प्रयागराज स्थित मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एमएनएनआईटी) में नेतृत्व परिवर्तन के तहत प्रोफेसर उमा महेश्वर राव ने संस्थान के निदेशक का अतिरिक्त प्रभार ग्रहण किया है। भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के निर्देशानुसार उन्हें यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। वर्तमान में प्रो. राव राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) राउरकेला के निदेशक के रूप में कार्यरत हैं, और अब वे एमएनएनआईटी प्रयागराज के प्रशासनिक एवं शैक्षणिक कार्यों का भी मार्गदर्शन करेंगे। प्रभार ग्रहण करने के बाद, प्रो. राव ने संस्थान की शैक्षणिक उत्कृष्टता, अनुसंधान गतिविधियों, नवाचार और तकनीकी शिक्षा की गुणवत्ता को और मजबूत बनाने की प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने कहा कि एमएनएनआईटी की गौरवशाली शैक्षणिक परंपराओं को आगे बढ़ाते हुए छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों के सामूहिक सहयोग से संस्थान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। प्रो. राव ने अनुसंधान एवं नवाचार को बढ़ावा देने, उद्योगों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने तथा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए नए अवसर सृजित करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि संस्थान को तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में बदलती वैश्विक चुनौतियों और आवश्यकताओं के अनुरूप और अधिक सशक्त बनाया जाएगा। एमएनएनआईटी प्रयागराज देश के प्रतिष्ठित राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थानों में शामिल है और तकनीकी शिक्षा, अनुसंधान तथा नवाचार के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान रखता है। संस्थान परिवार ने प्रो. उमा महेश्वर राव का स्वागत करते हुए विश्वास व्यक्त किया है कि उनके अनुभव, नेतृत्व क्षमता और दूरदर्शी सोच से एमएनएनआईटी नई उपलब्धियों की ओर अग्रसर होगा तथा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिष्ठा को और मजबूत करेगा।
प्रयागराज स्थित मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एमएनएनआईटी) में नेतृत्व परिवर्तन के तहत प्रोफेसर उमा महेश्वर राव ने संस्थान के निदेशक का अतिरिक्त प्रभार ग्रहण किया है। भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के निर्देशानुसार उन्हें यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। वर्तमान में प्रो. राव राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) राउरकेला के निदेशक के रूप में कार्यरत हैं, और अब वे एमएनएनआईटी प्रयागराज के प्रशासनिक एवं शैक्षणिक कार्यों का भी मार्गदर्शन करेंगे। प्रभार ग्रहण करने के बाद, प्रो. राव ने संस्थान की शैक्षणिक उत्कृष्टता, अनुसंधान गतिविधियों,
नवाचार और तकनीकी शिक्षा की गुणवत्ता को और मजबूत बनाने की प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने कहा कि एमएनएनआईटी की गौरवशाली शैक्षणिक परंपराओं को आगे बढ़ाते हुए छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों के सामूहिक सहयोग से संस्थान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। प्रो. राव ने अनुसंधान एवं नवाचार को बढ़ावा देने, उद्योगों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने तथा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए नए अवसर सृजित करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि संस्थान को तकनीकी शिक्षा
के क्षेत्र में बदलती वैश्विक चुनौतियों और आवश्यकताओं के अनुरूप और अधिक सशक्त बनाया जाएगा। एमएनएनआईटी प्रयागराज देश के प्रतिष्ठित राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थानों में शामिल है और तकनीकी शिक्षा, अनुसंधान तथा नवाचार के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान रखता है। संस्थान परिवार ने प्रो. उमा महेश्वर राव का स्वागत करते हुए विश्वास व्यक्त किया है कि उनके अनुभव, नेतृत्व क्षमता और दूरदर्शी सोच से एमएनएनआईटी नई उपलब्धियों की ओर अग्रसर होगा तथा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिष्ठा को और मजबूत करेगा।
- अखिलेश यादव ने एक बयान में कानूनी प्रक्रियाओं और कथित दैवीय न्याय पर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि हमारी और आपकी कानूनी एफआईआर, जो संविधान पर आधारित होती है, एक अलग विषय है। हालांकि, अखिलेश यादव ने यह भी पूछा कि अगर भगवान की एफआईआर दर्ज हो जाए, तो लोग उसका क्या करेंगे।1
