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जनपद मैनपुरी के थाना औंछा क्षेत्र में एक युवक से बैग और मोबाइल छीनने की घटना हुई है। इस वारदात के संबंध में अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए एक बाइट जारी की है।
Subodh kumar Tiwari
जनपद मैनपुरी के थाना औंछा क्षेत्र में एक युवक से बैग और मोबाइल छीनने की घटना हुई है। इस वारदात के संबंध में अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए एक बाइट जारी की है।
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- जनपद मैनपुरी के थाना औंछा क्षेत्र में एक युवक से बैग और मोबाइल छीनने की घटना हुई है। इस वारदात के संबंध में अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए एक बाइट जारी की है।1
- बुधवार को मैनपुरी में हुई झमाझम बारिश में बच्चों ने खूब मस्ती की। बच्चे जमकर पानी में खेलते और बारिश का आनंद लेते हुए दिखाई दिए।1
- Post by Vishal Dubey1
- पत्रकार सुरजीत के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार, माननीय श्री अखिलेश यादव जी ने एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि जो सच्चे सनातनी हैं, उन्हें भाजपाइयों से न तो टिकट मांगना चाहिए और न ही उन्हें वोट देना चाहिए।1
- उत्तर प्रदेश पंचायत चुनाव 2026 के संबंध में एक बड़े भूचाल की खबर सामने आई है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने योगी सरकार को कड़ी फटकार लगाते हुए, पूर्व ग्राम प्रधानों को प्रशासक बनाने के उसके फैसले को असंवैधानिक घोषित कर रद्द कर दिया है। इस फैसले ने प्रभावी रूप से प्रधानों की कुर्सी छीन ली है। हाईकोर्ट के इस कदम से अब यह सवाल उठ खड़ा हुआ है कि यूपी में ग्राम प्रधान के चुनाव कब होंगे और क्या वर्तमान प्रशासकों को रातों-रात अपनी कुर्सी खाली करनी पड़ेगी। इस पूरे मामले से जुड़ी 'महाफैसले' की पूरी इनसाइड स्टोरी 13 जुलाई को सामने आने की उम्मीद है। यह घटनाक्रम राज्य में पंचायत चुनाव के भविष्य को लेकर गहन चर्चा का विषय बन गया है, जहाँ लोगों से यह भी पूछा जा रहा है कि उनके मतानुसार उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव कब होने चाहिए।1
- मैनपुरी में समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के साथ विजय कठेरिया का जन्मदिन भी बड़े ही धूमधाम से मनाया गया। विजय कठेरिया वर्तमान में किशनी विधानसभा से चुनाव की तैयारी कर रहे हैं।1
- उत्तर प्रदेश की सियासत से इस वक्त एक बेहद दिलचस्प और बड़ी सियासी हलचल की खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का गढ़ कहे जाने वाले जनपद मथुरा में, एक तरफ जहाँ मुख्यमंत्री का दौरा चल रहा था, वहीं दूसरी तरफ सड़कों पर एक अलग ही राजनीतिक दृश्य देखने को मिला। मथुरा की पावन धरती पर बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती के कार्यकर्ताओं और उनके समर्थकों ने एक विशाल रैली निकालकर अपनी ताकत का पुरजोर अहसास कराया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मथुरा आगमन के बीच ही, बहुजन समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं ने बेहद उत्साह, जोश और भारी जनसैलाब के साथ सड़कों पर उतरकर एक बड़ी रैली का आयोजन किया। नीले झंडों और गगनभेदी नारों के साथ निकली इस रैली ने सीधे तौर पर यह साबित कर दिया कि बहुजन समाज का कैडर और उनके समर्थक आज भी जमीन पर पूरी तरह से जागरूक और सक्रिय हैं। 'मायावती की सेना' कहे जाने वाले इन कार्यकर्ताओं का यह शक्ति प्रदर्शन ऐसे समय में हुआ है जब सूबे के मुखिया खुद जिले में मौजूद थे, जिसने इस रैली के सियासी मायनों को कई गुना बढ़ा दिया है। रैली में उमड़ी इस भारी भीड़ ने विरोधियों के उन दावों को सिरे से खारिज कर दिया जिनमें बहुजन आंदोलन को कमजोर आंका जा रहा था। कार्यकर्ताओं के इस जबरदस्त उत्साह ने स्पष्ट संदेश दे दिया है कि उनका वोट बैंक और उनका कैडर आज भी अपनी नेता कुमारी मायावती के पीछे मजबूती से खड़ा है और आने वाले समय की राजनीतिक चुनौतियों के लिए पूरी तरह मुस्तैद है। इस अचानक हुए शक्ति प्रदर्शन ने न सिर्फ मथुरा बल्कि पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सियासी गलियारों में नई चर्चाएं छेड़ दी हैं और रणनीतिकारों को अपने समीकरणों पर दोबारा सोचने के लिए मजबूर कर दिया है। मुख्यमंत्री के दौरे के ठीक बीच में बहुजन समाज पार्टी की इस हुंकार ने साफ कर दिया है कि उत्तर प्रदेश की राजनीति में ऊंट किस करवट बैठेगा, यह कहना अभी जल्दबाजी होगी। मथुरा की सड़कों से शुरू हुई यह सियासी गूंज आने वाले दिनों में क्या रंग लाती है, इस पर GD News Network की नजर लगातार बनी रहेगी।1