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लातेहार के पहाड़पूरी ग्राम में अवस्थित प्रशिक्षण केंद्र का निरीक्षण विधायक प्रतिनिधि नेहा देवी ने किया शुक्रवार की दोपहर 2:00 बजे । इस दौरान नेहा देवी ने प्रशिक्षण केंद्र में प्रशिक्षण प्राप्त कर रही युवती महिलाओं को मिलने वाली सुविधा की जांच की। वहीं केंद्र संचालक को निर्देश दिया कि सरकार से मिलने वाली हर सुविधा प्रशिक्षण प्राप्त कर रही महिलाओं को मिलना चाहिए। इस मौके पर नेहा देवी ने प्रशिक्षण प्राप्त कर रही महिलाओं के द्वारा बनाए गए चूड़ी माला कपड़ों का भी अवलोकन किया।
Manoj dutt dev
लातेहार के पहाड़पूरी ग्राम में अवस्थित प्रशिक्षण केंद्र का निरीक्षण विधायक प्रतिनिधि नेहा देवी ने किया शुक्रवार की दोपहर 2:00 बजे । इस दौरान नेहा देवी ने प्रशिक्षण केंद्र में प्रशिक्षण प्राप्त कर रही युवती महिलाओं को मिलने वाली सुविधा की जांच की। वहीं केंद्र संचालक को निर्देश दिया कि सरकार से मिलने वाली हर सुविधा प्रशिक्षण प्राप्त कर रही महिलाओं को मिलना चाहिए। इस मौके पर नेहा देवी ने प्रशिक्षण प्राप्त कर रही महिलाओं के द्वारा बनाए गए चूड़ी माला कपड़ों का भी अवलोकन किया।
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- तीन सौ रुपये के लिए मचा बवाल, दो पक्षों में जमकर मारपीट लाठी-डंडे और लात-घूंसों से हमला, दो महिलाओं समेत सात घायल रातू। थाना क्षेत्र के अगड़ू स्थित अल अक्सा ग्लोबल स्कूल के पास महज तीन सौ रुपये के विवाद ने देखते ही देखते हिंसक रूप ले लिया। बिजली का तार जोड़ने के पैसे को लेकर दो पक्ष आपस में भिड़ गये। दोनों ओर से जमकर लाठी-डंडे चले और लात-घूंसों से मारपीट हुई। घटना में दो महिलाओं समेत सात लोग घायल हो गये। मारपीट के दौरान एक स्कॉर्पियो के आगे और पीछे के शीशे भी तोड़ दिये गये।घटना की सूचना मिलते ही पीसीआर टीम मौके पर पहुंची और घायलों को रातू सीएचसी पहुंचाया। घायलों में एक पक्ष के साकिर मंसूरी, आकिर मंसूरी, गुलशन खातून और गुलनाज परवीन तथा दूसरे पक्ष के अमेरुल्लाह, मतीउर रहमान और इलताब हुसैन शामिल हैं। सभी सिमलिया के निवासी बताए जा रहे हैं। मारपीट में कई लोगों के सिर, पैर समेत शरीर के अन्य हिस्सों में चोटें आयी हैं।दो की हालत गंभीर होने पर रिम्स रेफर: सीएचसी में प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने साकिर मंसूरी और गुलनाज को बेहतर इलाज के लिए रिम्स रेफर कर दिया।बताया जाता है कि बिजली का तार जोड़ने के एवज में मिस्त्री ने तीन सौ रुपये मांगे थे, जबकि दूसरे पक्ष के लोग महज एक सौ रुपये देने पर अड़े थे। इसी बात को लेकर पहले कहासुनी हुई। देखते ही देखते विवाद बढ़ा और दोनों पक्षों में मारपीट शुरू हो गयी। कुछ ही देर में मौके पर अफरातफरी मच गयी।घटना को लेकर फिलहाल थाने में प्राथमिकी दर्ज होने की सूचना नहीं है।1
- सिसई : एसआईआर सत्यापन में पहुंचे मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, दस्तावेजों की जांच का लिया जायजा मुर्गू पंचायत भवन में नोटिस, बीएलओ रिपोर्ट और मतदाताओं के दस्तावेजों की हुई जांच ; सुनवाई प्रक्रिया की ली जानकारी सिसई (गुमला)। