शिवपुरी जिले के अमोला थाना क्षेत्र के ग्राम सोनहर में जमीन विवाद को लेकर ठाकुर समाज और जाटव समाज के लोगों के बीच खूनी संघर्ष हो गया। दोनों पक्षों के बीच विवाद इस कदर बढ़ गया कि जमकर लाठी-डंडे चले और मारपीट हुई, जिसमें कई लोग घायल हो गए हैं। इस हिंसक संघर्ष का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दोनों पक्षों के लोग एक-दूसरे पर हमला करते हुए दिखाई दे रहे हैं। घटना के बाद घायल ग्रामीण शिकायत दर्ज कराने अमोला थाने पहुंचे, जिसके बाद पुलिस ने पीड़ित पक्ष की शिकायत पर एफआईआर दर्ज कर पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि वायरल वीडियो सहित सभी साक्ष्यों की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल सोनहर गांव में स्थिति सामान्य बताई जा रही है, लेकिन एहतियात के तौर पर पुलिस की निगरानी बढ़ा दी गई है।
शिवपुरी जिले के अमोला थाना क्षेत्र के ग्राम सोनहर में जमीन विवाद को लेकर ठाकुर समाज और जाटव समाज के लोगों के बीच खूनी संघर्ष हो गया। दोनों पक्षों के बीच विवाद इस कदर बढ़ गया कि जमकर लाठी-डंडे चले और मारपीट हुई, जिसमें कई लोग घायल हो गए हैं। इस हिंसक संघर्ष का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दोनों पक्षों के लोग एक-दूसरे पर हमला करते हुए दिखाई दे रहे हैं। घटना के बाद घायल ग्रामीण शिकायत दर्ज कराने अमोला थाने पहुंचे, जिसके बाद पुलिस ने पीड़ित पक्ष की शिकायत पर एफआईआर दर्ज कर पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि वायरल वीडियो सहित सभी साक्ष्यों की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल सोनहर गांव में स्थिति सामान्य बताई जा रही है, लेकिन एहतियात के तौर पर पुलिस की निगरानी बढ़ा दी गई है।
- User9713Nizampur, Magroni🙏22 min ago
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- शिवपुरी जिले के मगरौनी नगर परिषद क्षेत्र में इन दिनों टमटम (ई-रिक्शा/ऑटो) चालकों की मनमानी चरम पर पहुंच गई है, जिससे स्थानीय आमजन और राहगीर भारी परेशान हैं। मुख्य सड़कों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में चालकों द्वारा कहीं भी वाहन खड़ा कर देने की वजह से पूरी यातायात व्यवस्था ठप हो चुकी है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि ये टमटम चालक न केवल नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं, बल्कि व्यावसायिक उपयोग के लिए इनमें भारी और अवैध लोहे का परिवहन भी किया जा रहा है, जिससे सार्वजनिक सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा पैदा हो गया है। नगर में व्याप्त इस भारी अव्यवस्था के बावजूद स्थानीय प्रशासन पूरी तरह से मौन साधे हुए है। जिम्मेदारों की इस उदासीनता के कारण बेलगाम चालकों के हौसले बुलंद हैं। स्थानीय लोगों ने अब मांग की है कि नगर परिषद और पुलिस प्रशासन संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से चल रहे टमटम के खिलाफ सख्त कदम उठाए और निर्धारित स्टैंड के बाहर वाहन खड़ा करने वालों पर जुर्माना लगाए।1
- शिवपुरी जिले के करैरा क्षेत्र में आने वाले डांगीपुरा जंगल में खैर की अवैध कटाई होने से हड़कंप मच गया है। इस घटना के बाद वन संपदा को बचाने और इस अवैध कटाई के जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग उठाई जा रही है।1
- अपने भाषण के दौरान डॉ नरोत्तम मिश्रा भावुक हो उठे। भाषण देते समय भावुक होने पर उन्होंने जनता को संबोधित करते हुए कहा कि ये मेरी दतिया की जनता है।1
- शिवपुरी के करैरा में मंच पर मिश्रा जी अपनी भावनाओं को काबू में नहीं रख पाए। मंच पर मौजूद रहते हुए उनका इस तरह से अपनी भावनाओं को न रोक पाना बिल्कुल स्वाभाविक भी है।1
