बांदा जिले में भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने और जांच के नाम पर केवल खानापूर्ति करने को लेकर जिला पंचायती राज अधिकारी राजेंद्र कुमार पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। बबेरू ब्लॉक के रियान गांव का ताजा मामला सामने आया है, जहां जिला पंचायती राज अधिकारी ने कुछ दिनों पहले जांच के लिए एडीओ पंचायत बबेरू को निर्देश दिए थे। फोन पर हुई बातचीत में एडीओ पंचायत ने बताया कि उन्होंने अपनी आख्या बनाकर DPRO कार्यालय भेज दी है, लेकिन इसके बावजूद अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई और मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है। जब जिला पंचायती राज अधिकारी से इस संबंध में जानकारी ली गई तो उन्होंने दावा किया कि जांच चल रही है, जबकि धरातल पर केवल खानापूर्ति की जा रही है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, जिला पंचायती राज अधिकारी ने रियान गांव की जांच के नाम पर आकाश वर्मा से लगभग ₹50,000 ले लिए हैं और जांच को रोक दिया है। यह स्थिति दर्शाती है कि प्रशासनिक अधिकारी किस तरह जांच के नाम पर खिलवाड़ कर रहे हैं और जिलाधिकारी बांदा अमित आसेरी व योगी सरकार को बदनाम करने का काम कर रहे हैं।
बांदा जिले में भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने और जांच के नाम पर केवल खानापूर्ति करने को लेकर जिला पंचायती राज अधिकारी राजेंद्र कुमार पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। बबेरू ब्लॉक के रियान गांव का ताजा मामला सामने आया है, जहां जिला पंचायती राज अधिकारी ने कुछ दिनों पहले जांच के लिए एडीओ पंचायत बबेरू को निर्देश दिए थे। फोन पर हुई बातचीत में एडीओ पंचायत ने बताया कि उन्होंने अपनी आख्या बनाकर DPRO कार्यालय भेज दी है, लेकिन इसके बावजूद अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई और मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है। जब जिला पंचायती राज अधिकारी से इस संबंध में जानकारी ली गई तो उन्होंने दावा किया कि जांच चल रही है, जबकि धरातल पर केवल खानापूर्ति की जा रही है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, जिला पंचायती राज अधिकारी ने रियान गांव की जांच के नाम पर आकाश वर्मा से लगभग ₹50,000 ले लिए हैं और जांच को रोक दिया है। यह स्थिति दर्शाती है कि प्रशासनिक अधिकारी किस तरह जांच के नाम पर खिलवाड़ कर रहे हैं और जिलाधिकारी बांदा अमित आसेरी व योगी सरकार को बदनाम करने का काम कर रहे हैं।
- बांदा जिले में आगामी श्रावण सोमवार और कांवड़ यात्रा के दृष्टिगत यातायात डायवर्जन की विशेष व्यवस्था लागू की गई है। अपर पुलिस अधीक्षक शिवराज ने बताया कि बांदा से चित्रकूट की ओर जाने वाले सभी प्रकार के भारी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। यात्रा के दौरान अत्यधिक भीड़ बढ़ने की स्थिति में बाईपास चौराहा अतर्रा रोड से छोटे वाहनों के प्रवेश को भी रोक दिया जाएगा। शनिवार और रविवार को बांदा-अतर्रा-बदौसा-चित्रकूट मार्ग पर सभी तरह के वाहनों का आवागमन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। बांदा से चित्रकूट की ओर जाने वाले छोटे वाहन बांदा-बिसंडा-पहाड़ी-चित्रकूट मार्ग या बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे के रास्ते अपने गंतव्य तक जा सकते हैं। बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे पर भारी वाहनों को केवल बिसंडा कट तक जाने की ही अनुमति दी गई है। इसके अलावा बांदा-बेंदाघाट (फतेहपुर), बांदा-चिल्ला (कानपुर), बांदा-हमीरपुर, बांदा-महोबा और बांदा-कालिंजर मार्ग सामान्य दिनों की तरह सभी वाहनों के लिए खुले रहेंगे। सुरक्षा व्यवस्था के तहत कांवड़ यात्रा मार्गों, प्रमुख शिव मंदिरों, धार्मिक स्थलों और संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है। इसके अलावा प्रमुख चौराहों, भीड़भाड़ वाले इलाकों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों पर भी सतत निगरानी रखी जा रही है। पुलिस प्रशासन ने सभी नागरिकों से यात्रा के दौरान यातायात नियमों का पालन करने और सुगम व सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने का अनुरोध किया है।1
