औरंगाबाद के रफीगंज में करीब 10 वर्ष पुराने बहुचर्चित रंगदारी एवं आर्म्स एक्ट से जुड़े मामले में औरंगाबाद व्यवहार न्यायालय ने फैसला सुनाते हुए रफीगंज थाना क्षेत्र के पिपराही गांव निवासी जगनारायण कुमार निराला को सभी आरोपों से बरी कर दिया है। अपर सत्र न्यायाधीश (अष्टम) मनीष कुमार जायसवाल की अदालत ने 6 जुलाई 2026 को फैसला सुनाते हुए कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपी के विरुद्ध लगाए गए आरोपों को संदेह से परे साबित करने में पूरी तरह असफल रहा। यह मामला रफीगंज थाना कांड संख्या 38/2016 से संबंधित था। अभियोजन पक्ष ने आरोपी के विरुद्ध तत्कालीन भारतीय दंड संहिता की धाराओं 212, 353, 386, 120बी, 420 एवं 124, सीएलए एक्ट की धारा 17 तथा आर्म्स एक्ट की धारा 38, 39 एवं 40 के तहत आरोप लगाए थे। न्यायालय ने अपने निर्णय में कहा कि मामले में पर्याप्त एवं विश्वसनीय साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किए जा सके, इसलिए आरोपी को संदेह का लाभ देते हुए सभी आरोपों से दोषमुक्त किया जाता है। इसके साथ ही अदालत ने मामले के सभी जमानतदारों को उनके बंधपत्र के दायित्व से भी मुक्त कर दिया है। करीब एक दशक तक चली न्यायिक प्रक्रिया के बाद आए इस फैसले से आरोपी को बड़ी राहत मिली है। बरी होने के बाद जगनारायण कुमार निराला ने न्यायालय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें शुरू से ही न्यायपालिका पर पूरा विश्वास था और अंततः उन्हें न्याय मिला है।
औरंगाबाद के रफीगंज में करीब 10 वर्ष पुराने बहुचर्चित रंगदारी एवं आर्म्स एक्ट से जुड़े मामले में औरंगाबाद व्यवहार न्यायालय ने फैसला सुनाते हुए रफीगंज थाना क्षेत्र के पिपराही गांव निवासी जगनारायण कुमार निराला को सभी आरोपों से बरी कर दिया है। अपर सत्र न्यायाधीश (अष्टम) मनीष कुमार जायसवाल की अदालत ने 6 जुलाई 2026 को फैसला सुनाते हुए कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपी के विरुद्ध लगाए गए आरोपों को संदेह से परे साबित करने में पूरी तरह असफल रहा। यह मामला रफीगंज थाना कांड संख्या 38/2016 से संबंधित था। अभियोजन पक्ष ने आरोपी के विरुद्ध तत्कालीन भारतीय दंड संहिता की धाराओं 212, 353, 386, 120बी, 420 एवं 124, सीएलए एक्ट की धारा 17 तथा आर्म्स एक्ट की धारा 38, 39 एवं 40 के तहत आरोप लगाए थे। न्यायालय ने अपने निर्णय में कहा कि मामले में पर्याप्त एवं विश्वसनीय साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किए जा सके, इसलिए आरोपी को संदेह का लाभ देते हुए सभी आरोपों से दोषमुक्त किया जाता है। इसके साथ ही अदालत ने मामले के सभी जमानतदारों को उनके बंधपत्र के दायित्व से भी मुक्त कर दिया है। करीब एक दशक तक चली न्यायिक प्रक्रिया के बाद आए इस फैसले से आरोपी को बड़ी राहत मिली है। बरी होने के बाद जगनारायण कुमार निराला ने न्यायालय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें शुरू से ही न्यायपालिका पर पूरा विश्वास था और अंततः उन्हें न्याय मिला है।
