कोंच प्रखंड सभागार में जनगणना हेतु प्रगणकों व सुपरवाइजरों का द्वितीय प्रशिक्षण संपन्न कोंच प्रखंड सभागार में जनगणना हेतु प्रगणकों व सुपरवाइजरों का द्वितीय प्रशिक्षण संपन्न कोंच प्रखंड मुख्यालय स्थित सभागार में गुरुवार को आगामी जनगणना की तैयारियों को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक सह प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रखंड विकास पदाधिकारी विपुल भारद्वाज के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम के 11वें दिन, चौथी टीम को उनके दूसरे चरण का प्रशिक्षण दिया गया।प्रशिक्षण सत्र का संचालन मास्टर ट्रेनर रामजय सिंह द्वारा किया गया। उन्होंने प्रगणकों और सुपरवाइजरों को डिजिटल डेटा एंट्री, नजरिया नक्शा तैयार करने और परिवार सूचीकरण के तकनीकी पहलुओं की बारीकी से जानकारी दी। ट्रेनर ने जोर देकर कहा कि गणना के दौरान शुद्धता और स्पष्टता अनिवार्य है, ताकि सरकार के पास सटीक आंकड़े पहुंच सकें।इस अवसर पर बीडीओ विपुल भारद्वाज ने सभी कर्मियों को निर्देश दिया कि वे प्रशिक्षण में सिखाई गई बातों का क्षेत्र में अक्षरशः पालन करें। उन्होंने बताया कि इस अभियान की सफलता पूरी तरह से प्रगणकों की कार्यकुशलता पर निर्भर करती है। प्रशिक्षण के दौरान मुख्य रूप से प्रगणक प्रमोद कुमार, विष्णु कुमार, कीर्ति रावत, प्रज्योति मंडल, मनोज कुमार निराला, अमरजित पासवान, गौरव कुमार, मो. जुनेद आलम और किरण सक्सेना सहित कई अन्य कर्मी उपस्थित रहे। सभी प्रतिभागियों ने अपनी शंकाओं का समाधान किया और पूरी निष्ठा के साथ कार्य करने का संकल्प लिया।
कोंच प्रखंड सभागार में जनगणना हेतु प्रगणकों व सुपरवाइजरों का द्वितीय प्रशिक्षण संपन्न कोंच प्रखंड सभागार में जनगणना हेतु प्रगणकों व सुपरवाइजरों का द्वितीय प्रशिक्षण संपन्न कोंच प्रखंड मुख्यालय स्थित सभागार में गुरुवार को आगामी जनगणना की तैयारियों को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक सह प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रखंड विकास पदाधिकारी विपुल भारद्वाज के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम के 11वें दिन, चौथी टीम को उनके दूसरे चरण का प्रशिक्षण दिया गया।प्रशिक्षण सत्र का संचालन मास्टर ट्रेनर रामजय सिंह द्वारा किया गया। उन्होंने प्रगणकों और सुपरवाइजरों को डिजिटल डेटा एंट्री, नजरिया नक्शा तैयार करने और परिवार सूचीकरण के तकनीकी पहलुओं की बारीकी से जानकारी दी। ट्रेनर ने जोर देकर कहा कि गणना के दौरान शुद्धता और स्पष्टता अनिवार्य है, ताकि सरकार के पास सटीक आंकड़े पहुंच सकें।इस अवसर पर बीडीओ विपुल भारद्वाज ने सभी कर्मियों को निर्देश दिया कि वे प्रशिक्षण में सिखाई गई बातों का क्षेत्र में अक्षरशः पालन करें। उन्होंने बताया कि इस अभियान की सफलता पूरी तरह से प्रगणकों की कार्यकुशलता पर निर्भर करती है। प्रशिक्षण के दौरान मुख्य रूप से प्रगणक प्रमोद कुमार, विष्णु कुमार, कीर्ति रावत, प्रज्योति मंडल, मनोज कुमार निराला, अमरजित पासवान, गौरव कुमार, मो. जुनेद आलम और किरण सक्सेना सहित कई अन्य कर्मी उपस्थित रहे। सभी प्रतिभागियों ने अपनी शंकाओं का समाधान किया और पूरी निष्ठा के साथ कार्य करने का संकल्प लिया।
