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नूरपुर सीआईए को एक महत्वपूर्ण सफलता हाथ लगी है, जहाँ उन्होंने थाना डमटाल क्षेत्र से 154 ग्राम चिट्टा/हेरोइन बरामद की है। इस कार्रवाई में अंतर्राज्यीय नशा तस्करी नेटवर्क से जुड़े दो युवकों को भी पकड़ा गया है। एसपी नूरपुर कुलभूषण वर्मा ने इस मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि सीआईए नूरपुर की टीम कंडवाल, लोधवा, भदरोया और डमटाल क्षेत्रों में गश्त एवं नाकाबंदी कर रही थी। इसी दौरान उन्हें विश्वसनीय गुप्त सूचना मिली कि दो युवक मोटरसाइकिल (नंबर JK08L-4514, हीरो स्प्लेंडर) पर चिट्टा/हेरोइन लेकर हिलटॉप दुर्गा माता मंदिर, डमटाल के पास किसी व्यक्ति को बेचने के इरादे से खड़े हैं। सूचना के आधार पर, पुलिस टीम ने स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में मौके पर दबिश दी और मोटरसाइकिल की तलाशी के दौरान उसकी सीट के नीचे छिपाकर रखे गए 154 ग्राम चिट्टा/हेरोइन को बरामद किया। इस मामले में पारस (25 वर्ष), पुत्र कुलविंदर सिंह, निवासी गीता भवन, मोहल्ला इस्लामाबाद, जिला गुरदासपुर, पंजाब, और विजय कुमार (28 वर्ष), पुत्र शिंगारा राम, निवासी गांव वाहमणी, डाकघर बहरामपुर, जिला गुरदासपुर, पंजाब के विरुद्ध थाना डमटाल में एफआईआर नंबर 106/2026, धारा 21, 25, 29 एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत किया गया है। कुलभूषण वर्मा ने आगे बताया कि पुलिस द्वारा बरामद मादक पदार्थ के स्रोत, उसकी सप्लाई चैन तथा इस अंतर्राज्यीय नेटवर्क से जुड़े अन्य व्यक्तियों की पहचान के लिए गहन जांच की जा रही है। नूरपुर पुलिस समाज को नशामुक्त बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। आम जनता से अपील की गई है कि वे नशे से जुड़ी किसी भी प्रकार की जानकारी हेल्पलाइन नंबर 112 पर दें, जहाँ उनकी पहचान पूरी तरह से गुप्त रखी जाएगी।

13 hrs ago
user_भूषण शर्मा
भूषण शर्मा
नूरपुर, कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश•
13 hrs ago

नूरपुर सीआईए को एक महत्वपूर्ण सफलता हाथ लगी है, जहाँ उन्होंने थाना डमटाल क्षेत्र से 154 ग्राम चिट्टा/हेरोइन बरामद की है। इस कार्रवाई में अंतर्राज्यीय नशा तस्करी नेटवर्क से जुड़े दो युवकों को भी पकड़ा गया है। एसपी नूरपुर कुलभूषण वर्मा ने इस मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि सीआईए नूरपुर की टीम कंडवाल, लोधवा, भदरोया और डमटाल क्षेत्रों में गश्त एवं नाकाबंदी कर रही थी। इसी दौरान उन्हें विश्वसनीय गुप्त सूचना मिली कि दो युवक मोटरसाइकिल (नंबर JK08L-4514, हीरो स्प्लेंडर) पर चिट्टा/हेरोइन लेकर हिलटॉप दुर्गा माता मंदिर, डमटाल के पास किसी व्यक्ति को बेचने के इरादे से खड़े हैं। सूचना के आधार पर, पुलिस टीम ने स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में मौके पर दबिश दी और मोटरसाइकिल की तलाशी के दौरान उसकी सीट के नीचे छिपाकर रखे गए 154 ग्राम चिट्टा/हेरोइन को बरामद किया। इस मामले में पारस (25 वर्ष), पुत्र कुलविंदर सिंह, निवासी गीता भवन, मोहल्ला इस्लामाबाद, जिला गुरदासपुर, पंजाब, और विजय कुमार (28 वर्ष), पुत्र शिंगारा राम, निवासी गांव वाहमणी, डाकघर बहरामपुर, जिला गुरदासपुर, पंजाब के विरुद्ध थाना डमटाल में एफआईआर नंबर 106/2026, धारा 21, 25, 29 एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत किया गया है। कुलभूषण वर्मा ने आगे बताया कि पुलिस द्वारा बरामद मादक पदार्थ के स्रोत, उसकी सप्लाई चैन तथा इस अंतर्राज्यीय नेटवर्क से जुड़े अन्य व्यक्तियों की पहचान के लिए गहन जांच की जा रही है। नूरपुर पुलिस समाज को नशामुक्त बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। आम जनता से अपील की गई है कि वे नशे से जुड़ी किसी भी प्रकार की जानकारी हेल्पलाइन नंबर 112 पर दें, जहाँ उनकी पहचान पूरी तरह से गुप्त रखी जाएगी।

