन सिंह जी को भी भूल गए स्वर्गीय ओम सिंह जी को भी भूल गए। इस मंदिर की रीड की हड्डी महेंद्र कुमार पोंगलिया सुरेंद्र कुमार भंडारी जी स्वर्गीय सुरेंद्र मेहता जी और उनकी अर्धांगिनी श्रीमती मधु मेहता और श्रीमती प्रवीणा सिंघवी हीरालाल इंदू गांधी और पोगलिया परिवार के तीन चार मुखिया जो वर्षों से सुमित नाथ दादा की पूजा अर्चना करते आ रहे हैं। जव दो-तीन घर स्टेशन पर हुआ करथे उनमें से पोंगलिया जी का घर और भंडारी जी के परिवार को ओम सिंह जी ने इस छोटे से चैतालय से जोड़ा था उन लोगों की भक्ति की समर्पण भावना को भी यह लोग भूल गए। वही गिरीश खजांची कभी एक दिन पेपर में नाम नहीं दिया ।
जव यह चैतालय एक छोटे से भवन में था वहां भगवान सुमित नाथ जी विराजमान थे। 
माता पिता के वादे को उनके आज्ञाकारी श्रवण कुमार रूपी ओम सिंह जी ने जी जान लगाकर इस मंदिर को भव्य बनाने की इच्छा थी भव्य मंदिर बने वह दादा सुमित नाथजी वहां विराजे वेदी प्रतिष्ठा हो।
यह उनका सपना था लेकिन उनके परिवार की मुखिया बड़ी ताई जी श्रीमती कुसुम खजांची मीनू खजांची तथा खजांची परिवार और भी कई दर्जनों परिवार के मुखिया इस मंदिर में लाखों रुपए का दान कर इस वेदी प्रतिष्ठा को सफल बनाने में  उन्होंने तन मन धन से। योगदान दिया उनका 5 दिन में से एक दिन भी एक शब्द का नाम नहीं दिया इसलिए मुझे यह तीखी पाती समाज के नाम लिखना पड़ रही है। 
मुझ जैसे अंतिम छोर पर बैठे हुए बीपीएल के आदमी ने ना रोजगार है ना काम है। उसके बाद भी मेरी अर्धांगिनी ने इस प्राण प्रतिष्ठा वेदी में एक बूंद धन की डाली है। मैं निरंतर 5 दिन से अपना पूरा समय दे रहा हु ₹100  लाइव समाचारों का टेलीकास्ट कर प्रोग्राम का कवरेज किया। जिसे लाखो लोगों ने देखा निहारा और तारीफ की ।
पत्रिका भास्कर छोटे-मोटे अखबारों को कार्यक्रम के मुखियओ ने पांच ₹5000 के लिफाफे दिए समाचार अपने नाम से छपवाए मुझे ₹5 का नोट भी नहीं दे पाए क्या यह समाज सेवा करेंगे। और क्या यह समाज का हित करेंगे। 
मैं इस मंदिर से 20, 25 साल से जुड़ा हुआ हूं आता बहुत कम हूं। लेकिन इस मंदिर चार दिवारी से जोड़ने का श्रेय स्वगीय ओम सिंह जी खजांची जी भाई साहब को जाता है।
उन्होंने जब बीमार पड़े थे। मुझसे कहा था गांधी साहब मंदिर की वेदी प्रतिष्ठा ध्वजारोहण  हो तो आप तन मन धन से कार्य करना। 
उनके वचन को निभाने के कारण मैंने अपना अमूल्य समय पहली बार जिंदगी में वोलियां आदरणीय मनोज जी हरण जिनका मैं बहुत दीवाना हूं। जिनकी जीव्या पर मां सरस्वती और मां लक्ष्मी दोनों एक साथ बिराजती हैं।
गाय के चारे के लिए ₹2000 की स्वेच्छा से वोली वोलीथी।
वही मेरी अर्धांगिनी श्रीमति इंदिरा जैन ने 15 हजार रुपए की बोलियां बोल दी। जो हमारी हैसियत से बाहर थी। लेकिन कोई बात नहीं। उसके बाद 
सबका मुंह देखकर सम्मान किया गया हमारा मुंह का चेहरा गरीबों की कालिक से पूता होने के कारण हमें समाज के यह धन्ना सेठ मात्र समाज में भीड़ बढ़ाने ने का औजार हथियार मानते हैं। 
कल कार्यक्रम समाप्त हो जाएगा। 
अगले सप्ताह में मीटिंग रखी जाएगी और एक-एक पैसे का हिसाब मांगा जाएगा। 
उसका श्वेत पत्र जारी करवाया जाएगा। हर घर भिजवाए जाएगा
महाराज ने और मनोज जी हरण जी इनके गुण काफी गाये।
राहुल चोरड़िया अगर हर्ष को नहीं मिलते। तो वह कुछ नहीं कर पाते सारा श्रेय इस वेदी प्रतिष्ठा का।
प्रत्यक्ष और प्रत्यक्ष रूप से राहुल चोरड़िया उनके परिवार और उनके इष्ट मित्रों ने जो 5 दिन मेहनत की है। और कार्यक्रम को आदुतिय भव्य बनाया है।
