बैतूल के भैंसदेही जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत पलासपानी में विकास कार्यों में भारी अनियमितता और भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने सोमवार को जिला पंचायत बैतूल के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) को ज्ञापन सौंपकर पंचायत में कराए जा रहे विकास कार्यों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि इंदिरा कॉलोनी से वार्ड क्रमांक 4 तक लगभग 376 मीटर सीसी सड़क निर्माण के लिए करीब ₹9.98 लाख की स्वीकृति और तकनीकी मंजूरी मिलने के बावजूद आज तक धरातल पर सड़क का निर्माण नहीं किया गया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि निर्माण सामग्री के नाम पर सीमेंट और रेत के फर्जी भुगतान दर्शा दिए गए हैं, जिसके सबूत के तौर पर उन्होंने पंचायत पोर्टल से निकाले गए भुगतान संबंधी दस्तावेज भी सीईओ को सौंपे हैं। इसके अलावा ग्रामीणों ने नल-जल योजना और राशन दुकान को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। ज्ञापन में बताया गया है कि पूरे गांव में पेयजल आपूर्ति का दावा किया गया था, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि कई मोहल्लों में पानी पहुंच ही नहीं रहा है और ग्रामीणों को सप्ताह में केवल एक बार पानी मिलने से पेयजल संकट गहरा गया है। वहीं, पंचायत की राशन दुकान का भवन पूरी तरह जर्जर हो जाने के कारण दुकान का संचालन किसी दूसरे स्थान से किया जा रहा है, जिसके लिए ग्रामीणों ने नए भवन के निर्माण की मांग की है। ग्रामीणों ने सभी बिंदुओं की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
बैतूल के भैंसदेही जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत पलासपानी में विकास कार्यों में भारी अनियमितता और भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने सोमवार को जिला पंचायत बैतूल के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) को ज्ञापन सौंपकर पंचायत में कराए जा रहे विकास कार्यों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि इंदिरा कॉलोनी से वार्ड क्रमांक 4 तक लगभग 376 मीटर सीसी सड़क निर्माण के लिए करीब ₹9.98 लाख की स्वीकृति और तकनीकी मंजूरी मिलने के बावजूद आज तक धरातल
पर सड़क का निर्माण नहीं किया गया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि निर्माण सामग्री के नाम पर सीमेंट और रेत के फर्जी भुगतान दर्शा दिए गए हैं, जिसके सबूत के तौर पर उन्होंने पंचायत पोर्टल से निकाले गए भुगतान संबंधी दस्तावेज भी सीईओ को सौंपे हैं। इसके अलावा ग्रामीणों ने नल-जल योजना और राशन दुकान को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। ज्ञापन में बताया गया है कि पूरे गांव में पेयजल आपूर्ति का दावा किया गया था, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि कई मोहल्लों में
पानी पहुंच ही नहीं रहा है और ग्रामीणों को सप्ताह में केवल एक बार पानी मिलने से पेयजल संकट गहरा गया है। वहीं, पंचायत की राशन दुकान का भवन पूरी तरह जर्जर हो जाने के कारण दुकान का संचालन किसी दूसरे स्थान से किया जा रहा है, जिसके लिए ग्रामीणों ने नए भवन के निर्माण की मांग की है। ग्रामीणों ने सभी बिंदुओं की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
- बैतूल के भैंसदेही जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत पलासपानी में विकास कार्यों में भारी अनियमितता और भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने सोमवार को जिला पंचायत बैतूल के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) को ज्ञापन सौंपकर पंचायत में कराए जा रहे विकास कार्यों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि इंदिरा कॉलोनी से वार्ड क्रमांक 4 तक लगभग 376 मीटर सीसी सड़क निर्माण के लिए करीब ₹9.98 लाख की स्वीकृति और तकनीकी मंजूरी मिलने के बावजूद आज तक धरातल पर सड़क का निर्माण नहीं किया