- मंगलवार सुबह प्रयागराज के मेजा थाना क्षेत्र स्थित कुकुरकटवा गांव में तिहरे हत्याकांड की सूचना से पूरे इलाके में सनसनी और दहशत फैल गई। इस घटना में एक ही परिवार के तीन सदस्यों की निर्ममता से हत्या कर दी गई है। मृतकों की पहचान श्यामलाल उर्फ कल्लू, उनकी पत्नी मंजू देवी और परिवार की एक अन्य महिला सदस्य (भाभी) के रूप में हुई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, तीनों की हत्या सिर पर किसी भारी वस्तु से वार कर की गई है। घटना की खबर मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी और फॉरेंसिक टीम तत्काल मौके पर पहुंची। टीम ने घटनास्थल का गहन निरीक्षण करते हुए साक्ष्य जुटाने शुरू कर दिए हैं। सहायक पुलिस आयुक्त मेजा एसपी उपाध्याय ने बताया कि ट्रिपल मर्डर की सूचना पर पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची थी और मामले की गहन जांच की जा रही है, जिसमें सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर पड़ताल की जा रही है। हालांकि, हत्या के कारणों का अभी तक स्पष्ट खुलासा नहीं हो सका है। एक ही परिवार के तीन सदस्यों की इस बर्बर हत्या से ग्रामीणों में भारी आक्रोश और भय का माहौल व्याप्त है। पुलिस ने जल्द ही घटना का खुलासा करने का दावा किया है।1
- राहुल गांधी के आगमन से पहले, कोचिंग सेंटर के मालिकों को धमकियाँ दी जा रही हैं। छात्रों को राहुल गांधी से मिलने से रोकने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि वे उनसे नहीं मिल सकें। इस बीच, अशोक गहलोत का उल्लेख भी राहुल गांधी के आने के संदर्भ में किया गया है।1
- भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रयागराज महानगर उपाध्यक्ष मोहम्मद शरीफ ने एक गौ तस्कर पर उन्हें धमकाने और भाजपा के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने यह बात प्रतापगढ़ कोषागार कार्यालय के बाहर मीडिया से बातचीत के दौरान कही। मोहम्मद शरीफ के अनुसार, रानीगंज थाने में असलम नामक व्यक्ति के खिलाफ गौ तस्करी का मुकदमा दर्ज था। जब उन्हें जानकारी मिली कि इस मामले में एफआर (अंतिम रिपोर्ट) लगाई जा रही है, तो उन्होंने इसका विरोध किया। शरीफ का आरोप है कि इसी रंजिश के चलते असलम ने उन्हें रात में रोका, धमकाया और भाजपा के खिलाफ बेहद आपत्तिजनक एवं भद्दी गालियां दीं। अपने ऊपर लगे अपराधी होने के दावों पर सफाई देते हुए शरीफ ने स्पष्ट किया कि उनके खिलाफ अतीत में दर्ज धारा 302 (हत्या) का एक मामला माननीय न्यायालय द्वारा मात्र 8 महीने के भीतर ही समाप्त कर दिया गया था, और वर्तमान में उनके खिलाफ कोई भी आपराधिक मामला लंबित नहीं है। भाजपा नेता मोहम्मद शरीफ ने आगे आरोप लगाया कि असलम और उसके परिवार का लंबा आपराधिक इतिहास रहा है। असलम बालू पास कराने और गौ तस्करी जैसे अवैध धंधों में लिप्त रहता है, और उसका मुख्य पेशा लोगों को झूठे मामलों में फंसाकर परेशान करना है। इस मामले में मोहम्मद शरीफ ने भाजपा के लेटरहेड पर मऊआइमा थाने में लिखित तहरीर दी है। उन्होंने बताया कि संबंधित थाना प्रभारी और पुलिस कमिश्नर ने उन्हें मामले की जांच कर उचित कानूनी कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।1
- प्रयागराज स्थित मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एमएनएनआईटी) में नेतृत्व परिवर्तन के तहत प्रोफेसर उमा महेश्वर राव ने संस्थान के निदेशक का अतिरिक्त प्रभार ग्रहण किया है। भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के निर्देशानुसार उन्हें यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। वर्तमान में प्रो. राव राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) राउरकेला के निदेशक के रूप में कार्यरत हैं, और अब वे एमएनएनआईटी प्रयागराज के प्रशासनिक एवं शैक्षणिक कार्यों का भी मार्गदर्शन करेंगे। प्रभार ग्रहण करने के बाद, प्रो. राव ने संस्थान की शैक्षणिक उत्कृष्टता, अनुसंधान गतिविधियों, नवाचार और तकनीकी शिक्षा की गुणवत्ता को और मजबूत बनाने की प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने कहा कि एमएनएनआईटी की गौरवशाली शैक्षणिक परंपराओं को आगे बढ़ाते हुए छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों के सामूहिक सहयोग से संस्थान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। प्रो. राव ने अनुसंधान एवं नवाचार को बढ़ावा देने, उद्योगों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने तथा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए नए अवसर सृजित करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि संस्थान को तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में बदलती वैश्विक चुनौतियों और आवश्यकताओं के अनुरूप और अधिक सशक्त बनाया जाएगा। एमएनएनआईटी प्रयागराज देश के प्रतिष्ठित राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थानों में शामिल है और तकनीकी शिक्षा, अनुसंधान तथा नवाचार के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान रखता है। संस्थान परिवार ने प्रो. उमा महेश्वर राव का स्वागत करते हुए विश्वास व्यक्त किया है कि उनके अनुभव, नेतृत्व क्षमता और दूरदर्शी सोच से एमएनएनआईटी नई उपलब्धियों की ओर अग्रसर होगा तथा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिष्ठा को और मजबूत करेगा।3