- कोंच प्रखंड सभागार में जनगणना हेतु प्रगणकों व सुपरवाइजरों का द्वितीय प्रशिक्षण संपन्न कोंच प्रखंड मुख्यालय स्थित सभागार में गुरुवार को आगामी जनगणना की तैयारियों को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक सह प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रखंड विकास पदाधिकारी विपुल भारद्वाज के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम के 11वें दिन, चौथी टीम को उनके दूसरे चरण का प्रशिक्षण दिया गया।प्रशिक्षण सत्र का संचालन मास्टर ट्रेनर रामजय सिंह द्वारा किया गया। उन्होंने प्रगणकों और सुपरवाइजरों को डिजिटल डेटा एंट्री, नजरिया नक्शा तैयार करने और परिवार सूचीकरण के तकनीकी पहलुओं की बारीकी से जानकारी दी। ट्रेनर ने जोर देकर कहा कि गणना के दौरान शुद्धता और स्पष्टता अनिवार्य है, ताकि सरकार के पास सटीक आंकड़े पहुंच सकें।इस अवसर पर बीडीओ विपुल भारद्वाज ने सभी कर्मियों को निर्देश दिया कि वे प्रशिक्षण में सिखाई गई बातों का क्षेत्र में अक्षरशः पालन करें। उन्होंने बताया कि इस अभियान की सफलता पूरी तरह से प्रगणकों की कार्यकुशलता पर निर्भर करती है। प्रशिक्षण के दौरान मुख्य रूप से प्रगणक प्रमोद कुमार, विष्णु कुमार, कीर्ति रावत, प्रज्योति मंडल, मनोज कुमार निराला, अमरजित पासवान, गौरव कुमार, मो. जुनेद आलम और किरण सक्सेना सहित कई अन्य कर्मी उपस्थित रहे। सभी प्रतिभागियों ने अपनी शंकाओं का समाधान किया और पूरी निष्ठा के साथ कार्य करने का संकल्प लिया।1
- रफीगंज प्रखंड के भाजपा नेता सह भारतीय नगर ग्राम विकास संघ प्रचार के संस्थापक चंदेश्वर भगत का बुधवार को इलाज के दौरान निधन हो गया। वे लगभग एक सप्ताह पूर्व सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिसके बाद उनका इलाज जमुहार में चल रहा था। प्राप्त जानकारी के अनुसार, कुछ दिन पहले चंदेश्वर भगत चेंव गांव से बाइक पर सवार होकर अपने घर लौट रहे थे। इस दौरान वे बाइक के पीछे बैठे हुए थे, तभी अचानक बाइक अनियंत्रित हो गई और वे गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद उन्हें इलाज के लिए जमुहार में भर्ती कराया गया, जहां बुधवार को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। ग्रामीण प्रमोद कुमार यादव सहित अन्य लोगों ने बताया कि मृतक का अंतिम संस्कार रांची में किया जाएगा। बताया जाता है कि चंदेश्वर भगत के परिवार में एक पुत्र है। उनकी पत्नी का निधन लगभग 15 वर्ष पूर्व ही हो चुका है। उनके निधन से क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।1
- तिलक चढ़ाने पहुंचे लड़की पक्ष के लोग, लड़के वाले मकान में ताला बंद कर हुए फरार शादी से ठीक पहले इस घटना से लड़की पक्ष मर् अपने क्षेत्र की सभी वायरल विडियोज देखने के लिए naitik bihar को follow करे1
- तिलक चढ़ाने पहुंचे लड़की पक्ष के लोग, लड़के वाले मकान में ताला बंद कर हुए फरार शादी से ठीक पहले इस घटना से लड़की पक्ष मर्माहत गोह(औरंगाबाद) मंगलवार की देर शाम मदनपुर थाना मुख्यालय गांव में तिलक चढ़ाने गए लड़की पक्ष को बिना तिलक चढ़ाएं वापस आना पड़ा। तिलक के दिन दुल्हा और उसके परिजन फरार थे और घर में ताला लटका हुआ था। बताया जाता है कि गोह थाना क्षेत्र के अकौना गांव निवासी रामाधार राम ने अपनी पुत्री की शादी मदनपुर थाना गांव के देवराज राम के पुत्र विकास कुमार राम उर्फ प्रितम से तय किया था। लड़की के पिता ने अपने सामर्थ्य अनुसार 10 लाख रुपए नगद और अन्य समान उपहार स्वरूप दे दिया था। शादी के दिन नजदीक आ गए। 