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  • नूरपुर में एक प्रेसवार्ता के दौरान नूरपुर फोरलेन संघर्ष समिति के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुदर्शन शर्मा ने पठानकोट-मंडी राष्ट्रीय राजमार्ग फोरलेन परियोजना से प्रभावित लोगों के लंबित मुआवजे का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन अधिनियम-2013 के तहत अधिग्रहित भूमि का मुआवजा अधिकांश प्रभावितों को फैक्टर-1 के आधार पर दिया गया है, जबकि माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेशानुसार उन्हें फैक्टर-2 के आधार पर मुआवजा मिलना चाहिए। शर्मा ने आरोप लगाया कि एक "पिक एंड चूज" नीति के तहत कुछ चुनिंदा लोगों को ही फैक्टर-2 का लाभ मिला है, जबकि अधिकांश प्रभावित अब भी फैक्टर-1 के आधार पर मिले आधे-अधूरे मुआवजे से संतुष्ट नहीं हैं। उनका कहना था कि अपर्याप्त मुआवजे के कारण प्रभावित परिवार पुनर्वास और पुनर्स्थापन करने में असमर्थ हैं। सुदर्शन शर्मा ने केंद्र सरकार और राज्य सरकार से मांग की है कि संबंधित विभागों और अधिकारियों को शीघ्र निर्देश जारी किए जाएं ताकि सभी पात्र प्रभावितों को फैक्टर-2 के आधार पर भूमि अधिग्रहण का मुआवजा मिल सके। उन्होंने जोर दिया कि पिछले पांच वर्षों से लंबित इस मामले का जल्द से जल्द समाधान किया जाना चाहिए, ताकि प्रभावित परिवारों को न्याय मिल सके।
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    नूरपुर में एक प्रेसवार्ता के दौरान नूरपुर फोरलेन संघर्ष समिति के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुदर्शन शर्मा ने पठानकोट-मंडी राष्ट्रीय राजमार्ग फोरलेन परियोजना से प्रभावित लोगों के लंबित मुआवजे का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन अधिनियम-2013 के तहत अधिग्रहित भूमि का मुआवजा अधिकांश प्रभावितों को फैक्टर-1 के आधार पर दिया गया है, जबकि माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेशानुसार उन्हें फैक्टर-2 के आधार पर मुआवजा मिलना चाहिए।

शर्मा ने आरोप लगाया कि एक "पिक एंड चूज" नीति के तहत कुछ चुनिंदा लोगों को ही फैक्टर-2 का लाभ मिला है, जबकि अधिकांश प्रभावित अब भी फैक्टर-1 के आधार पर मिले आधे-अधूरे मुआवजे से संतुष्ट नहीं हैं। उनका कहना था कि अपर्याप्त मुआवजे के कारण प्रभावित परिवार पुनर्वास और पुनर्स्थापन करने में असमर्थ हैं।

