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संघर्ष बना सहारा: बेटी के सपनों को संवारते हुए डॉ. संदीप ने भर दी खुशियों की डोली झाँसी। सामाजिक सरोकारों की सजीव मिसाल प्रस्तुत करते हुए जनपद के प्रख्यात समाजसेवी डॉ. संदीप सरावगी ने एक जरूरतमंद परिवार की बेटी के विवाह अवसर पर मानवीय संवेदनाओं से ओतप्रोत सहयोग प्रदान किया। उन्नाव गेट अंदर निवासी संजना कुशवाहा, पुत्री भगवान दास कुशवाहा एवं माता सुनीता कुशवाहा, का विवाह संपन्न हुआ। इस पावन अवसर पर डॉ. संदीप सरावगी ने संघर्ष सेवा समिति कार्यालय में वधु को आशीर्वाद स्वरूप फुल साइज ट्रॉली बैग, साड़ी एवं अन्य उपयोगी उपहार भेंट कर समाज में सहयोग और सहकारिता की भावना को सशक्त किया। इतना ही नहीं, वधु को विवाह के लिए सुसज्जित करने की व्यवस्था भी संदीप सरावगी द्वारा ही कराई गई, जिसमें कलर्स ब्यूटी पार्लर से उसे स्नेहपूर्वक तैयार कराया गया। यह सहयोग केवल भौतिक नहीं, बल्कि भावनात्मक संबल का भी प्रतीक बना, जिसने एक परिवार के चेहरे पर मुस्कान बिखेर दी। कार्यक्रम के दौरान सामाजिक एकता और सहयोग का सुंदर दृश्य देखने को मिला। इस अवसर पर वीर सिंह, ऐश्वर्य सरावगी, संदीप नामदेव, धर्मेंद्र खटीक, मास्टर मुन्नालाल, राजू सेन, अनुज प्रताप सिंह, बसंत गुप्ता, राकेश अहिरवार, रिया वर्मा, अंजली विश्वकर्मा, सिद्धांत गुप्ता, शुभांशु वर्मा, भावना अग्रवाल, मीना मसीह, रानी वर्मा, नीता सिंह, कुसुम साहू, धर्मेंद्र सिंह, पवन सिंह, रतिराम यादव सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने कहा कि ऐसे प्रयास समाज में मानवीय मूल्यों को जीवित रखते हैं और यह संदेश देते हैं कि बेटी के विवाह जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर समाज एक परिवार की तरह साथ खड़ा है। डॉ. संदीप सरावगी का यह कार्य न केवल प्रशंसनीय है, बल्कि समाज के अन्य लोगों के लिए भी प्रेरणा स्रोत बनकर उभरता है।

3 hrs ago
user_Amir Sohail
Amir Sohail
झांसी, झांसी, उत्तर प्रदेश•
3 hrs ago
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संघर्ष बना सहारा: बेटी के सपनों को संवारते हुए डॉ. संदीप ने भर दी खुशियों की डोली झाँसी। सामाजिक सरोकारों की सजीव मिसाल प्रस्तुत करते हुए जनपद के प्रख्यात समाजसेवी डॉ. संदीप सरावगी ने एक जरूरतमंद परिवार की बेटी के विवाह अवसर पर मानवीय संवेदनाओं से ओतप्रोत सहयोग प्रदान किया। उन्नाव गेट अंदर निवासी संजना कुशवाहा, पुत्री भगवान दास कुशवाहा एवं माता सुनीता कुशवाहा, का विवाह संपन्न हुआ। इस पावन अवसर

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पर डॉ. संदीप सरावगी ने संघर्ष सेवा समिति कार्यालय में वधु को आशीर्वाद स्वरूप फुल साइज ट्रॉली बैग, साड़ी एवं अन्य उपयोगी उपहार भेंट कर समाज में सहयोग और सहकारिता की भावना को सशक्त किया। इतना ही नहीं, वधु को विवाह के लिए सुसज्जित करने की व्यवस्था भी संदीप सरावगी द्वारा ही कराई गई, जिसमें कलर्स ब्यूटी पार्लर से उसे स्नेहपूर्वक तैयार कराया गया। यह सहयोग केवल भौतिक नहीं, बल्कि भावनात्मक

