Shuru
Apke Nagar Ki App…
ट्रैफिक पुलिस चौकी जलाई, हाईवे जाम; 9 थानों की फोर्स मौके पर घटना बिहार की राजधानी पटना के बाइपास थाना क्षेत्र (अगमकुआं/जीरो माइल के पास) में 7 अगस्त 2026 को हुई है। यहाँ एक भीषण सड़क हादसे में युवक की मौत के बाद आक्रोशित भीड़ ने भारी बवाल और आगजनी की है।घटना का मुख्य कारणतेज रफ्तार बस की टक्कर: जीरो माइल/बड़ी पहाड़ी के पास एक तेज रफ्तार बस ने मनीष नामक युवक को कुचल दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।भीड़ का फूटा गुस्सा: हादसे से नाराज स्थानीय लोगों और परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने कानून अपने हाथ में ले लिया। ब्रेकिंग न्यूज़ संवाददाता आशीष मिश्रा लखनऊ
आशीष मिश्रा
ट्रैफिक पुलिस चौकी जलाई, हाईवे जाम; 9 थानों की फोर्स मौके पर घटना बिहार की राजधानी पटना के बाइपास थाना क्षेत्र (अगमकुआं/जीरो माइल के पास) में 7 अगस्त 2026 को हुई है। यहाँ एक भीषण सड़क हादसे में युवक की मौत के बाद आक्रोशित भीड़ ने भारी बवाल और आगजनी की है।घटना का मुख्य कारणतेज रफ्तार बस की टक्कर: जीरो माइल/बड़ी पहाड़ी के पास एक तेज रफ्तार बस ने मनीष नामक युवक को कुचल दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।भीड़ का फूटा गुस्सा: हादसे से नाराज स्थानीय लोगों और परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने कानून अपने हाथ में ले लिया। ब्रेकिंग न्यूज़ संवाददाता आशीष मिश्रा लखनऊ
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- लखनऊ में ठेला हटाओ अभियान से मुख्य सड़क खाली, कॉलोनी का रास्ता जाम गुडंबा थाना क्षेत्र में कुर्सी रोड पर चौराहे से चार नंबर चौराहे तक सड़क किनारे अतिक्रमण कर सब्जी बेचने वाले ठेला दुकानदारों के खिलाफ बृहस्पतिवार शाम गुडंबा पुलिस ने अभियान चलाया। कार्रवाई के दौरान पुलिस को देखते ही ठेला दुकानदार अपने ठेले हटाकर इधर-उधर निकलने लगे। इस दौरान कुछ देर के लिए यातायात भी प्रभावित रहा। अभियान के बाद मुख्य सड़क तो अतिक्रमण मुक्त हो गई, लेकिन अधिकांश ठेला दुकानदार खोया मंडी से आशीष नगर जाने वाले मार्ग पर पहुंचकर ठेले लगाने लगे। इससे कॉलोनी की ओर आने-जाने वाला रास्ता संकरा हो गया और लोगों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ा।1
- कांवड़ियों द्वारा पुलिसकर्मियों से मारपीट का वायरल दावा भ्रामक, एसएसपी मेरठ ने बताई सच्चाई मेरठ। थाना दौराला क्षेत्र में 2/3 अगस्त 2026 की रात का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो के साथ यह दावा किया जा रहा था कि कुछ कांवड़ियों ने गाड़ी से उतारकर पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट की। इस मामले में मेरठ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) ने वायरल दावे का खंडन करते हुए स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित की जा रही जानकारी भ्रामक और तथ्यों से परे है। एसएसपी ने अपने आधिकारिक बयान (बाइट) में घटना के वास्तविक तथ्यों से अवगत कराया और लोगों से अपील की कि बिना पुष्टि