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लखनऊ में एक इमारत में लगी भीषण आग में लगभग डेढ़ दर्जन युवाओं की दर्दनाक मौत हो गई। वहाँ मौजूद युवाओं की चीखें और गवाहियाँ इस घटना को महज़ एक हादसे से कहीं ज़्यादा, हमारे समय की एक भयावह सच्चाई बताती हैं। इस त्रासदी ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि जिन लोगों को युवाओं ने अपनी उम्मीदों और भविष्य की जिम्मेदारी सौंपी थी, उन्होंने उनके लिए क्या किया। पाठ्य में आरोप लगाया गया है कि रोज़गार, शिक्षा, सुरक्षा और बेहतर व्यवस्था देने के बजाय, समाज को धर्म और नफ़रत की आग में झोंका जा रहा है। यह तुलना की गई है कि जहाँ एक आग इमारतों को जलाती है, वहीं दूसरी आग पीढ़ियों के सपनों को नष्ट कर रही है। चेतावनी दी गई है कि नफ़रत की राजनीति का अंत कभी अच्छा नहीं होता, और अगर अब भी लोग नहीं संभले या असली मुद्दों पर सवाल नहीं पूछे, तो केवल इमारतें ही नहीं, बल्कि सपने और भविष्य भी जलकर राख हो जाएँगे, जिससे पूरा समाज नष्ट हो जाएगा। यह आह्वान किया गया है कि अभी भी समय है, और यह तय करना होगा कि हम आग बुझाने वालों के साथ खड़े होंगे या आग फैलाने वालों के साथ।

4 hrs ago
user_दैनिक राष्ट्रीय जगत न्यूज संपा
दैनिक राष्ट्रीय जगत न्यूज संपा
मेजा, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
4 hrs ago

लखनऊ में एक इमारत में लगी भीषण आग में लगभग डेढ़ दर्जन युवाओं की दर्दनाक मौत हो गई। वहाँ मौजूद युवाओं की चीखें और गवाहियाँ इस घटना को महज़ एक हादसे से कहीं ज़्यादा, हमारे समय की एक भयावह सच्चाई बताती हैं। इस त्रासदी ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि जिन लोगों को युवाओं ने अपनी उम्मीदों और भविष्य की जिम्मेदारी सौंपी थी, उन्होंने उनके लिए क्या किया। पाठ्य में आरोप लगाया गया है कि रोज़गार, शिक्षा, सुरक्षा और बेहतर व्यवस्था देने के बजाय, समाज को धर्म और नफ़रत की आग में झोंका जा रहा है। यह तुलना की गई है कि जहाँ एक आग इमारतों को जलाती है, वहीं दूसरी आग पीढ़ियों के सपनों को नष्ट कर रही है। चेतावनी दी गई है कि नफ़रत की राजनीति का अंत कभी अच्छा नहीं होता, और अगर अब भी लोग नहीं संभले या असली मुद्दों पर सवाल नहीं पूछे, तो केवल इमारतें ही नहीं, बल्कि सपने और भविष्य भी जलकर राख हो जाएँगे, जिससे पूरा समाज नष्ट हो जाएगा। यह आह्वान किया गया है कि अभी भी समय है, और यह तय करना होगा कि हम आग बुझाने वालों के साथ खड़े होंगे या आग फैलाने वालों के साथ।