गया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि निर्माण सामग्री के नाम पर सीमेंट और रेत के फर्जी भुगतान दर्शा दिए गए हैं, जिसके सबूत के तौर पर उन्होंने पंचायत पोर्टल से निकाले गए भुगतान संबंधी दस्तावेज भी सीईओ को सौंपे हैं। इसके अलावा ग्रामीणों ने नल-जल योजना और राशन दुकान को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। ज्ञापन में बताया गया है कि पूरे गांव में पेयजल आपूर्ति का दावा किया गया था, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि कई मोहल्लों में पानी पहुंच ही नहीं रहा है और ग्रामीणों को सप्ताह में केवल एक बार पानी मिलने से पेयजल संकट गहरा गया है। वहीं, पंचायत की राशन दुकान का भवन पूरी तरह जर्जर हो जाने के कारण दुकान का संचालन किसी दूसरे स्थान से किया जा रहा है, जिसके लिए ग्रामीणों ने नए भवन के निर्माण की मांग की है। ग्रामीणों ने सभी बिंदुओं की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।3
- बैतूल विधानसभा क्षेत्र के आठनेर में नगर परिषद की अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के खिलाफ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मोर्चा खोल दिया है। दर्जनों कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर नगर परिषद का घेराव किया और जमकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने पेयजल आपूर्ति में आ रही दिक्कतों और भ्रष्टाचार को लेकर नगर परिषद के सामने जोरदार नारेबाजी की और परिषद के सीएमओ को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें गंभीर आरोप लगाए गए हैं। कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष वंजारे ने बताया कि आठनेर नगर परिषद को मुख्यमंत्री अधोसंरचना के अंतर्गत पेयजल व्यवस्था के लिए 2 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई थी, लेकिन उस राशि का भारी दुरुपयोग किया गया। यही कारण है कि बारिश के मौसम में भी शहरवासियों को 4-5 दिनों के अंतराल पर पेयजल की आपूर्ति की जा रही है और लोग पानी के लिए परेशान हो रहे हैं। इसके अलावा, जामठी फिल्टर प्लांट में कई महीनों से साफ-सफाई नहीं की गई है और न ही इसमें एलम या क्लोरीन डाला जा रहा है, जिससे लोगों को दूषित पानी पीने पर मजबूर होना पड़ रहा है और वे बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। कार्यकर्ताओं ने नगर परिषद द्वारा 1 करोड़ रुपये की लागत से बनाई गई सड़क पर भी सवाल खड़े किए हैं। उनका आरोप है कि इस सड़क के निर्माण में भारी गोलमाल किया गया है और यह सड़क अब महज एक पार्किंग व्यवस्था में तब्दील हो चुकी है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इन तमाम गड़बड़ियों और अनियमितताओं की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।1
- Post by Namdev gujre Khabar bhart news1
- बैतूल जिले के मुलताई नगर पालिका परिषद के सभा कक्ष में सोमवार को अध्यक्ष श्रीमती नीतू प्रहलाद सिंह परमार की अध्यक्षता में मां ताप्ती जन्मोत्सव-2026 के सफल और भव्य आयोजन को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में नगर क्षेत्र के सभी शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों तथा महाविद्यालयों के प्राचार्यों एवं शाला प्रमुखों को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया था। बैठक के दौरान मां ताप्ती जन्मोत्सव-2026 के अंतर्गत होने वाले विभिन्न सांस्कृतिक, शैक्षणिक एवं जनजागरूकता कार्यक्रमों की विस्तृत रूपरेखा पर चर्चा की गई। इसमें निबंध प्रतियोगिता, रंगोली प्रतियोगिता, वाद-विवाद प्रतियोगिता, चित्रकला प्रतियोगिता, 'मां ताप्ती बनो' प्रतियोगिता, आरती थाल सजाओ प्रतियोगिता तथा जनजागरण रैली जैसी गतिविधियों में अधिक से अधिक विद्यार्थियों को शामिल करने की रणनीति तैयार की गई। अध्यक्ष श्रीमती नीतू प्रहलाद सिंह परमार ने सभी शाला प्रमुखों से अपील की कि वे छात्र-छात्राओं की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के