के किसी भी भ्रामक सूचना पर विश्वास न करें और न ही उसे आगे साझा करें। पुलिस ने कहा है कि मामले की जांच और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर वास्तविक स्थिति स्पष्ट कर दी गई है तथा अफवाह फैलाने वालों पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। लोगों से अपील: सोशल मीडिया पर वायरल किसी भी वीडियो या दावे को साझा करने से पहले उसकी सत्यता की पुष्टि अवश्य करें कांवड़ियों द्वारा पुलिसकर्मियों से मारपीट का वायरल दावा भ्रामक, एसएसपी मेरठ ने बताई सच्चाई मेरठ। थाना दौराला क्षेत्र में 2/3 अगस्त 2026 की रात का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो के साथ यह दावा किया जा रहा था कि कुछ कांवड़ियों ने गाड़ी से उतारकर पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट की। इस मामले में मेरठ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) ने वायरल दावे का खंडन करते हुए स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित की जा रही जानकारी भ्रामक और तथ्यों से परे है। एसएसपी ने अपने आधिकारिक बयान (बाइट) में घटना के वास्तविक तथ्यों से अवगत कराया और लोगों से अपील की कि बिना पुष्टि के किसी भी भ्रामक सूचना पर विश्वास न करें और न ही उसे आगे साझा करें। पुलिस ने कहा है कि मामले की जांच और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर वास्तविक स्थिति स्पष्ट कर दी गई है तथा अफवाह फैलाने वालों पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। लोगों से अपील: सोशल मीडिया पर वायरल किसी भी वीडियो या दावे को साझा करने से पहले उसकी सत्यता की पुष्टि अवश्य करें। मेरठ। थाना दौराला क्षेत्र में 2/3 अगस्त 2026 की रात का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो के साथ यह दावा किया जा रहा था कि कुछ कांवड़ियों ने गाड़ी से उतारकर पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट की। इस मामले में मेरठ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) ने वायरल दावे का खंडन करते हुए स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित की जा रही जानकारी भ्रामक और तथ्यों से परे है। एसएसपी ने अपने आधिकारिक बयान (बाइट) में घटना के वास्तविक तथ्यों से अवगत कराया और लोगों से अपील की कि बिना पुष्टि के किसी भी भ्रामक सूचना पर विश्वास न करें और न ही उसे आगे साझा करें। पुलिस ने कहा है कि मामले की जांच और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर वास्तविक स्थिति स्पष्ट कर दी गई है तथा अफवाह फैलाने वालों पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। लोगों से अपील: सोशल मीडिया पर वायरल किसी भी वीडियो या दावे को साझा करने से पहले उसकी सत्यता की पुष्टि अवश्य करें।1