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • प्रयागराज में इस्लामे हिन्द मोहर्रम कमेटी द्वारा माहे मोहर्रम की 7 तारीख को 'गुल्लू पहलवान की मन्नती मेहंदी' पूरी श्रद्धा और भव्यता के साथ उठाई गई। इस अवसर पर इमाम हुसैन के प्रति गहरी अकीदत व्यक्त की गई, जहाँ हर दिल में हुसैन की धड़कन महसूस की जा रही थी और आँखों से लहू बनकर बरसते हुसैन का स्मरण किया जा रहा था। यह मेहंदी बहुत ही खूबसूरती से सजाई गई थी, जिसमें चार गेट, मेहराब मीनार और गुंबद बनाए गए थे। इसे गुलदाउदी और गुलाब के फूलों से अलंकृत किया गया था, जिसकी कारीगरी इतनी शानदार थी कि फूल नहीं बल्कि मोती और नगीना जड़े हुए प्रतीत हो रहे थे। इस लाजवाब मेहंदी को प्रयागराज के प्रसिद्ध गौस माली ने दो दर्जन कारीगरों के साथ मिलकर तैयार किया था। मेहंदी उठते ही उसकी बेजोड़ खूबसूरती की हर कोई तारीफ करने लगता है और गौस माली को इनाम मिलना शुरू हो जाता है, जिससे उसकी शानदार कारीगरी का अंदाज़ा होता है। जब मेहंदी पर फोकस की लाइट पड़ती है, तो ऐसा लगता है मानो एक चाँद आसमान में गश्त कर रहा है और दूसरा ज़मीन पर। देर रात को 'या अली या हुसैन' के बुलंद नारों के साथ मेहंदी उठाई गई, जिसमें नौजवानों का जोश देखने लायक था, वे अपने कंधों पर मेहंदी को लेकर गश्त कराने निकले। इस भव्य आयोजन को देखने के लिए अकीदतमंद कई शहरों से पहले ही अपने रिश्तेदारों के यहाँ आ जाते हैं। मेहंदी लतीफ मार्केट से उठकर गढ़ी सराय, नखास कोहना, ताज शाही पर गश्त करती है और सुबह होते-होते नखास कोहना, सेवई मंडी, कोतवाली, बजाजा पट्टी, सब्जी मंडी होते हुए लतीफ मार्केट के पास अपने कदीमी इमाम बाड़े पर रखी जाती है। इस पूरे रास्ते पर हुसैनी जनसैलाब उमड़ पड़ता है और हर कोई मेहंदी देखने को बेताब रहता है। मेहंदी के पूरे रास्ते लंगर होता रहा, जिसमें बरकत होटल से शीरमाल का लंगर भी किया गया। 'या अली या हुसैन' के नारों के साथ इस्लामी परचम के साथ तिरंगा भी लहराया जा रहा था, जो देश की शान बढ़ा रहा था। इस दौरान कर्बला की तपती हुई ज़मीन पर हक और बातिल के मुकाबले का संदेश भी दिया गया, जहाँ इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम ने अपने अहले बैत और साथियों के साथ शहादत का जाम पीकर दुनिया को यह पैगाम दिया कि इज्जत की मौत जिल्लत की जिंदगी से बेहतर है। 'झोली फैलाकर मांग लो मोमिनो, हर दुआ कबूल करेगा दिल हुसैन का' जैसे भाव भी व्यक्त किए गए। इस धार्मिक आयोजन में अध्यक्ष मोहम्मद गुफरान (गुल्लू पहलवान), मोहम्मद एजाज, मोहम्मद मजहर, मोहम्मद अजहर, मोहम्मद आदिल, मोहम्मद आजम, मोहम्मद मुअज्जम, गुलाम रब्बानी, मोहम्मद नबी, नदीम खान, नियाजी, मोहम्मद आमिर, अरशद रियासत, अकरम शगुन, मोहम्मद नसीम, मोहम्मद अहमद, गुलाम मोहम्मद, मोहसिन हैदर, मोहम्मद इमरान, मोहम्मद आशिक, मोहम्मद जफर, वजीर खान और हजारों अकीदतमंद शामिल हुए। सिविल डिफेंस के मोहम्मद ताहिर और मोहम्मद असलम मजहर ने अपनी पूरी टीम के साथ प्रशासन का सहयोग किया, वहीं कोतवाली पुलिस पूरी रात ट्रैफिक और सुरक्षा व्यवस्था में मुस्तैद रही। अकीदत, ऐतबार, यकीन और अदब के साथ इस मन्नती मेहंदी को उठाया गया।
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    प्रयागराज में इस्लामे हिन्द मोहर्रम कमेटी द्वारा माहे मोहर्रम की 7 तारीख को 'गुल्लू पहलवान की मन्नती मेहंदी' पूरी श्रद्धा और भव्यता के साथ उठाई गई। इस अवसर पर इमाम हुसैन के प्रति गहरी अकीदत व्यक्त की गई, जहाँ हर दिल में हुसैन की धड़कन महसूस की जा रही थी और आँखों से लहू बनकर बरसते हुसैन का स्मरण किया जा रहा था।

यह मेहंदी बहुत ही खूबसूरती से सजाई गई थी, जिसमें चार गेट, मेहराब मीनार और गुंबद बनाए गए थे। इसे गुलदाउदी और गुलाब के फूलों से अलंकृत किया गया था, जिसकी कारीगरी इतनी शानदार थी कि फूल नहीं बल्कि मोती और नगीना जड़े हुए प्रतीत हो रहे थे। इस लाजवाब मेहंदी को प्रयागराज के प्रसिद्ध गौस माली ने दो दर्जन कारीगरों के साथ मिलकर तैयार किया था। मेहंदी उठते ही उसकी बेजोड़ खूबसूरती की हर कोई तारीफ करने लगता है और गौस माली को इनाम मिलना शुरू हो जाता है, जिससे उसकी शानदार कारीगरी का अंदाज़ा होता है। जब मेहंदी पर फोकस की लाइट पड़ती है, तो ऐसा लगता है मानो एक चाँद आसमान में गश्त कर रहा है और दूसरा ज़मीन पर।

देर रात को 'या अली या हुसैन' के बुलंद नारों के साथ मेहंदी उठाई गई, जिसमें नौजवानों का जोश देखने लायक था, वे अपने कंधों पर मेहंदी को लेकर गश्त कराने निकले। इस भव्य आयोजन को देखने के लिए अकीदतमंद कई शहरों से पहले ही अपने रिश्तेदारों के यहाँ आ जाते हैं। मेहंदी लतीफ मार्केट से उठकर गढ़ी सराय, नखास कोहना, ताज शाही पर गश्त करती है और सुबह होते-होते नखास कोहना, सेवई मंडी, कोतवाली, बजाजा पट्टी, सब्जी मंडी होते हुए लतीफ मार्केट के पास अपने कदीमी इमाम बाड़े पर रखी जाती है। इस पूरे रास्ते पर हुसैनी जनसैलाब उमड़ पड़ता है और हर कोई मेहंदी देखने को बेताब रहता है। मेहंदी के पूरे रास्ते लंगर होता रहा, जिसमें बरकत होटल से शीरमाल का लंगर भी किया गया। 'या अली या हुसैन' के नारों के साथ इस्लामी परचम के साथ तिरंगा भी लहराया जा रहा था, जो देश की शान बढ़ा रहा था।

