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अशोकनगर कलेक्टर साकेत मालवीय की अध्यक्षता में हुई जिला टास्क फोर्स समिति की समीक्षा बैठक कलेक्टर श्री साकेत मालवीय की अध्यक्षता में आज जिला टॉस्क फोर्स समिति की समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित की गई। बैठक में पुलिस, वन, जिला अभियोजन, स्वास्थ्य, खाद्य, परिवहन, जनजातीय कार्य, खनिज, आबकारी, खाद्य सुरक्षा विभागों की समीक्षा कर आवश्यक निर्देश दिए।
रीड न्यूज मीडिया एजेंसी
अशोकनगर कलेक्टर साकेत मालवीय की अध्यक्षता में हुई जिला टास्क फोर्स समिति की समीक्षा बैठक कलेक्टर श्री साकेत मालवीय की अध्यक्षता में आज जिला टॉस्क फोर्स समिति की समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित की गई। बैठक में पुलिस, वन, जिला अभियोजन, स्वास्थ्य, खाद्य, परिवहन, जनजातीय कार्य, खनिज, आबकारी, खाद्य सुरक्षा विभागों की समीक्षा कर आवश्यक निर्देश दिए।
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- अशोकनगर - पुलिस अधीक्षक राजीव कुमार मिश्रा द्वारा जिले के समस्त थाना प्रभारियों को नागरिकों की सहायता हेतु तत्काल कार्यवाही करने हेतु निर्देशित किया गया है। इसी क्रम में पुलिस अधीक्षक राजीव कुमार मिश्रा के निर्देशन में, अति0 पुलिस अधीक्षक गजेन्द्र सिंह कँवर, एसडीओपी विवेक शर्मा, एवं थाना देहात प्रभारी भुबनेश शर्मा द्वारा मानसिक रूप से बीमार बुजुर्ग महिला को परिजनों से मिलाया गया उल्लेखनीय है कि सोमबार को थाना देहात क्षेत्र के ग्राम राजतला से डायल 112 पर सूचना प्राप्त हुई कि एक अज्ञात बुजुर्ग महिला गांव में भटक रही है, जो मानसिक रूप से अस्वस्थ प्रतीत हो रही है तथा अपने संबंध में स्पष्ट जानकारी नहीं दे पा रही है। सूचना मिलते ही थाना कोतवाली की 112 एफआरव्ही-12, जिसमें ड्यूटीरत प्रआर अरुण पाल उपस्थित थे, तत्काल मौके पर पहुंचे और महिला को सुरक्षित थाना देहात लेकर आए। थाना प्रभारी देहात उप निरीक्षक भुवनेश शर्मा द्वारा महिला से नाम एवं निवास स्थान के संबंध में जानकारी प्राप्त की गई। महिला ने अपना नाम किशन बाई बताया तथा खिरियाटांका एवं आसपास के कुछ गांवों के नाम बताए, साथ ही यह भी बताया कि वह तालाब के पास रहती है। हालांकि वह अपने परिवार के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं दे पा रही थीं। प्राप्त संकेतों के आधार पर चीता-3 को तुलसी सरोवर तालाब क्षेत्र में जानकारी जुटाने हेतु रवाना किया गया। साथ ही महिला का फोटो एवं नाम, उनके द्वारा बताए गए गांवों के सरपंचों को व्हाट्सएप के माध्यम से भेजकर पहचान कराने का प्रयास किया गया। तत्पश्चात एक व्यक्ति द्वारा महिला की पहचान किशन बाई यादव, निवासी ग्राम खिरियाटांका, हाल निवासी डॉक्टर कॉलोनी के रूप में की गई तथा उनके पुत्र चन्द्रपाल सिंह पुत्र गोविन्द सिंह यादव की जानकारी उपलब्ध कराई गई। सूचना के आधार पर चीता-3 को डॉक्टर कॉलोनी भेजकर महिला के पुत्र से संपर्क किया गया और उन्हें थाने बुलाया गया। थाना देहात में पुत्र द्वारा महिला की पहचान अपनी माता के रूप में की गई। उक्त कार्यवाही में थाना प्रभारी देहात उपनिरीक्षक भुवनेश शर्मा, प्रआर अरुण पाल (थाना कोतवाली), आरक्षक पुष्पेन्द्र जाट एवं मआर संध्या रघुवंशी की महत्वपूर्ण भूमिका रही।1
