अररिया जिले के एक गांव में पिछले पांच साल से एक पुल बंद पड़ा है, जिससे स्थानीय ग्रामीण अत्यधिक परेशान हैं। ग्रामीणों ने इस गंभीर समस्या पर तुरंत ध्यान देने और उसका समाधान करने की मांग की है। ग्रामीणों की अपील है कि पट्टी मुखिया और अन्य संबंधित सदस्यों को इस मामले में सुनवाई करनी चाहिए। उनकी प्रमुख मांग है कि गांव में रुके हुए सभी कार्यों को अविलंब शुरू कराया जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि सभी काम अच्छी गुणवत्ता के हों। इसके अतिरिक्त, गांव में व्याप्त पानी की समस्या का समाधान करने और उन सभी मुद्दों को दूर करने की भी मांग की गई है जिनके कारण गांव की बदनामी हो रही है। गांव वालों ने सरकार से भी मदद की गुहार लगाई है और आग्रह किया है कि स्कूल से संबंधित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शुरू करवाया जाए, साथ ही गांव में बिजली की लाइनें भी जल्द से जल्द चालू करवाई जाएं। गांव से अमनुल्लाह पट्टी ने इस मुद्दे को उठाया है, और मुमताज भाई के माध्यम से स्थानीय समाचारों से भी मदद की अपील की गई है, यह कहते हुए कि समस्या होने पर स्थानीय समाचार से फोन करके सहायता प्राप्त की जा सकती है।
अररिया जिले के एक गांव में पिछले पांच साल से एक पुल बंद पड़ा है, जिससे स्थानीय ग्रामीण अत्यधिक परेशान हैं। ग्रामीणों ने इस गंभीर समस्या पर तुरंत ध्यान देने और उसका समाधान करने की मांग की है। ग्रामीणों की अपील है कि पट्टी मुखिया और अन्य संबंधित सदस्यों को इस मामले में सुनवाई करनी चाहिए। उनकी प्रमुख मांग है कि गांव में रुके हुए सभी कार्यों को अविलंब शुरू कराया जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि सभी काम अच्छी गुणवत्ता के हों। इसके अतिरिक्त, गांव में व्याप्त पानी की समस्या का समाधान करने और उन सभी मुद्दों को दूर करने की भी मांग की गई है जिनके कारण गांव की बदनामी हो रही है। गांव वालों ने सरकार से भी मदद की गुहार लगाई है और आग्रह किया है कि स्कूल से संबंधित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शुरू करवाया जाए, साथ ही गांव में बिजली की लाइनें भी जल्द से जल्द चालू करवाई जाएं। गांव से अमनुल्लाह पट्टी ने इस मुद्दे को उठाया है, और मुमताज भाई के माध्यम से स्थानीय समाचारों से भी मदद की अपील की गई है, यह कहते हुए कि समस्या होने पर स्थानीय समाचार से फोन करके सहायता प्राप्त की जा सकती है।
- कोडरमा सदर प्रखंड अंतर्गत गझंडी के स्थानीय निवासियों ने धनबाद डीआरएम और केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री से गझंडी रेलवे स्टेशन स्थित ऐतिहासिक पम्पू तालाब की सफाई की तत्काल मांग की है। बुधवार को दोपहर 12 बजे लोगों ने अपनी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि पहले भी कई बार आवेदन दिए जा चुके हैं, लेकिन तालाब की सफाई का कार्य अब तक शुरू नहीं हुआ है। लोगों का कहना है कि यह तालाब कभी रेलवे और आसपास के क्षेत्रों के लिए एक महत्वपूर्ण जलस्रोत हुआ करता था, लेकिन वर्षों से उचित देखरेख के अभाव में इसकी स्थिति अत्यंत दयनीय हो गई है। ग्रामीणों के अनुसार, गझंडी रेलवे स्टेशन के पास यह तालाब ब्रिटिश काल में रेलवे द्वारा बनवाया गया था, जिसका उपयोग भाप इंजन वाली ट्रेनों को पानी की आपूर्ति करने और रेलवे कर्मचारियों के क्वार्टरों तथा कार्यालयों