उर्वरक की उपलब्धता और उचित मूल्य पर वितरण प्रशासन की जिम्मेदारी: डीएम** **उर्वरक की उपलब्धता और उचित मूल्य पर वितरण प्रशासन की जिम्मेदारी: डीएम** **समेकित पोषक तत्व प्रबंधन प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित** **केवीके माधोपुर के मशरूम प्रयोगशाला का डीएम ने किया निरीक्षण** **बेतिया | सत्यम श्रीवास्तव** बेतिया में जिलाधिकारी तरोनजोत सिंह ने कहा कि बीज और उर्वरक आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत आते हैं, इसलिए किसानों को समय पर और उचित मूल्य पर इनकी उपलब्धता सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। साथ ही उन्होंने मिट्टी की सेहत सुधारने और उर्वरकों के संतुलित उपयोग को आज की सबसे बड़ी आवश्यकता बताया। डीएम बुधवार को कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) माधोपुर में आयोजित समेकित पोषक तत्व प्रबंधन प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने प्रशिक्षण प्राप्त प्रतिभागियों के बीच प्रमाण पत्र का वितरण भी किया। कार्यक्रम के दौरान डीएम ने केवीके माधोपुर स्थित मशरूम प्रयोगशाला और समेकित कृषि प्रणाली इकाई का निरीक्षण किया। उन्होंने केंद्र द्वारा संचालित प्रसार गतिविधियों का अवलोकन कर उनकी सराहना की। केवीके के वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान डॉ. अभिषेक प्रताप सिंह ने बताया कि इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य मिट्टी की उर्वरा शक्ति को बनाए रखना और किसानों को संतुलित पोषण के प्रति जागरूक करना है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय उद्यानिकी एवं वानिकी महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. कुंदन किशोर ने कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण से युवाओं और किसानों में तकनीकी दक्षता बढ़ेगी, जिससे जिले में टिकाऊ खेती को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने प्रतिभागियों को इस ज्ञान का उपयोग ग्रामीण स्तर पर कृषि विकास में करने के लिए प्रेरित किया। क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र माधोपुर के प्रभारी डॉ. नीरज कुमार ने मृदा स्वास्थ्य को भविष्य की पीढ़ियों के लिए उपजाऊ भूमि सुनिश्चित करने का सबसे महत्वपूर्ण उपाय बताया। इस मौके पर राष्ट्रीय गोकुल मिशन के प्रभारी डॉ. राजीव कुमार अस्थाना, केवीके के वैज्ञानिक डॉ. चेलपुरी रमुलू, डॉ. हर्षा बी.आर., डॉ. सौरभ दुबे और डॉ. जगपाल सहित कई अधिकारी और विशेषज्ञ उपस्थित रहे।
उर्वरक की उपलब्धता और उचित मूल्य पर वितरण प्रशासन की जिम्मेदारी: डीएम** **उर्वरक की उपलब्धता और उचित मूल्य पर वितरण प्रशासन की जिम्मेदारी: डीएम** **समेकित पोषक तत्व प्रबंधन प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित** **केवीके माधोपुर के मशरूम प्रयोगशाला का डीएम ने किया निरीक्षण** **बेतिया | सत्यम श्रीवास्तव** बेतिया में जिलाधिकारी तरोनजोत सिंह ने कहा कि बीज और उर्वरक आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत आते हैं, इसलिए किसानों को समय पर और उचित मूल्य पर इनकी उपलब्धता सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। साथ ही उन्होंने मिट्टी की सेहत सुधारने और उर्वरकों के संतुलित उपयोग को आज की सबसे बड़ी आवश्यकता बताया। डीएम बुधवार को कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) माधोपुर में आयोजित समेकित पोषक तत्व प्रबंधन प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने प्रशिक्षण प्राप्त प्रतिभागियों के बीच प्रमाण पत्र का वितरण भी किया। कार्यक्रम के दौरान डीएम ने केवीके माधोपुर स्थित मशरूम प्रयोगशाला और समेकित कृषि प्रणाली इकाई का निरीक्षण किया। उन्होंने केंद्र द्वारा संचालित प्रसार गतिविधियों का अवलोकन कर उनकी सराहना की। केवीके के वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान डॉ. अभिषेक प्रताप सिंह ने बताया कि इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य मिट्टी की उर्वरा शक्ति को बनाए रखना और किसानों को संतुलित पोषण के प्रति जागरूक करना है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय उद्यानिकी एवं वानिकी महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. कुंदन किशोर ने कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण से युवाओं और किसानों में तकनीकी दक्षता बढ़ेगी, जिससे जिले में टिकाऊ खेती को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने प्रतिभागियों को इस ज्ञान का उपयोग ग्रामीण स्तर पर कृषि विकास में करने के लिए प्रेरित किया। क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र माधोपुर के प्रभारी डॉ. नीरज कुमार ने मृदा स्वास्थ्य को भविष्य की पीढ़ियों के लिए उपजाऊ भूमि सुनिश्चित करने का सबसे महत्वपूर्ण उपाय बताया। इस मौके पर राष्ट्रीय गोकुल मिशन के प्रभारी डॉ. राजीव कुमार अस्थाना, केवीके के वैज्ञानिक डॉ. चेलपुरी रमुलू, डॉ. हर्षा बी.आर., डॉ. सौरभ दुबे और डॉ. जगपाल सहित कई अधिकारी और विशेषज्ञ उपस्थित रहे।
- **32 वर्षों से बंद चनपटिया चीनी मिल का हुआ निरीक्षण, किसानों की उम्मीदें जगीं** **बेतिया | सत्यम श्रीवास्तव** बेतिया के चनपटिया में पिछले 32 वर्षों से बंद पड़ी चीनी मिल को फिर से चालू करने की दिशा में राज्य सरकार ने पहल तेज कर दी है। गन्ना उद्योग विभाग के निर्देश पर राष्ट्रीय सहकारी चीनी कारखाना संघ लिमिटेड (नई दिल्ली) की एक टीम ने मिल परिसर का स्थल निरीक्षण किया। निरीक्षण टीम में मुख्य सलाहकार डॉ. आर.बी. डोले, जिला गन्ना पदाधिकारी रेमंत झा, तकनीकी सलाहकार मुरलीधर चौधरी और डिप्टी तकनीकी सलाहकार एस. सोमसुंदरम समेत कई अधिकारी शामिल थे। अधिकारियों ने मिल की वर्तमान स्थिति और उपलब्ध आधारभूत संरचनाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान टीम ने गन्ना किसानों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और आसपास के खेतों में गन्ने की फसल की स्थिति का भी अवलोकन किया। मुख्य सलाहकार डॉ. डोले ने बताया कि मौजूदा हालात में पुरानी चीनी मिल मरम्मत योग्य नहीं है। हालांकि, यहां नई चीनी मिल और इथेनॉल प्लांट स्थापित करने के लिए पर्याप्त जमीन उपलब्ध है। इस संबंध में सरकार को सिफारिश भेजी जाएगी। निरीक्षण के आधार पर गन्ना व्यवहार्यता रिपोर्ट तैयार कर आगे की कार्ययोजना बनाई जाएगी। जिला गन्ना पदाधिकारी ने टीम से जरूरी आंकड़े और तकनीकी जानकारी मांगी और कहा कि इस पहल का उद्देश्य गन्ना उद्योग को विकसित करना और किसानों को बेहतर आर्थिक अवसर प्रदान करना है। गौरतलब है कि राज्य सरकार ‘सात निश्चय-3’ के तहत बंद पड़ी चीनी मिलों को पुनर्जीवित करने और 25 नई चीनी मिल स्थापित करने की दिशा में काम कर रही है। इसी क्रम में विभागीय अधिकारी विभिन्न बंद मिलों का निरीक्षण कर रहे हैं। चीनी मिल के निरीक्षण से क्षेत्र के गन्ना किसानों में नई उम्मीद जगी है। वहीं, मिल के केयरटेकर और इंटक नेता मो. कलाम ने मिल की कुड़िया और महाना फार्म की जमीन को अतिक्रमणकारियों से मुक्त कराने की मांग की है।1
- जिला पदाधिकारी माननीय श्री तरण जोत सिंह ने प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित करते हुए अपने संबोधन में कहा कि बीज और उर्वरक आवश्यक वस्तु अधिनियम के अंतर्गत आते हैं, इसलिए किसानों को उचित मूल्य पर समय से इनकी उपलब्धता सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। 08.04.2026.1
