भांडेर स्थित भारतीय स्टेट बैंक (SBI) शाखा से चेक के माध्यम से 5 लाख रुपये निकालने वाले एक ग्राहक को बंडल में 8 हजार रुपये कम मिले हैं। इस मामले में पीड़ित ग्राहक ने शाखा प्रबंधक और थाना प्रभारी को शिकायत दी है, जिसमें जांच कर राशि वापस दिलाने की मांग की गई है। सिकंदरपुर वार्ड नं. 1 निवासी जितेंद्र सिंह कौरव, पुत्र श्री भगवानदास कौरव ने 16 जून 2026 को दिए अपने आवेदन में बताया कि उन्होंने 15 जून 2026 को दोपहर 1:33 बजे अपने खाता संख्या 63017558174 से चेक नंबर 226132 के जरिए 5 लाख रुपये निकाले थे। जितेंद्र सिंह का आरोप है कि बैंक के अकाउंटेंट अनिल पारा ने उन्हें पुरानी करेंसी के 500 के नोटों का बंडल बिना मशीन से गिने ही दे दिया, जबकि बंडल में 1000 नोट होने चाहिए थे। जितेंद्र सिंह ने बताया कि उन्होंने पुरानी करेंसी का बंडल मनोज बंसल को दिया और उनसे नई करेंसी का पैक बंडल लेकर घर चले गए। जब मनोज बंसल ने बंडल खोलकर नोट गिने तो उसमें 16 नोट कम निकले, जो 500 रुपये के हिसाब से कुल 8,000 रुपये होते हैं। ग्राहक ने शाखा प्रबंधक से पूरे मामले की उचित जांच कर कम निकले 8 हजार रुपये वापस दिलाने का अनुरोध किया है। उन्होंने अपने आवेदन के साथ चेक की कॉपी और अन्य दस्तावेज भी संलग्न किए हैं। SBI भांडेर शाखा प्रबंधन से संपर्क करने पर बैंक अधिकारियों ने शिकायत मिलने की पुष्टि की है और बताया कि मामले की जांच की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज और काउंटिंग प्रक्रिया की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। ग्राहकों को SBI कैश काउंटर से रुपये निकालते समय गड्डियों को अवश्य गिनने की सलाह दी गई है, क्योंकि बंडलों में रुपये कम निकलने की घटनाएं सामने आ रही हैं।
भांडेर स्थित भारतीय स्टेट बैंक (SBI) शाखा से चेक के माध्यम से 5 लाख रुपये निकालने वाले एक ग्राहक को बंडल में 8 हजार रुपये कम मिले हैं। इस मामले में पीड़ित ग्राहक ने शाखा प्रबंधक और थाना प्रभारी को शिकायत दी है, जिसमें जांच कर राशि वापस दिलाने की मांग की गई है। सिकंदरपुर वार्ड नं. 1 निवासी जितेंद्र सिंह कौरव, पुत्र श्री भगवानदास कौरव ने 16 जून 2026 को दिए अपने आवेदन में बताया कि उन्होंने 15 जून 2026 को दोपहर 1:33 बजे अपने खाता संख्या 63017558174 से चेक नंबर 226132 के जरिए 5 लाख रुपये निकाले थे। जितेंद्र सिंह का आरोप है कि बैंक के अकाउंटेंट अनिल पारा ने उन्हें पुरानी करेंसी के 500 के नोटों का बंडल बिना मशीन से गिने ही दे दिया, जबकि बंडल में 1000 नोट होने चाहिए थे। जितेंद्र सिंह ने बताया कि उन्होंने पुरानी करेंसी का बंडल मनोज बंसल को दिया और उनसे नई करेंसी का पैक बंडल लेकर घर चले गए। जब मनोज बंसल ने बंडल खोलकर नोट गिने तो उसमें 16 नोट कम निकले, जो 500 रुपये के हिसाब से कुल 8,000 रुपये होते हैं। ग्राहक ने शाखा प्रबंधक से पूरे मामले की उचित जांच कर कम निकले 8 हजार रुपये वापस दिलाने का अनुरोध किया है। उन्होंने अपने आवेदन के साथ चेक की कॉपी और अन्य दस्तावेज भी संलग्न किए हैं। SBI भांडेर शाखा प्रबंधन से संपर्क करने पर बैंक अधिकारियों ने शिकायत मिलने की पुष्टि की है और बताया कि मामले की जांच की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज और काउंटिंग प्रक्रिया की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। ग्राहकों को SBI कैश काउंटर से रुपये निकालते समय गड्डियों को अवश्य गिनने की सलाह दी गई है, क्योंकि बंडलों में रुपये कम निकलने की घटनाएं सामने आ रही हैं।
