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प्रयागराज के झूंसी पावर हाउस पर भीषण गर्मी के बीच उपभोक्ताओं को मूलभूत सुविधाओं के अभाव का सामना करना पड़ रहा है। यहां लगा कूलर सिर्फ एक शोपीस बनकर रह गया है, और पानी की कोई व्यवस्था भी मौजूद नहीं है, जिससे उपभोक्ता घंटों लाइन में खड़े रहने को मजबूर हैं। बिजली विभाग उन उपभोक्ताओं के लिए भी कोई उचित व्यवस्था बनाने में नाकाम रहा है जो करोड़ों रुपये के बिल जमा करते हैं। विभाग ने इतनी महत्वपूर्ण सेवाओं के बावजूद उपभोक्ताओं के लिए न्यूनतम बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना भी उचित नहीं समझा है।
अजय सरोज~पत्रकार
प्रयागराज के झूंसी पावर हाउस पर भीषण गर्मी के बीच उपभोक्ताओं को मूलभूत सुविधाओं के अभाव का सामना करना पड़ रहा है। यहां लगा कूलर सिर्फ एक शोपीस बनकर रह गया है, और पानी की कोई व्यवस्था भी मौजूद नहीं है, जिससे उपभोक्ता घंटों लाइन में खड़े रहने को मजबूर हैं। बिजली विभाग उन उपभोक्ताओं के लिए भी कोई उचित व्यवस्था बनाने में नाकाम रहा है जो करोड़ों रुपये के बिल जमा करते हैं। विभाग ने इतनी महत्वपूर्ण सेवाओं के बावजूद उपभोक्ताओं के लिए न्यूनतम बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना भी उचित नहीं समझा है।
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- प्रयागराज स्थित मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एमएनएनआईटी) में नेतृत्व परिवर्तन के तहत प्रोफेसर उमा महेश्वर राव ने संस्थान के निदेशक का अतिरिक्त प्रभार ग्रहण किया है। भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के निर्देशानुसार उन्हें यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। वर्तमान में प्रो. राव राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) राउरकेला के निदेशक के रूप में कार्यरत हैं, और अब वे एमएनएनआईटी प्रयागराज के प्रशासनिक एवं शैक्षणिक कार्यों का भी मार्गदर्शन करेंगे। प्रभार ग्रहण करने के बाद, प्रो. राव ने संस्थान की शैक्षणिक उत्कृष्टता, अनुसंधान गतिविधियों, नवाचार और तकनीकी शिक्षा की गुणवत्ता को और मजबूत बनाने की प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने कहा कि एमएनएनआईटी की गौरवशाली शैक्षणिक परंपराओं को आगे बढ़ाते हुए छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों के सामूहिक सहयोग से संस्थान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। प्रो. राव ने अनुसंधान एवं नवाचार को बढ़ावा देने, उद्योगों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने तथा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए नए अवसर सृजित करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि संस्थान को तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में बदलती वैश्विक चुनौतियों और आवश्यकताओं के अनुरूप और अधिक सशक्त बनाया जाएगा। एमएनएनआईटी प्रयागराज देश के प्रतिष्ठित राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थानों में शामिल है और तकनीकी शिक्षा, अनुसंधान तथा नवाचार के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान रखता है। संस्थान परिवार ने प्रो. उमा महेश्वर राव का स्वागत करते हुए विश्वास व्यक्त किया है कि उनके अनुभव, नेतृत्व क्षमता और दूरदर्शी सोच से एमएनएनआईटी नई उपलब्धियों की ओर अग्रसर होगा तथा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिष्ठा को और मजबूत करेगा।3
- प्रयागराज में ज्येष्ठ माह के सातवें बड़े मंगल पर संगम तट स्थित श्री बड़े हनुमान मंदिर में श्रद्धालुओं का भारी सैलाब उमड़ पड़ा। मंगलवार को सुबह ब्रह्म मुहूर्त से ही मंदिर के बाहर भक्तों की लंबी कतारें लग गईं, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने त्रिवेणी संगम में स्नान करने के बाद लेटे हनुमान जी के दर्शन और पूजन किए। मंदिर में पूजा-अर्चना का क्रम ब्रह्म मुहूर्त की महाआरती के साथ शुरू हुआ, जो पूरे दिन लगातार जारी रहा। इस विशेष अवसर पर विश्राम मुद्रा में विराजमान हनुमान जी की प्रतिमा का फूलों और फलों से भव्य श्रृंगार किया गया। इसके अतिरिक्त, भगवान को छप्पन भोग भी श्रद्धापूर्वक अर्पित किया गया।1
