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प्रयागराज में अधिवक्ताओं ने एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने की मांग करते हुए एक मशाल जुलूस निकाला। यह जुलूस पत्थर गिरजा घर से शुरू होकर सुभाष चौराहे तक गया, जिसमें बड़ी संख्या में अधिवक्ता शामिल हुए। उन्होंने इस अधिनियम को लागू करने की अपनी मांग को मजबूती से सामने रखा।
पवन कुमार पाल पत्रकार
प्रयागराज में अधिवक्ताओं ने एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने की मांग करते हुए एक मशाल जुलूस निकाला। यह जुलूस पत्थर गिरजा घर से शुरू होकर सुभाष चौराहे तक गया, जिसमें बड़ी संख्या में अधिवक्ता शामिल हुए। उन्होंने इस अधिनियम को लागू करने की अपनी मांग को मजबूती से सामने रखा।
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- मंगलवार सुबह प्रयागराज के मेजा थाना क्षेत्र स्थित कुकुरकटवा गांव में तिहरे हत्याकांड की सूचना से पूरे इलाके में सनसनी और दहशत फैल गई। इस घटना में एक ही परिवार के तीन सदस्यों की निर्ममता से हत्या कर दी गई है। मृतकों की पहचान श्यामलाल उर्फ कल्लू, उनकी पत्नी मंजू देवी और परिवार की एक अन्य महिला सदस्य (भाभी) के रूप में हुई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, तीनों की हत्या सिर पर किसी भारी वस्तु से वार कर की गई है। घटना की खबर मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी और फॉरेंसिक टीम तत्काल मौके पर पहुंची। टीम ने घटनास्थल का गहन निरीक्षण करते हुए साक्ष्य जुटाने शुरू कर दिए हैं। सहायक पुलिस आयुक्त मेजा एसपी उपाध्याय ने बताया कि ट्रिपल मर्डर की सूचना पर पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची थी और मामले की गहन जांच की जा रही है, जिसमें सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर पड़ताल की जा रही है। हालांकि, हत्या के कारणों का अभी तक स्पष्ट खुलासा नहीं हो सका है। एक ही परिवार के तीन सदस्यों की इस बर्बर हत्या से ग्रामीणों में भारी आक्रोश और भय का माहौल व्याप्त है। पुलिस ने जल्द ही घटना का खुलासा करने का दावा किया है।1
- समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने केंद्र और राज्य सरकारों की मंदिर कॉरिडोर योजनाओं पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उत्तरप्रदेश के मैंनपुरी में बोलते हुए, डिंपल यादव ने कहा कि अयोध्या के अलावा, केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा चलाई जा रही अन्य मंदिर कॉरिडोर परियोजनाओं में भी जमीन घोटाले और चढ़ावे की चोरी के मामले सामने आए हैं।1
- प्रयागराज स्थित मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एमएनएनआईटी) में नेतृत्व परिवर्तन के तहत प्रोफेसर उमा महेश्वर राव ने संस्थान के निदेशक का अतिरिक्त प्रभार ग्रहण किया है। भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के निर्देशानुसार उन्हें यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। वर्तमान में प्रो. राव राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) राउरकेला के निदेशक के रूप में कार्यरत हैं, और अब वे एमएनएनआईटी प्रयागराज के प्रशासनिक एवं शैक्षणिक कार्यों का भी मार्गदर्शन करेंगे। प्रभार ग्रहण करने के बाद, प्रो. राव ने संस्थान की शैक्षणिक उत्कृष्टता, अनुसंधान गतिविधियों, नवाचार और तकनीकी शिक्षा की गुणवत्ता को और मजबूत बनाने की प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने कहा कि एमएनएनआईटी की गौरवशाली शैक्षणिक परंपराओं को आगे बढ़ाते हुए छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों के सामूहिक सहयोग से संस्थान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। प्रो. राव ने अनुसंधान एवं नवाचार को बढ़ावा देने, उद्योगों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने तथा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए नए अवसर सृजित करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि संस्थान को तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में बदलती वैश्विक चुनौतियों और आवश्यकताओं के अनुरूप और अधिक सशक्त बनाया जाएगा। एमएनएनआईटी प्रयागराज देश के प्रतिष्ठित राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थानों में शामिल है और तकनीकी शिक्षा, अनुसंधान तथा नवाचार के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान रखता है। संस्थान परिवार ने प्रो. उमा महेश्वर राव का स्वागत करते हुए विश्वास व्यक्त किया है कि उनके अनुभव, नेतृत्व क्षमता और दूरदर्शी सोच से एमएनएनआईटी नई उपलब्धियों की ओर अग्रसर होगा तथा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिष्ठा को और मजबूत करेगा।3
- प्रयागराज में ज्येष्ठ माह के सातवें बड़े मंगल पर संगम तट स्थित श्री बड़े हनुमान मंदिर में श्रद्धालुओं का भारी सैलाब उमड़ पड़ा। मंगलवार को सुबह ब्रह्म मुहूर्त से ही मंदिर के बाहर भक्तों की लंबी कतारें लग गईं, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने त्रिवेणी संगम में स्नान करने के बाद लेटे हनुमान जी के दर्शन और पूजन किए। मंदिर में पूजा-अर्चना का क्रम ब्रह्म मुहूर्त की महाआरती के साथ शुरू हुआ, जो पूरे दिन लगातार जारी रहा। इस विशेष अवसर पर विश्राम मुद्रा में विराजमान हनुमान जी की प्रतिमा का फूलों और फलों से भव्य श्रृंगार किया गया। इसके अतिरिक्त, भगवान को छप्पन भोग भी श्रद्धापूर्वक अर्पित किया गया।1
- प्रयागराज के झूंसी पावर हाउस पर भीषण गर्मी के बीच उपभोक्ताओं को मूलभूत सुविधाओं के अभाव का सामना करना पड़ रहा है। यहां लगा कूलर सिर्फ एक शोपीस बनकर रह गया है, और पानी की कोई व्यवस्था भी मौजूद नहीं है, जिससे उपभोक्ता घंटों लाइन में खड़े रहने को मजबूर हैं। बिजली विभाग उन उपभोक्ताओं के लिए भी कोई उचित व्यवस्था बनाने में नाकाम रहा है जो करोड़ों रुपये के बिल जमा करते हैं। विभाग ने इतनी महत्वपूर्ण सेवाओं के बावजूद उपभोक्ताओं के लिए न्यूनतम बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना भी उचित नहीं समझा है।1
- प्रयागराज के मेजा स्थित कुकुरकटवा गांव में मंगलवार सुबह करीब छह बजे उस समय मातम और दहशत फैल गई, जब एक कच्चे मकान के बाहर खून से सने तीन बुजुर्गों के शव मिले। करीब 70 वर्षीय श्यामलाल उर्फ कल्लू, उनकी पत्नी मंजू देवी और परिवार की एक बुजुर्ग महिला रिश्तेदार के सिर ईंटों और भारी पत्थरों से इतनी बेरहमी से कूच दिए गए थे कि उन्हें पहचानना भी मुश्किल हो गया। बाहर बंधे मवेशी बेचैनी से छटपटा रहे थे और दरवाजा आधा खुला था, जिससे ग्रामीणों को शक हुआ। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि करीब एक माह पहले परिवार की एक युवती गांव के ही एक युवक के साथ घर छोड़कर चली गई थी, जिसके बाद से गांव में तनाव का माहौल था। पुलिस इस घटना को तिहरे हत्याकांड से जोड़कर देख रही है। पुलिस का मानना है कि हत्या लूट के इरादे से नहीं की गई थी, क्योंकि घर का सामान सुरक्षित था और तोड़फोड़ के कोई निशान नहीं मिले। इससे संकेत मिलता है कि हमलावर केवल हत्या करने के इरादे से आए थे और उन्होंने वारदात को सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया। पुलिस के अनुसार, यह खूनी खेल सोमवार देर रात खेला गया, जब तीनों बुजुर्ग गहरी नींद में थे और हमलावरों ने उन्हें संभलने का कोई मौका नहीं दिया, लगातार ईंट-पत्थरों से वार कर उनकी घटनास्थल पर ही मौत सुनिश्चित कर दी। घटना की सूचना मिलते ही पूरे गांव में अफरा-तफरी मच गई और देखते ही देखते बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। सूचना पर डीसीपी यमुनानगर, एसीपी, कई थानों की पुलिस, फोरेंसिक टीम और डॉग स्क्वॉड मौके पर पहुंचे। डॉग स्क्वॉड घर के पीछे बने टूटे छप्पर की ओर लगातार संकेत दे रहा था, जबकि फोरेंसिक विशेषज्ञ खून से सने पत्थरों, उंगलियों के निशान और अन्य साक्ष्य जुटा रहे थे। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, जांच में एक चौंकाने वाला पहलू सामने आया है कि सिर्फ प्रेम प्रसंग ही नहीं, बल्कि कथित त्रिकोणीय प्रेम संबंध (लव ट्रायंगल) की भी जांच की जा रही है। आशंका जताई जा रही है कि युवती को लेकर कई लोगों के बीच विवाद था, जिसने इस जघन्य हत्याकांड का रूप ले लिया। गांव वालों ने बताया कि परिवार मजदूरी कर गुजारा करता था और घर में कोई युवा सदस्य नहीं था, जिससे हमलावरों ने बुजुर्गों को आसान निशाना बनाया। हालांकि, पुलिस अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से बच रही है और अधिकारियों का कहना है कि हर पहलू की गहराई से जांच की जा रही है। डीसीपी यमुनानगर ने विश्वास दिलाया है कि प्रथम दृष्टया यह मामला पुरानी रंजिश या युवती के घर छोड़कर जाने से जुड़े विवाद का प्रतीत हो रहा है और जल्द ही आरोपितों को गिरफ्तार कर पूरे घटनाक्रम का खुलासा किया जाएगा। कुकुरकटवा गांव में मातम और खौफ पसरा हुआ है, जहां लोग इस सवाल का जवाब तलाश रहे हैं कि तीन बेबस बुजुर्गों का कसूर क्या था और क्या सचमुच एक अधूरी प्रेम कहानी की कीमत उन्हें अपनी जान देकर चुकानी पड़ी, या इसके पीछे कोई गहरी साजिश है।1
- मध्य प्रदेश कांग्रेस में इस समय 'कुर्सी का क्लेश' खुलकर सामने आ गया है, जो पार्टी के भीतर की अंदरूनी कलह को उजागर कर रहा है। नेताओं के हाव-भाव और उनकी कुर्सियों से ही पार्टी की सियासी उठापटक साफ झलक रही है। यह स्थिति दिखाती है कि अब यह आंतरिक संघर्ष ड्राइंग रूम से निकलकर सीधे प्रेस कॉन्फ्रेंस की मेज पर आ पहुंचा है। इस पूरी घटना की शुरुआत मीनाक्षी नटराजन के राज्यसभा नामांकन के निरस्त होने के बाद हुई। असल कहानी तब शुरू हुई जब पीसीसी दफ्तर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई गई, और कैमरों ने जो कुछ कैद किया, उसने कांग्रेस की गुटबाजी के चीथड़े उड़ा दिए। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान, पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के एक कद्दावर नेता दिग्विजय सिंह को पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने अपनी कुर्सी से उठकर दूसरी चेयर पर बैठने को कहा। यह घटना मध्य प्रदेश कांग्रेस के भीतर एक बड़ी बहस छेड़ रही है कि क्या यह सिर्फ एक सामान्य व्यवस्था थी, या फिर यह 'बुजुर्गों' को किनारे लगाने की एक नई रणनीति का हिस्सा है।1
- पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कलकत्ता हाईकोर्ट में भवानीपुर विधानसभा सीट के चुनाव परिणाम को चुनौती दी है। उन्हें इस सीट पर उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी और भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी ने 15,015 वोटों के अंतर से हराया था। अब ममता बनर्जी ने इन चुनाव नतीजों को अदालत में चुनौती दी है।1
- अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में चढ़ावे के 7 करोड़ रुपये से अधिक के कथित गबन के मामले को लेकर साधु-संतों में गहरा आक्रोश पनप रहा है। राज्य सरकार द्वारा इस पूरे प्रकरण की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किए जाने के बावजूद, संत समाज ने अब ट्रस्ट की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अखिल भारतीय दंडी संन्यासी परिषद के संरक्षक स्वामी महेशाश्रम महाराज ने इस कथित गबन के लिए सीधे तौर पर श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट और उसके महासचिव चंपत राय को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से ट्रस्ट को तत्काल भंग करने और महासचिव चंपत राय को उनके पद से हटाने की कड़ी मांग की है।1