- प्रयागराज के झूंसी पावर हाउस पर भीषण गर्मी के बीच उपभोक्ताओं को मूलभूत सुविधाओं के अभाव का सामना करना पड़ रहा है। यहां लगा कूलर सिर्फ एक शोपीस बनकर रह गया है, और पानी की कोई व्यवस्था भी मौजूद नहीं है, जिससे उपभोक्ता घंटों लाइन में खड़े रहने को मजबूर हैं। बिजली विभाग उन उपभोक्ताओं के लिए भी कोई उचित व्यवस्था बनाने में नाकाम रहा है जो करोड़ों रुपये के बिल जमा करते हैं। विभाग ने इतनी महत्वपूर्ण सेवाओं के बावजूद उपभोक्ताओं के लिए न्यूनतम बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना भी उचित नहीं समझा है।1
- प्रयागराज के मेजा स्थित कुकुरकटवा गांव में मंगलवार सुबह करीब छह बजे उस समय मातम और दहशत फैल गई, जब एक कच्चे मकान के बाहर खून से सने तीन बुजुर्गों के शव मिले। करीब 70 वर्षीय श्यामलाल उर्फ कल्लू, उनकी पत्नी मंजू देवी और परिवार की एक बुजुर्ग महिला रिश्तेदार के सिर ईंटों और भारी पत्थरों से इतनी बेरहमी से कूच दिए गए थे कि उन्हें पहचानना भी मुश्किल हो गया। बाहर बंधे मवेशी बेचैनी से छटपटा रहे थे और दरवाजा आधा खुला था, जिससे ग्रामीणों को शक हुआ। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि करीब एक माह पहले परिवार की एक युवती गांव के ही एक युवक के साथ घर छोड़कर चली गई थी, जिसके बाद से गांव में तनाव का माहौल था। पुलिस इस घटना को तिहरे हत्याकांड से जोड़कर देख रही है। पुलिस का मानना है कि हत्या लूट के इरादे से नहीं की गई थी, क्योंकि घर का सामान सुरक्षित था और तोड़फोड़ के कोई निशान नहीं मिले। इससे संकेत मिलता है कि हमलावर केवल हत्या करने के इरादे से आए थे और उन्होंने वारदात को सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया। पुलिस के अनुसार, यह खूनी खेल सोमवार देर रात खेला गया, जब तीनों बुजुर्ग गहरी नींद में थे और हमलावरों ने उन्हें संभलने का कोई मौका नहीं दिया, लगातार ईंट-पत्थरों से वार कर उनकी घटनास्थल पर ही मौत सुनिश्चित कर दी। घटना की सूचना मिलते ही पूरे गांव में अफरा-तफरी मच गई और देखते ही देखते बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। सूचना पर डीसीपी यमुनानगर, एसीपी, कई थानों की पुलिस, फोरेंसिक टीम और डॉग स्क्वॉड मौके पर पहुंचे। डॉग स्क्वॉड घर के पीछे बने टूटे छप्पर की ओर लगातार संकेत दे रहा था, जबकि फोरेंसिक विशेषज्ञ खून से सने पत्थरों, उंगलियों के निशान और अन्य साक्ष्य जुटा रहे थे। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, जांच में एक चौंकाने वाला पहलू सामने आया है कि सिर्फ प्रेम प्रसंग ही नहीं, बल्कि कथित त्रिकोणीय प्रेम संबंध (लव ट्रायंगल) की भी जांच की जा रही है। आशंका जताई जा रही है कि युवती को लेकर कई लोगों के बीच विवाद था, जिसने इस जघन्य हत्याकांड का रूप ले लिया। गांव वालों ने बताया कि परिवार मजदूरी कर गुजारा करता था और घर में कोई युवा सदस्य नहीं था, जिससे हमलावरों ने बुजुर्गों को आसान निशाना बनाया। हालांकि, पुलिस अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से बच रही है और अधिकारियों का कहना है कि हर पहलू की गहराई से जांच की जा रही है। डीसीपी यमुनानगर ने विश्वास दिलाया है कि प्रथम दृष्टया यह मामला पुरानी रंजिश या युवती के घर छोड़कर जाने से जुड़े विवाद का प्रतीत हो रहा है और जल्द ही आरोपितों को गिरफ्तार कर पूरे घटनाक्रम का खुलासा किया जाएगा। कुकुरकटवा गांव में मातम और खौफ पसरा हुआ है, जहां लोग इस सवाल का जवाब तलाश रहे हैं कि तीन बेबस बुजुर्गों का कसूर क्या था और क्या सचमुच एक अधूरी प्रेम कहानी की कीमत उन्हें अपनी जान देकर चुकानी पड़ी, या इसके पीछे कोई गहरी साजिश है।1
- समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने दावा किया है कि 2027 में होने वाले चुनावों के लिए केवल पार्टी के कार्यकर्ता ही नहीं, बल्कि जनता भी नेताओं से ज़्यादा तैयार है। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि वह नवंबर में चुनाव कराने की अफवाह फैला रही है।1