- औरंगाबाद के रफीगंज में करीब 10 वर्ष पुराने बहुचर्चित रंगदारी एवं आर्म्स एक्ट से जुड़े मामले में औरंगाबाद व्यवहार न्यायालय ने फैसला सुनाते हुए रफीगंज थाना क्षेत्र के पिपराही गांव निवासी जगनारायण कुमार निराला को सभी आरोपों से बरी कर दिया है। अपर सत्र न्यायाधीश (अष्टम) मनीष कुमार जायसवाल की अदालत ने 6 जुलाई 2026 को फैसला सुनाते हुए कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपी के विरुद्ध लगाए गए आरोपों को संदेह से परे साबित करने में पूरी तरह असफल रहा। यह मामला रफीगंज थाना कांड संख्या 38/2016 से संबंधित था। अभियोजन पक्ष ने आरोपी के विरुद्ध तत्कालीन भारतीय दंड संहिता की धाराओं 212, 353, 386, 120बी, 420 एवं 124, सीएलए एक्ट की धारा 17 तथा आर्म्स एक्ट की धारा 38, 39 एवं 40 के तहत आरोप लगाए थे। न्यायालय ने अपने निर्णय में कहा कि मामले में पर्याप्त एवं विश्वसनीय साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किए जा सके, इसलिए आरोपी को संदेह का लाभ देते हुए सभी आरोपों से दोषमुक्त किया जाता है। इसके साथ ही अदालत ने मामले के सभी जमानतदारों को उनके बंधपत्र के दायित्व से भी मुक्त कर दिया है। करीब एक दशक तक चली न्यायिक प्रक्रिया के बाद आए इस फैसले से आरोपी को बड़ी राहत मिली है। बरी होने के बाद जगनारायण कुमार निराला ने न्यायालय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें शुरू से ही न्यायपालिका पर पूरा विश्वास था और अंततः उन्हें न्याय मिला है।1
- औरंगाबाद जिले के गोह स्थित उपहारा थाना परिसर में सेवानिवृत्त चौकीदार महबूब आलम को पुलिसकर्मियों द्वारा सम्मानपूर्वक विदाई दी गई। इस अवसर पर पुलिसकर्मियों ने उन्हें फूल-माला, अंग वस्त्र और उपहार सामग्री प्रदान कर सम्मानित किया। कार्यक्रम के दौरान थानाध्यक्ष आकाश कुमार ने महबूब आलम की सराहना करते हुए कहा कि वे काफी मृदुभाषी और सरल स्वभाव के थे, और थाना क्षेत्र में पुलिस व्यवस्था को सुचारू ढंग से संचालित करने में उनकी भूमिका बेहद अहम रही है। इस मौके पर एसआई मुरलीधर महतो, एसआई ममता कुमारी, एएसआई चंदन कुमार सागर, एएसआई महेश पासवान और एएसआई मनीष रजक सहित अन्य पुलिसकर्मी भी मौजूद रहे।1
- औरंगाबाद के मदनपुर प्रखंड अंतर्गत देवजरा थाना क्षेत्र के दधपी पंचायत भवन में शनिवार शाम को पुलिस-पब्लिक लोक संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में देवजरा थानाध्यक्ष कुशो कुमार ने उपस्थित स्थानीय ग्रामीणों की व्यक्तिगत और सार्वजनिक समस्याओं को गंभीरता से सुना। उन्होंने ग्रामीणों को इन संबंधित मामलों के त्वरित एवं कानूनी निष्पादन का पूरा भरोसा दिलाया। इस संगोष्ठी के दौरान ग्रामीणों को पुलिस-पब्लिक संवाद के उद्देश्यों और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में आम नागरिकों की भूमिका के बारे में विस्तार से बताया गया। इसके साथ ही उन्हें साइबर अपराध से बचाव, सामाजिक सौहार्द, महिला सुरक्षा तथा अपराध नियंत्रण में पुलिस को सहयोग करने के विषय में जानकारी दी गई। थानाध्यक्ष ने कहा कि पुलिस और जनता के बीच बेहतर संवाद होने से ही अपराध पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है और लोगों की समस्याओं का समय पर समाधान सुनिश्चित किया जा सकता है। ग्रामीणों ने भी अपनी विभिन्न समस्याओं को खुलकर पुलिस के समक्ष रखा, जिस पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई का आश्वासन दिया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पुलिस और आमजन के बीच विश्वास व समन्वय को और मजबूत करना रहा।1