- गुना जिले के बीनागंज थाना अंतर्गत पालकी यात्रा चल समारोह निकाला जा रहा था पुलिस चौकी प्रभारी अजय प्रताप सिंह यादव द्वारा यात्रा में बाधा डालतें हुए व्यवस्था और आम श्रद्धालुओं को डराने धमकाने एवं सनातन धर्म प्रेमियों की भावनाओं को आहत करने के विरोध में एसडीएम को दिया ज्ञापन। महाशिवरात्रि पर समस्त हिन्दू जनमानस द्वारा महाशिवरात्रि पर्व पर नगर बीनागंज में बाबा महाकाल की पालकी यात्रा निकाली जाती है। इस वर्ष भी महाशिवरात्रि पर्व 15/02/2026 पर पालकी यात्रा निकाली जा रही थी। यात्रा में महिला सशक्तीकरण एवं हमारी बेटियों को आत्मरक्षा हेतु सन्देश के रूप में प्रदर्शन किया जा रहा था। जुलूस में चौकी प्रभारी अजय प्रताप सिंह यादव द्वारा भोले बाबा के डमरू बजाने वाले भक्तों को को धक्का दिया गया। मुख्य मंदिर जैन मंदिर चौरहा पर पालकी यात्रा एवं श्री ऋणमुक्तेश्वर महादेव मंदिर के पुजारी श्री अजय पारीक द्वारा कहा गया की चार पहिया वाहन यात्रा के मध्य में प्रवेश कर रहे हैं जिसमें महिलायों को एवं बेटीयों को चोट लग सकती हैं एवं सनातनीयों को यात्रा में बाधा पहुंच रही है। इस पर चौकी प्रभारी ने गरम लहजे में पुजारी जी के साथ बदतमीजी करते हुए। कहा कि यात्रा को वापस ले जाओं में व्यवस्था नहीं कर पाऊंगा। बीनागंज में धार्मिक जुलसों का ठेका नही ले रखा हैं। यात्रा को वापस ले जाओं मत निकालों एवं डराया धमकाया जो कि समस्त सनातनीयों को अपमान हैं। इस घटना से क्षेत्र के हिन्दु जनमानस में आकोश हैं। पूर्व में भी इनकें द्वारा धार्मिक आयोजन में इस प्रकार की घटना की जा चुकी हैं उचित कार्यवाही की जावे यदि 2 दिवस में उचित कार्यावाही नहीं की जाती है। तो समस्त हिन्दू जनमानस एवं समस्त हिन्दू संगठनों द्वारा संवैधानिक रूप से आंदोलन का मार्ग तय किया जायेगा। जिसका जिम्मेदार स्वंय प्रशासन रहेगा1
- लोकल न्यूज बीना बीना में ABVP का अनोखा प्रदर्शन: प्राचार्य पर घूस मांगने का आरोप, छात्रों ने ‘भीख मांगकर’जताया विरोध1
- कलश यात्रा निकाली गई। जिला सागर के खिमलासा से 04, किलो मीटर, ग्राम खडेसरा में श्री मद्भागवत कथा का,07,दिवसीय आयोजन होने जा रहा है। इसी तारतम्य में, अनेक वाहनों से कलश यात्रा खिमलासा तालाब पर पहुंची। जल्द ही ,कलशों में पानी भरके पुनः खडेसरा यज्ञ स्थल की ओर रवाना होगी।1
- पाली। पाली खेल एवं मेला महोत्सव के दौरान चोरी हुई बाइक को पाली पुलिस ने महज 48 घंटे के भीतर बरामद कर बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने बाइक को जंगल के पास घनी झाड़ियों के बीच से बरामद किया, जिसके बाद बाइक मालिक के चेहरे पर खुशी साफ दिखाई दी। जानकारी के अनुसार, पाली खेल एवं मेला महोत्सव के अंतिम दिन नगर निवासी एक युवक कार्यक्रम देखने पहुंचा था। युवक ने अपनी बाइक कार्यक्रम स्थल पर बनी पार्किंग में खड़ी कर दी थी। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद जब युवक घर जाने के लिए वापस पार्किंग में पहुंचा, तो उसकी बाइक वहां से गायब मिली। युवक ने आसपास काफी देर तक बाइक की तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद युवक ने पाली थाने पहुंचकर प्रार्थना पत्र देकर बाइक चोरी की शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलते ही पाली थाना पुलिस सक्रिय हुई और थाना प्रभारी निरीक्षक दीपक कुमार के नेतृत्व में टीम ने तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी। पुलिस द्वारा नगर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई, साथ ही संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखते हुए बाइक की गुप्त रूप से तलाश शुरू की गई। पुलिस ने पीड़ित युवक से दो दिन का समय मांगा और लगातार क्षेत्र में खोजबीन जारी रखी। इसी क्रम में सोमवार देर रात पुलिस को