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संबल का भी प्रतीक बना, जिसने एक परिवार के चेहरे पर मुस्कान बिखेर दी। कार्यक्रम के दौरान सामाजिक एकता और सहयोग का सुंदर दृश्य देखने को मिला। इस अवसर पर वीर सिंह, ऐश्वर्य सरावगी, संदीप नामदेव, धर्मेंद्र खटीक, मास्टर मुन्नालाल, राजू सेन, अनुज प्रताप सिंह, बसंत गुप्ता, राकेश अहिरवार, रिया वर्मा, अंजली विश्वकर्मा, सिद्धांत गुप्ता, शुभांशु वर्मा, भावना अग्रवाल, मीना मसीह, रानी वर्मा, नीता सिंह, कुसुम साहू, धर्मेंद्र सिंह, पवन सिंह,

रतिराम यादव सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने कहा कि ऐसे प्रयास समाज में मानवीय मूल्यों को जीवित रखते हैं और यह संदेश देते हैं कि बेटी के विवाह जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर समाज एक परिवार की तरह साथ खड़ा है। डॉ. संदीप सरावगी का यह कार्य न केवल प्रशंसनीय है, बल्कि समाज के अन्य लोगों के लिए भी प्रेरणा स्रोत बनकर उभरता है।

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • Post by Mohammad Irshad
    2
    Post by Mohammad Irshad
    user_Mohammad Irshad
    Mohammad Irshad
    झांसी, झांसी, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
  • Post by Bablu Ramaiya
    1
    Post by Bablu Ramaiya
    user_Bablu Ramaiya
    Bablu Ramaiya
    Photographer झांसी, झांसी, उत्तर प्रदेश•
    11 hrs ago
  • झांसी के मऊरानीपुर नगर में आग लगने से 6 दुकानें जलकर खाक झांसी के मऊरानीपुर नगर की लाल बाजार में आग लगने से 6 दुकानें जलकर खाक हो गई। जानकारी के अनुसार प्रातः काल लगभग 8:00 बजे दमेले कॉलेज के बाहर अम्विका नामदेव की चश्मे की दुकान, बबलू कटारे की प्लास्टिक की सामान की दुकान, राजेश अग्रवाल की मनिहारी की दुकान, रानू सौदागर की घड़ी बैग की दुकान, इकबाल सौदागर की इलेक्ट्रॉनिक की दुकान, अब्दुल रहमान की जूता चप्पल की दुकान से प्रातः लगभग 8:00 बजे अचानक आग की लपटे निकलने लगी जिसे देखकर लोगों ने दुकानदारों को सूचना दी एवं प्रशासन को सूचना दी साथ ही उक्त क्षेत्र के लोगों ने आग बुझाने का कार्य शुरू कर दिया कुछ देर बाद प्रशासन एवं अग्नि सामान मौके पर पहुंचा एवं पूर्णता आग पर काबू पाया आग लगने से दुकानदारों का लाखों का सामान जलकर राख हो गया प्रशासन आग लगने के कारण का पता लगाने में जुटी है।
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    झांसी के मऊरानीपुर नगर में आग लगने से 6 दुकानें जलकर खाक
झांसी के मऊरानीपुर नगर की लाल बाजार में आग लगने से 6 दुकानें जलकर खाक हो गई।
