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महोबा में इस बार काम पीडब्ल्यूडी के चहेते ठेकेदार को सौंपे जाने पर गहरा रोष जताया गया है। बारिश के मौसम के बीच अपने पसंदीदा ठेकेदार को काम दिए जाने के इस फैसले पर सीधे सवाल उठाते हुए लोगों से खुद इस स्थिति को देखने की अपील की जा रही है।
इंडिया न्यूज यूपी एक्सप्रेस
महोबा में इस बार काम पीडब्ल्यूडी के चहेते ठेकेदार को सौंपे जाने पर गहरा रोष जताया गया है। बारिश के मौसम के बीच अपने पसंदीदा ठेकेदार को काम दिए जाने के इस फैसले पर सीधे सवाल उठाते हुए लोगों से खुद इस स्थिति को देखने की अपील की जा रही है।
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- महोबा में इस बार काम पीडब्ल्यूडी के चहेते ठेकेदार को सौंपे जाने पर गहरा रोष जताया गया है। बारिश के मौसम के बीच अपने पसंदीदा ठेकेदार को काम दिए जाने के इस फैसले पर सीधे सवाल उठाते हुए लोगों से खुद इस स्थिति को देखने की अपील की जा रही है।1
- बांदा में थाना साइबर क्राइम, कोतवाली नगर और एसओजी की संयुक्त पुलिस टीम ने एक सक्रिय साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए 9 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से ठगी के ₹52,475 नकद, एक बोलेरो गाड़ी, एक लैपटॉप, 6 एटीएम कार्ड, एक चेकबुक, एक पैनकार्ड और 10 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। यह गिरोह मुख्य रूप से एपीके (APK) फाइल और अन्य एप्लिकेशन व सॉफ्टवेयर के माध्यम से लोगों के मोबाइल फोन हैक कर साइबर ठगी की वारदातों को अंजाम देता था। पकड़े गए अभियुक्त लोगों को बहला-फुसलाकर और झांसा देकर उनके आधार व पैन कार्ड जैसे दस्तावेज हासिल करते थे। इन दस्तावेजों का दुरुपयोग कर फर्जी फर्मों और कॉरपोरेट कंपनियों के नाम पर विभिन्न बैंकों में खाते खुलवाए जाते थे और फर्जी सिम कार्ड भी प्राप्त किए जाते थे। इन खातों का उपयोग ठगी की रकम मंगाने, ट्रांसफर करने और नकद निकालने के लिए किया जाता था। जैसे ही इन्हें साइबर क्राइम की शिकायत के बाद बैंक खाता होल्ड होने की जानकारी मिलती थी, ये घटना में इस्तेमाल फोन और सिम कार्ड को नष्ट कर देते थे। पुलिस अधीक्षक बांदा श्री पलाश बंसल के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक श्री शिवराज के पर्यवेक्षण और क्षेत्राधिकारी नगर सुश्री मेविस टॉक के नेतृत्व में पुलिस टीम ने संदिग्ध खाताधारक प्रेम प्रकाश को 11/12 जुलाई 2026 की रात मवई बाईपास से हिरासत में लिया। उससे पूछताछ के बाद बुंदेलखण्ड एक्सप्रेस-वे के नीचे दबिश देकर बोलेरो गाड़ी में बैठे 8 अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया। पुलिस अधीक्षक ने इस बड़ी सफलता पर संयुक्त पुलिस टीम को ₹20 हजार के नकद पुरस्कार से सम्मानित किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में प्रेम प्रकाश, सूरज, समीर, अभिषेक, जीतू, योगेश, कृष्णा, सुशील कुमार और मुकेश कुमार शामिल हैं।3
- बांदा में पुलिस ने साइबर अपराध को अंजाम देने वाले एक गिरोह का भांडाफोड़ करते हुए 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के नीचे दबिश मारकर इन सभी आरोपियों को धर दबोचा। पुलिस ने इनके कब्जे से 52 हजार रुपये नकद, 10 फोन, एटीएम और एक लैपटॉप बरामद किया है। पकड़े गए आरोपी ठगी के लिए बेहद शातिर तरीका अपनाते थे। यह गिरोह फर्जी फर्म के नाम पर बैंक खाते खुलवाकर ठगी की रकम हासिल करता था। इसके साथ ही आरोपी एपीके (APK) फाइल के माध्यम से लोगों के फोन हैक कर ठगी की वारदातों को अंजाम देते थे।4
- व्लॉगर सौरभ जोशी ने दावा किया है कि इथेनॉल मिश्रित ईंधन के दौर में माइलेज का हाल बेहद खराब हो गया है। उनके अनुसार, जो गाड़ी पहले 17 किमी/लीटर चलती थी, वह पहले घटकर 9 और अब सिर्फ 5 किमी/लीटर के माइलेज पर आ गई है।1
- उत्तर प्रदेश में वृक्षारोपण महायज्ञ-2026 का शुभारंभ हो चुका है। इसी बड़े अभियान के अंतर्गत महोबा जिले के पनवाड़ी सीएचसी में भी इसकी शुरुआत की गई है।1
- महोबा जिले के खन्ना थाना क्षेत्र के सिरसी कला गांव में लोक निर्माण विभाग (PWD) की कथित लापरवाही के कारण एक बड़ा हादसा हो गया। यहाँ एक निर्माणाधीन पुल के कारण बनाए गए वैकल्पिक मार्ग से गुजर रही बारातियों से भरी एक वैन उफनती श्यामा नदी के तेज बहाव में बह गई। हादसे के दौरान इस वैन में दूल्हा समेत कई बाराती सवार थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, नदी का जलस्तर बढ़ा होने के बावजूद इस वैकल्पिक मार्ग पर पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम, चेतावनी बोर्ड या आवागमन रोकने की कोई प्रभावी व्यवस्था नहीं की गई थी। इसी वजह से वैन तेज बहाव की चपेट में आकर नदी में बहने लगी। ऐसे नाजुक वक्त में स्थानीय मुस्लिम युवकों ने असाधारण साहस का परिचय दिया और अपनी जान की परवाह किए बिना नदी में उतरकर दूल्हे सहित सभी बारातियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, जिससे कई लोगों की जान बच गई। इस हादसे के बाद लोक निर्माण विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माणाधीन पुल के दौरान बनाए गए वैकल्पिक मार्ग की सुरक्षा को लेकर विभाग ने घोर लापरवाही बरती, जिसके कारण यह हादसा हुआ। फिलहाल सभी बाराती सुरक्षित हैं और स्थानीय लोग इस मामले की निष्पक्ष जांच कराकर जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।1