सूचना मिली, जिसके आधार पर टीम ने जंगल की ओर तलाश तेज की। तलाशी के दौरान पुलिस ने जंगल के पास घनी झाड़ियों के बीच बाइक को लावारिस हालत में खड़ा पाया। पुलिस ने बाइक को कब्जे में लेकर थाने लाया और बाइक नंबर के आधार पर मालिक की पहचान की। इसके बाद पुलिस ने बाइक मालिक को फोन कर सूचना दी कि एक बाइक बरामद हुई है, आप थाने आकर पहचान कर लें। सूचना मिलने पर बाइक मालिक थाने पहुंचा और अपनी बाइक देखकर बेहद खुश हुआ। पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर बाइक को उसके सुपुर्द कर दिया। इस संबंध में पाली थाना प्रभारी निरीक्षक दीपक कुमार ने बताया कि चोरी की सूचना मिलते ही पुलिस टीम द्वारा त्वरित कार्रवाई की गई और सीसीटीवी फुटेज व गुप्त सूचना के आधार पर बाइक को बरामद कर लिया गया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में अपराध पर नियंत्रण के लिए पुलिस सतर्क है और चोरी जैसी घटनाओं में दोषियों को जल्द पकड़ने के प्रयास लगातार जारी हैं।1
- सागर जिले में गूंज रही परीक्षा की घंटी, 7 मार्च तक चलेगा एग्जाम मैराथन प्रशासन अलर्ट, छात्र फुल कॉन्फिडेंस में1
- एक नंबर स्कूल में दसवीं 11वीं के बोर्ड परीक्षा चालू आज से1
- बोहरा समाज के रमजान शुरू मंगलवार से पहला रोज़ा, 10 मार्च को शबेक़द्र की रात सूरत से आमिल मोइज़ भाई साहब करेंगे इमामत, हर समाजजन को सेहरी-इफ्तार का भोजन उपलब्ध गुना बोहरा समाज में हिजरी वर्ष 1447 का सबसे पवित्र महीना रमजान 17 फ़रवरी से आरंभ हो रहा है। पहला रोज़ा मंगलवार से रखा जाएगा और पूरे 30 दिन चलेंगे। अंतिम रोज़ा 18 मार्च को होगा और 19 मार्च, गुरुवार को ईदुल फ़ितर मनाई जाएगी। 10 मार्च, मंगलवार की रात शबेक़द्र के रूप में मनाई जाएगी, जिसमें समाज के सभी सदस्य रातभर जागरण कर मस्जिद में इबादत करेंगे। सूरत से आमिल जनाब मोइज़ भाई साहब बदरी, बोहरा समाज के लोगों को इबादत कराने और इमामत करने के लिए तशरीफ़ लाए हैं। रमजान के दौरान बोहरा समाज में प्रत्येक समाजजन को सेहरी और इफतार का भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। स्थानीय बोहरा मस्जिद में पूर्ण एहतमाम और सम्मान के साथ आमिल मोइज़ भाई साहब द्वारा इमामत की जाएगी। पूरे महीने के 30 दिनों तक समाजगुरु सैयदना मुफद्दल सैफुद्दीन साहब की ओर से सभी समाजजनों के घरों तक सुबह और शाम का भोजन पहुँचाने का इंतज़ाम किया गया है, ताकि किसी को स्वयं खाना बनाने की आवश्यकता न पड़े। इस व्यवस्था की देखरेख अलिअकबर राही द्वारा की जाएगी। सेहरी का अंतिम समय सुबह 5 बजकर 38 मिनट तक रहेगा, जिसमें चाय, शक्कर, टोस्ट और अंडा शामिल होंगे। इफ्तार के समय मुंबई से निर्धारित मेन्यू के अनुसार भोजन में दो सब्ज़ियाँ, रोटी, बिस्कुट, दूध, खजूर और चाय शामिल रहेंगी। रमजान शब्द 'रम्ज़' से लिया गया है, जिसका अर्थ है सूर्य की अत्यधिक गर्मी से छोटे पत्थरों का तपना। यह महीना ईश्वरीय नामों में से एक है और इसी महीने में पवित्र कुरआन नाजिल हुआ था। रमजान को बरकतों वाला महीना माना जाता है, जिसमें अल्लाह अपने बंदों को असीम नियामतों से नवाज़ते हैं। रोज़ा अरबी में 'सौम' कहलाता है, जिसका अर्थ है रुकना। रोज़ा केवल भूख और प्यास से नहीं, बल्कि तमाम बुराइयों से परहेज़ करना भी है। इसमें गलत बोलना, देखना, सुनना या नाजायज़ कर्म करना वर्जित है और हर समय खुदा की इबादत करना आवश्यक है। पूरा माह रमजान समाज के लिए आत्मसंयम, भक्ति और इबादत का अवसर है, जिसमें हर सदस्य अपने जीवन में नैतिकता, परहेज़ और सामाजिक भलाई को अपनाता है।1