सुदर्शन शर्मा ने केंद्र सरकार और राज्य सरकार से मांग की है कि संबंधित विभागों और अधिकारियों को शीघ्र निर्देश जारी किए जाएं ताकि सभी पात्र प्रभावितों को फैक्टर-2 के आधार पर भूमि अधिग्रहण का मुआवजा मिल सके। उन्होंने जोर दिया कि पिछले पांच वर्षों से लंबित इस मामले का जल्द से जल्द समाधान किया जाना चाहिए, ताकि प्रभावित परिवारों को न्याय मिल सके।
    user_भूषण शर्मा
    भूषण शर्मा
    नूरपुर, कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश•
    12 hrs ago
  • हिमाचल प्रदेश के सलोनी में शिक्षकों की भारी कमी के कारण स्थानीय लोगों में जबरदस्त आक्रोश देखने को मिल रहा है। इस मुद्दे पर एक विशाल आक्रोश रैली निकाली गई, जहाँ लोगों का गुस्सा हिमाचल सरकार और प्रशासन के खिलाफ साफ झलका। शिक्षकों की कमी के विरोध में SMC के प्रधान और उप प्रधान अनशन पर बैठे हैं। आज उनके अनशन का तीसरा दिन है, बावजूद इसके सरकार की ओर से अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। प्रदर्शनकारी लगातार सवाल उठा रहे हैं कि क्या हिमाचल सरकार सोई हुई है और क्या प्रशासन भी उदासीन हो गया है।
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    हिमाचल प्रदेश के सलोनी में शिक्षकों की भारी कमी के कारण स्थानीय लोगों में जबरदस्त आक्रोश देखने को मिल रहा है। इस मुद्दे पर एक विशाल आक्रोश रैली निकाली गई, जहाँ लोगों का गुस्सा हिमाचल सरकार और प्रशासन के खिलाफ साफ झलका।

शिक्षकों की कमी के विरोध में SMC के प्रधान और उप प्रधान अनशन पर बैठे हैं। आज उनके अनशन का तीसरा दिन है, बावजूद इसके सरकार की ओर से अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। प्रदर्शनकारी लगातार सवाल उठा रहे हैं कि क्या हिमाचल सरकार सोई हुई है और क्या प्रशासन भी उदासीन हो गया है।
    user_Madan Singh
    Madan Singh
    चौराह, चंबा, हिमाचल प्रदेश•
    13 hrs ago
  • शनिवार को लाखों रुपये की लागत से बनी एक पेयजल स्कीम के भवन और परिसर का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें स्कीम के परिसर की हालत बेहद दयनीय दिखाई दे रही थी। मीडिया द्वारा सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, यह वायरल वीडियो गोलवां-बतराहन पंचायत की सीमा पर स्थित दरैड पेयजल स्कीम का निकला। इस संबंध में, विभागीय एसडीओ अमित रंधावां से शनिवार शाम करीब चार बजे फोन पर बातचीत की गई। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा इस स्कीम के लिए टेंडर लगा दिया गया है और इसे जल्द ही शुरू करके लोगों को सुविधा प्रदान की जाएगी।
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    शनिवार को लाखों रुपये की लागत से बनी एक पेयजल स्कीम के भवन और परिसर का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें स्कीम के परिसर की हालत बेहद दयनीय दिखाई दे रही थी। मीडिया द्वारा सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, यह वायरल वीडियो गोलवां-बतराहन पंचायत की सीमा पर स्थित दरैड पेयजल स्कीम का निकला।