जानकारी के अनुसार प्रातः काल लगभग 8:00 बजे दमेले कॉलेज के बाहर अम्विका  नामदेव की चश्मे की दुकान, बबलू कटारे की प्लास्टिक की सामान की दुकान, राजेश अग्रवाल की मनिहारी की दुकान, रानू सौदागर की घड़ी बैग की दुकान, इकबाल सौदागर की इलेक्ट्रॉनिक की दुकान, अब्दुल रहमान की जूता चप्पल की दुकान से प्रातः लगभग 8:00 बजे अचानक आग  की लपटे निकलने लगी जिसे देखकर लोगों ने दुकानदारों को सूचना दी एवं प्रशासन को सूचना दी साथ ही उक्त क्षेत्र के लोगों ने आग बुझाने का कार्य शुरू कर दिया कुछ देर बाद प्रशासन एवं अग्नि सामान मौके पर पहुंचा एवं पूर्णता आग पर काबू पाया आग लगने से दुकानदारों का लाखों का सामान जलकर राख हो गया प्रशासन आग लगने के कारण का पता लगाने में जुटी है।
    user_प्रदीप यादव दादा पत्रकार बबीना
    प्रदीप यादव दादा पत्रकार बबीना
    Local News Reporter झांसी, झांसी, उत्तर प्रदेश•
    12 hrs ago
  • झाँसी। महानगर के एक मुख्य रिहायशी और व्यावसायिक क्षेत्र में इन दिनों नियमों को दरकिनार कर की जा रही गहरी खुदाई चर्चा और भय का विषय बनी हुई है। चार सितारा होटल, पेट्रोल पंप और बहुमंजिला कमर्शियल बिल्डिंगों से घिरे इस संवेदनशील इलाके में लगभग 45 से 50 फीट तक खुदाई की जा चुकी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि दिन के उजाले में तो काम चलता ही है, लेकिन रात के अंधेरे में बड़ी-बड़ी मशीनें और दर्जनों डम्फर मिट्टी व पत्थर ढोने में लग जाते हैं, जिससे भविष्य में किसी बड़े हादसे की आशंका प्रबल हो गई है। नियमों की अनदेखी: क्या हैं खुदाई के मानक? किसी भी निर्माण कार्य के लिए की जाने वाली खुदाई के लिए नेशनल बिल्डिंग कोड (NBC) और स्थानीय विकास प्राधिकरण के सख्त नियम हैं।  मुख्य मानक निम्नलिखित हैं: सॉइल टेस्टिंग (मिट्टी की जांच): खुदाई से पहले मिट्टी की भार वहन क्षमता जांची जाती है। यदि मिट्टी भुरभुरी है, तो गहरी खुदाई आसपास की इमारतों की नींव को हिला सकती है।  शॉरिंग और रिटेनिंग वॉल: यदि खुदाई 5-10 फीट से अधिक गहरी है, तो बगल की जमीन को धंसने से रोकने के लिए लोहे की शीट या कंक्रीट की रिटेनिंग वॉल बनाना अनिवार्य है। इस साइट पर सुरक्षा के ऐसे इंतजाम नगण्य दिख रहे हैं।  बफर जोन: पेट्रोल पंप और पहले से निर्मित बहुमंजिला इमारतों के एकदम करीब इतनी गहरी खुदाई करना सुरक्षा मानकों का उल्लंघन है। बहुमंजिला इमारत के लिए नींव की गहराई आमतौर पर एक बहुमंजिला इमारत के लिए खुदाई इस बात पर निर्भर करती है कि वहां कितने फ्लोर का बेसमेंट बनना है: सिंगल बेसमेंट: 10 से 12 फीट। डबल बेसमेंट: 20 से 25 फीट। ट्रिपल बेसमेंट: 30 से 35 फीट। 45 से 50 फीट की खुदाई का मतलब है कि वहां 4 से 5 स्तर का बेसमेंट प्रस्तावित है या फिर वहां से अवैध रूप से खनिज (मिट्टी/पत्थर) निकाला जा रहा है। इतनी गहराई पर जाने के लिए विशेष इंजीनियरिंग अनुमति और स्ट्रक्चरल स्टेबिलिटी सर्टिफिकेट की आवश्यकता होती है। प्रशासन और विभाग की भूमिका पर सवाल इतने बड़े पैमाने पर हो रही खुदाई ने जिला प्रशासन और संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं: विकास प्राधिकरण: क्या मानचित्र में इतनी गहरी खुदाई और बहु-स्तरीय बेसमेंट की अनुमति दी गई है? क्या निर्माण स्थल