- PH Summit–2026 के माध्यम से पल्मोनरी हाइपरटेंशन के प्रति जागरूकता बढ़ाने की पहल लखनऊ, 07 अगस्त 2026। किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू), लखनऊ के पल्मोनरी एवं क्रिटिकल केयर मेडिसिन विभाग द्वारा 08 एवं 09 अगस्त 2026 को PH Summit–2026 का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन पल्मोनरी हाइपरटेंशन (Pulmonary Hypertension) जैसी गंभीर एवं अक्सर देर से पहचानी जाने वाली बीमारी के प्रति जागरूकता बढ़ाने, शीघ्र निदान तथा आधुनिक उपचार पद्धतियों पर चर्चा करने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है। विभागाध्यक्ष प्रो. वेद प्रकाश ने बताया कि पल्मोनरी हाइपरटेंशन फेफड़ों की रक्त वाहिकाओं में बढ़े हुए दबाव की स्थिति है, जो समय रहते पहचान न होने पर हृदय की कार्यक्षमता को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकती है। सांस फूलना, थकान, चक्कर आना तथा सीने में दर्द इसके प्रमुख लक्षण हैं, जिन्हें सामान्य कमजोरी समझकर अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है। उन्होंने बताया कि विश्व स्तर पर पल्मोनरी आर्टेरियल हाइपरटेंशन (PAH) का प्रसार लगभग 2.28 प्रति एक लाख आबादी आंका गया है। भारत में इसका अनुमानित प्रसार लगभग 0.15 प्रति लाख आबादी है। जन्मजात हृदय रोग, संयोजी ऊतक रोग, क्रॉनिक फेफड़ों की बीमारियां (विशेषकर COPD), किडनी रोग, धूम्रपान, प्रदूषण तथा कुछ दवाओं के प्रभाव से इस बीमारी का खतरा बढ़ जाता है। महिलाओं में इडियोपैथिक PAH पुरुषों की तुलना में अधिक पाया जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार लगभग 70–80 प्रतिशत मरीजों में बीमारी की पहचान तब होती है जब वे WHO Functional Class III या IV की गंभीर अवस्था में पहुंच चुके होते हैं। लक्षण शुरू होने और सही निदान के बीच औसतन 1.5 से 2 वर्ष का अंतर देखा जाता है, जिसके कारण उपचार में देरी होती है और रोग की जटिलताएं बढ़ जाती हैं। प्रो. वेद प्रकाश ने बताया कि PH Summit–2026 में पल्मोनरी हाइपरटेंशन के जोखिम कारकों, स्क्रीनिंग, इकोकार्डियोग्राफी, फेफड़ों की कार्यक्षमता जांच, CT स्कैन, एक्सरसाइज टेस्ट तथा उन्नत उपचार विकल्पों पर विस्तृत वैज्ञानिक सत्र आयोजित किए जाएंगे। सम्मेलन का उद्देश्य चिकित्सकों, रेजिडेंट डॉक्टरों एवं अन्य स्वास्थ्यकर्मियों को नवीनतम अंतरराष्ट्रीय दिशानिर्देशों और उपचार पद्धतियों से अवगत कराना है। इस सम्मेलन में देश-विदेश के अनेक प्रतिष्ठित विशेषज्ञ भाग लेंगे। अंतरराष्ट्रीय वक्ताओं में डॉ. संदीप सहाय एवं डॉ. सैयद रेहान चौधरी शामिल होंगे। राष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञों में डॉ. दिग्विजय खेरा, डॉ. शुभ चौधरी, डॉ. शुभम जैन, डॉ. अजीत कुमार, डॉ. प्रशांत चौपड़ा, डॉ. आकाश यादव, डॉ. सत्यवीर यादव, डॉ. विकास अग्रवाल, डॉ. तारा जालान गुप्ता, डॉ. कृतिका सिंह, डॉ. गौरव चौधरी तथा डॉ. अपार जिंदल सहित अनेक विशेषज्ञ सहभागिता करेंगे। उद्घाटन समारोह में उत्तर प्रदेश के माननीय उपमुख्यमंत्री श्री बृजेश पाठक मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। सम्मेलन में पल्मोनरी हाइपरटेंशन की जागरूकता, शीघ्र निदान, जोखिम वर्गीकरण तथा मरीज-केंद्रित उपचार रणनीतियों पर विशेष जोर दिया जाएगा, जिससे मरीजों को बेहतर एवं समयबद्ध उपचार उपलब्ध