इस संबंध में, विभागीय एसडीओ अमित रंधावां से शनिवार शाम करीब चार बजे फोन पर बातचीत की गई। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा इस स्कीम के लिए टेंडर लगा दिया गया है और इसे जल्द ही शुरू करके लोगों को सुविधा प्रदान की जाएगी।
    user_Surinder Minhas
    Surinder Minhas
    फतेहपुर, कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश•
    12 hrs ago
  • सुजानपुर शहर में नगर परिषद द्वारा लगाए गए सीसीटीवी कैमरे की निगरानी संबंधी चेतावनी संदेश अब केवल शोपीस बनकर रह गए हैं, क्योंकि एक साल पहले लगाए गए इन होर्डिंग्स के बावजूद कहीं भी कैमरे स्थापित नहीं किए गए हैं। इस स्थिति पर सुजानपुर की जनता नगर परिषद प्रशासन से सवाल पूछ रही है कि आखिर ये कैमरे कब लगेंगे। नगर परिषद ने करीब एक वर्ष पहले शहर के हर चौक-चौराहे पर ऐसे चेतावनी संदेश लगाए थे, जिसमें कहा गया था कि 'आप सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में हैं' और सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा-करकट फेंकना दंडनीय अपराध है। हालांकि, इन होर्डिंग्स को लगाने के बाद से आज तक किसी भी स्थान पर सीसीटीवी कैमरा फिट नहीं करवाया गया है, जिससे ये केवल चेतावनी बोर्ड बनकर रह गए हैं और चर्चा का केंद्र बन गए हैं कि चेतावनी तो लिख दी लेकिन कैमरे कब लगेंगे। बीती रात शहर के दो चौक-चौराहों पर शरारती तत्वों द्वारा खड़ी गाड़ियों के शीशे तोड़े जाने की घटना ने इस मुद्दे को और भी गंभीर बना दिया है। स्थानीय लोगों का तर्क है कि यदि इन स्थानों पर होर्डिंग्स की जगह सीसीटीवी कैमरे लगे होते, तो शरारती तत्व अब तक पुलिस की गिरफ्त में होते। नगर परिषद प्रशासन पर आरोप है कि उसने 'कैमरे लगे हैं' की चेतावनी तो दे दी, लेकिन वास्तव में कैमरे लगाना भूल गया है, जिसके कारण शहर की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय निवासियों ने नगर परिषद से आग्रह किया है कि जिन-जिन स्थानों पर ये चेतावनी होर्डिंग्स लगाए गए हैं, वहाँ तुरंत सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए जाएं। इसके साथ ही, लोगों ने जीते हुए वार्ड पार्षदों से भी यह अपील की है कि वे इस महत्वपूर्ण विषय को नगर परिषद की पहली बैठक में प्राथमिकता से उठाएं, ताकि शहर की रक्षा और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
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    सुजानपुर शहर में नगर परिषद द्वारा लगाए गए सीसीटीवी कैमरे की निगरानी संबंधी चेतावनी संदेश अब केवल शोपीस बनकर रह गए हैं, क्योंकि एक साल पहले लगाए गए इन होर्डिंग्स के बावजूद कहीं भी कैमरे स्थापित नहीं किए गए हैं। इस स्थिति पर सुजानपुर की जनता नगर परिषद प्रशासन से सवाल पूछ रही है कि आखिर ये कैमरे कब लगेंगे।

नगर परिषद ने करीब एक वर्ष पहले शहर के हर चौक-चौराहे पर ऐसे चेतावनी संदेश लगाए थे, जिसमें कहा गया था कि 'आप सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में हैं' और सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा-करकट फेंकना दंडनीय अपराध है। हालांकि, इन होर्डिंग्स को लगाने के बाद से आज तक किसी भी स्थान पर सीसीटीवी कैमरा फिट नहीं करवाया गया है, जिससे ये केवल चेतावनी बोर्ड बनकर रह गए हैं और चर्चा का केंद्र बन गए हैं कि चेतावनी तो लिख दी लेकिन कैमरे कब लगेंगे।

बीती रात शहर के दो चौक-चौराहों पर शरारती तत्वों द्वारा खड़ी गाड़ियों के शीशे तोड़े जाने की घटना ने इस मुद्दे को और भी गंभीर बना दिया है। स्थानीय लोगों का तर्क है कि यदि इन स्थानों पर होर्डिंग्स की जगह सीसीटीवी कैमरे लगे होते, तो शरारती तत्व अब तक पुलिस की गिरफ्त में होते। नगर परिषद प्रशासन पर आरोप है कि उसने 'कैमरे लगे हैं' की चेतावनी तो दे दी, लेकिन वास्तव में कैमरे लगाना भूल गया है, जिसके कारण शहर की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