जुड़ने से न केवल आयोजन की गरिमा बढ़ेगी, बल्कि युवा पीढ़ी को मां ताप्ती के धार्मिक, सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक महत्व की जानकारी भी मिलेगी। इसके अलावा, बैठक में आयोजन की व्यवस्थाओं, प्रतियोगिताओं के सफल संचालन, अनुशासन, सुरक्षा और समन्वय जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। उपस्थित सभी जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने इस जन्मोत्सव को नगर का गौरवपूर्ण एवं यादगार आयोजन बनाने के लिए सामूहिक सहयोग का संकल्प लिया। इस अवसर पर सभापति एवं पार्षदगण श्री जी. ए. बारस्कर, श्रीमती शिल्पा मनीष शर्मा, श्रीमती वर्षा गड़ेकर, श्री सुरेश पौनीकर, श्री अजय यादव, अन्य जनप्रतिनिधि, मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) श्री वीरेन्द्र तिवारी और नगर पालिका के अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।1
- बैतूल के आमला शहर में स्थित भारतीय स्टेट बैंक की कृषि विकास शाखा और जिला सहकारी बैंक में पार्किंग की समुचित व्यवस्था न होने के कारण ग्राहकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बैंक परिसर के भीतर पार्किंग स्थल उपलब्ध नहीं होने की वजह से लोग अपने दोपहिया और चारपहिया वाहन मुख्य सड़क के किनारे खड़े करने को मजबूर हैं। सड़क पर गाड़ियां खड़ी होने से न केवल यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही है, बल्कि दुर्घटनाओं की आशंका भी लगातार बनी रहती है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इन दोनों बैंकों में रोजाना बड़ी संख्या में किसान, व्यापारी, कर्मचारी, पेंशनधारी और अन्य उपभोक्ता पहुंचते हैं। पार्किंग की सुविधा न होने के कारण उन्हें अपने वाहन मुख्य सड़क पर खड़े करने पड़ते हैं, जिससे कई बार सड़क पर जाम जैसी स्थिति निर्मित हो जाती है। जानकारों के मुताबिक, हालांकि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के शाखा-लाइसेंसिंग और ग्राहक सेवा संबंधी दिशानिर्देशों में प्रत्येक बैंक शाखा के लिए पार्किंग उपलब्ध कराने का कोई सार्वभौमिक अनिवार्य प्रावधान स्पष्ट रूप से उल्लेखित नहीं है, लेकिन बैंक संचालन में ग्राहकों की सुरक्षित पहुंच और सुगम आवागमन को बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। इस गंभीर समस्या को देखते हुए शहरवासियों ने स्थानीय प्रशासन और संबंधित बैंक प्रबंधन से पुरजोर मांग की है कि ग्राहकों की सुविधा और यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए दोनों बैंक शाखाओं में शीघ्र ही पार्किंग की समुचित व्यवस्था की जाए, ताकि सड़क पर अनावश्यक रूप से लगने वाले वाहनों के जमावड़े और जाम से लोगों को राहत मिल सके।3
- नर्मदापुरम जिले के डोलरिया तहसील क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम डूडूगांव में एक अजीबोगरीब मामला देखने को मिला है। यहाँ रहने वाले किसान बैजनाथ तोमर के खेत में किसी अज्ञात व्यक्ति ने धान के रोपे पर सफाया नाशक दवाई का छिड़काव कर दिया। इस अज्ञात कृत्य के कारण किसान के 50 किलो धान के रोपे का पूरी तरह से सत्यानाश हो गया है, जिससे पीड़ित किसान बेहद परेशान है। डोलरिया क्षेत्र में लगातार ऐसी नई-नई घटनाएं देखने और सुनने को मिल रही हैं। यहाँ कभी खेतों से मोटर की केबल डोरी चोरी होने की वारदातें सामने आ रही हैं, तो कभी अज्ञात शरारती तत्वों द्वारा धान के रोपे में सफाया नाशक छिड़कने जैसी घटनाएं हो रही हैं, जिससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।1