21 अप्रैल को तिलकोत्सव और 27 अप्रैल को बारात तय थी। इसी बीच लड़के पक्ष के परिजनों ने अचानक से 15 लाख रुपए और चार चक्का गाड़ी की मांग कर दी। जब तिलक चढ़ाने लड़की पक्ष वाले निर्धारित दिन पहुंचे तो लड़के पक्ष वाले घर में ताला बंद कर फरार हो गए। इस संबंध में लड़की के पिता रामाधार राम ने स्थानीय थाना में लिखित आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है।1
- Post by Ashutosh kumar1
- Post by SATISH KUMAR (पत्रकार)1
- गया, 22 अप्रैल 2026, आम नागरिकों को सस्ती, सुलभ एवं स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के प्रभावी क्रियान्वयन एवं सोलर अधिष्ठापन में तेजी लाने हेतु जिला पदाधिकारी, गया श्री शशांक शुभंकर द्वारा अधीक्षण अभियंता बिजली विभाग के सभा कक्ष में विद्युत विभाग एवं बैंकों के वरीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य आम उपभोक्ताओं को रूफटॉप सोलर प्रणाली के प्रति जागरूक करना एवं उन्हें योजना से जोड़ना था। बैठक में विशेषज्ञों एवं तकनीकी टीम द्वारा सोलर पैनल की स्थापना, कार्यप्रणाली, रख-रखाव, लागत, अनुदान (सब्सिडी) तथा इससे होने वाले आर्थिक लाभ की विस्तृत जानकारी दी गई। विद्युत अधीक्षण अभियंता गया ने बताया कि इस योजना के तहत उपभोक्ताओं को अपने घरों की छत पर सोलर पैनल स्थापित करने पर सरकार द्वारा अनुदान प्रदान किया जाता है, जिससे बिजली बिल में उल्लेखनीय कमी आती है। यह योजना उपभोक्ताओं के आर्थिक बोझ को कम करने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण एवं हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने बताया कि योजना के अंतर्गत 1 किलोवाट पर 30,000 रुपये, 2 किलोवाट पर 60,000 रुपये तथा 3 किलोवाट या उससे अधिक क्षमता पर 78,000 रुपये तक की सब्सिडी प्रदान की जाती है। इसके अतिरिक्त, सोलर संयंत्र स्थापना हेतु बैंकों के माध्यम से लगभग 7 प्रतिशत की रियायती ब्याज दर पर 2 लाख रुपये तक का ऋण भी उपलब्ध कराया जा रहा है। जिले में अब तक 843 उपभोक्ताओं के छत पर सोलर पैनल स्थापित किए जा चुके हैं। अधीक्षण अभियंता द्वारा आश्वस्त किया गया कि आवेदन प्रक्रिया पूर्ण होने के उपरांत निर्धारित समयावधि में सोलर पैनल का अधिष्ठापन सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही, करारनामा अवधि के अंतर्गत 7 वर्षों तक निःशुल्क मरम्मत एवं रख-रखाव की सुविधा भी प्रदान की जाएगी। जिलाधिकारी गया ने कहा कि इस योजना को जन जन तक पहुंचाई जाय तथा अधिक खपत वाले उपभोक्ताओं को विशेष रूप से सोलर अपनाने के लिए प्रेरित किया जाए। उन्होंने कहा कि यह योजना न केवल बिजली बिल में कमी लाती है, बल्कि स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देकर ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उपभोक्ता अपनी बिजली खपत के अनुसार सोलर पैनल की क्षमता का चयन कर सकते हैं। 