स्थानीय निवासियों ने नगर परिषद से आग्रह किया है कि जिन-जिन स्थानों पर ये चेतावनी होर्डिंग्स लगाए गए हैं, वहाँ तुरंत सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए जाएं। इसके साथ ही, लोगों ने जीते हुए वार्ड पार्षदों से भी यह अपील की है कि वे इस महत्वपूर्ण विषय को नगर परिषद की पहली बैठक में प्राथमिकता से उठाएं, ताकि शहर की रक्षा और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
    user_Ranjna Kumari
    Ranjna Kumari
    टीरा सुजानपुर, हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश•
    17 hrs ago
  • हॉस्टलों में एक एंटी-चिट्टा सर्च अभियान चलाया गया। इस अभियान के तहत छात्रों को जागरूक करने का कार्य भी किया गया।
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    हॉस्टलों में एक एंटी-चिट्टा सर्च अभियान चलाया गया। इस अभियान के तहत छात्रों को जागरूक करने का कार्य भी किया गया।
    user_247 superfast ks
    247 superfast ks
    ऊना, ऊना, हिमाचल प्रदेश•
    10 hrs ago
  • शनिवार को जिला मुख्यालय ऊना स्थित शनिदेव मंदिर में उस समय हड़कंप मच गया, जब मंदिर परिसर में भारत के सबसे खतरनाक और विषैले सांपों में से एक रसल वाइपर दिखाई दिया। यह सांप मंदिर के मुख्य द्वार के समीप छिपा हुआ था, जिससे श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में चिंता का माहौल बन गया। मंदिर में मौजूद लोगों ने मुख्य गेट के पास सांप को देखा। काफी प्रयासों के बावजूद जब सांप बाहर नहीं निकला, तो मंदिर के पुजारी ने तुरंत रामपुर क्षेत्र के स्नेक कैचर जतिंद्र कुमार को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही जतिंद्र कुमार मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लेकर सावधानीपूर्वक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। उन्होंने मंदिर के मुख्य द्वार के नीचे छिपे रसल वाइपर को सुरक्षित बाहर निकाला। जतिंद्र कुमार ने बताया कि रसल वाइपर भारत के सबसे विषैले सांपों में से एक माना जाता है और इसके काटने पर तत्काल उपचार न मिलने की स्थिति में गंभीर परिणाम हो सकते हैं। उन्होंने लोगों से अपील की है कि यदि कहीं भी सांप दिखाई दे तो उसे मारने या पकड़ने का प्रयास न करें, बल्कि तुरंत प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम या वन विभाग को सूचित करें। रेस्क्यू के बाद सांप को सुरक्षित रूप से उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया गया।
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    शनिवार को जिला मुख्यालय ऊना स्थित शनिदेव मंदिर में उस समय हड़कंप मच गया, जब मंदिर परिसर में भारत के सबसे खतरनाक और विषैले सांपों में से एक रसल वाइपर दिखाई दिया। यह सांप मंदिर के मुख्य द्वार के समीप छिपा हुआ था, जिससे श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में चिंता का माहौल बन गया।

मंदिर में मौजूद लोगों ने मुख्य गेट के पास सांप को देखा। काफी प्रयासों के बावजूद जब सांप बाहर नहीं निकला, तो मंदिर के पुजारी ने तुरंत रामपुर क्षेत्र के स्नेक कैचर जतिंद्र कुमार को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही जतिंद्र कुमार मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लेकर सावधानीपूर्वक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। उन्होंने मंदिर के मुख्य द्वार के नीचे छिपे रसल वाइपर को सुरक्षित बाहर निकाला।