- बांदा में एसपी पलाश बंसल के निर्देश पर चलाए जा रहे अवैध शस्त्र विरोधी अभियान के तहत बबेरु थाना पुलिस को देर रात बड़ी सफलता मिली है। गश्त के दौरान मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने तिंदवारी-बबेरु रोड पर सिमौनी तिराहे के पास घेराबंदी कर एक संदिग्ध युवक को दबोच लिया। पकड़े गए आरोपी की पहचान कमासिन थाना क्षेत्र के सेवहट निवासी राजनारायन पुत्र राजबहादुर के रूप में हुई है। तलाशी लेने पर उसके पास से 315 बोर का एक अवैध तमंचा और एक जिंदा कारतूस बरामद हुआ। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट में मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया है। मामले पर एसपी पलाश बंसल ने कहा कि जनपद में अवैध शस्त्र रखने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई है और ऐसे अभियान आगे भी लगातार चलेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी को भी कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी और जनता की सुरक्षा पुलिस की पहली प्राथमिकता है।1
- बांदा की 'रियाज टाइम क्लास' के दौरान वादक अनमोल द्विवेदी और तबला वादक मयंक शुक्ला ने अपने साथियों को नमस्कार किया है। दोनों संगीत साधक अपनी रियाज क्लास के दौरान साधना करते नजर आ रहे हैं।1
- बांदा जिले में भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने और जांच के नाम पर केवल खानापूर्ति करने को लेकर जिला पंचायती राज अधिकारी राजेंद्र कुमार पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। बबेरू ब्लॉक के रियान गांव का ताजा मामला सामने आया है, जहां जिला पंचायती राज अधिकारी ने कुछ दिनों पहले जांच के लिए एडीओ पंचायत बबेरू को निर्देश दिए थे। फोन पर हुई बातचीत में एडीओ पंचायत ने बताया कि उन्होंने अपनी आख्या बनाकर DPRO कार्यालय भेज दी है, लेकिन इसके बावजूद अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई और मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है। जब जिला पंचायती राज अधिकारी से इस संबंध में जानकारी ली गई तो उन्होंने दावा किया कि जांच चल रही है, जबकि धरातल पर केवल खानापूर्ति की जा रही है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, जिला पंचायती राज अधिकारी ने रियान गांव की जांच के नाम पर आकाश वर्मा से लगभग ₹50,000 ले लिए हैं और जांच को रोक दिया है। यह स्थिति दर्शाती है कि प्रशासनिक अधिकारी किस तरह जांच के नाम पर खिलवाड़ कर रहे हैं और जिलाधिकारी बांदा अमित आसेरी व योगी सरकार को बदनाम करने का काम कर रहे हैं।1
- पेपर लीक को युवाओं के सपनों की खुली लूट करार देते हुए बार-बार हो रहे भर्ती घोटालों और प्रश्नपत्र लीक को लेकर भारी आक्रोश जताया गया है। लगातार सामने आ रही व्यवस्था की कमजोरियों का सबसे बड़ा खामियाजा मेहनतकश अभ्यर्थियों को भुगतना पड़ रहा है। इसी मुद्दे को लेकर उत्तर प्रदेश के बांदा में भीम आर्मी भारत एकता मिशन ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन भेजा है। इस ज्ञापन के माध्यम से जंतर-मंतर पर छात्रों पर हुए लाठीचार्ज की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों और लाठीचार्ज करने वाले अधिकारी पर कड़ी कार्रवाई करने तथा आंदोलनकारी छात्रों पर दर्ज मुकदमों को वापस लेने की मांग की गई है। इसके साथ ही धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और शिक्षा एवं भर्ती प्रणाली को पूरी तरह से पारदर्शी व जवाबदेह बनाने पर जोर दिया गया है। अंत में यह सवाल उठाया गया है कि क्या युवाओं को उनकी मेहनत का इनाम मिलेगा या हर बार उन्हें व्यवस्था की नाकामी की सजा भुगतनी पड़ेगी।1