- प्रयागराज के झूंसी पावर हाउस पर भीषण गर्मी के बीच उपभोक्ताओं को मूलभूत सुविधाओं के अभाव का सामना करना पड़ रहा है। यहां लगा कूलर सिर्फ एक शोपीस बनकर रह गया है, और पानी की कोई व्यवस्था भी मौजूद नहीं है, जिससे उपभोक्ता घंटों लाइन में खड़े रहने को मजबूर हैं। बिजली विभाग उन उपभोक्ताओं के लिए भी कोई उचित व्यवस्था बनाने में नाकाम रहा है जो करोड़ों रुपये के बिल जमा करते हैं। विभाग ने इतनी महत्वपूर्ण सेवाओं के बावजूद उपभोक्ताओं के लिए न्यूनतम बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना भी उचित नहीं समझा है।1
- प्रयागराज के मेजा स्थित कुकुरकटवा गांव में मंगलवार सुबह करीब छह बजे उस समय मातम और दहशत फैल गई, जब एक कच्चे मकान के बाहर खून से सने तीन बुजुर्गों के शव मिले। करीब 70 वर्षीय श्यामलाल उर्फ कल्लू, उनकी पत्नी मंजू देवी और परिवार की एक बुजुर्ग महिला रिश्तेदार के सिर ईंटों और भारी पत्थरों से इतनी बेरहमी से कूच दिए गए थे कि उन्हें पहचानना भी मुश्किल हो गया। बाहर बंधे मवेशी बेचैनी से छटपटा रहे थे और दरवाजा आधा खुला था, जिससे ग्रामीणों को शक हुआ। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि करीब एक माह पहले परिवार की एक युवती गांव के ही एक युवक के साथ घर छोड़कर चली गई थी, जिसके बाद से गांव में तनाव का माहौल था। पुलिस इस घटना को तिहरे हत्याकांड से जोड़कर देख रही है। पुलिस का मानना है कि हत्या लूट के इरादे से नहीं की गई थी, क्योंकि घर का सामान सुरक्षित था और तोड़फोड़ के कोई निशान नहीं मिले। इससे संकेत मिलता है कि हमलावर केवल हत्या करने के इरादे से आए थे और उन्होंने वारदात को सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया। पुलिस के अनुसार, यह खूनी खेल सोमवार देर रात खेला गया, जब तीनों बुजुर्ग गहरी नींद में थे और हमलावरों ने उन्हें संभलने का कोई मौका नहीं दिया, लगातार ईंट-पत्थरों से वार कर उनकी घटनास्थल पर ही मौत सुनिश्चित कर दी। घटना की सूचना मिलते ही पूरे गांव में अफरा-तफरी मच गई और देखते ही देखते बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। सूचना पर डीसीपी यमुनानगर, एसीपी, कई थानों की पुलिस, फोरेंसिक टीम और डॉग स्क्वॉड मौके पर पहुंचे। डॉग स्क्वॉड घर के पीछे बने टूटे छप्पर की ओर लगातार संकेत दे रहा था, जबकि फोरेंसिक विशेषज्ञ खून से सने पत्थरों, उंगलियों के निशान और अन्य साक्ष्य जुटा रहे थे। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, जांच में एक चौंकाने वाला पहलू सामने आया है कि सिर्फ प्रेम प्रसंग ही नहीं, बल्कि कथित त्रिकोणीय प्रेम संबंध (लव ट्रायंगल) की भी जांच की जा रही है। आशंका जताई जा रही है कि युवती को लेकर कई लोगों के बीच विवाद था, जिसने इस जघन्य हत्याकांड का रूप ले लिया। गांव वालों ने बताया कि परिवार मजदूरी कर गुजारा करता था और घर में कोई युवा सदस्य नहीं था, जिससे हमलावरों ने बुजुर्गों को आसान निशाना बनाया। हालांकि, पुलिस अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से बच रही है और अधिकारियों का कहना है कि हर पहलू की गहराई से जांच की जा रही है। डीसीपी यमुनानगर ने विश्वास दिलाया है कि प्रथम दृष्टया यह मामला पुरानी रंजिश या युवती के घर छोड़कर जाने से जुड़े विवाद का प्रतीत हो रहा है और जल्द ही आरोपितों को गिरफ्तार कर पूरे घटनाक्रम का खुलासा किया जाएगा। कुकुरकटवा गांव में मातम और खौफ पसरा हुआ है, जहां लोग इस सवाल का जवाब तलाश रहे हैं कि तीन बेबस बुजुर्गों का कसूर क्या था और क्या सचमुच एक अधूरी प्रेम कहानी की कीमत उन्हें अपनी जान देकर चुकानी पड़ी, या इसके पीछे कोई गहरी साजिश है।1