जतिंद्र कुमार ने बताया कि रसल वाइपर भारत के सबसे विषैले सांपों में से एक माना जाता है और इसके काटने पर तत्काल उपचार न मिलने की स्थिति में गंभीर परिणाम हो सकते हैं। उन्होंने लोगों से अपील की है कि यदि कहीं भी सांप दिखाई दे तो उसे मारने या पकड़ने का प्रयास न करें, बल्कि तुरंत प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम या वन विभाग को सूचित करें। रेस्क्यू के बाद सांप को सुरक्षित रूप से उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया गया।
    user_ऊना की खबर
    ऊना की खबर
    Local News Reporter ऊना, ऊना, हिमाचल प्रदेश•
    16 hrs ago
  • जनजातीय उपमंडल पांगी की विभिन्न जनसमस्याओं को लेकर भाजपा मंडल पांगी और भाजपा समर्थित पंचायत प्रतिनिधियों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। भाजपा मंडल अध्यक्ष सतीश कुमार राणा के नेतृत्व में पंचायत समिति सदस्यों, प्रधानों और अन्य जनप्रतिनिधियों ने आवासीय आयुक्त पांगी के माध्यम से मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन प्रेषित किया, जिसमें क्षेत्र की उपेक्षा पर गहरी नाराजगी व्यक्त की गई है। इसके साथ ही, उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि पाँच दिनों के भीतर समस्याओं के समाधान की दिशा में ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो घाटी के जनप्रतिनिधि क्रमिक भूख हड़ताल और अनशन शुरू करेंगे। ज्ञापन में कहा गया है कि पांगी प्रदेश का एक अति दुर्गम जनजातीय क्षेत्र है, जहाँ भौगोलिक विषमताओं के कारण लोगों को पहले से ही अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इसके बावजूद, प्रदेश सरकार द्वारा क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं की लगातार अनदेखी की जा रही है। जनप्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि जनजातीय विकास से जुड़े बजट में कटौती की जा रही है, जबकि शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली और पेयजल जैसी आवश्यक सेवाओं की स्थिति भी संतोषजनक नहीं है। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि क्षेत्र के स्कूलों और महाविद्यालयों में विज्ञान एवं वाणिज्य संकायों को समाप्त किए जाने से विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। साथ ही, विभिन्न विभागों में सैकड़ों अधिकारियों और कर्मचारियों के पद रिक्त पड़े हैं, जिससे आम लोगों को सरकारी सेवाओं का लाभ समय पर नहीं मिल पा रहा है। प्रतिनिधियों ने पंचायत चुनावों के बाद नव-निर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों को अधिकार न दिए जाने का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उनका तर्क है कि प्रदेश सरकार द्वारा 6 जून 2026 को जारी अधिसूचना के तहत पूर्व पंचायत प्रतिनिधियों को 18 अक्टूबर तक वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि पांगी घाटी में सरकारी विकास कार्यों का अधिकांश समय अप्रैल से अक्टूबर के बीच होता है, ऐसे में नव-निर्वाचित प्रतिनिधियों को अधिकारों से वंचित रखना लोकतांत्रिक व्यवस्था और जनभावनाओं के विपरीत है। इसके अतिरिक्त, पिछले दो महीनों से बनी विद्युत आपूर्ति की समस्या का भी उल्लेख किया गया। प्रतिनिधियों के अनुसार, घाटी के कई गाँव लंबे समय से अनियमित बिजली आपूर्ति या अंधेरे की समस्या से जूझ रहे हैं, जिससे विद्यार्थियों, किसानों और आम नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सरकार के समक्ष रखी गई अन्य मांगों में राशन गोदामों की नियमित सफाई सुनिश्चित करना, लोक निर्माण विभाग द्वारा किए गए टेंडरों एवं खर्च की गई धनराशि का विवरण सार्वजनिक करना, विभिन्न विभागों द्वारा पिछले दो वर्षों में खर्च किए गए बजट की जानकारी उपलब्ध कराना, तथा बीएसएनएल और जियो नेटवर्क सेवाओं में सुधार करना शामिल है। ज्ञापन के अंत में, जनप्रतिनिधियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि पाँच दिनों के भीतर उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो पांगी घाटी के समस्त जनप्रतिनिधि सामूहिक रूप से क्रमिक भूख हड़ताल और अनशन शुरू करेंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसी स्थिति में उत्पन्न होने वाले किसी भी हालात की जिम्मेदारी पूरी तरह प्रदेश सरकार की होगी।
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    जनजातीय उपमंडल पांगी की विभिन्न जनसमस्याओं को लेकर भाजपा मंडल पांगी और भाजपा समर्थित पंचायत प्रतिनिधियों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। भाजपा मंडल अध्यक्ष सतीश कुमार राणा के नेतृत्व में पंचायत समिति सदस्यों, प्रधानों और अन्य जनप्रतिनिधियों ने आवासीय आयुक्त पांगी के माध्यम से मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन प्रेषित किया, जिसमें क्षेत्र की उपेक्षा पर गहरी नाराजगी व्यक्त की गई है। इसके साथ ही, उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि पाँच दिनों के भीतर समस्याओं के समाधान की दिशा में ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो घाटी के जनप्रतिनिधि क्रमिक भूख हड़ताल और अनशन शुरू करेंगे।