- उत्तर प्रदेश के बांदा में भीम आर्मी भारत एकता मिशन और आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन कर राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा। संगठन ने नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रतियोगी परीक्षा अभ्यर्थियों पर हुए लाठीचार्ज की निष्पक्ष जांच कराने और देशभर में हो रहे पेपरलीक व भर्ती घोटालों की जवाबदेही तय करने की मांग की है। इसके साथ ही पेपरलीक रोकने में विफल रहने पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे की मांग उठाई गई है। भीम आर्मी के जिला संयोजक मनोज रुस्तम ने कहा कि NEET, JEE, SSC, रेलवे, पुलिस और शिक्षक भर्ती जैसी परीक्षाओं में लगातार हो रहे पेपरलीक से करोड़ों युवाओं का भविष्य अंधकारमय हो गया है। उन्होंने जंतर-मंतर पर संवैधानिक अधिकारों के तहत प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस लाठीचार्ज को लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सीधा हमला करार दिया। ज्ञापन में मांग की गई है कि लाठीचार्ज की उच्चस्तरीय न्यायिक या स्वतंत्र एजेंसी से जांच हो, छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस लिए जाएं, शिक्षा माफियाओं व दोषी अधिकारियों की संपत्ति जब्त की जाए और परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाए। मनोज रुस्तम ने कहा कि देश का युवा भारत की सबसे बड़ी शक्ति है और उसके भविष्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने महामहिम राष्ट्रपति से इस गंभीर मुद्दे पर तत्काल संज्ञान लेकर छात्रों को न्याय दिलाने की अपील की। ज्ञापन सौंपने के दौरान रामा, दीपक, महेंद्र लोहिया और निमूट समेत भीम आर्मी के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।1
- बांदा में पिछले 3 महीने से लगातार हर दिन पानी की गंभीर समस्या बनी हुई है। इस संबंध में अवर अभियंता मयंक जी के द्वारा कोई समाधान नहीं निकाला गया है। सुबह 9 बजे ही शिकायत और रिपोर्टिंग किए जाने के बावजूद अभी तक पानी का टैंकर उपलब्ध नहीं कराया गया है। पानी न मिलने की वजह से लोग काफी परेशान हैं और उन्होंने इस समस्या का जल्द से जल्द समाधान कराने का अनुरोध किया है।1
- बांदा में जिला अधिवक्ता संघ (बार एसोसिएशन) ने नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं पर दिल्ली पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज के विरोध में जिलाधिकारी के माध्यम से भारत की महामहिम राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में अधिवक्ताओं ने बताया कि छात्र-छात्राएं अपनी शैक्षिक समस्याओं और प्रवेश परीक्षाओं की शुचिता बनाए रखने की मांग को लेकर शांतिपूर्ण ढंग से धरना-प्रदर्शन कर रहे थे। आरोप है कि दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया और अश्रुगैस के गोले छोड़े, जिससे कई छात्र घायल हो गए। बार एसोसिएशन ने इस घटना को पूरी तरह अमानवीय बताते हुए इसकी कड़े शब्दों में निंदा की है। अधिवक्ताओं ने राष्ट्रपति से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषी अधिकारियों व कर्मियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए तथा छात्रों की समस्याओं के शीघ्र समाधान के लिए संबंधितों को निर्देश दिए जाएं। इस अवसर पर अधिवक्ताओं ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। छात्रों की जायज मांगों को बल प्रयोग के बजाय संवाद के माध्यम से सुना जाना चाहिए।3