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विश्व योग दिवस के अवसर पर शंकरगढ़ में योग दिवस का आयोजन किया गया। कैंब्रिज स्कूल एंड कॉलेज के प्रबंधक संतोष त्रिपाठी ने इस दौरान लोगों से नियमित रूप से योग करने का आह्वान करते हुए जोर दिया कि योग स्वस्थ और निरोग शरीर के लिए अत्यंत आवश्यक है।
Manish Susari संपादकस्थानीयsi न्यूज़
विश्व योग दिवस के अवसर पर शंकरगढ़ में योग दिवस का आयोजन किया गया। कैंब्रिज स्कूल एंड कॉलेज के प्रबंधक संतोष त्रिपाठी ने इस दौरान लोगों से नियमित रूप से योग करने का आह्वान करते हुए जोर दिया कि योग स्वस्थ और निरोग शरीर के लिए अत्यंत आवश्यक है।
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- प्रयागराज के वकीलों ने पैगंबर-ए-इस्लाम हज़रत मुहम्मद और हज़रत आयशा सिद्दीका के संबंध में सोशल मीडिया पर प्रसारित आपत्तिजनक टिप्पणियों को लेकर तीव्र आक्रोश व्यक्त किया है। सोमवार को अधिवक्ता मो. मोहम्मद हन्जला फारूकी के नेतृत्व में वकीलों ने प्रधानमंत्री मोदी को संबोधित एक ज्ञापन डीएम प्रयागराज को सौंपा। ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर प्रसारित एक कथित वीडियो/पॉडकास्ट में की गई टिप्पणियां धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाली हैं, जिससे देशभर के करोड़ों मुसलमानों की भावनाएं आहत हुई हैं।1
- प्रयागराज की नन्ही बेटी अन्नी यादव ने यमुना नदी पार कर जिले का मान बढ़ाया है। नैनी क्षेत्र के खरकौनी गांव की 8 वर्षीय अन्नी यादव ने यह शानदार उपलब्धि हासिल की है, जिससे उन्होंने एक नया इतिहास रच दिया है। उनकी इस सफलता में उनकी माता सोनम यादव, पिता रंजीत यादव और कोच मोनू निषाद का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। अपनी नन्ही उम्र में यह बड़ा कारनामा कर अन्नी यादव आज पूरे प्रयागराज और प्रदेश के बच्चों के लिए प्रेरणा बन गई हैं।4
- राम मंदिर में चढ़ावा घोटाला विवाद जैसे-जैसे खुलता जा रहा है, सियासी तापमान भी उसी तेजी से बढ़ रहा है। इस संबंध में विशेष जांच दल (SIT) ने अपनी 150 पन्नों की रिपोर्ट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंप दी है, जिसमें कई गंभीर अनियमितताओं की तरफ इशारा किया गया है। खबर है कि इस रिपोर्ट की एक कॉपी प्रधानमंत्री कार्यालय तक भी पहुंचाई गई है। हालांकि, रिपोर्ट आने से पहले ही इसे लेकर सियासत शुरू हो चुकी थी। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रविवार को कन्नौज में आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी को धर्म से ज्यादा धन से प्यार है। उन्होंने कहा कि राम मंदिर की घटना ने सनातन परंपराओं को गहरी ठेस पहुंचाई है। अखिलेश यादव ने पुजारियों से पूछताछ करने पर भी आपत्ति जताई और कहा कि इस मामले में बड़ी मछलियों को छोड़ा जा रहा है। इस पूरे मामले को लेकर सरकार बैक फुट पर है। एक तरफ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उनके मंत्री यह कह रहे हैं कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा, वहीं दूसरी तरफ उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य चंपत राय को पूज्यनीय बता रहे हैं। गौरतलब है कि जिन चंपत राय को पूज्यनीय कहा जा रहा है, उन्हें एसआईटी ने अयोध्या से बाहर न जाने की हिदायत दी है। ऐसे में अब बुनियादी सवाल यह उठ रहा है कि क्या एसआईटी की रिपोर्ट से बड़ी मछलियां शिकंजे में आएंगी, या फिर कुछ छोटे-मोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई कर इस मामले को रफा-दफा कर दिया जाएगा।1
- प्रयागराज में हर साल मोहर्रम की 8 तारीख को अटाला स्थित रोशन बाग से मेहंदी का जुलूस निकलकर अपने तय रास्ते से अटाला इमामबाड़े तक जाता है। हालांकि, इस बार यह मेहंदी नहीं उठाई जा रही है, जिस कारण स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। ताजियादार अल्ताफ अहमद से बातचीत के बाद उन्होंने इस बार व्यक्तिगत कारणों से मेहंदी न उठाने की बात कही है। इस फैसले को लेकर स्थानीय लोगों में जबरदस्त नाराजगी है और वे मेहंदी उठाने की मांग कर रहे हैं।4
