देश में सरकारी स्कूलों की संख्या लगातार घटने के कारण शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। शिक्षकों की भारी कमी, विद्यालयों के विलय (मर्जर) की नीति और गिरते शिक्षा स्तर के कारण देश भर में बड़ी संख्या में सरकारी स्कूल बंद हो रहे हैं। नीति आयोग के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, पिछले 10 वर्षों में देश भर में लगभग 94,000 सरकारी स्कूल बंद हो चुके हैं। वर्ष 2014-15 में जहां देश में करीब 10.98 लाख सरकारी स्कूल संचालित थे, वहीं वर्ष 2023-24 तक यह संख्या घटकर लगभग 10.4 लाख ही रह गई है। शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि सरकारी विद्यालयों की संख्या में लगातार आ रही यह गिरावट न केवल शिक्षा व्यवस्था के लिए चुनौती है, बल्कि इससे ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों की शिक्षा भी बुरी तरह प्रभावित हो रही है। शिक्षकों की कमी और स्कूलों के विलय की वजह से छात्रों को दूर-दराज के स्कूलों में पढ़ाई के लिए जाना पड़ रहा है, जिससे ड्रॉपआउट की आशंका भी बढ़ रही है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते पर्याप्त शिक्षकों की नियुक्ति, विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं का विकास और प्रभावी शिक्षा नीति लागू नहीं की गई, तो इसका दीर्घकालिक असर देश की स्कूली शिक्षा व्यवस्था पर पड़ सकता है।
देश में सरकारी स्कूलों की संख्या लगातार घटने के कारण शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। शिक्षकों की भारी कमी, विद्यालयों के विलय (मर्जर) की नीति और गिरते शिक्षा स्तर के कारण देश भर में बड़ी संख्या में सरकारी स्कूल बंद हो रहे हैं। नीति आयोग के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, पिछले 10 वर्षों में देश भर में लगभग 94,000 सरकारी स्कूल बंद हो चुके हैं। वर्ष 2014-15 में जहां देश में करीब 10.98 लाख सरकारी स्कूल संचालित थे, वहीं वर्ष 2023-24 तक यह संख्या घटकर लगभग 10.4 लाख ही रह गई है। शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि सरकारी विद्यालयों की संख्या में लगातार आ रही यह गिरावट न केवल शिक्षा व्यवस्था के लिए चुनौती है, बल्कि इससे ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों की शिक्षा भी बुरी तरह प्रभावित हो रही है। शिक्षकों की कमी और स्कूलों के विलय की वजह से छात्रों को दूर-दराज के स्कूलों में पढ़ाई के लिए जाना पड़ रहा है, जिससे ड्रॉपआउट की आशंका भी बढ़ रही है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते पर्याप्त शिक्षकों की नियुक्ति, विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं का विकास और प्रभावी शिक्षा नीति लागू नहीं की गई, तो इसका दीर्घकालिक असर देश की स्कूली शिक्षा व्यवस्था पर पड़ सकता है।
- मऊ में भारतीय जनता पार्टी के मंडल अध्यक्ष अर्पित कुमार उपाध्याय के नेतृत्व में नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा के जन्मदिन के अवसर पर देईया माता मंदिर परिसर में विभिन्न सामाजिक और धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस दौरान मंदिर परिसर में विशेष स्वच्छता अभियान चलाकर साफ-सफाई की गई और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए वृक्षारोपण भी किया गया। धार्मिक आयोजन के अंतर्गत मंदिर में सुंदरकांड पाठ का आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम के समापन पर सभी श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने मंत्री ए.के. शर्मा के स्वस्थ, दीर्घायु एवं सफल जीवन की कामना करते हुए उनके द्वारा किए जा रहे जनसेवा के कार्यों की सराहना की।3
- उत्तर प्रदेश के चंदौली अंतर्गत चहनियाँ विकासखंड के ग्राम सभा रामगढ़ में गरीब नवाज रिलीफ फाउंडेशन (GNRF) के बैनर तले रामगढ़ कब्रिस्तान पर 200 पौधों का रोपण किया गया। इस वृक्षारोपण कार्यक्रम का शुभारंभ ग्राम प्रधान रामगढ़ के प्रतिनिधि रमाकांत यादव द्वारा किया गया, जिसमें विभिन्न प्रकार के पौधों का प्रत्यारोपण किया गया। गरीब नवाज रिलीफ फाउंडेशन के सदस्य फैजुल्ला हाफिज ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर संस्था के पदाधिकारियों के निर्देश पर पौधों का रोपण किया। संस्था का मुख्य उद्देश्य वीरान पड़ी धरती को फिर से हरा-भरा बनाना है। इस अवसर पर चिंता व्यक्त की गई कि आज पेड़ों की अंधाधुंध कटाई के कारण वातावरण बहुत दूषित हो गया है और लोग जहरीली सांस ले रहे हैं, जिससे शरीर में तमाम बीमारियां पनप रही हैं। पेड़ों की कटाई से गर्मी लगातार बढ़ती जा रही है और प्रकृति का संतुलन बिगड़ रहा है। कार्यक्रम