- मैट्रिक पास छात्राओं को पखनाहा बाजार में बीडीओ ने किया सम्मानित, बढ़ाया हौसला बैरिया प्रखंड क्षेत्र के पखनाहा बाजार स्थित एक निजी कोचिंग संस्थान में बुधवार के दोपहर करीब 12:00 बजे मैट्रिक परीक्षा में सफल छात्राओं को सम्मानित करने के लिए एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर प्रखंड विकास पदाधिकारी कर्मजीत राम मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने छात्राओं को मेडल, प्रमाण पत्र और उपहार देकर सम्मानित किया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। बीडीओ ने कहा कि बेटियां आज हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं और उनकी सफलता समाज के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने छात्राओं को आगे की पढ़ाई जारी रखने और अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने की सलाह दी। कार्यक्रम में कोचिंग संस्थान के संचालक, शिक्षक एवं अभिभावक भी मौजूद रहे। सभी ने छात्राओं की सफलता पर खुशी जताई और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।1
- कृषि विज्ञान केंद्र, माधोपुर के परिसर में आयोजित 15 दिवसीय 'समेकित पोषक तत्व प्रबंधन' प्रशिक्षण कार्यक्रम का प्रमाण पत्र वितरण के साथ समापन हुआ। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पश्चिम चंपारण के जिलाधिकारी तरनजोत सिंह शामिल हुए, प्रतिभागियों को प्रशिक्षण के उपरांत प्रमाण पत्र वितरण कर किया । उन्होने अपने संबोधन कहा बीज और उर्वरक आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत आते हैं। इसलिए किसानों को उचित मूल्य पर समय से इनकी उपलब्धता सुनिश्चित करना जिम्मेदारी है। साथ ही मिट्टी की सेहत सुधारना और उर्वरकों का संतुलित उपयोग करना आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत है। जिला पदाधिकारी ने कृषि विज्ञान केंद्र स्थित मशरूम प्रयोगशाला और समेकित कृषि प्रणाली इकाई का भ्रमण किया और इनके जानकारी को बारीकी से अवोलकन किया। उन्होंने केंद्र द्वारा चलाई जा रही प्रसार गतिविधियों को करीब से देखा और उनकी सराहना की। जिला पदाधिकारी ने कहा कि केंद्र द्वारा दी जा रही तकनीकी जानकारी और मशरूम बीज उत्पादन की दिशा में किए जा रहे प्रयास सराहनीय हैं। उन्होंने केंद्र की कार्यप्रणाली को सुव्यवस्थित बताते हुए वैज्ञानिकों का उत्साहवर्धन किया साथ ही प्रशिक्षणार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान डॉ. अभिषेक प्रताप सिंह ने बताया कि प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य मिट्टी की उर्वरा शक्ति बनाए रखना और किसानों को संतुलित पोषण की जानकारी देना है। डॉक्टर कुंदन किशोर अधिष्ठाता पंडित दीनदयाल उपाध्याय उद्यानिकी एवं वानिकी महाविद्यालय ने कहा इस तरह के प्रशिक्षण से युवाओं और किसानों में तकनीकी दक्षता आएगी, जिससे जिले में टिकाऊ खेती को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने प्रतिभागियों को इस ज्ञान का उपयोग ग्रामीण स्तर पर कृषि विकास के लिए करने हेतु प्रेरित किया। क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र माधोपुर के प्रभारी डॉ. नीरज कुमार केवीके के उन्होंने मृदा स्वास्थ्य को भविष्य की पीढ़ियों के लिए उपजाऊ भूमि सुनिश्चित करने का एकमात्र उपाय बताया। इस अवसर पर राष्ट्रीय गोकुल मिशन के प्रभारी डॉ. राजीव कुमार अस्थाना के साथ-साथ कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. चेलपुरी रमुलू, डॉ. हर्षा बी.आर., डॉ सौरभ दुबे और डॉ. जगपाल भी उपस्थित थे।4
- विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर सुविधा अस्पताल ने कार्यक्रम का आयोजन किया जिसमें गर्भवती महिलाओं के साथ रख रखाव और जच्चा बच्चा के सुरक्षा को लेकर नुक्कड़ नाटक के द्वारा समझाया गया और बताया गया की गर्भवती महिलाओं का विशेष ध्यान गर्भाधान के समय रखना चाहिए सुविधा अस्पताल ने अपने अस्पताल के सभी सुविधाओं का जिक्र किया और सभी प्रकार की सुविधा मुहैया कराने की बात की1
- नौतन में गैस उपभोक्ताओं को बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यहां अंशु पाल गैस एजेंसी में उपभोक्ताओं को OTP मिलने के बावजूद गैस सिलेंडर नहीं दिया जा रहा है। करीब 200 से ज्यादा लोग लाइन में खड़े हैं, लेकिन एजेंसी और गोदाम की तरफ से साफ कहा जा रहा है कि गैस अभी नहीं मिलेगा। इसको लेकर उपभोक्ताओं में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। लोग कई दिनों से परेशान हैं और प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।1