उनका भी नाम समाचार पत्रों में इन दोनों भाइयों ने नहीं दिया नहीं दिया।
पुनः क्षमा याचना के साथ। यह तीखी पाती यह तीखा पत्र मैं समाज की अदालत में रख रहा हूं। अगर मेरी बात में दम ना हो तो मैं कभी भी मंदिर की चौखट नहीं चडूगा और हर गिज अब यह दादा सुमित नाथ का मंदिर गरीब से गरीब समाज के व्यक्ति की बात को सुनेगा और न्याय करेगा।
    user_Ramesh Gandhi
    Ramesh Gandhi
    Media house लाडपुरा, कोटा, राजस्थान•
    2 hrs ago
  • कोटा। शहर के आरके पुरम थाना क्षेत्र में रिटायर्ड फौजी की संदिग्ध परिस्थितियों में हत्या का मामला सामने आया है। मृतक का शव उसके घर में पड़ा मिला, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। जानकारी के अनुसार, आंवली रोझड़ी क्षेत्र निवासी रिटायर्ड फौजी मनोज शर्मा का शव गुरुवार देर रात घर में मिला। उसके गले पर चोट और दबाव के निशान पाए गए हैं, जिससे प्रथम दृष्टया गला घोंटकर हत्या किए जाने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस का कहना है कि शव की स्थिति देखकर प्रतीत होता है कि मृतक ने मरने से पहले काफी संघर्ष किया। घटना की सूचना मिलने पर मृतक के पिता मौके पर पहुंचे और बहू सहित दो अन्य लोगों पर हत्या का शक जताया। उन्होंने आरोप लगाया कि मनोज और उसकी पत्नी के बीच अक्सर विवाद होता था, जो इस वारदात की वजह बन सकता है। बताया जा रहा है कि घटना के बाद पत्नी और ससुराल पक्ष के लोग दाह संस्कार की तैयारी में जुटे हुए थे, तभी पड़ोसियों की सूचना पर मामला सामने आया। फिलहाल आरके पुरम थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस सभी पहलुओं से जांच कर रही है और संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो सकेगा।
    2
    कोटा।
शहर के आरके पुरम थाना क्षेत्र में रिटायर्ड फौजी की संदिग्ध परिस्थितियों में हत्या का मामला सामने आया है। मृतक का शव उसके घर में पड़ा मिला, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया।
जानकारी के अनुसार, आंवली रोझड़ी क्षेत्र निवासी रिटायर्ड फौजी मनोज शर्मा का शव गुरुवार देर रात घर में मिला। उसके गले पर चोट और दबाव के निशान पाए गए हैं, जिससे प्रथम दृष्टया गला घोंटकर हत्या किए जाने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस का कहना है कि शव की स्थिति देखकर प्रतीत होता है कि मृतक ने मरने से पहले काफी संघर्ष किया।
घटना की सूचना मिलने पर मृतक के पिता मौके पर पहुंचे और बहू सहित दो अन्य लोगों पर हत्या का शक जताया। उन्होंने आरोप लगाया कि मनोज और उसकी पत्नी के बीच अक्सर विवाद होता था, जो इस वारदात की वजह बन सकता है।
बताया जा रहा है कि घटना के बाद पत्नी और ससुराल पक्ष के लोग दाह संस्कार की तैयारी में जुटे हुए थे, तभी पड़ोसियों की सूचना पर मामला सामने आया।
फिलहाल आरके पुरम थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस सभी पहलुओं से जांच कर रही है और संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो सकेगा।
    user_Dushyant singh gehlot (journal
    Dushyant singh gehlot (journal
    लाडपुरा, कोटा, राजस्थान•
    3 hrs ago
  • Post by Kalim khan
    1
    Post by Kalim khan
    user_Kalim khan
    Kalim khan
    लाडपुरा, कोटा, राजस्थान•
    12 hrs ago
  • विदेशी लड़की को हुआ बिहारी लड़की से प्यार सात समुंदर पार पहुंची विदेशी लड़की बिहार वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल
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    विदेशी लड़की को हुआ बिहारी लड़की से प्यार सात समुंदर पार पहुंची विदेशी लड़की बिहार वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल
    user_Mahendar.merotha
    Mahendar.merotha
    Voice of people लाडपुरा, कोटा, राजस्थान•
    13 hrs ago
  • भिंडर/उदयपुर, 1 मई 2026 मेवाड़ क्षेत्र के प्रसिद्ध भजन गायक धनराज जोशी (बड़वाई) का शुक्रवार सुबह एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना में आकस्मिक निधन हो गया। यह हादसा हल्दीघाटी क्षेत्र में उस समय हुआ, जब वे भजन संध्या कार्यक्रम से लौट रहे थे। प्राप्त जानकारी के अनुसार, धनराज जोशी हल्दीघाटी के समीप सेमण गांव में आयोजित भजन संध्या में भाग लेकर वापस लौट रहे थे। आज सुबह करीब 5 बजे देबारी और एयरपोर्ट के बीच उनकी कार अचानक अनियंत्रित होकर पलट गई। दुर्घटना इतनी गंभीर थी कि धनराज जोशी की मौके पर ही मृत्यु हो गई। हादसे में वाहन चालक राजेंद्र सोनी गंभीर रूप से घायल हो गए। जिन्हें तुरंत उपचार के लिए उदयपुर के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। बताया जा रहा है कि कार्यक्रम से लौटते समय धनराज जोशी के पुत्र सहित अन्य साथी पहले ही वाहन से उतर गए थे। जिससे वे इस दुर्घटना से सुरक्षित बच गए। धनराज जोशी मेवाड़ और मारवाड़ क्षेत्र में अपने मधुर भजनों और विशिष्ट प्रस्तुति शैली के कारण अत्यंत लोकप्रिय थे। उनकी आवाज और भक्ति संगीत ने हजारों श्रोताओं के दिलों में विशेष स्थान बनाया था। उनके निधन से भजन संगीत जगत को अपूरणीय क्षति हुई है। स्थानीय समाज, श्रोताओं एवं संगीत प्रेमियों ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की है।
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    भिंडर/उदयपुर, 1 मई 2026 मेवाड़ क्षेत्र के प्रसिद्ध भजन गायक धनराज जोशी (बड़वाई) का शुक्रवार सुबह एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना में आकस्मिक निधन हो गया। 
यह हादसा हल्दीघाटी क्षेत्र में उस समय हुआ, जब वे भजन संध्या कार्यक्रम से लौट रहे थे।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, धनराज जोशी हल्दीघाटी के समीप सेमण गांव में आयोजित भजन संध्या में भाग लेकर वापस लौट रहे थे। 
आज सुबह करीब 5 बजे देबारी और एयरपोर्ट के बीच उनकी कार अचानक अनियंत्रित होकर पलट गई।
दुर्घटना इतनी गंभीर थी कि धनराज जोशी की मौके पर ही मृत्यु हो गई।
हादसे में वाहन चालक राजेंद्र सोनी गंभीर रूप से घायल हो गए। 
जिन्हें तुरंत उपचार के लिए उदयपुर के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
बताया जा रहा है कि कार्यक्रम से लौटते समय धनराज जोशी के पुत्र सहित अन्य साथी पहले ही वाहन से उतर गए थे। 
जिससे वे इस दुर्घटना से सुरक्षित बच गए।
धनराज जोशी मेवाड़ और मारवाड़ क्षेत्र में अपने मधुर भजनों और विशिष्ट प्रस्तुति शैली के कारण अत्यंत लोकप्रिय थे। 
उनकी आवाज और भक्ति संगीत ने हजारों श्रोताओं के दिलों में विशेष स्थान बनाया था। उनके निधन से भजन संगीत जगत को अपूरणीय क्षति हुई है।
स्थानीय समाज, श्रोताओं एवं संगीत प्रेमियों ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की है।
    user_Pawan Mehar
    Pawan Mehar
    Local News Reporter रावतभाटा, चित्तौड़गढ़, राजस्थान•
    17 hrs ago
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