150 यूनिट तक की खपत के लिए 1 किलोवाट, 300 यूनिट तक के लिए 2 किलोवाट तथा 300 यूनिट से अधिक के लिए 3 किलोवाट या उससे अधिक क्षमता उपयुक्त है। सोलर पैनल से उत्पादित बिजली का उपयोग घरेलू कार्यों में किया जा सकता है तथा अतिरिक्त बिजली को ग्रिड में भेजकर बिजली बिल में समायोजन की सुविधा भी उपलब्ध है, जिससे उपभोक्ताओं को अतिरिक्त आर्थिक लाभ प्राप्त होता है। सोलर पैनल हेतु प्रति किलोवाट लगभग 100 वर्गफुट छत की आवश्यकता होती है तथा उचित रख-रखाव के साथ सोलर पैनल लगभग 25 वर्षों तक सुचारु रूप से कार्य करते हैं। विद्युत विभाग ने सभी विद्युत उपभोक्ताओं से अपील करते हुए कहा कि “प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना आम नागरिकों के लिए एक अत्यंत लाभकारी एवं भविष्य उन्मुख पहल है। इससे न केवल बिजली बिल में कमी आएगी, बल्कि स्वच्छ ऊर्जा को भी बढ़ावा मिलेगा। सभी उपभोक्ता इस अवसर का अधिकतम लाभ उठाएं और अपने घरों में सोलर अधिष्ठापन कर ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढ़ाएं।” अधीक्षण अभियंता ने बताया कि यदि किसी व्यक्ति को इस योजना का लाभ लेना है तो वह आधार कार्ड, बिजली बिल, छत का ओनरशिप प्रूफ, वेंडर कोटेशन, सोलर सिस्टम का फोटोग्राफ के साथ एप्लीकेशन जमा करना होगा। जिला पदाधिकारी ने समीक्षा में कहा कि मुख्य सचिव बिहार एवं भारत सरकार द्वारा प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के प्रगति का लगातार समीक्षा की जा रही है। उन्होंने सभी बैंक के पदाधिकारी को निर्देश दिए हैं कि किसी भी हाल में सिविल स्कोर का हवाला देते हुए सूर्य घर मुक्त बिजली योजना के आवेदन को रिजेक्ट नहीं करें। पूर्व में जो भी सिविल स्कोर के कारण आवेदनो रद्द किए हैं, उन सभी आवेदनों को पुनः कंसीडर करते हुए आवेदनो को स्वीकृत करें। उन्होंने अधीक्षण अभियंता को निर्देश दिए हैं कि वैसे सभी बैंकों में जहां सिविल स्कोर एवं अन्य कारण से बैंक में आवेदन लंबित है उन सभी बैंक के लिए अलग-अलग बिजली विभाग के पदाधिकारी को नामित करते हुए जॉइंट रूप से आवेदनों को जांच करवाये एवं ज्यादा से ज्यादा स्वीकृत करवाये। बैठक में अधीक्षण अभियंता बिजली विभाग, अग्रणी बैंक प्रबंधक, गया जिले के सभी कार्यपालक अभियंता विद्युत विभाग, सभी सहायक अभियंता विद्युत विभाग, सभी बैंक के शाखा प्रबंधक उपस्थित थे।1
- बोधगया से एक प्रेरणादायक खबर सामने आई है, जहां शिक्षा के साथ-साथ खेल को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। बोधगया के ज्ञान भारती आवासीय विद्यालय में अत्याधुनिक स्विमिंग पूल का भव्य उद्घाटन किया गया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य बच्चों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर की तैराकी के लिए तैयार करना है। अब तक गांव और छोटे कस्बों के बच्चों के लिए प्रोफेशनल स्विमिंग की सुविधा एक सपना हुआ करती थी, लेकिन इस स्विमिंग पूल के शुरू होने से स्थानीय प्रतिभाओं को निखारने का नया मंच मिल गया है। यहां प्रशिक्षित कोच की निगरानी में बच्चों को आधुनिक तकनीकों के साथ तैराकी का प्रशिक्षण दिया जाएगा। विद्यालय प्रबंधन का कहना है कि यह पहल केवल खेल तक सीमित नहीं है, बल्कि बच्चों के आत्मविश्वास, फिटनेस और अनुशासन को भी मजबूत करेगी। आने वाले समय में यहां से राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर के तैराक तैयार होने की उम्मीद जताई जा रही है। कुल मिलाकर, यह स्विमिंग पूल न सिर्फ एक सुविधा है, बल्कि गांव के बच्चों के सपनों को पंख देने की दिशा में एक बड़ा और सराहनीय कदम है।1