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत चल रही सत्यापन एवं सुनवाई प्रक्रिया का शुक्रवार को मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सह सचिव, मंत्रिमंडल (निर्वाचन) विभाग, झारखंड के. रवि कुमार ने निरीक्षण किया। उन्होंने सिसई प्रखंड क्षेत्र के मुर्गू पंचायत भवन में चल रही सत्यापन प्रक्रिया का जायजा लेते हुए मतदाताओं द्वारा प्रस्तुत किए जा रहे दस्तावेजों की जांच की। निरीक्षण के दौरान अतिरिक्त सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी-सह-जिला उद्यान पदाधिकारी, गुमला ने बताया कि बीएलओ के माध्यम से मतदाताओं को नोटिस का तामिला कराया गया है। इसके बाद बीएलओ की रिपोर्ट की जांच तथा मतदाताओं द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों के सत्यापन के उपरांत सुनवाई की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने मुर्गू पंचायत के मुखिया से भी मतदाता सूची में नाम विलोपन की स्थिति की जानकारी ली। मुखिया ने बताया कि किसी भी वैध मतदाता का नाम नहीं हटाया गया है। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने एसआईआर प्रक्रिया में दस्तावेजों की जांच, बीएलओ रिपोर्ट के सत्यापन और सुनवाई की प्रक्रिया को निर्धारित नियमों के अनुरूप पूरा करने पर जानकारी साझा की। मौके पर जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त गुमला, उप निर्वाचन पदाधिकारी गुमला, निर्वाचन पर्यवेक्षक सिसई उमाशंकर राम, सुमित केशरी एवं विकास शर्मा सहित निर्वाचन शाखा से जुड़े अधिकारी-कर्मी उपस्थित थे।4
- एसआईआर सत्यापन कार्य का जायजा लेने मुर्गू पहुंचे मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी मतदाताओं के दस्तावेजों की जांच कर सुनवाई प्रक्रिया की ली जानकारी सिसई प्रखंड के मुर्गू पंचायत भवन में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत नोटिस एवं सत्यापन कार्य का शुक्रवार को मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी-सह-सचिव, मंत्रिमंडल (निर्वाचन) विभाग, झारखंड के. रवि ने निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर उपस्थित मतदाताओं से बातचीत कर सत्यापन प्रक्रिया की जानकारी ली तथा उनके द्वारा प्रस्तुत किए गए दस्तावेजों की जांच की। निरीक्षण के दौरान अतिरिक्त सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी-सह-जिला उद्यान पदाधिकारी, गुमला ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी को बताया कि संबंधित मतदाताओं को बीएलओ के माध्यम से नोटिस का तामिला कराया गया है। नोटिस के बाद मतदाताओं द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों की जांच एवं बीएलओ की रिपोर्ट का सत्यापन किया जा रहा है। दस्तावेजों की पुष्टि के उपरांत नियमानुसार सुनवाई की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि ने पंचायत के मुखिया से भी एसआईआर के दौरान मतदाता सूची से हटाए गए नामों के संबंध में जानकारी ली। इस पर मुखिया ने बताया कि वैध मतदाताओं का नाम मतदाता सूची से नहीं हटाया गया है। उन्होंने सत्यापन कार्य के दौरान वास्तविक एवं पात्र मतदाताओं के नाम सुरक्षित रखने की बात कही। निरीक्षण के दौरान निर्वाचन कार्य में लगे पदाधिकारियों एवं कर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए। अधिकारियों ने बताया कि मतदाता सूची के सत्यापन का कार्य निर्धारित प्रक्रिया एवं दस्तावेजों की जांच के आधार पर किया जा रहा है। मौके पर जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त गुमला, उप निर्वाचन पदाधिकारी गुमला, निर्वाचन पर्यवेक्षक सिसई उमाशंकर राम, निर्वाचन शाखा सिसई सुमित केशरी एवं निर्वाचन शाखा गुमला के विकास शर्मा सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।2
- मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने गुमला जिले के सिसई, गुमला एवं बिशुनपुर विधानसभा क्षेत्रों में एसआईआर के तहत मतदाताओं को प्राप्त हो रहे नोटिस के सुनवाई एवं दस्तावेजों के सत्यापन का किया निरीक्षण जनजातीय समूह के मतदाताओं के दस्तावेज संबंधी विवरण सरकारी अभिलेखों में उपलब्ध, पदाधिकारी इन अभिलेखों का उपयोग कर मतदाताओं को दें हरसंभव सहयोग—के. रवि कुमार एसआईआर की प्रक्रिया को जीरो एरर के लक्ष्य के अनुरूप तैयार किया गया है, इसमें प्रत्येक पदाधिकारियों के स्तर पर वेरिफिकेशन एवं जवाबदेही तय है पात्र भारतीय नागरिकों की सुविधा और दावे-आपत्तियों के निष्पक्ष निराकरण पर विशेष ध्यान देने का निर्देश गुमला: मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री के. रवि कुमार ने शुक्रवार को गुमला जिले के सिसई, गुमला एवं बिशुनपुर विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत चल रहे दावा-आपत्ति एवं सुनवाई की प्रक्रिया का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मतदाताओं को दस्तावेज सत्यापन हेतु प्राप्त नोटिस एवं उसके सुनवाई हेतु समर्पित किए जाने वाले दस्तावेजों के संबंधित निर्वाचन निबंधन पदाधिकारियों द्वारा सत्यापन की प्रक्रिया तथा मतदाताओं को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी ली।मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा एसआईआर की प्रक्रिया को जीरो एरर के लक्ष्य के अनुरूप तैयार किया गया है, इसमें प्रत्येक पदाधिकारियों के स्तर पर वेरिफिकेशन एवं जवाबदेही तय है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में बन रहे एसआईआर के दस्तावेज को भविष्य के लिए परमानेंट डाक्यूमेंट के रूप में संरक्षित रखना है। भविष्य में इसकी महत्वता को देखते हुए पदाधिकारियों को एसआईआर द्वारा निर्मित मतदाता सूची को शुद्ध एवं त्रुटिरहित तैयार करना अनिवार्य है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने विभिन्न क्षेत्रों में जनजातीय समूह के मतदाताओं से भी मुलाकात कर उनकी समस्याओं एवं एसआईआर से संबंधित प्रक्रियाओं की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि जनजातीय समूह के मतदाताओं के दस्तावेज संबंधी विवरण विभिन्न सरकारी कार्यालयों एवं विभागों के अभिलेखों में उपलब्ध हैं। ऐसे में मतदाताओं के उपलब्ध सरकारी अभिलेखों का नियमानुसार उपयोग करते हुए उनके दस्तावेजों के सत्यापन की प्रक्रिया को सुगम बनाया जाए।श्री के. रवि कुमार ने संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि जनजातीय समूह के मतदाताओं सहित सभी पात्र भारतीय नागरिकों का भी सुनवाई के क्रम में विशेष ध्यान रखा जाए। जहां आवश्यक हो, उन्हें दस्तावेजों के सत्यापन की प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज एवं निर्धारित प्रपत्रों के संबंध में स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराते हुए हरसंभव सहयोग प्रदान किया जाए। सुनवाई केंद्रों पर टोकन सिस्टम को सुविधा रखें जाए जिससे अधिक भीड़ न हो साथ ही प्रत्येक मतदाताओं को उनका पक्ष रखने का पर्याप्त अवसर प्राप्त हो। उन्होंने कहा कि मतदाताओं द्वार प्राप्त दावों और आपत्तियों का निर्धारित प्रक्रिया एवं भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप समयबद्ध तरीके से निराकरण सुनिश्चित किया जाए।मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण का उद्देश्य शुद्ध एवं त्रुटिरहित मतदाता सूची तैयार करना है। इसके लिए सभी संबंधित पदाधिकारी क्षेत्र स्तर पर मतदाताओं के साथ समुचित समन्वय बनाए रखें और विशेष रूप से दूरस्थ एवं जनजातीय क्षेत्रों के मतदाताओं को आवश्यक जानकारी एवं सहायता उपलब्ध कराएं।1