- नौतन। स्थानीय थाना क्षेत्र की पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर बड़ी कार्रवाई करते हुए शिवराजपुर छठी स्थान के समीप से 16 कार्टून विदेशी शराब एवं एक बाइक जब्त की है। हालांकि पुलिस को देखते ही शराब तस्कर मौके से फरार हो गए। थानाध्यक्ष प्रमोद कुमार पासवान ने बताया कि मंगलवार की सुबह सूचना मिली थी कि उत्तर प्रदेश से भारी मात्रा में विदेशी शराब की खेप शिवराजपुर के रास्ते लाई जा रही है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए एएसआई इंद्रदेव यादव के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया और तत्काल छापेमारी की गई। पुलिस की टीम जैसे ही मौके पर पहुंची, तस्करों ने बाइक और शराब छोड़कर भागने में ही अपनी भलाई समझी। पुलिस ने मौके से कुल 16 कार्टून शराब बरामद की, जिसमें एटीपीएम स्पेशल के 10 कार्टून, रॉयल स्टेग के 2 कार्टून तथा किंग फिशर बीयर के 4 कार्टून शामिल हैं। साथ ही एक बाइक भी जब्त की गई है। थानाध्यक्ष ने बताया कि फरार तस्करों की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस की इस कार्रवाई से क्षेत्र में अवैध शराब कारोबारियों में हड़कंप मच गया है।1
- **उर्वरक की उपलब्धता और उचित मूल्य पर वितरण प्रशासन की जिम्मेदारी: डीएम** **समेकित पोषक तत्व प्रबंधन प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित** **केवीके माधोपुर के मशरूम प्रयोगशाला का डीएम ने किया निरीक्षण** **बेतिया | सत्यम श्रीवास्तव** बेतिया में जिलाधिकारी तरोनजोत सिंह ने कहा कि बीज और उर्वरक आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत आते हैं, इसलिए किसानों को समय पर और उचित मूल्य पर इनकी उपलब्धता सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। साथ ही उन्होंने मिट्टी की सेहत सुधारने और उर्वरकों के संतुलित उपयोग को आज की सबसे बड़ी आवश्यकता बताया। डीएम बुधवार को कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) माधोपुर में आयोजित समेकित पोषक तत्व प्रबंधन प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने प्रशिक्षण प्राप्त प्रतिभागियों के बीच प्रमाण पत्र का वितरण भी किया। कार्यक्रम के दौरान डीएम ने केवीके माधोपुर स्थित मशरूम प्रयोगशाला और समेकित कृषि प्रणाली इकाई का निरीक्षण किया। उन्होंने केंद्र द्वारा संचालित प्रसार गतिविधियों का अवलोकन कर उनकी सराहना की। केवीके के वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान डॉ. अभिषेक प्रताप सिंह ने बताया कि इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य मिट्टी की उर्वरा शक्ति को बनाए रखना और किसानों को संतुलित पोषण के प्रति जागरूक करना है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय उद्यानिकी एवं वानिकी महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. कुंदन किशोर ने कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण से युवाओं और किसानों में तकनीकी दक्षता बढ़ेगी, जिससे जिले में टिकाऊ खेती को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने प्रतिभागियों को इस ज्ञान का उपयोग ग्रामीण स्तर पर कृषि विकास में करने के लिए प्रेरित किया। क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र माधोपुर के प्रभारी डॉ. नीरज कुमार ने मृदा स्वास्थ्य को भविष्य की पीढ़ियों के लिए उपजाऊ भूमि सुनिश्चित करने का सबसे महत्वपूर्ण उपाय बताया। इस मौके पर राष्ट्रीय गोकुल मिशन के प्रभारी डॉ. राजीव कुमार अस्थाना, केवीके के वैज्ञानिक डॉ. चेलपुरी रमुलू, डॉ. हर्षा बी.आर., डॉ. सौरभ दुबे और डॉ. जगपाल सहित कई अधिकारी और विशेषज्ञ उपस्थित रहे।1