के दौरान प्रधान प्रतिनिधि रमाकांत यादव ने कहा कि वृक्ष हमारे दैनिक जीवन का अभिन्न अंग और धरती के आभूषण हैं, जो प्रदूषण दूर करने में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। आज लगाए गए पौधे कल बड़े दरख्त बनकर कई हेक्टेयर ऑक्सीजन का उत्सर्जन करेंगे। उन्होंने आम जनमानस से अधिक से अधिक पेड़ लगाने की अपील की ताकि धरती का संतुलन बना रहे और मानव जीवन खुशहाल, समृद्ध व रोगमुक्त रहे। इस मौके पर मुख्य रूप से बलवंत सिंह, सफाई कर्मी सुशील सोनकर, राजेंद्र सोनकर, फैजुल्ला हाफिज, टीपू, जमालु, प्रधान प्रत्याशी मोहम्मद रफीक, मंसूर अहमद, हैदर अली, गब्बर, वकील अंसारी, वारिस अंसारी, बदरुद्दीन, नबी हुसैन, शाकिर अली, जफर अली और सुनील टेलर सहित तमाम लोग उपस्थित रहे।3
- बक्सर के महदह पंचायत के वार्ड नंबर 3 (भगवती डेरा) में 5 साल बीतने जा रहे हैं, लेकिन अभी तक सड़क और नाली का निर्माण कार्य नहीं हुआ है। इस संबंध में पहले कहा गया था कि यहाँ मिनी ब्लॉक बन रहा है, इसलिए अभी सड़क और नाली नहीं बनाई जाएगी। इसके बावजूद, अब तक न तो मिनी ब्लॉक बनकर तैयार हुआ है और न ही सड़क तथा नाली का कोई काम कराया गया है।4
- उत्तर प्रदेश के चंदौली में समाज सेवक अखिल पांडे ने प्राइवेट विद्यालयों और शिक्षा विभाग के खिलाफ एक बड़ा बयान दिया है।1
- चन्दौली के सकलडीहा क्षेत्र में साईं बाबा मंदिर के पास शनिवार को खेत से पशुओं का चारा लेकर लौट रहा एक किसान हाईवोल्टेज बिजली के तार की चपेट में आने से गंभीर रूप से झुलस गया। हादसे के दौरान वहां से गुजर रहा लटकता हुआ जर्जर तार अचानक किसान की चपेट में आ गया, जिससे तेज करंट लगने के कारण वह मौके पर ही बुरी तरह झुलसकर जमीन पर गिर पड़ा। चीख-पुकार सुनकर आस-पास के खेतों में काम कर रहे अन्य किसान और ग्रामीण तुरंत मौके पर दौड़े। उन्होंने किसी तरह बिजली आपूर्ति बंद कराई और झुलसे हुए किसान को तत्काल नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसका इलाज चल रहा है। इस घटना के बाद से स्थानीय ग्रामीणों और साथी किसानों में बिजली विभाग की लापरवाही को लेकर भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से बिजली के तार बेहद जर्जर और नीचे लटके हुए हैं, जिसकी कई बार स्थानीय बिजली उपकेंद्र और अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन विभाग ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। आक्रोशित ग्रामीणों और किसानों ने चेतावनी दी है कि क्षेत्र में बिजली के जर्जर तारों व खराब खंभों को तुरंत बदला जाए, खेतों के ऊपर से गुजर रहे ढीले व लटके तारों को ऊंचा किया जाए और पीड़ित किसान के इलाज का पूरा खर्च व उचित मुआवजा बिजली विभाग द्वारा दिया जाए। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा है कि यदि जल्द ही विद्युत व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया, तो वे सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन और चक्का जाम करने के लिए बाध्य होंगे।1
- मऊ जनपद के इंदारा रेलवे स्टेशन पर वाराणसी मंडल के डीआरएम आशिष जैन ने औचक निरीक्षण किया। इस अचानक निरीक्षण के चलते वहां मौजूद रेलवे अधिकारियों और कर्मचारियों में हलचल का माहौल देखने को मिला। डीआरएम ने अपने इस दौरे के दौरान स्टेशन परिसर, यात्री सुविधाओं, साफ-सफाई, पेयजल व्यवस्था, प्रतीक्षालय, टिकट काउंटर तथा सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। डीआरएम ने संबंधित अधिकारियों को स्टेशन पर यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने, साफ-सफाई बनाए रखने तथा आवश्यक व्यवस्थाओं में सुधार के निर्देश दिए। इस दौरान रेलवे के अधिकारी एवं कर्मचारी भी मौके पर मौजूद रहे, जिन्होंने स्टेशन पर चल रहे विभिन्न कार्यों की जानकारी डीआरएम को दी, जिस पर उन्होंने आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।2
- गाजीपुर के सुहवल थाना क्षेत्र में पुलिस ने चेकिंग के दौरान चोरी के आरोपी को अवैध हथियार के साथ गिरफ्तार किया है। पुलिस ने ताड़ीघाट रेलवे फ्लाईओवर के पास से 23 वर्षीय आरोपी सूरज बनवासी को दबोचा। आरोपी की तलाशी लेने पर उसके पास से 315 बोर का एक देशी तमंचा और एक जिंदा कारतूस बरामद किया गया। हथियार के अलावा पुलिस ने आरोपी के पास से चोरी किए गए सोने और चांदी के जेवर भी बरामद किए हैं। बरामद जेवरात में तीन जोड़ी चांदी की पायल, सोने के दो लॉकेट, दो गुरिया, दो जोड़ी कान के टप्स और दो जोड़ी कान की झाली शामिल हैं। अवैध हथियार मिलने पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत अलग से मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।1