कराया जा सके। इस अवसर पर प्रो. राजेंद्र प्रसाद (रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग), प्रो. सूर्य कांत (कार्डियोलॉजी विभाग), प्रो. ऋषि सेठी (कार्डियो-थोरेसिक एवं वैस्कुलर सर्जरी विभाग), प्रो. विवेक टंडन, प्रो. पुनीत कुमार, डॉ. अनुराग राय, डॉ. सचिन, डॉ. आरिफ, डॉ. अनुराग, डॉ. कृत्या त्यागी, डॉ. यश जायसवाल, डॉ. दीपक, डॉ. शुभम, डॉ. संदीप एवं डॉ. अर्पणा सहित विभाग के अनेक चिकित्सक एवं विशेषज्ञ उपस्थित रहेंगे। प्रो. वेद प्रकाश विभागाध्यक्ष पल्मोनरी एवं क्रिटिकल केयर मेडिसिन विभाग केजीएमयू, लखनऊ Report Sanjay Agarwal TRINGEL NEWS LUCKNOW 8574663222 PH Summit–2026 के माध्यम से पल्मोनरी हाइपरटेंशन के प्रति जागरूकता बढ़ाने की पहल लखनऊ, 07 अगस्त 2026। किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू), लखनऊ के पल्मोनरी एवं क्रिटिकल केयर मेडिसिन विभाग द्वारा 08 एवं 09 अगस्त 2026 को PH Summit–2026 का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन पल्मोनरी हाइपरटेंशन (Pulmonary Hypertension) जैसी गंभीर एवं अक्सर देर से पहचानी जाने वाली बीमारी के प्रति जागरूकता बढ़ाने, शीघ्र निदान तथा आधुनिक उपचार पद्धतियों पर चर्चा करने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है। विभागाध्यक्ष प्रो. वेद प्रकाश ने बताया कि पल्मोनरी हाइपरटेंशन फेफड़ों की रक्त वाहिकाओं में बढ़े हुए दबाव की स्थिति है, जो समय रहते पहचान न होने पर हृदय की कार्यक्षमता को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकती है। सांस फूलना, थकान, चक्कर आना तथा सीने में दर्द इसके प्रमुख लक्षण हैं, जिन्हें सामान्य कमजोरी समझकर अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है। उन्होंने बताया कि विश्व स्तर पर पल्मोनरी आर्टेरियल हाइपरटेंशन (PAH) का प्रसार लगभग 2.28 प्रति एक लाख आबादी आंका गया है। भारत में इसका अनुमानित प्रसार लगभग 0.15 प्रति लाख आबादी है। जन्मजात हृदय रोग, संयोजी ऊतक रोग, क्रॉनिक फेफड़ों की बीमारियां (विशेषकर COPD), किडनी रोग, धूम्रपान, प्रदूषण तथा कुछ दवाओं के प्रभाव से इस बीमारी का खतरा बढ़ जाता है। महिलाओं में इडियोपैथिक PAH पुरुषों की तुलना में अधिक पाया जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार लगभग 70–80 प्रतिशत मरीजों में बीमारी की पहचान तब होती है जब वे WHO Functional Class III या IV की गंभीर अवस्था में पहुंच चुके होते हैं। लक्षण शुरू होने और सही निदान के बीच औसतन 1.5 से 2 वर्ष का अंतर देखा जाता है, जिसके कारण उपचार में देरी होती है और रोग की जटिलताएं बढ़ जाती हैं। प्रो. वेद प्रकाश ने बताया कि PH Summit–2026 में पल्मोनरी हाइपरटेंशन के जोखिम कारकों, स्क्रीनिंग, इकोकार्डियोग्राफी, फेफड़ों की कार्यक्षमता जांच, CT स्कैन, एक्सरसाइज टेस्ट तथा उन्नत उपचार विकल्पों पर विस्तृत वैज्ञानिक सत्र आयोजित किए जाएंगे। सम्मेलन का उद्देश्य चिकित्सकों, रेजिडेंट डॉक्टरों एवं अन्य स्वास्थ्यकर्मियों को नवीनतम अंतरराष्ट्रीय दिशानिर्देशों