ज्ञापन में कहा गया है कि पांगी प्रदेश का एक अति दुर्गम जनजातीय क्षेत्र है, जहाँ भौगोलिक विषमताओं के कारण लोगों को पहले से ही अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इसके बावजूद, प्रदेश सरकार द्वारा क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं की लगातार अनदेखी की जा रही है। जनप्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि जनजातीय विकास से जुड़े बजट में कटौती की जा रही है, जबकि शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली और पेयजल जैसी आवश्यक सेवाओं की स्थिति भी संतोषजनक नहीं है। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि क्षेत्र के स्कूलों और महाविद्यालयों में विज्ञान एवं वाणिज्य संकायों को समाप्त किए जाने से विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। साथ ही, विभिन्न विभागों में सैकड़ों अधिकारियों और कर्मचारियों के पद रिक्त पड़े हैं, जिससे आम लोगों को सरकारी सेवाओं का लाभ समय पर नहीं मिल पा रहा है।

प्रतिनिधियों ने पंचायत चुनावों के बाद नव-निर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों को अधिकार न दिए जाने का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उनका तर्क है कि प्रदेश सरकार द्वारा 6 जून 2026 को जारी अधिसूचना के तहत पूर्व पंचायत प्रतिनिधियों को 18 अक्टूबर तक वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि पांगी घाटी में सरकारी विकास कार्यों का अधिकांश समय अप्रैल से अक्टूबर के बीच होता है, ऐसे में नव-निर्वाचित प्रतिनिधियों को अधिकारों से वंचित रखना लोकतांत्रिक व्यवस्था और जनभावनाओं के विपरीत है। इसके अतिरिक्त, पिछले दो महीनों से बनी विद्युत आपूर्ति की समस्या का भी उल्लेख किया गया। प्रतिनिधियों के अनुसार, घाटी के कई गाँव लंबे समय से अनियमित बिजली आपूर्ति या अंधेरे की समस्या से जूझ रहे हैं, जिससे विद्यार्थियों, किसानों और आम नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

सरकार के समक्ष रखी गई अन्य मांगों में राशन गोदामों की नियमित सफाई सुनिश्चित करना, लोक निर्माण विभाग द्वारा किए गए टेंडरों एवं खर्च की गई धनराशि का विवरण सार्वजनिक करना, विभिन्न विभागों द्वारा पिछले दो वर्षों में खर्च किए गए बजट की जानकारी उपलब्ध कराना, तथा बीएसएनएल और जियो नेटवर्क सेवाओं में सुधार करना शामिल है। ज्ञापन के अंत में, जनप्रतिनिधियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि पाँच दिनों के भीतर उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो पांगी घाटी के समस्त जनप्रतिनिधि सामूहिक रूप से क्रमिक भूख हड़ताल और अनशन शुरू करेंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसी स्थिति में उत्पन्न होने वाले किसी भी हालात की जिम्मेदारी पूरी तरह प्रदेश सरकार की होगी।
    user_PANGI NEWS TODAY
    PANGI NEWS TODAY
    किताब की दुकान पांगी, चंबा, हिमाचल प्रदेश•
    5 min ago
  • नूरपुर सीआईए को एक महत्वपूर्ण सफलता हाथ लगी है, जहाँ उन्होंने थाना डमटाल क्षेत्र से 154 ग्राम चिट्टा/हेरोइन बरामद की है। इस कार्रवाई में अंतर्राज्यीय नशा तस्करी नेटवर्क से जुड़े दो युवकों को भी पकड़ा गया है। एसपी नूरपुर कुलभूषण वर्मा ने इस मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि सीआईए नूरपुर की टीम कंडवाल, लोधवा, भदरोया और डमटाल क्षेत्रों में गश्त एवं नाकाबंदी कर रही थी। इसी दौरान उन्हें विश्वसनीय गुप्त सूचना मिली कि दो युवक मोटरसाइकिल (नंबर JK08L-4514, हीरो स्प्लेंडर) पर चिट्टा/हेरोइन लेकर हिलटॉप दुर्गा माता मंदिर, डमटाल के पास किसी व्यक्ति को बेचने के इरादे से खड़े हैं। सूचना के आधार पर, पुलिस टीम ने स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में मौके पर दबिश दी और मोटरसाइकिल की तलाशी के दौरान उसकी सीट के नीचे छिपाकर रखे गए 154 ग्राम चिट्टा/हेरोइन को बरामद किया। इस मामले में पारस (25 वर्ष), पुत्र कुलविंदर सिंह, निवासी गीता भवन, मोहल्ला इस्लामाबाद, जिला गुरदासपुर, पंजाब, और विजय कुमार (28 वर्ष), पुत्र शिंगारा राम, निवासी गांव वाहमणी, डाकघर बहरामपुर, जिला गुरदासपुर, पंजाब के विरुद्ध थाना डमटाल में एफआईआर नंबर 106/2026, धारा 21, 25, 29 एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत किया गया है। कुलभूषण वर्मा ने आगे बताया कि पुलिस द्वारा बरामद मादक पदार्थ के स्रोत, उसकी सप्लाई चैन तथा इस अंतर्राज्यीय नेटवर्क से जुड़े अन्य व्यक्तियों की पहचान के लिए गहन जांच की जा रही है। नूरपुर पुलिस समाज को नशामुक्त बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। आम जनता से अपील की गई है कि वे नशे से जुड़ी किसी भी प्रकार की जानकारी हेल्पलाइन नंबर 112 पर दें, जहाँ उनकी पहचान पूरी तरह से गुप्त रखी जाएगी।
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    नूरपुर सीआईए को एक महत्वपूर्ण सफलता हाथ लगी है, जहाँ उन्होंने थाना डमटाल क्षेत्र से 154 ग्राम चिट्टा/हेरोइन बरामद की है। इस कार्रवाई में अंतर्राज्यीय नशा तस्करी नेटवर्क से जुड़े दो युवकों को भी पकड़ा गया है।