इस दौरान कर्बला की तपती हुई ज़मीन पर हक और बातिल के मुकाबले का संदेश भी दिया गया, जहाँ इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम ने अपने अहले बैत और साथियों के साथ शहादत का जाम पीकर दुनिया को यह पैगाम दिया कि इज्जत की मौत जिल्लत की जिंदगी से बेहतर है। 'झोली फैलाकर मांग लो मोमिनो, हर दुआ कबूल करेगा दिल हुसैन का' जैसे भाव भी व्यक्त किए गए।

इस धार्मिक आयोजन में अध्यक्ष मोहम्मद गुफरान (गुल्लू पहलवान), मोहम्मद एजाज, मोहम्मद मजहर, मोहम्मद अजहर, मोहम्मद आदिल, मोहम्मद आजम, मोहम्मद मुअज्जम, गुलाम रब्बानी, मोहम्मद नबी, नदीम खान, नियाजी, मोहम्मद आमिर, अरशद रियासत, अकरम शगुन, मोहम्मद नसीम, मोहम्मद अहमद, गुलाम मोहम्मद, मोहसिन हैदर, मोहम्मद इमरान, मोहम्मद आशिक, मोहम्मद जफर, वजीर खान और हजारों अकीदतमंद शामिल हुए। सिविल डिफेंस के मोहम्मद ताहिर और मोहम्मद असलम मजहर ने अपनी पूरी टीम के साथ प्रशासन का सहयोग किया, वहीं कोतवाली पुलिस पूरी रात ट्रैफिक और सुरक्षा व्यवस्था में मुस्तैद रही। अकीदत, ऐतबार, यकीन और अदब के साथ इस मन्नती मेहंदी को उठाया गया।
    user_दैनिक राष्ट्रीय जगत न्यूज संपा
    दैनिक राष्ट्रीय जगत न्यूज संपा
    मेजा, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    12 hrs ago
  • प्रयागराज जनपद के घूरपुर क्षेत्र में 10 मुहर्रम के अवसर पर निकलने वाला 'पुरानी आठवीं की मेहंदी एवं झूला' का पारंपरिक जुलूस क्षेत्र की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। दशकों से निकल रहे इस जुलूस में हजारों बच्चे, महिलाएं, बुजुर्ग और श्रद्धालु शामिल होते हैं। हालाँकि, जुलूस की तैयारियों के बीच, रीवा रोड राष्ट्रीय राजमार्ग पर लगभग 700 मीटर लंबे जुलूस मार्ग पर लंबे समय से बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों ने स्थानीय लोगों में सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता पैदा कर दी है। रात के समय पूरा मार्ग अंधेरे में डूबा रहता है, जिससे जुलूस में शामिल लोगों की सुरक्षा पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा हो गया है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह राष्ट्रीय राजमार्ग होने के कारण इस मार्ग पर दिन-रात वाहनों का आवागमन बना रहता है। ऐसे में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था न होने से दुर्घटना की आशंका बढ़ जाती है, जिसका सबसे अधिक जोखिम बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को उठाना पड़ सकता है। क्षेत्रवासियों ने प्रशासन, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और संबंधित विभागों से तत्काल बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों को चालू कराने तथा जुलूस मार्ग पर पर्याप्त सुरक्षा एवं प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। लोगों का स्पष्ट कहना है कि जनसुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए समय रहते आवश्यक कदम उठाए जाने चाहिए, ताकि यह धार्मिक आयोजन शांतिपूर्ण और सुरक्षित ढंग से संपन्न हो सके। स्थानीय लोगों के बीच यह सवाल भी उठ रहा है कि यदि पूर्व सूचना के बावजूद आवश्यक सुरक्षा व्यवस्थाएं नहीं की जाती हैं और कोई अप्रिय घटना घटती है, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी। क्षेत्र की जनता प्रशासन से इस विषय पर शीघ्र कार्रवाई की अपेक्षा कर रही है।
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    प्रयागराज जनपद के घूरपुर क्षेत्र में 10 मुहर्रम के अवसर पर निकलने वाला 'पुरानी आठवीं की मेहंदी एवं झूला' का पारंपरिक जुलूस क्षेत्र की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। दशकों से निकल रहे इस जुलूस में हजारों बच्चे, महिलाएं, बुजुर्ग और श्रद्धालु शामिल होते हैं। हालाँकि, जुलूस की तैयारियों के बीच, रीवा रोड राष्ट्रीय राजमार्ग पर लगभग 700 मीटर लंबे जुलूस मार्ग पर लंबे समय से बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों ने स्थानीय लोगों में सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता पैदा कर दी है।