- भांडेर स्थित भारतीय स्टेट बैंक (SBI) शाखा से चेक के माध्यम से 5 लाख रुपये निकालने वाले एक ग्राहक को बंडल में 8 हजार रुपये कम मिले हैं। इस मामले में पीड़ित ग्राहक ने शाखा प्रबंधक और थाना प्रभारी को शिकायत दी है, जिसमें जांच कर राशि वापस दिलाने की मांग की गई है। सिकंदरपुर वार्ड नं. 1 निवासी जितेंद्र सिंह कौरव, पुत्र श्री भगवानदास कौरव ने 16 जून 2026 को दिए अपने आवेदन में बताया कि उन्होंने 15 जून 2026 को दोपहर 1:33 बजे अपने खाता संख्या 63017558174 से चेक नंबर 226132 के जरिए 5 लाख रुपये निकाले थे। जितेंद्र सिंह का आरोप है कि बैंक के अकाउंटेंट अनिल पारा ने उन्हें पुरानी करेंसी के 500 के नोटों का बंडल बिना मशीन से गिने ही दे दिया, जबकि बंडल में 1000 नोट होने चाहिए थे। जितेंद्र सिंह ने बताया कि उन्होंने पुरानी करेंसी का बंडल मनोज बंसल को दिया और उनसे नई करेंसी का पैक बंडल लेकर घर चले गए। जब मनोज बंसल ने बंडल खोलकर नोट गिने तो उसमें 16 नोट कम निकले, जो 500 रुपये के हिसाब से कुल 8,000 रुपये होते हैं। ग्राहक ने शाखा प्रबंधक से पूरे मामले की उचित जांच कर कम निकले 8 हजार रुपये वापस दिलाने का अनुरोध किया है। उन्होंने अपने आवेदन के साथ चेक की कॉपी और अन्य दस्तावेज भी संलग्न किए हैं। SBI भांडेर शाखा प्रबंधन से संपर्क करने पर बैंक अधिकारियों ने शिकायत मिलने की पुष्टि की है और बताया कि मामले की जांच की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज और काउंटिंग प्रक्रिया की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। ग्राहकों को SBI कैश काउंटर से रुपये निकालते समय गड्डियों को अवश्य गिनने की सलाह दी गई है, क्योंकि बंडलों में रुपये कम निकलने की घटनाएं सामने आ रही हैं।1
- बैतूल में पुलिस को पति-पत्नी के बीच हुए झगड़े को सुलझाने के लिए एक शिकायत मिली थी। इस शिकायत के बाद जब पुलिसकर्मी विवाद को शांत कराने पहुँचे, तो वे खुद ही उस झगड़े में उलझ गए जिसे सुलझाने के उद्देश्य से वे वहाँ गए थे।1
- पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने एक बड़ा बयान देते हुए दतिया की स्थिति पर बात की है। उन्होंने कहा कि पहले दतिया में गैंगवार की घटनाएँ होती थीं, लेकिन उनके आने के बाद से दतिया में बदलाव आया है। मिश्रा ने स्पष्ट रूप से कहा कि जब से वह आए हैं, दतिया बदल गया है।1
- दतिया में एसडीओपी श्रीमती आकांक्षा जैन ने क्षेत्र की सुरक्षा और अपराध नियंत्रण में जनभागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से सोमवार को थाना कोतवाली क्षेत्र के भदौरिया की खिड़की में एक जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान उन्होंने स्थानीय नागरिकों की समस्याओं और सुझावों को सुना, साथ ही उन्हें विभिन्न सुरक्षा उपायों के प्रति जागरूक भी किया। कार्यक्रम में, एसडीओपी ने नागरिकों से अपने घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने की अपील की। उन्होंने विशेष रूप से संदिग्ध गतिविधियों, असामाजिक तत्वों, अवैध शराब बिक्री, होटल-ढाबों में होने वाली संदिग्ध गतिविधियों, हंगामा करने वाले व्यक्तियों तथा अन्य अवैध कार्यों की सूचना तत्काल पुलिस को देने का आग्रह किया। इसके अतिरिक्त, उन्होंने किरायेदारों और क्षेत्र में आने वाले संदिग्ध व्यक्तियों की जानकारी भी पुलिस के साथ साझा करने को कहा। उपस्थित नागरिकों ने पुलिस के इस जनसंपर्क अभियान की सराहना की और क्षेत्र में शांति, सुरक्षा तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया।1
- दतिया जिले के ग्राम उद्गुआ से एक ऐसी गंभीर तस्वीर सामने आई है जो प्रशासनिक व्यवस्था पर कई सवाल खड़े करती है। यहाँ एक पीड़ित कुशवाह परिवार का आरोप है कि कुछ दबंगों ने उनका वर्षों पुराना निकलने का रास्ता पूरी तरह बंद कर दिया है, और उनकी जमीन पर भी अवैध अतिक्रमण कर लिया गया है। पीड़ित परिवार ने बताया है कि वे कलेक्टर वानखेड़े जी की जनसुनवाई में चार बार आवेदन देकर न्याय की गुहार लगा चुके हैं, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्यवाही नहीं हुई। परिवार का यह भी आरोप है कि जिन लोगों ने रास्ता बंद किया है, वे सत्ताधारी पार्टी के करीबी हैं, जिसके कारण उन्हें अब तक न्याय नहीं मिल पाया है। इस स्थिति के चलते, परिवार के बच्चों को स्कूल जाने और परिवार को अपने दैनिक कार्यों के लिए भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यह तब हो रहा है जब पूरे प्रदेश में प्रवेश उत्सव मनाया जा रहा है और बच्चों को शिक्षा से जोड़ने के दावे किए जा रहे हैं, जबकि उद्गुआ में बच्चों का स्कूल तक पहुंचना ही