- शिवपुरी जिले के करैरा तहसील में न्यायिक प्रक्रिया को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। रविवार को बीएनएसएस (BNSS) की धारा 170 के तहत गिरफ्तार आरोपियों को तहसील लाए जाने के दौरान कार्यपालिक मजिस्ट्रेट की अनुपस्थिति में जेल भेजे जाने के आरोप लगे हैं। इस मामले को लेकर अधिवक्ता अनिल कुमार दुबे ने पुलिस और राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उनका आरोप है कि तहसील परिसर में कोई कार्यपालिक मजिस्ट्रेट मौजूद नहीं था और केवल एक बाबू द्वारा ही जेल वारंट की प्रक्रिया पूरी की जा रही थी। अधिवक्ता ने दावा किया है कि इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी उनके पास मौजूद है। दूसरी तरफ, प्रशासनिक अधिकारियों ने इन आरोपों का पूरी तरह खंडन किया है। नायब तहसीलदार शैलेंद्र भार्गव ने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि उनके हस्ताक्षर के बिना कोई भी जेल वारंट जारी नहीं हो सकता और न ही जेल प्रशासन इसे स्वीकार करेगा। वहीं, करैरा थाना प्रभारी विनोद छावई ने भी स्पष्ट किया कि संबंधित जेल वारंट पर कार्यपालिक मजिस्ट्रेट के हस्ताक्षर मौजूद हैं और कानूनन पक्षकार के वकील को सभी दस्तावेज दिखाना आवश्यक नहीं होता। इस विवाद के बाद अब जांच की मांग तेज हो गई है। अधिवक्ता रितुराज यादव ने तहसील परिसर की सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखकर इसकी जांच कराने की मांग की है। वहीं, अधिवक्ता प्रशांत त्रिपाठी ने चेतावनी दी है कि यदि निष्पक्ष जांच नहीं हुई, तो अधिवक्ता समुदाय उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाने पर विचार करेगा। क्षेत्रीय नागरिकों ने भी निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाने और दोषी पाए जाने पर उचित कार्रवाई की मांग की है।3
- शिवपुरी जिले की मगरौनी कृषि उपज मंडी में धान की लगातार आवक के बीच सोमवार को धान की कीमतों में जोरदार उछाल देखने को मिला। मंडी में अच्छी गुणवत्ता वाले धान का अधिकतम भाव 3,900 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गया, जिससे अपनी उपज बेचने आए किसानों में भारी उत्साह देखा गया। मंडी में सुबह से ही किसानों और व्यापारियों की अच्छी-खासी भीड़ जुटी रही। व्यापारियों के मुताबिक, उच्च गुणवत्ता वाले धान की मांग में बढ़ोतरी होने के कारण भाव में यह तेजी आई है। मंडी में धान की नीलामी प्रक्रिया पूरी तरह सुचारु रूप से चल रही है, जहां गुणवत्ता के आधार पर अलग-अलग दाम मिल रहे हैं और बेहतर किस्म को सबसे ऊंची कीमत मिल रही है। किसानों का कहना है कि बढ़ते दामों से उन्हें अपनी उपज का सही मूल्य मिल रहा है। आने वाले दिनों में मंडी में धान की आवक और अधिक बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।1
- शिवपुरी जिले के अमोला थाना क्षेत्र के ग्राम सोनहर में जमीन विवाद को लेकर ठाकुर समाज और जाटव समाज के लोगों के बीच खूनी संघर्ष हो गया। दोनों पक्षों के बीच विवाद इस कदर बढ़ गया कि जमकर लाठी-डंडे चले और मारपीट हुई, जिसमें कई लोग घायल हो गए हैं। इस हिंसक संघर्ष का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दोनों पक्षों के लोग एक-दूसरे पर हमला करते हुए दिखाई दे रहे हैं। घटना के बाद घायल ग्रामीण शिकायत दर्ज कराने अमोला थाने पहुंचे, जिसके बाद पुलिस ने पीड़ित पक्ष की शिकायत पर एफआईआर दर्ज कर पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि वायरल वीडियो सहित सभी साक्ष्यों की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल सोनहर गांव में स्थिति सामान्य बताई जा रही है, लेकिन एहतियात के तौर पर पुलिस की निगरानी बढ़ा दी गई है।1