और उपचार पद्धतियों से अवगत कराना है। इस सम्मेलन में देश-विदेश के अनेक प्रतिष्ठित विशेषज्ञ भाग लेंगे। अंतरराष्ट्रीय वक्ताओं में डॉ. संदीप सहाय एवं डॉ. सैयद रेहान चौधरी शामिल होंगे। राष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञों में डॉ. दिग्विजय खेरा, डॉ. शुभ चौधरी, डॉ. शुभम जैन, डॉ. अजीत कुमार, डॉ. प्रशांत चौपड़ा, डॉ. आकाश यादव, डॉ. सत्यवीर यादव, डॉ. विकास अग्रवाल, डॉ. तारा जालान गुप्ता, डॉ. कृतिका सिंह, डॉ. गौरव चौधरी तथा डॉ. अपार जिंदल सहित अनेक विशेषज्ञ सहभागिता करेंगे। उद्घाटन समारोह में उत्तर प्रदेश के माननीय उपमुख्यमंत्री श्री बृजेश पाठक मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। सम्मेलन में पल्मोनरी हाइपरटेंशन की जागरूकता, शीघ्र निदान, जोखिम वर्गीकरण तथा मरीज-केंद्रित उपचार रणनीतियों पर विशेष जोर दिया जाएगा, जिससे मरीजों को बेहतर एवं समयबद्ध उपचार उपलब्ध कराया जा सके। इस अवसर पर प्रो. राजेंद्र प्रसाद (रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग), प्रो. सूर्य कांत (कार्डियोलॉजी विभाग), प्रो. ऋषि सेठी (कार्डियो-थोरेसिक एवं वैस्कुलर सर्जरी विभाग), प्रो. विवेक टंडन, प्रो. पुनीत कुमार, डॉ. अनुराग राय, डॉ. सचिन, डॉ. आरिफ, डॉ. अनुराग, डॉ. कृत्या त्यागी, डॉ. यश जायसवाल, डॉ. दीपक, डॉ. शुभम, डॉ. संदीप एवं डॉ. अर्पणा सहित विभाग के अनेक चिकित्सक एवं विशेषज्ञ उपस्थित रहेंगे। प्रो. वेद प्रकाश विभागाध्यक्ष पल्मोनरी एवं क्रिटिकल केयर मेडिसिन विभाग केजीएमयू, लखनऊ Report Sanjay Agarwal TRINGEL NEWS LUCKNOW 85746632223
- लखनऊ- यूपी चुनाव-2027 को लेकर आजाद अधिकार सेना ने राजनीतिक दलों से 10 सवाल तय किए। अमिताभ ठाकुर ने कहा- समर्थन से पहले प्रमुख दलों से ‘संविधान की कसौटी पर 10 प्रश्न’। चुनावी गठबंधन राजनीतिक सुविधा नहीं, संविधान और सुशासन पर आधारित होने की बात कही। पारदर्शिता, जवाबदेही और नागरिक अधिकारों पर दलों से स्पष्ट प्रतिबद्धता मांगी जाएगी। अगले कुछ दिनों में ‘संविधान की कसौटी पर 10 प्रश्न’ सार्वजनिक किए जाएंगे। सभी प्रमुख राजनीतिक दलों को सवाल लिखित रूप से भेजे जाने की जानकारी दी। राजनीतिक दलों के जवाब बिना बदलाव जनता के सामने रखने का ऐलान। अमिताभ ठाकुर बोले- जनता से जनादेश मांगने वाले दल संवैधानिक सवालों का जवाब दें।।1
- ट्रैफिक पुलिस चौकी जलाई, हाईवे जाम; 9 थानों की फोर्स मौके पर घटना बिहार की राजधानी पटना के बाइपास थाना क्षेत्र (अगमकुआं/जीरो माइल के पास) में 7 अगस्त 2026 को हुई है। यहाँ एक भीषण सड़क हादसे में युवक की मौत के बाद आक्रोशित भीड़ ने भारी बवाल और आगजनी की है।घटना का मुख्य कारणतेज रफ्तार बस की टक्कर: जीरो माइल/बड़ी पहाड़ी के पास एक तेज रफ्तार बस ने मनीष नामक युवक को कुचल दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।भीड़ का फूटा गुस्सा: हादसे से नाराज स्थानीय लोगों और परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने कानून अपने हाथ में ले लिया। ब्रेकिंग न्यूज़ संवाददाता आशीष मिश्रा लखनऊ1