सनातन धर्म प्रेमियों की भावनाओं को आहत करने के विरोध में एसडीएम को दिया ज्ञापन गुना जिले के बीनागंज थाना अंतर्गत पालकी यात्रा चल समारोह निकाला जा रहा था पुलिस चौकी प्रभारी अजय प्रताप सिंह यादव द्वारा यात्रा में बाधा डालतें हुए व्यवस्था और आम श्रद्धालुओं को डराने धमकाने एवं सनातन धर्म प्रेमियों की भावनाओं को आहत करने के विरोध में एसडीएम को दिया ज्ञापन। महाशिवरात्रि पर समस्त हिन्दू जनमानस द्वारा महाशिवरात्रि पर्व पर नगर बीनागंज में बाबा महाकाल की पालकी यात्रा निकाली जाती है। इस वर्ष भी महाशिवरात्रि पर्व 15/02/2026 पर पालकी यात्रा निकाली जा रही थी। यात्रा में महिला सशक्तीकरण एवं हमारी बेटियों को आत्मरक्षा हेतु सन्देश के रूप में प्रदर्शन किया जा रहा था। जुलूस में चौकी प्रभारी अजय प्रताप सिंह यादव द्वारा भोले बाबा के डमरू बजाने वाले भक्तों को को धक्का दिया गया। मुख्य मंदिर जैन मंदिर चौरहा पर पालकी यात्रा एवं श्री ऋणमुक्तेश्वर महादेव मंदिर के पुजारी श्री अजय पारीक द्वारा कहा गया की चार पहिया वाहन यात्रा के मध्य में प्रवेश कर रहे हैं जिसमें महिलायों को एवं बेटीयों को चोट लग सकती हैं एवं सनातनीयों को यात्रा में बाधा पहुंच रही है। इस पर चौकी प्रभारी ने गरम लहजे में पुजारी जी के साथ बदतमीजी करते हुए। कहा कि यात्रा को वापस ले जाओं में व्यवस्था नहीं कर पाऊंगा। बीनागंज में धार्मिक जुलसों का ठेका नही ले रखा हैं। यात्रा को वापस ले जाओं मत निकालों एवं डराया धमकाया जो कि समस्त सनातनीयों को अपमान हैं। इस घटना से क्षेत्र के हिन्दु जनमानस में आकोश हैं। पूर्व में भी इनकें द्वारा धार्मिक आयोजन में इस प्रकार की घटना की जा चुकी हैं उचित कार्यवाही की जावे यदि 2 दिवस में उचित कार्यावाही नहीं की जाती है। तो समस्त हिन्दू जनमानस एवं समस्त हिन्दू संगठनों द्वारा संवैधानिक रूप से आंदोलन का मार्ग तय किया जायेगा। जिसका जिम्मेदार स्वंय प्रशासन रहेगा
सनातन धर्म प्रेमियों की भावनाओं को आहत करने के विरोध में एसडीएम को दिया ज्ञापन गुना जिले के बीनागंज थाना अंतर्गत पालकी यात्रा चल समारोह निकाला जा रहा था पुलिस चौकी प्रभारी अजय प्रताप सिंह यादव द्वारा यात्रा में बाधा डालतें हुए व्यवस्था और आम श्रद्धालुओं को डराने धमकाने एवं सनातन धर्म प्रेमियों की भावनाओं को आहत करने के विरोध में एसडीएम को दिया ज्ञापन। महाशिवरात्रि पर समस्त हिन्दू जनमानस द्वारा महाशिवरात्रि पर्व पर नगर बीनागंज में बाबा महाकाल की पालकी यात्रा निकाली जाती है। इस वर्ष भी महाशिवरात्रि पर्व 15/02/2026 पर पालकी यात्रा निकाली जा रही थी। यात्रा में महिला सशक्तीकरण एवं हमारी बेटियों को आत्मरक्षा हेतु सन्देश के रूप में प्रदर्शन किया जा रहा था। जुलूस में चौकी प्रभारी अजय प्रताप सिंह यादव द्वारा भोले बाबा के डमरू बजाने वाले भक्तों को को धक्का दिया गया। मुख्य मंदिर जैन मंदिर चौरहा पर पालकी यात्रा एवं श्री ऋणमुक्तेश्वर महादेव मंदिर के पुजारी श्री अजय पारीक द्वारा कहा गया की चार पहिया वाहन यात्रा के मध्य में प्रवेश कर रहे हैं जिसमें महिलायों को एवं बेटीयों को चोट लग सकती हैं एवं