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झारखंड के हजारीबाग में स्थित ओकनी तालाब इस समय गंभीर संकट का सामना कर रहा है। तालाब में बढ़ते प्रदूषण के कारण बड़ी संख्या में जलीय जीवों की मौत हो रही है। इन समस्याओं के साथ ही तालाब पर हो रहे अतिक्रमण को लेकर भी प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है।
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झारखंड के हजारीबाग में स्थित ओकनी तालाब इस समय गंभीर संकट का सामना कर रहा है। तालाब में बढ़ते प्रदूषण के कारण बड़ी संख्या में जलीय जीवों की मौत हो रही है। इन समस्याओं के साथ ही तालाब पर हो रहे अतिक्रमण को लेकर भी प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है।
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- झारखंड के हजारीबाग में स्थित ओकनी तालाब इस समय गंभीर संकट का सामना कर रहा है। तालाब में बढ़ते प्रदूषण के कारण बड़ी संख्या में जलीय जीवों की मौत हो रही है। इन समस्याओं के साथ ही तालाब पर हो रहे अतिक्रमण को लेकर भी प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है।1
- पूरे देश में जल स्रोतों के संरक्षण को लेकर अभियान चल रहा है, लेकिन हजारीबाग की स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है, जहाँ कई जल स्रोत अतिक्रमण की जद में आ गए हैं। शहर का एकमात्र प्रमुख तालाब, ओकनी तालाब, अत्यधिक प्रदूषित हो गया है, जिससे वहाँ के जल जीव मर रहे हैं। जिला प्रशासन, प्रदूषण बोर्ड और नगर निगम की टीमों ने क्षेत्र का भ्रमण कर जानकारी जुटाई है। लगभग 14 एकड़ में फैला हजारीबाग का प्रसिद्ध ओकनी तालाब अपने अस्तित्व के लिए संघर्ष कर रहा है। स्थानीय निवासियों द्वारा सूचना दिए जाने के बाद, जिला प्रशासन, प्रदूषण बोर्ड और नगर निगम के अधिकारियों की एक टीम ने इसका निरीक्षण किया। स्थानीय लोगों ने बताया कि तालाब से आ रही बदबू के कारण अब आसपास रहना मुश्किल हो गया है। उन्होंने कूड़ा फेंकने, मवेशियों को बांधने और उनके अपशिष्ट को तालाब में डालने जैसी गतिविधियों को प्रदूषण का मुख्य कारण बताया। साथ ही, कुछ स्थानीय लोग तालाब में पानी फल सिंघाड़े की खेती भी कर रहे हैं, जिसमें रासायनिक पदार्थों का उपयोग किया जा रहा है, जिससे पानी जहरीला हो रहा है और मछली, कछुए सहित अन्य जल जीवों की मौत हो रही है। प्रदूषण विभाग की जाँच टीम ने जल जीवों की मौत के कारणों की विस्तृत जाँच का आश्वासन दिया है और इसकी रिपोर्ट नगर निगम तथा जिला प्रशासन को सौंपने की बात कही है। नगर निगम के सहायक नगर आयुक्त बिपिन कुमार ने बताया कि सूचना मिलते ही टीम ने जाँच शुरू कर दी है और साफ-सफाई के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि गंदगी फैलाने वालों और तालाब के आसपास अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। नगर निगम के मेयर अरविंद कुमार राणा ने कहा कि निगम अपनी सेवा देने के लिए तैयार है, लेकिन आम जनता को भी अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। उन्होंने लोगों से कूड़ेदान और कूड़ा उठाने वाली गाड़ियों का उपयोग करने की अपील करते हुए कहा कि जल जीवों की मौत के कारणों की भी जाँच की जाएगी।2
- हजारीबाग उपायुक्त ने जिले में लखनऊ के जैसे दावानल की घटना न घटे, इस बात को लेकर दिशानिर्देश जारी किए हैं। इन निर्देशों के तहत, संस्थानों को अपने यहाँ बिजली का असेसमेंट करवाने के लिए कहा गया है।1