रात के समय पूरा मार्ग अंधेरे में डूबा रहता है, जिससे जुलूस में शामिल लोगों की सुरक्षा पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा हो गया है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह राष्ट्रीय राजमार्ग होने के कारण इस मार्ग पर दिन-रात वाहनों का आवागमन बना रहता है। ऐसे में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था न होने से दुर्घटना की आशंका बढ़ जाती है, जिसका सबसे अधिक जोखिम बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को उठाना पड़ सकता है।

क्षेत्रवासियों ने प्रशासन, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और संबंधित विभागों से तत्काल बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों को चालू कराने तथा जुलूस मार्ग पर पर्याप्त सुरक्षा एवं प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। लोगों का स्पष्ट कहना है कि जनसुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए समय रहते आवश्यक कदम उठाए जाने चाहिए, ताकि यह धार्मिक आयोजन शांतिपूर्ण और सुरक्षित ढंग से संपन्न हो सके। स्थानीय लोगों के बीच यह सवाल भी उठ रहा है कि यदि पूर्व सूचना के बावजूद आवश्यक सुरक्षा व्यवस्थाएं नहीं की जाती हैं और कोई अप्रिय घटना घटती है, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी। क्षेत्र की जनता प्रशासन से इस विषय पर शीघ्र कार्रवाई की अपेक्षा कर रही है।
    user_RAMBABU PATEL
    RAMBABU PATEL
    Insurance Agent Bara, Prayagraj•
    19 hrs ago
  • प्रयागराज के यमुनानगर कौंधियारा थाना क्षेत्र के चौकी जारी के अंतर्गत आने वाली ग्राम सभा पहलूकापूरा जारी में दबंगों ने गरीब विधवा महिला सुनीता (स्वर्गीय ज्ञान चंद बिंद की पत्नी) के घर की दीवार तोड़ दी। एक तहरीर के आधार पर हुई इस घटना में, दबंगों ने सुनीता के साथ-साथ अनुराग गुप्ता, आशीष कुमार और रघुनाथ प्रसाद को बेरहमी से मारा-पीटा। आरोप है कि उन्होंने पीड़ित परिवार को जान से मारने की धमकी भी दी है।
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    प्रयागराज के यमुनानगर कौंधियारा थाना क्षेत्र के चौकी जारी के अंतर्गत आने वाली ग्राम सभा पहलूकापूरा जारी में दबंगों ने गरीब विधवा महिला सुनीता (स्वर्गीय ज्ञान चंद बिंद की पत्नी) के घर की दीवार तोड़ दी। एक तहरीर के आधार पर हुई इस घटना में, दबंगों ने सुनीता के साथ-साथ अनुराग गुप्ता, आशीष कुमार और रघुनाथ प्रसाद को बेरहमी से मारा-पीटा। आरोप है कि उन्होंने पीड़ित परिवार को जान से मारने की धमकी भी दी है।
    user_JOURNALIST PANKAJ SINGH
    JOURNALIST PANKAJ SINGH
    Teacher हंडिया, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • Post by Raju Yadav
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    Post by Raju Yadav
    user_Raju Yadav
    Raju Yadav
    Artist Handia, Prayagraj•
    11 hrs ago
  • प्रयागराज के फाफामऊ थाना क्षेत्र में एक नाबालिग लड़की पर हुए हमले की घटना का खुलासा करते हुए, पुलिस ने दो वांछित अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। फाफामऊ थाना और एसओजी/सर्विलांस सेल गंगानगर की संयुक्त पुलिस टीम ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए एक अवैध तमंचा, दो कारतूस और घटना में प्रयुक्त एक कार बरामद की है। पुलिस को 22 जून 2026 को शाम करीब 7 बजे फाफामऊ क्षेत्रांतर्गत बेला कछार के पास एक युवती पर हमले की सूचना मिली थी। सूचना मिलने पर पुलिस उपायुक्त गंगानगर और सहायक पुलिस आयुक्त थरवई ने तत्काल घटनास्थल का निरीक्षण किया और पीड़िता को इलाज के लिए अस्पताल भिजवाया, जहाँ अब उसकी स्थिति सामान्य बताई