- औरंगाबाद के हसपुरा बाजार स्थित पुरानी थाना रोड की मिल्लत कॉलोनी में CH फ़िल्म एंड म्यूजिक स्टूडियो का उद्घाटन किया गया है। इस स्टूडियो का उद्घाटन जिला परिषद सदस्य चंदा परवीन ने फीता काटकर किया।1
- गया जिले के आमस प्रखंड के बाजितपुर मध्य विद्यालय में शिक्षकों की काफी कमी है। यहाँ बेहतर शिक्षा की उम्मीद लगाए सैकड़ों छात्र बैठे हैं। इस विद्यालय में वर्तमान में मैथ, हिंदी, अंग्रेजी और सोशल साइंस के शिक्षकों की बेहद जरूरत है।1
- गया पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए कई कांडों में वांछित ₹50,000 के इनामी और टॉप-10 अपराधकर्मी टिंकू सिंह उर्फ टिंकू कुमार उर्फ चौखा उर्फ सत्य नारायण सिंह को गिरफ्तार किया है।1
- बिहार के औरंगाबाद जिले के रफीगंज थाना परिसर के सभाकक्ष में रविवार को चौकीदार उपेंद्र पासवान की सेवानिवृत्ति पर एक विदाई समारोह का आयोजन किया गया। इस समारोह की अध्यक्षता और संचालन थानाध्यक्ष शम्भू कुमार ने किया। थानाध्यक्ष ने सेवानिवृत्त चौकीदार के कार्यों को बेहतर बताते हुए कहा कि चौकीदार खासकर थानेदार का अभिन्न अंग होता है, इसलिए हर थानेदार को चौकीदारों के प्रति सहानुभूति होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्त चौकीदार ने अपने कार्यकाल में थाने के प्रति पूर्ण ईमानदारी से काम किया और 24 घंटे सतर्कता पूर्वक सहयोग दिया। उन्होंने भविष्य में भी इसी प्रकार के सहयोग की अपेक्षा जताते हुए उनके शेष जीवन के सुखमय व्यतीत होने की शुभकामना दी। समारोह में उपस्थित अन्य पुलिस पदाधिकारियों ने भी सेवानिवृत्त चौकीदार के प्रति अपने-अपने उद्गार प्रकट किए। इस अवसर पर अपर थानाध्यक्ष कौशलेंद्र कुमार, एस आई उमेश कुमार, मिथिलेश कुमार, बिनोद कुमार, रविकांत कुमार, ए एस आई मुक्तिदेव निराला, विपिन कुमार, सुनील सिंह सहित चौकीदार विनोद चौधरी, रामजीत रजक, गुलजारी, विनय कुमार यादव, राजेन्द्र पासवान उर्फ टेनी जी, रामप्रवेश पासवान, पप्पू कुमार, मनोज कुमार, प्रमोद सिंह, श्रवण कुमार, अमित कुमार, उपेंद्र पासवान, प्रिंस कुमार, रंजीत कुमार, अमरकांत कुमार और अन्य सभी पुलिसकर्मी उपस्थित रहे।1
- मध्यप्रदेश के रीवा में मामूली आपसी विवाद के बाद एक पत्नी इस कदर हैवान बन गई कि उसने कुल्हाड़ी से ताबड़तोड़ वार कर अपने पति को मौत के घाट उतार दिया। हत्या के बाद लाश को ठिकाने लगाने के लिए उसने एक खौफनाक साजिश रची और पति की लाश के टुकड़े-टुकड़े करके उन्हें रसोई के LPG सिलेंडर के अंदर ठूंस दिया। इस दिल दहला देने वाली वारदात ने श्रद्धा मर्डर केस और दिल्ली के "नीले ड्रम" वाले हादसों की यादें ताजा कर दी हैं। इस रोंगटे खड़े कर देने वाले हत्याकांड के बाद पुलिस ने आरोपी पत्नी को गिरफ्तार कर लिया है। इस खौफनाक वारदात ने हर किसी को सन्न कर दिया है और लोग अब कहने लगे हैं कि कलयुग सचमुच अपने चरम पर है, जहां सात जन्मों का पवित्र रिश्ता पल भर में खूनी खेल में बदल गया।1