- हजारीबाग का ऐतिहासिक ओकनी तालाब गंभीर प्रदूषण और अतिक्रमण की चपेट में आ गया है, जिसके कारण इसमें रहने वाली मछलियों, कछुओं सहित कई जलीय जीवों की मौत हो रही है। जल स्रोत में बढ़ते प्रदूषण को एक बड़ा खतरा माना जा रहा है। इस गंभीर स्थिति की शिकायत मिलने के बाद, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, नगर निगम और जिला प्रशासन की एक संयुक्त टीम ने तालाब का निरीक्षण किया। प्रारंभिक जांच में तालाब में गंदगी, अवैध अतिक्रमण और सिंघाड़ा की खेती में रसायनों के संभावित उपयोग की आशंका जताई गई है। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी, एक व्यापक सफाई अभियान चलाया जाएगा और सभी अवैध अतिक्रमण हटाए जाएंगे। इसके साथ ही, नगर निगम ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे तालाब में कचरा न फेंकें और इसकी स्वच्छता बनाए रखने में सहयोग करें।2
- हजारीबाग जिले के कटकमसांडी में शुक्रवार को प्रसिद्ध इंटरनेशनल छड़वा मोहर्रम मेले का भव्य आयोजन किया गया। इस ऐतिहासिक मेले में कटकमदाग, कटकमसांडी और इचाक प्रखंडों से कुल 22 जुलूसों ने शानदार भागीदारी की, जिसमें खुटरा, पेलावल, सुलमी, हेदलाग, बलियंद, गदोखर, पबरा, लुपुंग, पिचरी, रोमी, डाड़, सारूगाड़ु, नवादा, डुकरा, हरना, गोविंदपुर और कवातु सहित विभिन्न गांवों के जुलूस शामिल थे। मेले का मुख्य आकर्षण गगनचुंबी निशान था, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु और दर्शक उमड़ पड़े, जबकि विशाल इस्लामी परचम और खूबसूरती से सजाए गए ताजिए भी चर्चा का विषय बने रहे। इस अवसर पर विभिन्न अखाड़ों के अकीदतमंदों ने पारंपरिक अस्त्र-शस्त्र के खेल का हैरतअंगेज प्रदर्शन किया, जिससे छड़वा मैदान "या अली" और "या हुसैन" की गूंज से श्रद्धा और उत्साह से भर उठा। मेले में गंगा-जमुनी तहज़ीब की सुंदर मिसाल भी देखने को मिली, जहाँ अंतु साव का ताजिया सांप्रदायिक सौहार्द और सामाजिक एकता का संदेश देते हुए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा और उपस्थित लोगों ने इसकी जमकर सराहना की। मेले के सफल आयोजन और शांतिपूर्ण संचालन के लिए हजारीबाग जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन ने व्यापक तैयारी की थी और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पूरी तरह मुस्तैद नजर आया। मेले में दंडाधिकारियों और पुलिस बल की विशेष प्रतिनियुक्ति की गई थी, जिसकी निगरानी मुख्य मंच से हजारीबाग के उपायुक्त हेमंत सती, आरक्षी अधीक्षक अमन कुमार, सदर अनुमंडल पदाधिकारी आदित्य पांडे, एएसपी अमित कुमार, सीसीआर डीएसपी अरमान उल हक, प्रखंड विकास पदाधिकारी पूजा कुमारी, अंचल अधिकारी अनिल कुमार गुप्ता, पेलावल ओपी प्रभारी बिट्टू रजक और अंचल इंस्पेक्टर सपन कुमार महथा सहित अन्य अधिकारियों द्वारा की गई। इस आयोजन में पूर्व सांसद भुवनेश्वर प्रसाद मेहता, कांग्रेस जिला अध्यक्ष जयप्रकाश भाई पटेल, झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के स्टेट कोऑर्डिनेटर विनोद कुमार कुशवाहा, झारखंड हिन्दू धार्मिक न्यास बोर्ड के अध्यक्ष जय शंकर पाठक, कांग्रेस प्रदेश सचिव रेणू कुमारी, पूर्व मेयर प्रत्याशी तसलीम अंसारी, झामुमो केंद्रीय सदस्य राजा मोहम्द, झामुमो नेता राजा खान, कांग्रेस नेता मुन्ना सिंह, अनवार उल हक, जहीर खान, अनंत कुमार आर्या, आफताब आलम, शमशेर आलम, मोहम्मद इम्तियाज, शरीफ उल्ला गुड्डू, पूर्व ज़िप प्रतिनिधि मिसबाहउल इस्लाम, ज़िप प्रतिनिधि मनीष ठाकुर, पंचायत समिति सदस्य सलाउद्दीन उर्फ बबलू, पेलावल मोहर्रम कमेटी के सदर हैदर अली, पेलावल कब्रिस्तान कमेटी के सदर मोहम्मद मुमताज, महमूद आलम, समाजसेवी एजाज अहमद, इमरान खान, मोहम्मद रेहान, मुनीष ठाकुर, मोहम्मद अकबर, पन्नू महतो, मनोज मोदी, विरेन्द्र कुमार सिंह, दिगम्बर प्रसाद मेहता, शमशेर आलम, मोहम्मद अयूब, मुखिया नरायाण साव, अयूब अंसारी, तासीर अंसारी, नदीम खान, महबूब अंसारी, अजीम अंसारी, मिन्हाज आलम, अब्दुल सत्तार, जमशेद खान सहित कई समाजसेवी, जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य लोग भी मौजूद रहे। हजारीबाग का छड़वा मोहर्रम मेला अपने गगनचुंबी निशान और ऐतिहासिक परंपरा के कारण वर्षों से एक विशेष पहचान रखता है। यह मेला केवल धार्मिक आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि सामाजिक एकता, भाईचारे और सांप्रदायिक सौहार्द का भी प्रतीक बन चुका है, और इसी गगनचुंबी निशान के कारण इसे इंटरनेशनल छड़वा मोहर्रम मेला के नाम से जाना जाता है।3
- हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सांसद मनीष जायसवाल ने जिले में शूटिंग खेल को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की है। उन्होंने शुक्रवार देर शाम हजारीबाग डिस्ट्रिक्ट राइफल एसोसिएशन के नीलेंदु जयपुरियार, महासचिव सुगोतो रॉय, कोषाध्यक्ष, प्रशिक्षक सह राष्ट्रीय शूटर रिद्धि गुप्ता और रोहित सिंह के साथ एक विस्तृत बैठक की, जिसका मुख्य उद्देश्य जिले में शूटिंग खेल के विकास और आधुनिक सुविधाओं के विस्तार पर चर्चा करना था। बैठक के दौरान, एसोसिएशन के महासचिव ने सांसद मनीष जायसवाल को बताया कि हजारीबाग में बच्चों और युवाओं का शूटिंग खेल के प्रति रुझान लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने जानकारी दी कि पिछले तीन वर्षों में एसोसिएशन ने अपने संसाधनों का उपयोग करके 10 मीटर शूटिंग के लिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की राइफल और पिस्टल खरीदी हैं। साथ ही, खिलाड़ियों के बेहतर प्रशिक्षण के लिए कई मैनुअल टारगेट और एक इलेक्ट्रॉनिक टारगेट भी स्थापित किया गया है। हालांकि, महासचिव ने यह भी बताया कि जिले में 25 मीटर और 50 मीटर फायरिंग रेंज की अनुपलब्धता के कारण खिलाड़ियों को अभ्यास और प्रतियोगिताओं की तैयारी के लिए रांची, देवघर या आसनसोल जाना पड़ता है, जिससे उन्हें आर्थिक और समय संबंधी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने जोर दिया कि यदि यह सुविधा हजारीबाग में उपलब्ध हो जाए, तो इससे न केवल जिले, बल्कि आसपास के कई जिलों के खिलाड़ियों को भी सीधा लाभ मिलेगा। सांसद मनीष जायसवाल ने एसोसिएशन के प्रतिनिधियों को आश्वस्त किया कि हजारीबाग प्रमंडलीय मुख्यालय में जल्द ही अत्याधुनिक फायरिंग रेंज विकसित करने की दिशा में ठोस पहल की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस रेंज के निर्माण के बाद हजारीबाग केवल जिला स्तर तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यहां जोनल और राज्य स्तरीय शूटिंग प्रतियोगिताओं का भी सफलतापूर्वक आयोजन संभव हो सकेगा। सांसद ने अपना लक्ष्य हजारीबाग को शूटिंग खेल का एक प्रमुख केंद्र बनाना बताया और कहा कि इसके लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने का हरसंभव प्रयास किया जाएगा। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि झारखंड के खिलाड़ियों ने शूटिंग और तीरंदाजी में राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर प्रदेश का नाम रोशन किया है, जिससे इन दोनों खेलों का भविष्य अत्यंत उज्ज्वल है। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं और अवसर उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकता है, ताकि वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश और राज्य का गौरव बढ़ा सकें।1
- प्रत्येक सड़क दुर्घटना के बाद अक्सर यह सवाल उठता है कि क्या हादसा लापरवाही के कारण हुआ या चालक नशे में था। इसी सवाल का सटीक जवाब खोजने के लिए बोकारो प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। इस नई व्यवस्था के तहत, अब हर सड़क दुर्घटना के बाद चालक का ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट कराना अनिवार्य होगा। इस पहल में यह भी शामिल है कि यदि किसी हादसे में चालक की दुर्भाग्यपूर्ण मृत्यु हो जाती है, तब भी यह जाँच की जाएगी कि वह नशे के प्रभाव में था या नहीं। बोकारो प्रशासन का उद्देश्य दुर्घटनाओं के वास्तविक कारणों का पता लगाना, दोषियों की जवाबदेही तय करना और नशे की हालत में वाहन चलाने पर प्रभावी रूप से रोक लगाना है। यदि यह व्यवस्था सफल रहती है, तो इसे अन्य जिलों में भी लागू किया जा सकता है।1