मुश्किल हो गया है, जिससे मासूम बच्चों का भविष्य दांव पर लगा है। पीड़ित परिवार ने यह भी आरोप लगाया है कि एक भूसा कंपनी सरकारी सर्वे नंबर 1087 की भूमि पर स्थापित है, फिर भी प्रशासन ने अब तक इस पर कोई प्रभावी कार्यवाही नहीं की है। चार बार जनसुनवाई में गुहार लगाने, कई आवेदन और लगातार शिकायतों के बाद भी कार्यवाही न होने से यह सवाल खड़ा होता है कि आखिर पीड़ित परिवार को न्याय कब मिलेगा। यह भी प्रश्न उठाया जा रहा है कि क्या प्रशासन राजनीतिक दबाव में काम कर रहा है या गरीब परिवार की आवाज सुनने वाला कोई नहीं है। उद्गुआ का पीड़ित परिवार आज भी न्याय की आस लगाए बैठा है। उनकी मांग है कि बंद किए गए रास्ते को तत्काल खुलवाया जाए, अतिक्रमण हटाया जाए, और बच्चों की शिक्षा तथा परिवार के अधिकारों की रक्षा की जाए। लोग यह सवाल उठा रहे हैं कि जब कलेक्टर वानखेड़े जी, जिन्हें लोग न्याय की मूर्ति मानते हैं, उनकी जनसुनवाई में चार बार गुहार लगाने के बाद भी न्याय नहीं मिला, तो आखिर पीड़ित परिवार जाए तो जाए कहाँ।3
- दतिया में पुलिस और जनता के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के उद्देश्य से एक जनसंवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मंगलवार को एसडीओपी दतिया श्रीमती आकांक्षा जैन ने थाना कोतवाली क्षेत्र के भदौरिया की खिड़की में नागरिकों से संवाद किया, उनकी समस्याओं को सुना और उनके सुझावों पर गौर किया। इस कार्यक्रम के दौरान, एसडीओपी ने नागरिकों से अपने घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने की अपील की, यह कहते हुए कि क्षेत्र की सुरक्षा और अपराध नियंत्रण में आमजन की सक्रिय भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने लोगों को आसपास होने वाली संदिग्ध गतिविधियों, असामाजिक तत्वों की मौजूदगी, अवैध शराब के कारोबार, होटल-ढाबों में होने वाली संदिग्ध गतिविधियों तथा अन्य अवैध कार्यों की सूचना तत्काल पुलिस को देने के लिए भी प्रेरित किया। साथ ही, किरायेदारों और संदिग्ध व्यक्तियों से संबंधित जानकारी भी पुलिस के साथ साझा करने का आग्रह किया गया। कार्यक्रम में मौजूद नागरिकों ने पुलिस के इस जनसंपर्क अभियान की सराहना की और क्षेत्र में शांति, सुरक्षा तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस को पूरा सहयोग देने का भरोसा दिलाया। दतिया पुलिस का यह मानना है कि अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण और एक सुरक्षित समाज का निर्माण पुलिस और जनता की साझेदारी से ही संभव है।1
- दतिया जिले में पुलिस अधीक्षक श्री मयूर खण्डेलवाल ने मंगलवार, 16 जून 2026 को पुलिस अधीक्षक कार्यालय में जनसुनवाई का आयोजन किया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य आमजन की शिकायतों का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करना था। जनसुनवाई के दौरान SDOP दतिया आकांक्षा जैन, SDOP भांडेर पूनम चंद्र यादव, SDOP सेवढ़ा अजय चानना, और SDOP बड़ौनी विनायक शुक्ला उपस्थित रहे। इनके अतिरिक्त, सिविल लाइन, इंदरगढ़, बड़ौनी, भाण्डेर, सेवढ़ा, दुरसडा और जिगना सहित अन्य थानों के थाना प्रभारी भी मौजूद थे। पुलिस अधीक्षक ने इस जनसुनवाई में शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों से आए आवेदकों की शिकायतों को गंभीरता से सुना। प्राप्त कुल 80 प्रकरणों में मुख्य रूप से जमीनी विवाद, मारपीट, घरेलू विवाद और साइबर फ्रॉड/धोखाधड़ी से संबंधित मामले शामिल थे। पुलिस अधीक्षक ने संबंधित थाना प्रभारियों से इन प्रकरणों के संबंध में विस्तृत जानकारी प्राप्त की और सभी संबंधित राजपत्रित पुलिस अधिकारियों एवं थाना प्रभारियों को शिकायतों के त्वरित तथा निष्पक्ष निराकरण के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।1
- दतिया में हुए राकेश कुशवाहा गोली कांड के संबंध में, आरोपी समीर और गणेश कुशवाहा के परिजन पुलिस अधीक्षक के पास पहुंचे। उन्होंने पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर आरोपी समीर और आरोपी गणेश कुशवाहा के निर्दोष होने की गुहार लगाई है।1