गई है। युवती की माँ की तहरीर के आधार पर फाफामऊ थाने में संबंधित धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर घटना के अनावरण के लिए एक पुलिस टीम का गठन किया गया था। पुलिस आयुक्त और अतिरिक्त पुलिस आयुक्त के निर्देशन में, पुलिस उपायुक्त व अपर पुलिस उपायुक्त गंगानगर के पर्यवेक्षण तथा सहायक पुलिस आयुक्त थरवई के कुशल नेतृत्व में, फाफामऊ थाने में पंजीकृत मु0अ0सं0-131/2026 से संबंधित दो वांछित अभियुक्तों – मो0 अरबाज उर्फ डैनी (उम्र करीब 19 वर्ष) पुत्र पप्पू और सुहेल अहमद (उम्र करीब 20 वर्ष) पुत्र स्व0 इम्तियाज अहमद – को 24 जून 2026 को रात करीब 8:30 बजे मलाक हरहर रेलवे पुल के पास से गिरफ्तार किया गया। उनके कब्जे से 0.315 बोर का एक अवैध तमंचा, दो कारतूस और वाहन संख्या UP 70 DQ 8726 वाली कार बरामद हुई। साक्ष्य संकलन के आधार पर मुकदमे में धारा-352/3(5) भारतीय न्याय संहिता और 3(2)5 एससी/एसटी एक्ट की बढ़ोत्तरी की गई, तथा धारा-109 भारतीय न्याय संहिता को धारा-109(1) भारतीय न्याय संहिता में संशोधित कर आगे की कानूनी कार्यवाही की गई है। पूछताछ में पता चला कि पीड़िता और अभियुक्त मो0 अरबाज उर्फ डैनी एक-दूसरे को एक साल से जानते थे और आपस में बातचीत करते थे। 22 जून 2026 को दोपहर करीब 3 बजे पीड़िता अपनी बुआ के साथ फाफामऊ बाजार गई थी, जहाँ उसने डैनी को फोन करके बुलाया। डैनी अपने दोस्त सुहेल अहमद की कार से उसके साथ पहुँचा। पीड़िता और उसकी बुआ गाड़ी में बैठ गईं। डैनी और सुहेल, पीड़िता और उसकी बुआ को पानी टंकी की ओर ले गए, जहाँ कुछ दूर आगे चलकर बुआ को घर के पास उतार दिया। पीड़िता ने घूमने जाने को कहा, जिसके बाद कुछ देर घूमने के पश्चात डैनी ने उसे उसके घर के पास छोड़ दिया। शाम करीब 5:30 बजे, पीड़िता ने फिर से डैनी को फोन करके बुलाया और सुलभ शौचालय के पास से उसके साथ गाड़ी में बैठकर बेला कछार की तरफ चली गई। कछार में टहलते समय पीड़िता ने डैनी के पास तमंचा देखकर उसे चलाकर दिखाने का आग्रह किया। डैनी ने हवा में एक फायर किया, जिसमें गोली नहीं चली, और अगला फायर पीड़िता की तरफ करके चला दिया, जिससे निकली गोली पीड़िता के पैर में जा लगी। गोली लगने के बाद पीड़िता ने अपनी माँ को फोन करके बुलाया और उन्हें झूठी कहानी बताई कि अज्ञात 2-3 लड़कों ने उस पर धारदार हथियार से हमला किया है। डैनी ने अपने परिचय का हवाला देकर लड़की पर परिजनों को झूठी सूचना देने का दबाव बनाया, जिसके चलते लड़की ने शुरू से ही पुलिस को गुमराह किया। अनावरण के लिए गठित टीम ने सर्विलांस के माध्यम से घटना के समय डैनी और पीड़िता के बीच बातचीत पाई। इसके अतिरिक्त, लड़की की बुआ से पूछताछ और सीसीटीवी फुटेज के अवलोकन से संदिग्ध गाड़ी दिखी, जिससे घटनाक्रम स्पष्ट हुआ। पीड़िता की माँ ने अपनी तहरीर में धारदार हथियार से हमले की बात कही थी और प्रारंभिक जांच में भी डॉक्टरों ने धारदार हथियार से चोट बताई थी, लेकिन गहन मेडिकल जांच में पैर में गोली लगने की पुष्टि हुई। अथक प्रयासों और सीसीटीवी, सीडीआर तथा बुआ के बयान की गहन जांच के बाद सत्य घटना सामने आई, जिसकी बाद में आरोपी और पीड़िता दोनों ने पुष्टि की। अभियुक्त सुहेल अहमद भी घटना में मौजूद था और सहयोगी रहा था।
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    प्रयागराज के फाफामऊ थाना क्षेत्र में एक नाबालिग लड़की पर हुए हमले की घटना का खुलासा करते हुए, पुलिस ने दो वांछित अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। फाफामऊ थाना और एसओजी/सर्विलांस सेल गंगानगर की संयुक्त पुलिस टीम ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए एक अवैध तमंचा, दो कारतूस और घटना में प्रयुक्त एक कार बरामद की है।

