राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने 09 जून 2026 को सुपौल जिले के बसंतपुर प्रखंड कार्यालय परिसर में एकदिवसीय शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं, युवाओं, किसानों, महिलाओं और आम नागरिकों ने भाग लेकर केंद्र तथा बिहार सरकार के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की। धरना के दौरान वक्ताओं ने केंद्र एवं बिहार सरकार पर तीखा हमला बोला, आरोप लगाया कि जनता आज महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, बदहाल शिक्षा व्यवस्था, चरमराई स्वास्थ्य सेवाओं और बिगड़ती कानून-व्यवस्था से त्रस्त है। राजद नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि "डबल इंजन की सरकार जनता की उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी है और महंगाई तथा बेरोजगारी ने आम लोगों का जीवन कठिन बना दिया है।" राजद प्रखंड अध्यक्ष ने सरकार पर "खूनी खेल पर मौन" रहने का आरोप लगाते हुए कहा कि जनता जवाब मांग रही है। धरने की प्रमुख मांगों में महंगाई पर रोक लगाना, युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराना, भ्रष्टाचार पर प्रभावी कार्रवाई करना, शिक्षा एवं स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार करना और कानून-व्यवस्था को मजबूत करना शामिल था। धरना के समापन पर, राजद नेताओं ने संबंधित अधिकारियों को एक मांग-पत्र सौंपा, जिसमें जनता की समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की गई। राजद ने दृढ़ता से ऐलान किया है कि जनता के हक, रोजगार, शिक्षा और सामाजिक न्याय की लड़ाई जारी रहेगी।
राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने 09 जून 2026 को सुपौल जिले के बसंतपुर प्रखंड कार्यालय परिसर में एकदिवसीय शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं, युवाओं, किसानों, महिलाओं और आम नागरिकों ने भाग लेकर केंद्र तथा बिहार सरकार के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की। धरना के दौरान वक्ताओं ने केंद्र एवं बिहार सरकार पर तीखा हमला बोला, आरोप लगाया कि जनता आज महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, बदहाल शिक्षा व्यवस्था, चरमराई स्वास्थ्य सेवाओं और बिगड़ती कानून-व्यवस्था से त्रस्त है। राजद नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि "डबल इंजन की सरकार जनता की उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी है और महंगाई तथा बेरोजगारी ने आम लोगों का जीवन कठिन बना दिया है।" राजद प्रखंड अध्यक्ष ने सरकार पर "खूनी खेल पर मौन" रहने का आरोप लगाते हुए कहा कि जनता जवाब मांग रही है। धरने की प्रमुख मांगों में महंगाई पर रोक लगाना, युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराना, भ्रष्टाचार पर प्रभावी कार्रवाई करना, शिक्षा एवं स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार करना और कानून-व्यवस्था को मजबूत करना शामिल था। धरना के समापन पर, राजद नेताओं ने संबंधित अधिकारियों को एक मांग-पत्र सौंपा, जिसमें जनता की समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की गई। राजद ने दृढ़ता से ऐलान किया है कि जनता के हक, रोजगार, शिक्षा और सामाजिक न्याय की लड़ाई जारी रहेगी।
- राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने 09 जून 2026 को सुपौल जिले के बसंतपुर प्रखंड कार्यालय परिसर में एकदिवसीय शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं, युवाओं, किसानों, महिलाओं और आम नागरिकों ने भाग लेकर केंद्र तथा बिहार सरकार के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की। धरना के दौरान वक्ताओं ने केंद्र एवं बिहार सरकार पर तीखा हमला बोला, आरोप लगाया कि जनता आज महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, बदहाल शिक्षा व्यवस्था, चरमराई स्वास्थ्य सेवाओं और बिगड़ती कानून-व्यवस्था से त्रस्त है। राजद नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि "डबल इंजन की सरकार जनता की उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी है और महंगाई तथा बेरोजगारी ने आम लोगों का जीवन कठिन बना दिया है।" राजद प्रखंड अध्यक्ष ने सरकार पर "खूनी खेल पर मौन" रहने का आरोप लगाते हुए कहा कि जनता जवाब मांग रही है। धरने की प्रमुख मांगों में महंगाई पर रोक लगाना, युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराना, भ्रष्टाचार पर प्रभावी कार्रवाई करना, शिक्षा एवं स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार करना और कानून-व्यवस्था को मजबूत करना शामिल था। धरना के समापन पर, राजद नेताओं ने संबंधित अधिकारियों को एक मांग-पत्र सौंपा, जिसमें जनता की समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की गई। राजद ने दृढ़ता से ऐलान किया है कि जनता के हक, रोजगार, शिक्षा और सामाजिक न्याय की लड़ाई जारी रहेगी।1
- सुपौल जिले के जदिया थाना क्षेत्र में पुलिस हिरासत में एक व्यक्ति की मौत के बाद गहरा तनाव फैल गया है। इस घटना से गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने कड़ा विरोध प्रदर्शन किया, जिससे इलाके में भारी बवाल मच गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस और प्रशासन के अधिकारी तुरंत मौके पर पहुँचे। वे आक्रोशित भीड़ को समझाने-बुझाने और स्थिति को शांत करने का प्रयास कर रहे हैं।1
- नूरानी मस्जिद के ध्वस्तीकरण के मामले में एक एडवोकेट ने बड़ा खुलासा किया है। एडवोकेट ने बताया कि मस्जिद से संबंधित एक मामले की सुनवाई 10 जून को कोर्ट में होनी थी।1
- अररिया जिले के एक गांव में पिछले पांच साल से एक पुल बंद पड़ा है, जिससे स्थानीय ग्रामीण अत्यधिक परेशान हैं। ग्रामीणों ने इस गंभीर समस्या पर तुरंत ध्यान देने और उसका समाधान करने की मांग की है। ग्रामीणों की अपील है कि पट्टी मुखिया और अन्य संबंधित सदस्यों को इस मामले में सुनवाई करनी चाहिए। उनकी प्रमुख मांग है कि गांव में रुके हुए सभी कार्यों को अविलंब शुरू कराया जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि सभी काम अच्छी गुणवत्ता के हों। इसके अतिरिक्त, गांव में व्याप्त पानी की समस्या का समाधान करने और उन सभी मुद्दों को दूर करने की भी मांग की गई है जिनके कारण गांव की बदनामी हो रही है। गांव वालों ने सरकार से भी मदद की गुहार लगाई है और आग्रह किया है कि स्कूल से संबंधित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शुरू करवाया जाए, साथ ही गांव में बिजली की लाइनें भी जल्द से जल्द चालू करवाई जाएं। गांव से अमनुल्लाह पट्टी ने इस मुद्दे को उठाया है, और मुमताज भाई के माध्यम से स्थानीय समाचारों से भी मदद की अपील की गई है, यह कहते हुए कि समस्या होने पर स्थानीय समाचार से फोन करके सहायता प्राप्त की जा सकती है।1
- खान सर को ज्ञान, संघर्ष और हौसले की पहचान के रूप में देखा जाता है। उनकी सफलता इस बात का एक सशक्त उदाहरण है कि कैसे एक साधारण पृष्ठभूमि से आने वाला व्यक्ति भी अपनी कड़ी मेहनत, अटूट समर्पण और शिक्षा के माध्यम से लाखों लोगों के जीवन पर सकारात्मक और गहरा प्रभाव डाल सकता है।1
- अररिया जिले की डेहटी दक्षिण पंचायत के ककोड़वा स्थित वार्ड 5 में बिजली विभाग की गंभीर लापरवाही के कारण एक बड़ा हादसा सामने आया है। इस घटना में कुल तीन लोग 11 हजार वोल्ट की उच्च-तनाव वाली बिजली लाइन की चपेट में आ गए।1