सनातनीयों को यात्रा में बाधा पहुंच रही है। इस पर चौकी प्रभारी ने गरम लहजे में पुजारी जी के साथ बदतमीजी करते हुए। कहा कि यात्रा को वापस ले जाओं में व्यवस्था नहीं कर पाऊंगा। बीनागंज में धार्मिक जुलसों का ठेका नही ले रखा हैं। यात्रा को वापस ले जाओं मत निकालों एवं डराया धमकाया जो कि समस्त सनातनीयों को अपमान हैं। इस घटना से क्षेत्र के हिन्दु जनमानस में आकोश हैं। पूर्व में भी इनकें द्वारा धार्मिक आयोजन में इस प्रकार की घटना की जा चुकी हैं उचित कार्यवाही की जावे यदि 2 दिवस में उचित कार्यावाही नहीं की जाती है। तो समस्त हिन्दू जनमानस एवं समस्त हिन्दू संगठनों द्वारा संवैधानिक रूप से आंदोलन का मार्ग तय किया जायेगा। जिसका जिम्मेदार स्वंय प्रशासन रहेगा
- गुना जिले के बीनागंज थाना अंतर्गत पालकी यात्रा चल समारोह निकाला जा रहा था पुलिस चौकी प्रभारी अजय प्रताप सिंह यादव द्वारा यात्रा में बाधा डालतें हुए व्यवस्था और आम श्रद्धालुओं को डराने धमकाने एवं सनातन धर्म प्रेमियों की भावनाओं को आहत करने के विरोध में एसडीएम को दिया ज्ञापन। महाशिवरात्रि पर समस्त हिन्दू जनमानस द्वारा महाशिवरात्रि पर्व पर नगर बीनागंज में बाबा महाकाल की पालकी यात्रा निकाली जाती है। इस वर्ष भी महाशिवरात्रि पर्व 15/02/2026 पर पालकी यात्रा निकाली जा रही थी। यात्रा में महिला सशक्तीकरण एवं हमारी बेटियों को आत्मरक्षा हेतु सन्देश के रूप में प्रदर्शन किया जा रहा था। जुलूस में चौकी प्रभारी अजय प्रताप सिंह यादव द्वारा भोले बाबा के डमरू बजाने वाले भक्तों को को धक्का दिया गया। मुख्य मंदिर जैन मंदिर चौरहा पर पालकी यात्रा एवं श्री ऋणमुक्तेश्वर महादेव मंदिर के पुजारी श्री अजय पारीक द्वारा कहा गया की चार पहिया वाहन यात्रा के मध्य में प्रवेश कर रहे हैं जिसमें महिलायों को एवं बेटीयों को चोट लग सकती हैं एवं सनातनीयों को यात्रा में बाधा पहुंच रही है। इस पर चौकी प्रभारी ने गरम लहजे में पुजारी जी के साथ बदतमीजी करते हुए। कहा कि यात्रा को वापस ले जाओं में व्यवस्था नहीं कर पाऊंगा। बीनागंज में धार्मिक जुलसों का ठेका नही ले रखा हैं। यात्रा को वापस ले जाओं मत निकालों एवं डराया धमकाया जो कि समस्त सनातनीयों को अपमान हैं। इस घटना से क्षेत्र के हिन्दु जनमानस में आकोश हैं। पूर्व में भी इनकें द्वारा धार्मिक आयोजन में इस प्रकार की घटना की जा चुकी हैं उचित कार्यवाही की जावे यदि 2 दिवस में उचित कार्यावाही नहीं की जाती है। तो समस्त हिन्दू जनमानस एवं समस्त हिन्दू संगठनों द्वारा संवैधानिक रूप से आंदोलन का मार्ग तय किया जायेगा। जिसका जिम्मेदार स्वंय प्रशासन रहेगा1
- Post by Raees Khan2
- अशोकनगर - पुलिस अधीक्षक राजीव कुमार मिश्रा द्वारा जिले के समस्त थाना प्रभारियों को नागरिकों की सहायता हेतु तत्काल कार्यवाही करने हेतु निर्देशित किया गया है। इसी क्रम में पुलिस अधीक्षक राजीव कुमार मिश्रा के निर्देशन में, अति0 पुलिस अधीक्षक गजेन्द्र सिंह कँवर, एसडीओपी विवेक शर्मा, एवं थाना देहात प्रभारी भुबनेश शर्मा द्वारा मानसिक रूप से बीमार बुजुर्ग महिला को परिजनों से मिलाया गया उल्लेखनीय है कि