- बैतूल में ट्रकों के बढ़ते दबाव और पार्किंग की गंभीर समस्या को लेकर बैतूल ट्रक एंड ट्रांसपोर्ट यूनियन ने कलेक्टर और मुख्य नगरपालिका अधिकारी (सीएमओ) को ज्ञापन सौंपा है। यूनियन ने शहर की बिगड़ती यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए ट्रांसपोर्ट नगर के लिए उपयुक्त भूमि आवंटित करने की मांग की है। यूनियन के अनुसार, जिले में वर्तमान में 400 से 600 बड़े ट्रक संचालित हो रहे हैं, लेकिन उनके व्यवस्थित ठहराव, रखरखाव और लोडिंग-अनलोडिंग के लिए कोई सुरक्षित स्थान उपलब्ध नहीं है। पार्किंग स्थल न होने के कारण इन ट्रकों को मुख्य सड़कों पर खड़ा करना पड़ता है, जिससे ट्रैफिक बाधित होता है और आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। खुले में वाहन खड़े रहने से माल की सुरक्षा पर खतरा रहता है और लोडिंग-अनलोडिंग में देरी होती है, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका भी बनी रहती है। यूनियन ने ज्ञापन में उल्लेख किया है कि ट्रांसपोर्ट नगर की यह मांग कई वर्षों से लंबित है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने सुझाव दिया कि औद्योगिक क्षेत्र कोसमी में रिक्त पड़ी शासकीय भूमि को ट्रांसपोर्ट नगर के लिए आवंटित किया जा सकता है, जिससे शहर के भीतर का यातायात प्रभावित नहीं होगा। यूनियन ने प्रशासन को आश्वस्त किया है कि वे भूमि आवंटन के लिए शासन द्वारा निर्धारित सभी नियमों और शुल्कों का पूर्ण रूप से पालन करेंगे।2
- बैतूल के जिला न्यायालय परिसर में सोमवार शाम उस समय भारी अफरा-तफरी मच गई, जब एक युवक तेज रफ्तार बाइक लेकर परिसर में घुस आया और माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के चेंबर में घुसने का प्रयास किया। इस दौरान युवक ने रोकने की कोशिश करने वाले कोर्ट कर्मचारियों, सुरक्षाकर्मियों और पुलिसकर्मियों से मारपीट की और न्यायालय का कांच का दरवाजा तोड़ दिया। घटना की सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। भृत्य राजकुमार उइके द्वारा कोतवाली थाने में दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, सोमवार शाम करीब 5 बजे कंपनी गार्डन निवासी लोकेश प्रजापति अपनी मोटरसाइकिल क्रमांक एमपी-04-एमजे-8334 को तेज रफ्तार और लापरवाही से चलाते हुए जिला न्यायालय परिसर में घुस गया। वह लगातार हॉर्न बजाते हुए प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश की कार पार्किंग पोर्च तक पहुंच गया और बाइक लेकर उनके चेंबर की ओर बढ़ने लगा। इस बीच उसकी बाइक न्यायाधीश की शासकीय कार से टकरा गई, जिससे वाहन क्षतिग्रस्त हो गया। जब राजकुमार उइके ने उसे रोकने की कोशिश की, तो आरोपी ने उन पर बाइक चढ़ाने का प्रयास किया, जिससे उन्होंने पीछे हटकर अपनी जान बचाई। इस हंगामे को सुनकर कोर्ट मुंशी महेंद्र काकोड़िया, गनमैन रविकांत शर्मा, सुरक्षाकर्मी जगदीश कीर, प्रधान आरक्षक लुकमान, अमित बुनकर और जितेंद्र मोर सहित अन्य कर्मचारी पहुंचे। सभी ने आरोपी को शांत कराने का प्रयास किया, लेकिन वह गाली-गलौज करते हुए कर्मचारियों से धक्का-मुक्की और मारपीट करने लगा। इसके बाद वह चिल्लाते हुए जबरन न्यायाधीश के कोर्ट रूम में घुस गया और बाहर निकालने के प्रयास के दौरान उसने न्यायालय का कांच का दरवाजा भी तोड़ दिया। पुलिसकर्मियों और कर्मचारियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आरोपी को पकड़कर कोर्ट परिसर के लॉकअप रूम में बंद किया, जहां उसने प्रधान आरक्षक लुकमान के साथ मारपीट कर उनकी वर्दी फाड़ दी। आरोपी की इस हिंसक हरकत से न्यायालय परिसर में वकीलों, पक्षकारों और कर्मचारियों के बीच दहशत का माहौल बन गया। घटना की जानकारी मिलने पर रजिस्ट्रार और मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट भी मौके पर पहुंचे, लेकिन आरोपी का व्यवहार नहीं बदला। सूचना मिलने पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया और राजकुमार उइके की शिकायत पर शासकीय कार्य में बाधा, शासकीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, मारपीट और गाली-गलौज की धाराओं में मामला दर्ज किया। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल मोटरसाइकिल जब्त कर ली है और न्यायालय परिसर के सीसीटीवी फुटेज कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। इस घटना के बाद न्यायालय कर्मचारियों और वकीलों में भारी रोष देखा जा रहा है।3