पुलिस को 22 जून 2026 को शाम करीब 7 बजे फाफामऊ क्षेत्रांतर्गत बेला कछार के पास एक युवती पर हमले की सूचना मिली थी। सूचना मिलने पर पुलिस उपायुक्त गंगानगर और सहायक पुलिस आयुक्त थरवई ने तत्काल घटनास्थल का निरीक्षण किया और पीड़िता को इलाज के लिए अस्पताल भिजवाया, जहाँ अब उसकी स्थिति सामान्य बताई गई है। युवती की माँ की तहरीर के आधार पर फाफामऊ थाने में संबंधित धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर घटना के अनावरण के लिए एक पुलिस टीम का गठन किया गया था।

पुलिस आयुक्त और अतिरिक्त पुलिस आयुक्त के निर्देशन में, पुलिस उपायुक्त व अपर पुलिस उपायुक्त गंगानगर के पर्यवेक्षण तथा सहायक पुलिस आयुक्त थरवई के कुशल नेतृत्व में, फाफामऊ थाने में पंजीकृत मु0अ0सं0-131/2026 से संबंधित दो वांछित अभियुक्तों – मो0 अरबाज उर्फ डैनी (उम्र करीब 19 वर्ष) पुत्र पप्पू और सुहेल अहमद (उम्र करीब 20 वर्ष) पुत्र स्व0 इम्तियाज अहमद – को 24 जून 2026 को रात करीब 8:30 बजे मलाक हरहर रेलवे पुल के पास से गिरफ्तार किया गया। उनके कब्जे से 0.315 बोर का एक अवैध तमंचा, दो कारतूस और वाहन संख्या UP 70 DQ 8726 वाली कार बरामद हुई। साक्ष्य संकलन के आधार पर मुकदमे में धारा-352/3(5) भारतीय न्याय संहिता और 3(2)5 एससी/एसटी एक्ट की बढ़ोत्तरी की गई, तथा धारा-109 भारतीय न्याय संहिता को धारा-109(1) भारतीय न्याय संहिता में संशोधित कर आगे की कानूनी कार्यवाही की गई है।

पूछताछ में पता चला कि पीड़िता और अभियुक्त मो0 अरबाज उर्फ डैनी एक-दूसरे को एक साल से जानते थे और आपस में बातचीत करते थे। 22 जून 2026 को दोपहर करीब 3 बजे पीड़िता अपनी बुआ के साथ फाफामऊ बाजार गई थी, जहाँ उसने डैनी को फोन करके बुलाया। डैनी अपने दोस्त सुहेल अहमद की कार से उसके साथ पहुँचा। पीड़िता और उसकी बुआ गाड़ी में बैठ गईं। डैनी और सुहेल, पीड़िता और उसकी बुआ को पानी टंकी की ओर ले गए, जहाँ कुछ दूर आगे चलकर बुआ को घर के पास उतार दिया। पीड़िता ने घूमने जाने को कहा, जिसके बाद कुछ देर घूमने के पश्चात डैनी ने उसे उसके घर के पास छोड़ दिया। शाम करीब 5:30 बजे, पीड़िता ने फिर से डैनी को फोन करके बुलाया और सुलभ शौचालय के पास से उसके साथ गाड़ी में बैठकर बेला कछार की तरफ चली गई। कछार में टहलते समय पीड़िता ने डैनी के पास तमंचा देखकर उसे चलाकर दिखाने का आग्रह किया। डैनी ने हवा में एक फायर किया, जिसमें गोली नहीं चली, और अगला फायर पीड़िता की तरफ करके चला दिया, जिससे निकली गोली पीड़िता के पैर में जा लगी।

गोली लगने के बाद पीड़िता ने अपनी माँ को फोन करके बुलाया और उन्हें झूठी कहानी बताई कि अज्ञात 2-3 लड़कों ने उस पर धारदार हथियार से हमला किया है। डैनी ने अपने परिचय का हवाला देकर लड़की पर परिजनों को झूठी सूचना देने का दबाव बनाया, जिसके चलते लड़की ने शुरू से ही पुलिस को गुमराह किया। अनावरण के लिए गठित टीम ने सर्विलांस के माध्यम से घटना के समय डैनी और पीड़िता के बीच बातचीत पाई। इसके अतिरिक्त, लड़की की बुआ से पूछताछ और सीसीटीवी फुटेज के अवलोकन से संदिग्ध गाड़ी दिखी, जिससे घटनाक्रम स्पष्ट हुआ। पीड़िता की माँ ने अपनी तहरीर में धारदार हथियार से हमले की बात कही थी और प्रारंभिक जांच में भी डॉक्टरों ने धारदार हथियार से चोट बताई थी, लेकिन गहन मेडिकल जांच में पैर में गोली लगने की पुष्टि हुई। अथक प्रयासों और सीसीटीवी, सीडीआर तथा बुआ के बयान की गहन जांच के बाद सत्य घटना सामने आई, जिसकी बाद में आरोपी और पीड़िता दोनों ने पुष्टि की। अभियुक्त सुहेल अहमद भी घटना में मौजूद था और सहयोगी रहा था।
    user_दिवाकर पाल
    दिवाकर पाल
    करछना, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    14 hrs ago
  • दिल्ली में मोहम्मद गुलफ़ाम नामक 25 वर्षीय व्यक्ति ने एक 9 साल की बच्ची के साथ घिनौनी करतूत को अंजाम दिया। मिली जानकारी के अनुसार, गुलफ़ाम ने पहले बच्ची को छेड़ा और उसके बाद उसे अपनी बाइक पर अगवा कर भागने का प्रयास किया। हालाँकि, उसकी यह कोशिश नाकाम रही क्योंकि स्थानीय लोगों ने उसे मौके पर ही पकड़ लिया। लोगों ने मोहम्मद गुलफ़ाम को पकड़ने के बाद 'सलीके से उसका उपचार किया'।
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    दिल्ली में मोहम्मद गुलफ़ाम नामक 25 वर्षीय व्यक्ति ने एक 9 साल की बच्ची के साथ घिनौनी करतूत को अंजाम दिया। मिली जानकारी के अनुसार, गुलफ़ाम ने पहले बच्ची को छेड़ा और उसके बाद उसे अपनी बाइक पर अगवा कर भागने का प्रयास किया। हालाँकि, उसकी यह कोशिश नाकाम रही क्योंकि स्थानीय लोगों ने उसे मौके पर ही पकड़ लिया। लोगों ने मोहम्मद गुलफ़ाम को पकड़ने के बाद 'सलीके से उसका उपचार किया'।
    user_दैनिक राष्ट्रीय जगत न्यूज संपा
    दैनिक राष्ट्रीय जगत न्यूज संपा
    मेजा, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    12 hrs ago
  • वेनेजुएला में आए भीषण भूकंपों ने इस सदी की सबसे बड़ी तबाही मचाई है, जिसकी पहले कभी कल्पना नहीं की गई थी। एक के बाद एक आए इन भूकंपों की तीव्रता 7.1 और 7.5 रही, जिससे लगभग एक करोड़ लोग प्रभावित हुए हैं। इन विनाशकारी घटनाओं में मृतकों की संख्या 10,000 से अधिक बताई जा रही है। राजधानी काराकस से सामने आ रहे दृश्यों में हर तरफ ध्वस्त इमारतें, मलबे का विशाल ढेर और बड़े पैमाने पर राहत एवं बचाव अभियान स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।
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    वेनेजुएला में आए भीषण भूकंपों ने इस सदी की सबसे बड़ी तबाही मचाई है, जिसकी पहले कभी कल्पना नहीं की गई थी। एक के बाद एक आए इन भूकंपों की तीव्रता 7.1 और 7.5 रही, जिससे लगभग एक करोड़ लोग प्रभावित हुए हैं। इन विनाशकारी घटनाओं में मृतकों की संख्या 10,000 से अधिक बताई जा रही है।