- प्रखंड स्तरीय करमा पूर्व संध्या महोत्सव महुआडार प्रखंड मुख्यालय में गुरुवार की देर रात 10:00 बजे तक मनाया गया। उक्त आयोजन सरना आदिवासी विकास एकता मंच महुआडार के तत्वाधान में किया गया। इस मौके पर सरना आदिवासी विकास एकता मंच के कई पदाधिकारी एवं सदस्य मंच पर उपस्थित थे। वहीं इस मौके पर बड़ी संख्या में आए सरना आदिवासी युवक युवती बूढ़े बुजुर्ग बैगा पाहन दीवान बेल ने करमा पूजा आदिवासी रीति-रिवाज के साथ पूरे विधि विधान के साथ किया।यहां युवक एवं युवती बूढ़े एवं बुजुर्ग ने मंडर की थाप पर पारंपरिक नाच गान किया।1
- करम महोत्सव में झूमे हजारों लोग, सुदेश महतो ने दिया कला-संस्कृति बचाने का संदेश1
- सिसई विधायक ने प्रखंड प्रशासन को फटकार लगाई, मुझे इतनी दिक्कत तो आम जनता का क्या होता होगा। सिसई विधायक जिग्गा सुसारन होरो बिना कोई सूचना दिए सिसई प्रखंड सह अंचल कार्यालय पहुंचे , जनता की भारी भिंड को देखते हुए प्रखंड प्रशासन को जम कर फटकार लगाए। उन्होंने साफ कहा देखने के लिए मैं आदमी लगा रहा हूं। यह सुनते ही प्रखंड कर्मी में हड़कंप मचा हुआ हैं।1
- *चंदवा-लोहरदगा पथ की मौत की घाटी, अधूरे निर्माण से फिर मंडरा रहा हादसे का साया डेढ़टंगवा में बेकाबू हो रहे ट्रेलर* *आजादी के जश्न पर खूनी घाटी बनी डेढ़टंगवा, 6 लाशों पर जागा सिस्टम फिर सो गया* *चंदवा (लातेहार)।* 15 अगस्त 2026 का दिन। एक तरफ पूरा देश 80वें स्वतंत्रता दिवस का जश्न मना रहा था, तिरंगे लहरा रहे थे, देशभक्ति के गीत गूंज रहे थे, तो वहीं दूसरी ओर चंदवा-लोहरदगा मुख्य पथ की *डेढ़टंगवा घाटी* में मातम पसरा था। एक अनियंत्रित कंटेनर ने मौत बनकर बाइक सवार और सवारी टेंपो को अपनी चपेट में ले लिया। यह टक्कर इतनी भीषण थी कि टेंपो के परखच्चे उड़ गए। इस हृदय विदारक हादसे में *8 साल के एक मासूम बच्चे और एक महिला सहित 6 लोगों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई* थी, जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उस दिन घाटी की सड़क खून से लाल हो गई थी और घायलों की चीखों से पूरा इलाका दहल उठा था। *6 लाशों के बाद जागा था सिस्टम* हादसे के बाद जनाक्रोश और मीडिया में खबरें आने के बाद लातेहार और लोहरदगा जिला प्रशासन की कुंभकर्णी नींद टूटी। आनन-फानन में अधिकारियों ने घाटी का दौरा किया। घाटी के तीखे, अंधे और जानलेवा मोड़ों को काटने, चौड़ीकरण करने और सड़क की मरम्मत का काम युद्धस्तर पर शुरू करने का बड़ा-बड़ा दावा किया गया। कुछ दिनों तक जेसीबी और मजदूर घाटी में दिखे भी। *दावा फिर निकला हवा-हवाई* लेकिन जैसे-जैसे मामला ठंडा पड़ा, सिस्टम फिर से गहरी नींद में सो गया। हकीकत यह है कि डेढ़टंगवा घाटी का निर्माण कार्य आज भी आधा-अधूरा पड़ा है। अधबने मोड़ों, बिखरी गिट्टियों और बिना डायवर्सन के ही इस घाटी से बड़े-बड़े वाहन गुजर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि लोहरदगा की ओर से आने वाले भारी कंटेनर और ट्रेलर आज भी इस ढलान पर बेकाबू हो जाते हैं और आए दिन दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं। ब्रेक फेल होने की घटनाएं आम हैं। सवाल यह है कि क्या प्रशासन को फिर से 6 लाशों का इंतजार है? अधूरे निर्माण के बीच वाहनों को घाटी में भेजना मौत को खुला न्योता देना नहीं तो और क्या है? जब तक कोई बड़ा हादसा नहीं होता, तब तक जिम्मेदार मौन साधे रहते हैं।2