में जल उपलब्ध कराने के लिए होता था। वर्तमान में, तालाब पूरी तरह से जलकुंभी और अन्य जलीय घासों से भर गया है, जिससे पानी की गुणवत्ता लगातार गिर रही है और यह जलस्रोत धीरे-धीरे अपना मूल स्वरूप और अस्तित्व खोता जा रहा है। स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया है कि लंबे समय से सफाई न होने के कारण तालाब का प्राकृतिक स्वरूप नष्ट हो रहा है। स्थानीय लोगों ने जोर देकर कहा कि यह तालाब न केवल ऐतिहासिक महत्व रखता है, बल्कि आज भी क्षेत्र के लोगों और रेलवे से जुड़े कर्मियों के लिए उपयोगी है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते इसकी सफाई और संरक्षण नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में यह महत्वपूर्ण जलस्रोत पूरी तरह समाप्त हो सकता है। ग्रामीणों ने रेलवे प्रशासन और संबंधित विभागों से तत्काल पहल करते हुए तालाब की सफाई, सौंदर्यीकरण और संरक्षण सुनिश्चित करने का आग्रह किया है, ताकि पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ स्थानीय लोगों को स्वच्छ जल और एक बेहतर वातावरण का लाभ मिल सके।1
- मधेपुरा के पोस्टमार्टम हाउस के बाहर बुधवार को एक हृदयविदारक दृश्य ने हर किसी की आंखें नम कर दीं, जहां एक पिता अपने 25 दिन के नवजात बेटे का शव गोद में लिए बैठा बिलख रहा था। उदाकिशुनगंज थाना क्षेत्र के लक्ष्मीपुर वार्ड नंबर 9 के निवासी बाबुल यादव की आंखों से आंसू लगातार बह रहे थे, और वह बस एक ही बात दोहरा रहा था, "मैंने प्रेम विवाह किया था, कोई गुनाह तो नहीं किया था... फिर मेरे बेटे को यह सजा क्यों मिली?" बाबुल यादव के अनुसार, उन्होंने दो वर्ष पहले समाज और जाति की दीवारों को तोड़कर गांव की ही मौसम चौधरी से प्रेम विवाह किया था, जो उनके परिवार को मंजूर नहीं था। पंचायत के बाद उन्हें घर के एक हिस्से में अलग रहने की अनुमति मिली थी, जहां वे मजदूरी कर अपना जीवन चला रहे थे। करीब 25 दिन पहले उनके घर बेटे ने जन्म लिया, तो बाबुल को लगा था कि शायद अब परिवार की नाराजगी खत्म हो जाएगी। लेकिन उनकी नियति को कुछ और ही मंजूर था। बाबुल का गंभीर आरोप है कि बीती रात उनके माता-पिता, भाई और परिवार के अन्य सदस्यों ने मिलकर उनके 25 दिन के मासूम बेटे की हत्या कर दी। बाबुल दावा करते हैं कि रात करीब तीन बजे जब उनकी पत्नी शौचालय गई थी और वह गहरी नींद में थे, तभी बच्चे की हालत गंभीर हुई। उन्होंने बताया कि बच्चे के मुंह में कपड़ा ठूंसा गया था और नाक से खून भी निकल रहा था। पोस्टमार्टम हाउस के बाहर बैठा बाबुल बार-बार अपने बेटे के चेहरे को देख रहा था, कभी उसे सीने से लगाता तो कभी माथा चूमकर फूट-फूटकर रो पड़ता। उसके पास बैठे उसके ससुर भी खामोश थे, और वहां मौजूद सभी लोगों की आंखें नम थीं। बाबुल का कहना है कि उन्हें पहले भी परिवार से धमकियां मिली थीं, जिसकी शिकायत उन्होंने पुलिस से की थी, लेकिन उन्हें नहीं पता था कि हालात इतने भयावह हो जाएंगे। हालांकि, पुलिस इस मामले की गहन जांच कर रही है और मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। बाबुल द्वारा लगाए गए आरोपों की पुष्टि भी जांच के उपरांत ही होगी। लेकिन बेटे के शव को गोद में लिए बिलखते उस पिता की सिसकियां और "जात-पात की यह दीवार आखिर कब टूटेगी? क्या इसकी सजा मेरे मासूम बेटे को मिलनी चाहिए थी?" जैसे सवाल आज भी प्रेम और इंसानियत से बड़ी जाति और समाज की दीवारों पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न लगा गए। वह इन सवालों का जवाब खोजते-खोजते पत्थर सा बैठा रहा, अपनी गोद में अपने 25 दिन के निर्जीव बेटे का शव लिए।4