राजधानी काराकस से सामने आ रहे दृश्यों में हर तरफ ध्वस्त इमारतें, मलबे का विशाल ढेर और बड़े पैमाने पर राहत एवं बचाव अभियान स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।
    user_Umesh chandra patrkar
    Umesh chandra patrkar
    Advertising Photographer मेजा, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    12 hrs ago
  • प्रयागराज के मेजा में हुए ट्रिपल हत्याकांड के मामले में एक नया मोड़ सामने आया है। इस घटना से जुड़ी एक लड़की का झूठा बयान सामने आया है, जिससे पूरे प्रकरण की परतें खुल सकती हैं। लोग अब इस पूरे मामले को विस्तार से समझने की उत्सुकता दिखा रहे हैं, खासकर इस झूठे बयान के निहितार्थों को लेकर।
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    प्रयागराज के मेजा में हुए ट्रिपल हत्याकांड के मामले में एक नया मोड़ सामने आया है। इस घटना से जुड़ी एक लड़की का झूठा बयान सामने आया है, जिससे पूरे प्रकरण की परतें खुल सकती हैं। लोग अब इस पूरे मामले को विस्तार से समझने की उत्सुकता दिखा रहे हैं, खासकर इस झूठे बयान के निहितार्थों को लेकर।
    user_JOURNALIST PANKAJ SINGH
    JOURNALIST PANKAJ SINGH
    Teacher हंडिया, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    22 hrs ago
  • सूरत में एक चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है, जहाँ सचिन चौगड़ी पुलिस स्टेशन के कर्मचारियों पर 'लुटेरे' की भूमिका निभाने का सनसनीखेज आरोप लगा है। अर्जुन नामक एक युवक जो कुत्ते को बिस्किट खिलाने निकला था, उसे पुलिसकर्मियों ने लहूलुहान कर दिया और उसकी जेब से ₹12,000 लूटकर फरार हो गए। आरोप है कि बन्नर शैतान सिंह, विनय, केसर और उनका निजी ड्राइवर सरकारी गाड़ी के बजाय ऑटो रिक्शा में शिकार की तलाश में निकले थे। वे अपने साथ गांजे की पुड़िया रखते थे और निर्दोष युवकों को नशे के झूठे मामलों में फंसाने की धमकी देते थे। विरोध करने पर ड्राइवर ने डंडे से अर्जुन की आँख के ऊपर जानलेवा वार किया, जिससे खून बहने लगा, लेकिन ऑटो में बैठे खाकीधारी तमाशा देखते रहे। लूटपाट के बाद, युवक के दोस्त सलमान को धमकाया गया कि यदि उसने मुँह खोला तो उसे आजीवन जेल में सड़ा दिया जाएगा। घटना के बाद 112 नंबर पर मदद के लिए कॉल करने के बावजूद सिस्टम सोता रहा और कोई सहायता नहीं मिली। शर्मनाक बात यह है कि इस घटना की खबर वायरल होने के बावजूद, सचिन पुलिस स्टेशन अपने ही 'पापी' कर्मचारियों को बचाने के लिए 'खाकी कवच' प्रदान कर रहा है। पीड़ित अर्जुन की लाचार माँ ने न्याय की भीख मांगने के लिए एक-दो बार नहीं, बल्कि पाँच बार सचिन पुलिस स्टेशन के चक्कर लगाए हैं। हालाँकि, हर बार उन्हें एक ही घिसा-पिटा जवाब मिलता है: "साहब छुट्टी पर हैं, बाद में आना!" पीड़ितों को थाने के अंदर ही धक्के मारे जाने और पुलिस की इस लापरवाही और निष्क्रियता का एक लाइव वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जो सूरत पुलिस की 'कोई परवाह नहीं' वाली मानसिकता को उजागर करता है। इस मामले को लेकर सूरत पुलिस कमिश्नर से सीधा सवाल पूछा जा रहा है कि क्या सचिन पुलिस स्टेशन में कानून भी 'छुट्टी' पर चला गया है? दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने में कौन सा 'गुप्त दबाव' आड़े आ रहा है? और ऑटो रिक्शा में घूमकर जबरन वसूली करने वाली यह 'स्पेशल स्क्वॉड' किसके इशारे पर काम करती है? यह केवल कोई छोटी-मोटी मारपीट नहीं, बल्कि खाकी वर्दी की आड़ में की गई लूट और सत्ता का दुरुपयोग है। वीडियो वायरल होने के बाद, अब सूरत के उच्च पुलिस अधिकारियों से मांग की जा रही है कि वे सचिन पुलिस स्टेशन के जिम्मेदार अधिकारियों को तुरंत निलंबित कर जेल भेजें।
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    सूरत में एक चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है, जहाँ सचिन चौगड़ी पुलिस स्टेशन के कर्मचारियों पर 'लुटेरे' की भूमिका निभाने का सनसनीखेज आरोप लगा है। अर्जुन नामक एक युवक जो कुत्ते को बिस्किट खिलाने निकला था, उसे पुलिसकर्मियों ने लहूलुहान कर दिया और उसकी जेब से ₹12,000 लूटकर फरार हो गए। आरोप है कि बन्नर शैतान सिंह, विनय, केसर और उनका निजी ड्राइवर सरकारी गाड़ी के बजाय ऑटो रिक्शा में शिकार की तलाश में निकले थे। वे अपने साथ गांजे की पुड़िया रखते थे और निर्दोष युवकों को नशे के झूठे मामलों में फंसाने की धमकी देते थे। विरोध करने पर ड्राइवर ने डंडे से अर्जुन की आँख के ऊपर जानलेवा वार किया, जिससे खून बहने लगा, लेकिन ऑटो में बैठे खाकीधारी तमाशा देखते रहे। लूटपाट के बाद, युवक के दोस्त सलमान को धमकाया गया कि यदि उसने मुँह खोला तो उसे आजीवन जेल में सड़ा दिया जाएगा।