पर सुरक्षा जाली और बोर्ड लगाया गया है? खनिज विभाग: शहरी क्षेत्र में 50 फीट खुदाई का मतलब है भारी मात्रा में पत्थर और मिट्टी का निकलना। क्या इन डम्फरों के पास 'रॉयल्टी' या खनिज परिवहन का वैध परमिट है? रात में मशीनों का चलना अक्सर अवैध खनन की ओर इशारा करता है। जिला प्रशासन: रिहायशी इलाके में भारी मशीनों के कारण होने वाले ध्वनि प्रदूषण और पेट्रोल पंप जैसी संवेदनशील जगह के पास सुरक्षा ऑडिट की जिम्मेदारी प्रशासन की है। हादसे को न्यौता: आसपास की इमारतों में रहने वाले लोगों का कहना है कि यदि बारिश होती है या जमीन के अंदर जलस्तर में बदलाव आता है, तो 50 फीट गहरा यह गड्ढा बगल के पेट्रोल पंप और कमर्शियल बिल्डिंगों के लिए काल बन सकता है। क्या वाकई है 45 फीट की अनुमति? जब इस मामले में निर्माण कार्य करा रहे उत्तरदायी व्यक्तियों और ठेकेदारों से बात की गई, तो उनका दावा है कि यह खुदाई अवैध नहीं है। कार्यस्थल पर मौजूद प्रतिनिधियों का कहना है कि उनके पास प्रशासन और संबंधित विभागों की ओर से 45 फीट गहराई तक खुदाई करने की विधिवत अनुमति मौजूद है। उनका तर्क है कि भविष्य की बड़ी परियोजना और बहुमंजिला ढांचे की मजबूती के लिए इतनी गहराई तक जाना तकनीकी रूप से आवश्यक है। हालाँकि, निर्माण पक्ष के इस दावे ने नए सवाल खड़े कर दिए हैं: सुरक्षा ऑडिट: यदि 45 फीट की अनुमति मिली भी है, तो क्या इतनी गहराई के लिए जरूरी 'रिटेनिंग वॉल' और सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा है? खनिज निकासी: क्या प्रशासन ने केवल खुदाई की अनुमति दी है या वहां से निकलने वाले बेशकीमती पत्थरों और मिट्टी के व्यावसायिक परिवहन की भी मंजूरी दी है? पड़ोसी इमारतों की सुरक्षा: 45 फीट का गड्ढा पास में स्थित पेट्रोल पंप और अन्य कमर्शियल बिल्डिंगों की 'सॉइल स्टेबिलिटी' (मिट्टी की स्थिरता) को प्रभावित कर सकता है। क्या अनुमति देने से पहले इन जोखिमों का आकलन किया गया था? प्रशासनिक अनुमति का दावा अपनी जगह है, लेकिन धरातल पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम न होना और रात के अंधेरे में मशीनों का भारी शोर स्थानीय निवासियों की रातों की नींद उड़ा रहा है। जिला प्रशासन को आवश्यक रूप से इन दावों की सत्यता की जांच करना चाहिए।
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    झाँसी। महानगर के एक मुख्य रिहायशी और व्यावसायिक क्षेत्र में इन दिनों नियमों को दरकिनार कर की जा रही गहरी खुदाई चर्चा और भय का विषय बनी हुई है। चार सितारा होटल, पेट्रोल पंप और बहुमंजिला कमर्शियल बिल्डिंगों से घिरे इस संवेदनशील इलाके में लगभग 45 से 50 फीट तक खुदाई की जा चुकी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि दिन के उजाले में तो काम चलता ही है, लेकिन रात के अंधेरे में बड़ी-बड़ी मशीनें और दर्जनों डम्फर मिट्टी व पत्थर ढोने में लग जाते हैं, जिससे भविष्य में किसी बड़े हादसे की आशंका प्रबल हो गई है।
नियमों की अनदेखी: क्या हैं खुदाई के मानक?