- पूर्णिया में एक मुस्लिम लड़के को एक हिंदू लड़की के साथ आपत्तिजनक हालत में पकड़ा गया। इस घटना के बाद, स्थानीय लोगों ने लड़के की जमकर पिटाई की और फिर उसे पुलिस के हवाले कर दिया। लड़के के मोबाइल फोन की तलाशी लेने पर उसमें कथित तौर पर कई लड़कियों की न्यूड तस्वीरें और वीडियो मिले। आरोप है कि वह इन वीडियो और तस्वीरों को बनाकर अपने साथियों को भेजता था।1
- मधेपुरा में एक ट्रेन को 'देना पत्ती कार' की लापरवाही के कारण रोकना पड़ा। इस घटना से जुड़ी आगे की विस्तृत जानकारी और अपडेट्स के लिए मधेपुरा न्यूज़ देखते रहने की अपील की गई है।1
- अररिया जिले के चैनपुर मसूरिया वार्ड नंबर 8 स्थित सड़क मार्ग की स्थिति अत्यंत खराब है। जानकारी के अनुसार, इस सड़क के निर्माण या मरम्मत के लिए आवंटित धनराशि मुखिया द्वारा उठा ली गई है। इसके बावजूद, इस महत्वपूर्ण सड़क का निर्माण कार्य अभी तक शुरू नहीं हो सका है और यह मार्ग जर्जर हालत में ही है।1
- स्थानीय निवासियों के अनुसार, एक शौचालय का निर्माण हुए पाँच साल बीत चुके हैं, लेकिन अब तक उसमें दरवाजा नहीं लगाया गया है। इस कारण यहाँ के स्थानीय लोगों ने शौचालय पर कब्जा कर लिया है और इसमें अपना-अपना सामान रखते हैं।1
- कोडरमा थाना क्षेत्र के चितरपुर में डॉक्टर नीरा यादव के वाहन चालक राजकुमार यादव हत्याकांड में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने मामले में नामजद दो महिला अभियुक्तों, सोनी देवी और यशोदा देवी उर्फ गीता देवी, को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने एक अभियुक्त को बरकट्ठा क्षेत्र से और दूसरी अभियुक्त को अन्य स्थान से गिरफ्तार किया। इन दोनों महिलाओं पर राजकुमार यादव की हत्या में संलिप्तता का आरोप है और वे इस मामले में नामजद अभियुक्त हैं। गिरफ्तारी के बाद बुधवार को दोपहर 1 बजे पुलिस दोनों अभियुक्तों को सदर अस्पताल ले गई, जहाँ उनका मेडिकल परीक्षण कराया गया। मेडिकल जांच पूरी होने के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि राजकुमार यादव हत्याकांड की जांच लगातार जारी है और मामले में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए भी छापेमारी की जा रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही मामले के अन्य पहलुओं का भी खुलासा किया जाएगा। गौरतलब है कि डॉक्टर नीरा यादव के निजी वाहन चालक राजकुमार यादव की हत्या के बाद क्षेत्र में काफी चर्चा थी, और पुलिस इस मामले को गंभीरता से लेते हुए लगातार कार्रवाई कर रही है। इससे पहले भी पुलिस इस मामले में 5 नामजद अभियुक्तों को गिरफ्तार कर चुकी है।1
- मधेपुरा के बेलवा में महिलाएँ शराबबंदी आंदोलन करने के लिए सड़क पर उतर आईं हैं।1
- अररिया जिले के तरावाड़ी रोड पर जुम्मन चौक से आगे जाने वाले रास्ते में एक बड़ा गड्ढा बना हुआ है। इस गड्ढे के कारण रोजाना लगभग 10 से 15 लोग दुर्घटना का शिकार होकर गिर रहे हैं। स्थानीय लोगों ने सरकार और नेताओं से जल्द से जल्द इस सड़क का मरम्मत कार्य शुरू करने और हो रहे हादसों को रोकने के लिए तुरंत कदम उठाने की अपील की है।1