सोमबार को थाना देहात क्षेत्र के ग्राम राजतला से डायल 112 पर सूचना प्राप्त हुई कि एक अज्ञात बुजुर्ग महिला गांव में भटक रही है, जो मानसिक रूप से अस्वस्थ प्रतीत हो रही है तथा अपने संबंध में स्पष्ट जानकारी नहीं दे पा रही है। सूचना मिलते ही थाना कोतवाली की 112 एफआरव्ही-12, जिसमें ड्यूटीरत प्रआर अरुण पाल उपस्थित थे, तत्काल मौके पर पहुंचे और महिला को सुरक्षित थाना देहात लेकर आए। थाना प्रभारी देहात उप निरीक्षक भुवनेश शर्मा द्वारा महिला से नाम एवं निवास स्थान के संबंध में जानकारी प्राप्त की गई। महिला ने अपना नाम किशन बाई बताया तथा खिरियाटांका एवं आसपास के कुछ गांवों के नाम बताए, साथ ही यह भी बताया कि वह तालाब के पास रहती है। हालांकि वह अपने परिवार के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं दे पा रही थीं। प्राप्त संकेतों के आधार पर चीता-3 को तुलसी सरोवर तालाब क्षेत्र में जानकारी जुटाने हेतु रवाना किया गया। साथ ही महिला का फोटो एवं नाम, उनके द्वारा बताए गए गांवों के सरपंचों को व्हाट्सएप के माध्यम से भेजकर पहचान कराने का प्रयास किया गया। तत्पश्चात एक व्यक्ति द्वारा महिला की पहचान किशन बाई यादव, निवासी ग्राम खिरियाटांका, हाल निवासी डॉक्टर कॉलोनी के रूप में की गई तथा उनके पुत्र चन्द्रपाल सिंह पुत्र गोविन्द सिंह यादव की जानकारी उपलब्ध कराई गई। सूचना के आधार पर चीता-3 को डॉक्टर कॉलोनी भेजकर महिला के पुत्र से संपर्क किया गया और उन्हें थाने बुलाया गया। थाना देहात में पुत्र द्वारा महिला की पहचान अपनी माता के रूप में की गई। उक्त कार्यवाही में थाना प्रभारी देहात उपनिरीक्षक भुवनेश शर्मा, प्रआर अरुण पाल (थाना कोतवाली), आरक्षक पुष्पेन्द्र जाट एवं मआर संध्या रघुवंशी की महत्वपूर्ण भूमिका रही।1
- Post by Chauthmal Verma1
- Dynamic meditation at Harnavdijager shivpuran chhipabarod1
- हरनावदाशाहजी.महाशिवरात्रि के उपलक्ष्य में रविवार रात्रि को आयोजित शिव पार्वती विवाह समारोह में श्रृद्धा का सैलाब उमड़ पड़ा। इस दौरान कस्बे में निकली शिवबारात में बराती बनकर हर कोई झूमता नजर आया। वहीं सोमवार को आयोजित भंडारे में प्रसादी का दिनभर कार्यक्रम चला जिसमें दूर दूर गांवों से पंहुचकर लोगों ने प्रसादी का लाभ लिया। कस्बे में प्राचीन शिवालय गुफा मंदिर में महाशिवरात्रि के उपलक्ष्य में 12 फरवरी से पांच दिवसीय महोत्सव की शुरुआत हुई थी। भगवान शंकर पार्वती विवाहोत्सव को लेकर रोजाना अलग अलग आयोजनों के साथ रविवार अपराह्न कस्बे में गाजे बाजे से शिवबारात निकली। जुलूस में बना हर कोई बाराती- बूढा महादेव से शुरु हुई बारात में युवाओं की टोली अलग तो युवतियों की टोली अलग डीजे पर भक्ति के रंग में नजर आई। महिलाएं भी साथ में भजनों पर झूमती रही। मुख्य मार्ग से होकर निकाली बारात का ग्रामीणों ने जगह जगह स्वागत किया। शाम के अंधेरे में विवेकानंद पर जोरदार आतिशबाजी हुई । बाद में शिवालय गुफा मंदिर पर बारात के स्वागत के साथ भगवान शिव पार्वती के विवाह की रस्म हुई। इस मौके पर गुफा मंदिर परिसर खचा-खच भरा रहा वहीं मंदिर समेत समूचा पांडाल पुष्प सज्जा व विद्युत सजावट से सजाया। महामंडलेश्वर ने किया भंडारे का शुभारंभ - सोमवार को इस अवसर पर आयोजित भंडारे की विधिवत पूजन के साथ शुरुआत रामानंद संत आश्रम के महामंडलेश्वर अभिराम दास त्यागी महाराज ने कन्याओं को प्रसाद खिलाकर की। यहां सुबह से देर रात तक भंडारा चला जिसमें प्रसाद के लिए तांता लगा रहा।3
