जालौन के कालपी क्षेत्र की रहने वाली काजल मंसूरी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने अपनी मर्जी से एक हिंदू युवक के साथ हिंदू रीति-रिवाज से विवाह करने का दावा किया है। काजल मंसूरी का कहना है कि वह पूरी तरह से सुरक्षित हैं और अपनी इच्छा से घर छोड़कर गई थीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन पर किसी भी प्रकार का कोई दबाव नहीं है और उन्होंने अपनी मर्जी से ही यह विवाह करने का फैसला लिया है। वीडियो के माध्यम से काजल ने प्रशासन और अपने परिजनों से अपील की है कि उन्हें या उनके पति को किसी भी तरह से परेशान न किया जाए। उन्होंने यह भी कहा है कि यदि उनके पति या ससुराल पक्ष के किसी भी सदस्य के साथ कोई अप्रिय घटना होती है, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित लोगों की होगी। हालांकि, इस वायरल वीडियो में किए गए दावों की अभी तक स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और पूरे मामले की वास्तविक स्थिति पुलिस या प्रशासन के आधिकारिक बयान के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
जालौन के कालपी क्षेत्र की रहने वाली काजल मंसूरी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने अपनी मर्जी से एक हिंदू युवक के साथ हिंदू रीति-रिवाज से विवाह करने का दावा किया है। काजल मंसूरी का कहना है कि
वह पूरी तरह से सुरक्षित हैं और अपनी इच्छा से घर छोड़कर गई थीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन पर किसी भी प्रकार का कोई दबाव नहीं है और उन्होंने अपनी मर्जी से ही यह विवाह करने का फैसला लिया है। वीडियो के माध्यम से काजल ने
प्रशासन और अपने परिजनों से अपील की है कि उन्हें या उनके पति को किसी भी तरह से परेशान न किया जाए। उन्होंने यह भी कहा है कि यदि उनके पति या ससुराल पक्ष के किसी भी सदस्य के साथ कोई अप्रिय घटना होती है, तो
उसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित लोगों की होगी। हालांकि, इस वायरल वीडियो में किए गए दावों की अभी तक स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और पूरे मामले की वास्तविक स्थिति पुलिस या प्रशासन के आधिकारिक बयान के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
- जालौन के कालपी क्षेत्र की रहने वाली काजल मंसूरी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने अपनी मर्जी से एक हिंदू युवक के साथ हिंदू रीति-रिवाज से विवाह करने का दावा किया है। काजल मंसूरी का कहना है कि वह पूरी तरह से सुरक्षित हैं और अपनी इच्छा से घर छोड़कर गई थीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन पर किसी भी प्रकार का कोई दबाव नहीं है और उन्होंने अपनी मर्जी से ही यह विवाह करने का फैसला लिया है। वीडियो के माध्यम से काजल ने प्रशासन और अपने परिजनों से अपील की है कि उन्हें या उनके पति को किसी भी तरह से परेशान न किया जाए। उन्होंने यह भी कहा है कि यदि उनके पति या ससुराल पक्ष के किसी भी सदस्य के साथ कोई अप्रिय घटना होती है, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित लोगों की होगी। हालांकि, इस वायरल वीडियो में किए गए दावों की अभी तक स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और पूरे मामले की वास्तविक स्थिति पुलिस या प्रशासन के आधिकारिक बयान के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।4
- धर्मेंद्र प्रधान को तुरंत अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए और उनकी जगह सोनम वांगचुक को देश का शिक्षा मंत्री बनाया जाना चाहिए। दिल्ली से यह मांग उठाते हुए साफ तौर पर कहा गया है कि धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना चाहिए और सोनम वांगचुक को देश के शिक्षा मंत्री की जिम्मेदारी सौंपी जानी चाहिए।1