एसपी नूरपुर कुलभूषण वर्मा ने इस मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि सीआईए नूरपुर की टीम कंडवाल, लोधवा, भदरोया और डमटाल क्षेत्रों में गश्त एवं नाकाबंदी कर रही थी। इसी दौरान उन्हें विश्वसनीय गुप्त सूचना मिली कि दो युवक मोटरसाइकिल (नंबर JK08L-4514, हीरो स्प्लेंडर) पर चिट्टा/हेरोइन लेकर हिलटॉप दुर्गा माता मंदिर, डमटाल के पास किसी व्यक्ति को बेचने के इरादे से खड़े हैं। सूचना के आधार पर, पुलिस टीम ने स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में मौके पर दबिश दी और मोटरसाइकिल की तलाशी के दौरान उसकी सीट के नीचे छिपाकर रखे गए 154 ग्राम चिट्टा/हेरोइन को बरामद किया। इस मामले में पारस (25 वर्ष), पुत्र कुलविंदर सिंह, निवासी गीता भवन, मोहल्ला इस्लामाबाद, जिला गुरदासपुर, पंजाब, और विजय कुमार (28 वर्ष), पुत्र शिंगारा राम, निवासी गांव वाहमणी, डाकघर बहरामपुर, जिला गुरदासपुर, पंजाब के विरुद्ध थाना डमटाल में एफआईआर नंबर 106/2026, धारा 21, 25, 29 एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत किया गया है।

कुलभूषण वर्मा ने आगे बताया कि पुलिस द्वारा बरामद मादक पदार्थ के स्रोत, उसकी सप्लाई चैन तथा इस अंतर्राज्यीय नेटवर्क से जुड़े अन्य व्यक्तियों की पहचान के लिए गहन जांच की जा रही है। नूरपुर पुलिस समाज को नशामुक्त बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। आम जनता से अपील की गई है कि वे नशे से जुड़ी किसी भी प्रकार की जानकारी हेल्पलाइन नंबर 112 पर दें, जहाँ उनकी पहचान पूरी तरह से गुप्त रखी जाएगी।
    user_भूषण शर्मा
    भूषण शर्मा
    नूरपुर, कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश•
    13 hrs ago
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