- प्रयागराज में हर साल मोहर्रम की 8 तारीख को अटाला स्थित रोशन बाग से मेहंदी उठाई जाती है, जो अपने तय रास्ते से होते हुए अटाला इमामबाड़े तक जाती है। हालांकि, इस वर्ष यह परंपरा टूट रही है क्योंकि मेहंदी नहीं उठाई जा रही है। ताजियादार अल्ताफ अहमद से बातचीत में उन्होंने व्यक्तिगत कारणों के चलते मेहंदी न उठाने की बात कही है। इस निर्णय के परिणामस्वरूप, स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है और वे मेहंदी उठाने की मांग कर रहे हैं।1
- प्रयागराज में 22 जून 2026, सोमवार को गुरु मां का जन्मदिन श्रद्धा और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया, जहाँ संगम नगरी में भक्ति और उल्लास का अनोखा संगम देखने को मिला। भक्तों की मान्यता है कि गुरु मां के आशीर्वाद से उनका कल्याण होता है और जीवन की बाधाएं दूर हो जाती हैं। इस विशेष अवसर पर सुबह से ही आश्रम में भक्तों का तांता लगा रहा और दिनभर भजन-कीर्तन, हवन तथा प्रसाद वितरण जैसे कार्यक्रम निरंतर चलते रहे। शाम को एक विशेष आरती और दीपदान का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों दीपों से पूरा परिसर जगमगा उठा। भक्तों ने गुरु मां को केवल एक गुरु नहीं, बल्कि हर दुख-सुख में साथ खड़ी रहने वाली मां बताया और कहा कि उनके बताए मार्ग पर चलकर हजारों लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है। आयोजकों ने सभी से मिलकर गुरु मां के विचारों को अपने जीवन में उतारने तथा सेवा, प्रेम और करुणा का संदेश फैलाने का आग्रह किया।1
- प्रयागराज में जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा के निर्देश पर सिविल लाइंस इलाके में स्थित चार शराब दुकानों के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं। यह कार्रवाई इन दुकानों के सामने भीड़ जुटने और खुले में शराब पीने से यातायात बाधित होने की शिकायतों के बाद की गई है। दरअसल, तीन दिन पहले संगम सभागार में आयोजित जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में जिलाधिकारी ने शहर के प्रमुख चौराहों और शराब दुकानों के बाहर लगने वाली भीड़ पर अपनी नाराजगी व्यक्त की थी। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि ऐसी किसी भी दुकान का लाइसेंस तुरंत रद्द किया जाए, जहाँ भीड़ इकट्ठा होती है या खुले में शराब पीने की शिकायतें सामने आती हैं।1
- लखनऊ में हुए भीषण अग्निकांड में 14 लोगों की जान चली गई, जिससे यह गंभीर सवाल खड़ा हो गया है कि आखिर इस त्रासदी का जिम्मेदार कौन है। आजकल पूरे देश में लाइब्रेरी खोलने का एक नया चलन तेजी से बढ़ रहा है, जहाँ बच्चे स्कूल, कॉलेज और घरों की बजाय पढ़ाई के नाम पर अधिक समय बिता रहे हैं। ये लाइब्रेरी हर गली-मोहल्ले में खुल गई हैं, लेकिन सुरक्षा के दृष्टिकोण से इनमें कोई सुविधा नहीं है। खासकर, अधिकतर लाइब्रेरी तो जमीन के अंदर बने तहखानों में संचालित हो रही हैं, जहाँ किसी भी घटना की स्थिति में बाहर निकलना बेहद मुश्किल हो जाएगा। इस गंभीर स्थिति के लिए सरकार और प्रशासन पर सीधा आरोप लगाया गया है कि वे इन लाइब्रेरियों पर बिल्कुल भी ध्यान नहीं दे रहे हैं। मोटी मलाई चाटकर आसानी से मान्यता प्रदान कर दी जाती है और उसके बाद दोबारा यह जाँचने की ज़हमत भी नहीं उठाई जाती कि वहाँ क्या सुविधाएँ हैं और क्या नहीं। ज़्यादातर लाइब्रेरियों में फायर सेफ्टी की सुविधा तो है ही नहीं; नाम मात्र की सुविधा के साथ रातोंरात लाइब्रेरी संचालित की जा रही हैं। हालांकि, यह केवल सरकार और प्रशासन की ही जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि उन अभिभावकों को भी अपने बच्चों पर नज़र रखनी चाहिए जो इन लाइब्रेरियों में घंटों बिताने या पढ़ाई करने जाते हैं। उन्हें यह देखना चाहिए कि उनके बच्चे वहाँ क्या कर रहे हैं और वहाँ क्या सुविधाएँ उपलब्ध हैं, खासकर जब लाइब्रेरी के अंदर से ज़्यादा भीड़ बाहर फोन पर दिखती है। सरकार और प्रशासन से विनम्र निवेदन किया गया है कि ऐसी लाइब्रेरियों पर तत्काल कार्रवाई की जाए और उन्हें बंद करवाया जाए, जहाँ सुविधा के नाम पर सिर्फ़ ठेंगा है।1