- जालौन में कोचिंग सेंटरों को सील किए जाने से मचे हाहाकार के बीच बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के नेताओं ने जिलाधिकारी (डीएम) को ज्ञापन सौंपा है। बसपा नेताओं ने मांग की है कि जितने भी छोटे कोचिंग सेंटर हैं, उन्हें तुरंत खुलवाया जाए। नेताओं का कहना है कि कोचिंग बंद होने से बच्चों का भविष्य पूरी तरह बर्बाद हो रहा है और वे पढ़-लिख नहीं पा रहे हैं। इस स्थिति के कारण छात्र किसी भी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी नहीं कर पा रहे हैं और उनका भविष्य अंधकार की ओर जा रहा है।1
- उत्तर प्रदेश के जालौन जिले के कालपी क्षेत्र से घर से भागकर शादी करने के बाद सोशल मीडिया पर वीडियो डालने का एक नया मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो में एक युवती ने अपनी मर्जी से विवाह करने की बात कही है और खुद के लिए सुरक्षा की मांग की है। हालांकि, वीडियो में किए गए इन दावों की अभी तक स्वतंत्र रूप से कोई पुष्टि नहीं हो सकी है और न ही संबंधित अधिकारियों की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी किया गया है। जालौन में प्रेम विवाह के बाद घर से भागकर शादी करने वाले जोड़ों द्वारा सोशल मीडिया पर वीडियो जारी करने का यह चलन इन दिनों तेजी से बढ़ता दिखाई दे रहा है। ऐसे मामलों के लगातार सामने आने से कई सवाल खड़े हो रहे हैं और यह प्रवृत्ति लोगों के बीच बहस का विषय बन गई है। जहां एक तरफ बालिग युवाओं को अपनी पसंद से विवाह करने का कानूनी अधिकार हासिल है, वहीं दूसरी तरफ निजी मामलों के वीडियो को इस तरह सार्वजनिक करने का बढ़ता चलन लगातार चर्चा बटोर रहा है।1
- उत्तर प्रदेश के जालौन जिले के रामपुरा कस्बे में गुरुवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ, जिसने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया। अपने किराये के मकान के बाहर निश्चिंत होकर खेल रहे चार वर्षीय मासूम यशपाल को एक तेज रफ्तार कार ने बुरी तरह कुचल दिया। हादसे के बाद गंभीर रूप से घायल बच्चे को परिजन और स्थानीय लोग तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। हादसे को अंजाम देने के बाद आरोपी चालक कार को मौके पर ही छोड़कर फरार हो गया। इस घटना से मासूम के परिवार में चीख-पुकार मच गई और पूरे मोहल्ले में मातम पसर गया। जानकारी के अनुसार, मृतक यशपाल के पिता अनुराग पाल मूल रूप से ग्राम जमालपुरा के निवासी हैं और वर्तमान में रामपुरा में किराये के मकान में रहकर मेहनत-मजदूरी करते हैं। सुबह के समय उनका चार वर्षीय बेटा यशपाल सघन सहकारी समिति के पास स्थित मकान के बाहर फुटपाथ पर खेल रहा था। इसी दौरान समिति की ओर से रानी के तालाब की तरफ जा रही तेज रफ्तार कार (यूपी-92 वी-5011) अचानक मासूम की ओर बढ़ी और उसे अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी भीषण थी कि बच्चा कई फीट दूर जा गिरा और उसके मुंह व नाक से खून बहने लगा। स्थानीय लोगों ने तुरंत कार को घेरने की कोशिश की, लेकिन चालक वाहन छोड़कर भागने में सफल रहा। डॉक्टर के मुताबिक, बच्चे के शरीर में गंभीर आंतरिक चोटें आने के कारण उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। मासूम की असमय मौत से मां संगीता और पिता अनुराग पाल का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों ने आरोप लगाया है कि हादसे के वक्त कार सम्मन सोनी चला रहा था, जिसने घायल बच्चे की मदद करने के बजाय वाहन छोड़ दिया और फरार हो गया। परिजनों ने आरोपी चालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। सूचना मिलने पर रामपुरा थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया, कार को अपने कब्जे में लिया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। स्थानीय लोगों ने रिहायशी इलाकों में तेज रफ्तार वाहनों पर अंकुश लगाने, गति सीमा तय करने और पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग की है। पुलिस फिलहाल मामले की जांच कर रही है और फरार चालक की तलाश में दबिश दे रही है।2
- उरई के शहर कोतवाली क्षेत्र के कुइया रोड पर गुरुवार सुबह एक बड़ा हादसा हो गया, जहां श्री राधा कृष्ण इंटर कॉलेज की एक स्कूल वैन अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खाई में उतर गई। हादसे के वक्त वैन में करीब एक दर्जन बच्चे सवार थे, जो स्कूल जा रही थी। अचानक हुए इस हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई, जिसके बाद स्थानीय लोगों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर बच्चों को वैन से बाहर निकाला। इस दुर्घटना में चार बच्चे घायल हुए हैं। यह हादसा सुबह करीब 8:00 बजे धमना गांव के आगे हुआ, जहां से ज्यादातर बच्चे वैन में सवार हुए थे। घायल बच्चों में वेदांश (13), दिव्या (14) और दीपांजलि (13) शामिल हैं, जिन्हें इलाज के लिए उरई मेडिकल कॉलेज और निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। घटना की सूचना मिलते ही सिटी मजिस्ट्रेट सुनील कुमार और सीओ सिटी राजीव कुमार शर्मा ने मेडिकल कॉलेज पहुंचकर घायल बच्चों का हाल जाना। सीओ के मुताबिक बच्चों को मामूली चोटें आई हैं और हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। वहीं, एआरटीओ प्रवर्तन राजेश कुमार वर्मा ने बताया कि वैन के कागजात सही मिले हैं। बताया जा रहा है कि यह वैन जिस स्कूल की है, उसे भाजपा के क्षेत्रीय नेता मनोज राजपूत चलाते हैं।1
- जालौन जनपद के कोंच नगर पालिका परिषद कार्यालय के मुख्य गेट पर गुरुवार सुबह 11 बजे से शुरू हुआ सभासदों का धरना देर रात तक भी जारी रहा। सभासदों ने नगर पालिका की अधिशासी अधिकारी मोनिका उमराव की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। प्रदर्शनकारियों ने सड़क निर्माण कार्यों में कथित धांधली, लंबे समय से बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों और नगरवासियों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध न कराए जाने का आरोप लगाया है। सभासदों का कहना है कि उन्होंने कई बार इस संबंध में शिकायत की थी, लेकिन कोई समाधान न होने के चलते उन्हें अंततः आंदोलन का रास्ता चुनना पड़ा। धरने के दौरान देर रात स्थिति उस वक्त बदल गई जब अधिशासी अधिकारी के निर्देश पर दर्जनों सफाईकर्मी वहां पहुंच गए। इसकी सूचना मिलते ही पुलिस भी एहतियात के तौर पर मौके पर पहुंची और निगरानी रखी। हालांकि, कुछ समय बाद सफाईकर्मी वहां से लौट गए, लेकिन सभासद लगातार धरने पर डटे रहे। धरना दे रहे जनप्रतिनिधियों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगों का संतोषजनक समाधान नहीं होगा, तब तक यह आंदोलन अनिश्चितकाल के लिए जारी रहेगा। इस धरने में सभासद रघुवीर कुशवाहा, महेंद्र कुशवाहा, अमित यादव, विनोद सोनी, प्रतिनिधि अशोक गुर्जर, गौरव तिवारी, शकील अंसारी, सरताजुद्दीन और लकी दुबे सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।1
- दिल्ली में यह मांग उठाई गई है कि धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना चाहिए। इसके साथ ही, सोनम वांगचुक को देश का शिक्षा मंत्री बनाया जाना चाहिए।1