घटना के बाद 112 नंबर पर मदद के लिए कॉल करने के बावजूद सिस्टम सोता रहा और कोई सहायता नहीं मिली। शर्मनाक बात यह है कि इस घटना की खबर वायरल होने के बावजूद, सचिन पुलिस स्टेशन अपने ही 'पापी' कर्मचारियों को बचाने के लिए 'खाकी कवच' प्रदान कर रहा है। पीड़ित अर्जुन की लाचार माँ ने न्याय की भीख मांगने के लिए एक-दो बार नहीं, बल्कि पाँच बार सचिन पुलिस स्टेशन के चक्कर लगाए हैं। हालाँकि, हर बार उन्हें एक ही घिसा-पिटा जवाब मिलता है: "साहब छुट्टी पर हैं, बाद में आना!" पीड़ितों को थाने के अंदर ही धक्के मारे जाने और पुलिस की इस लापरवाही और निष्क्रियता का एक लाइव वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जो सूरत पुलिस की 'कोई परवाह नहीं' वाली मानसिकता को उजागर करता है।

इस मामले को लेकर सूरत पुलिस कमिश्नर से सीधा सवाल पूछा जा रहा है कि क्या सचिन पुलिस स्टेशन में कानून भी 'छुट्टी' पर चला गया है? दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने में कौन सा 'गुप्त दबाव' आड़े आ रहा है? और ऑटो रिक्शा में घूमकर जबरन वसूली करने वाली यह 'स्पेशल स्क्वॉड' किसके इशारे पर काम करती है? यह केवल कोई छोटी-मोटी मारपीट नहीं, बल्कि खाकी वर्दी की आड़ में की गई लूट और सत्ता का दुरुपयोग है। वीडियो वायरल होने के बाद, अब सूरत के उच्च पुलिस अधिकारियों से मांग की जा रही है कि वे सचिन पुलिस स्टेशन के जिम्मेदार अधिकारियों को तुरंत निलंबित कर जेल भेजें।
    user_SURAT PUBLIC ISSUE(ALL INDIA
    SURAT PUBLIC ISSUE(ALL INDIA
    Local News Reporter Handia, Prayagraj•
    11 hrs ago
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