- प्राचीन शिवालय गुफा, हरनावदाशाहजी पर भव्य एवं विशाल महाभंडारे का आयोजन हरनावदा शाहजी ग्रामवासियों एवं श्रद्धालु भक्तों को सूचित किया जाता है कि प्राचीन शिवालय गुफा, हरनावदाशाहजी पर भव्य एवं विशाल महाभंडारे का आयोजन किया गया है। भगवान भोलेनाथ की कृपा से चल रहे इस पावन भंडारे में समस्त ग्रामवासी सपरिवार पधारकर प्रसादी ग्रहण करें और पुण्य लाभ प्राप्त करें। स्थान – प्राचीन शिवालय गुफा, हरनावदाशाहजी1
- बोहरा समाज के रमजान शुरू मंगलवार से पहला रोज़ा, 10 मार्च को शबेक़द्र की रात सूरत से आमिल मोइज़ भाई साहब करेंगे इमामत, हर समाजजन को सेहरी-इफ्तार का भोजन उपलब्ध गुना बोहरा समाज में हिजरी वर्ष 1447 का सबसे पवित्र महीना रमजान 17 फ़रवरी से आरंभ हो रहा है। पहला रोज़ा मंगलवार से रखा जाएगा और पूरे 30 दिन चलेंगे। अंतिम रोज़ा 18 मार्च को होगा और 19 मार्च, गुरुवार को ईदुल फ़ितर मनाई जाएगी। 10 मार्च, मंगलवार की रात शबेक़द्र के रूप में मनाई जाएगी, जिसमें समाज के सभी सदस्य रातभर जागरण कर मस्जिद में इबादत करेंगे। सूरत से आमिल जनाब मोइज़ भाई साहब बदरी, बोहरा समाज के लोगों को इबादत कराने और इमामत करने के लिए तशरीफ़ लाए हैं। रमजान के दौरान बोहरा समाज में प्रत्येक समाजजन को सेहरी और इफतार का भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। स्थानीय बोहरा मस्जिद में पूर्ण एहतमाम और सम्मान के साथ आमिल मोइज़ भाई साहब द्वारा इमामत की जाएगी। पूरे महीने के 30 दिनों तक समाजगुरु सैयदना मुफद्दल सैफुद्दीन साहब की ओर से सभी समाजजनों के घरों तक सुबह और शाम का भोजन पहुँचाने का इंतज़ाम किया गया है, ताकि किसी को स्वयं खाना बनाने की आवश्यकता न पड़े। इस व्यवस्था की देखरेख अलिअकबर राही द्वारा की जाएगी। सेहरी का अंतिम समय सुबह 5 बजकर 38 मिनट तक रहेगा, जिसमें चाय, शक्कर, टोस्ट और अंडा शामिल होंगे। इफ्तार के समय मुंबई से निर्धारित मेन्यू के अनुसार भोजन में दो सब्ज़ियाँ, रोटी, बिस्कुट, दूध, खजूर और चाय शामिल रहेंगी। रमजान शब्द 'रम्ज़' से लिया गया है, जिसका अर्थ है सूर्य की अत्यधिक गर्मी से छोटे पत्थरों का तपना। यह महीना ईश्वरीय नामों में से एक है और इसी महीने में पवित्र कुरआन नाजिल हुआ था। रमजान को बरकतों वाला महीना माना जाता है, जिसमें अल्लाह अपने बंदों को असीम नियामतों से नवाज़ते हैं। रोज़ा अरबी में 'सौम' कहलाता है, जिसका अर्थ है रुकना। रोज़ा केवल भूख और प्यास से नहीं, बल्कि तमाम बुराइयों से परहेज़ करना भी है। इसमें गलत बोलना, देखना, सुनना या नाजायज़ कर्म करना वर्जित है और हर समय खुदा की इबादत करना आवश्यक है। पूरा माह रमजान समाज के लिए आत्मसंयम, भक्ति और इबादत का अवसर है, जिसमें हर सदस्य अपने जीवन में नैतिकता, परहेज़ और सामाजिक भलाई को अपनाता है।1