- प्रयागराज जिले के मेजा थाना क्षेत्र स्थित कुकरकटवा गांव में मंगलवार सुबह एक ही परिवार के तीन लोगों की नृशंस हत्या से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। घर के बाहर खून से लथपथ हालत में तीन शव मिलने के बाद पूरे गांव में दहशत और शोक का माहौल छा गया, जिसके बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जमा हो गए। मृतकों की पहचान श्याम लाल गुप्ता, अमरावती देवी और इंद्रावती देवी के रूप में की गई है। बताया जा रहा है कि परिवार के अधिकांश सदस्य रोजी-रोटी के लिए प्रदेश से बाहर रहते हैं। ग्रामीणों द्वारा पुलिस को सूचना दिए जाने के बाद, पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने मौके को कब्जे में लेकर जांच शुरू की, साथ ही फोरेंसिक टीम को बुलाकर साक्ष्य जुटाने का काम भी शुरू किया गया। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है और घटना के हर पहलू की गहन जांच की जा रही है। इस मामले में, परिजनों ने गांव के ही एक युवक पर संदेह जताया है। उनका आरोप है कि परिवार की एक युवती का इसी युवक से प्रेम प्रसंग चल रहा था, जिसे लेकर पहले भी विवाद और पंचायत हुई थी। परिजनों का दावा है कि समझौते के प्रयास हुए थे, लेकिन दबाव के चलते यह मामला शांत करा दिया गया था। अब परिवार वाले इसी पुराने विवाद को हत्या की मुख्य वजह मानकर गहन जांच की मांग कर रहे हैं। एडीशनल पुलिस कमिश्नर अजय पाल शर्मा और डीसीपी यमुनानगर विवेक चंद्र यादव ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी संभावित बिंदुओं पर बारीकी से जांच की जा रही है और आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए जा रहे हैं। पुलिस ने यह भी दावा किया है कि जल्द ही इस जघन्य वारदात का खुलासा कर दोषियों को गिरफ्तार किया जाएगा। इस तिहरे हत्याकांड से पूरे मेजा क्षेत्र में भय और आक्रोश व्याप्त है, और ग्रामीणों ने दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।4
- अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में चढ़ावे के 7 करोड़ रुपये से अधिक के कथित गबन के मामले को लेकर साधु-संतों में गहरा आक्रोश पनप रहा है। राज्य सरकार द्वारा इस पूरे प्रकरण की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किए जाने के बावजूद, संत समाज ने अब ट्रस्ट की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अखिल भारतीय दंडी संन्यासी परिषद के संरक्षक स्वामी महेशाश्रम महाराज ने इस कथित गबन के लिए सीधे तौर पर श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट और उसके महासचिव चंपत राय को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से ट्रस्ट को तत्काल भंग करने और महासचिव चंपत राय को उनके पद से हटाने की कड़ी मांग की है।1
- उत्तर प्रदेश के गोण्डा जिले की पुलिस चौकी दुबहा बाजार से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में एक पुलिसकर्मी, जिसका नाम नीरज सिंह बताया जा रहा है, एक गरीब व्यक्ति को पीटते हुए दिख रहा है। आरोप है कि नीरज सिंह ने उस गरीब को इसलिए मारा क्योंकि उसने उन्हें पैसे नहीं दिए और वह किसी दूसरी पार्टी से जुड़ा हुआ था। वायरल पोस्ट के अनुसार, नीरज सिंह पर यह भी आरोप है कि वह पिटाई का वीडियो बनाकर दूसरे पक्ष को देते हैं, जिसके बदले उन्हें पैसा मिलता है। बताया गया है कि नीरज सिंह पहले माधवपुर चौकी पर तैनात थे और पूरे क्षेत्र में इसी तरह पैसे कमाते थे। उन्होंने नेताओं से हाथ-पैर जोड़कर अपना तबादला दुबहा बाजार चौकी पर करवा लिया है, और यह पैसा कमाने का उनका एक स्थापित तरीका बन चुका है। इस तरह के कृत्यों से पुलिस की छवि धूमिल हो रही है। पोस्ट में #Dmgonda और #SPGonda को टैग करते हुए उनसे इस मामले का संज्ञान लेने और तत्काल कार्रवाई करने की अपील की गई है, ताकि पुलिस की गरिमा बनी रहे।1