किसी भी निर्माण कार्य के लिए की जाने वाली खुदाई के लिए नेशनल बिल्डिंग कोड (NBC) और स्थानीय विकास प्राधिकरण के सख्त नियम हैं। 
मुख्य मानक निम्नलिखित हैं:
सॉइल टेस्टिंग (मिट्टी की जांच): खुदाई से पहले मिट्टी की भार वहन क्षमता जांची जाती है। यदि मिट्टी भुरभुरी है, तो गहरी खुदाई आसपास की इमारतों की नींव को हिला सकती है। 
शॉरिंग और रिटेनिंग वॉल: यदि खुदाई 5-10 फीट से अधिक गहरी है, तो बगल की जमीन को धंसने से रोकने के लिए लोहे की शीट या कंक्रीट की रिटेनिंग वॉल बनाना अनिवार्य है। इस साइट पर सुरक्षा के ऐसे इंतजाम नगण्य दिख रहे हैं। 
बफर जोन: पेट्रोल पंप और पहले से निर्मित बहुमंजिला इमारतों के एकदम करीब इतनी गहरी खुदाई करना सुरक्षा मानकों का उल्लंघन है।
बहुमंजिला इमारत के लिए नींव की गहराई
आमतौर पर एक बहुमंजिला इमारत के लिए खुदाई इस बात पर निर्भर करती है कि वहां कितने फ्लोर का बेसमेंट बनना है:
सिंगल बेसमेंट: 10 से 12 फीट।
डबल बेसमेंट: 20 से 25 फीट।
ट्रिपल बेसमेंट: 30 से 35 फीट।
45 से 50 फीट की खुदाई का मतलब है कि वहां 4 से 5 स्तर का बेसमेंट प्रस्तावित है या फिर वहां से अवैध रूप से खनिज (मिट्टी/पत्थर) निकाला जा रहा है। इतनी गहराई पर जाने के लिए विशेष इंजीनियरिंग अनुमति और स्ट्रक्चरल स्टेबिलिटी सर्टिफिकेट की आवश्यकता होती है।
प्रशासन और विभाग की भूमिका पर सवाल
इतने बड़े पैमाने पर हो रही खुदाई ने जिला प्रशासन और संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं:
विकास प्राधिकरण: क्या मानचित्र में इतनी गहरी खुदाई और बहु-स्तरीय बेसमेंट की अनुमति दी गई है? क्या निर्माण स्थल पर सुरक्षा जाली और बोर्ड लगाया गया है?
खनिज विभाग: शहरी क्षेत्र में 50 फीट खुदाई का मतलब है भारी मात्रा में पत्थर और मिट्टी का निकलना। क्या इन डम्फरों के पास 'रॉयल्टी' या खनिज परिवहन का वैध परमिट है? रात में मशीनों का चलना अक्सर अवैध खनन की ओर इशारा करता है।
जिला प्रशासन: रिहायशी इलाके में भारी मशीनों के कारण होने वाले ध्वनि प्रदूषण और पेट्रोल पंप जैसी संवेदनशील जगह के पास सुरक्षा ऑडिट की जिम्मेदारी प्रशासन की है।
हादसे को न्यौता: आसपास की इमारतों में रहने वाले लोगों का कहना है कि यदि बारिश होती है या जमीन के अंदर जलस्तर में बदलाव आता है, तो 50 फीट गहरा यह गड्ढा बगल के पेट्रोल पंप और कमर्शियल बिल्डिंगों के लिए काल बन सकता है। 
क्या वाकई है 45 फीट की अनुमति?
जब इस मामले में निर्माण कार्य करा रहे उत्तरदायी व्यक्तियों और ठेकेदारों से बात की गई, तो उनका दावा है कि यह खुदाई अवैध नहीं है। कार्यस्थल पर मौजूद प्रतिनिधियों का कहना है कि उनके पास प्रशासन और संबंधित विभागों की ओर से 45 फीट गहराई तक खुदाई करने की विधिवत अनुमति मौजूद है। उनका तर्क है कि भविष्य की बड़ी परियोजना और बहुमंजिला ढांचे की मजबूती के लिए इतनी गहराई तक जाना तकनीकी रूप से आवश्यक है।
हालाँकि, निर्माण पक्ष के इस दावे ने नए सवाल खड़े कर दिए हैं:
सुरक्षा ऑडिट: यदि 45 फीट की अनुमति मिली भी है, तो क्या इतनी गहराई के लिए जरूरी 'रिटेनिंग वॉल' और सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा है?
खनिज निकासी: क्या प्रशासन ने केवल खुदाई की अनुमति दी है या वहां से निकलने वाले बेशकीमती पत्थरों और मिट्टी के व्यावसायिक परिवहन की भी मंजूरी दी है?
पड़ोसी इमारतों की सुरक्षा: 45 फीट का गड्ढा पास में स्थित पेट्रोल पंप और अन्य कमर्शियल बिल्डिंगों की 'सॉइल स्टेबिलिटी' (मिट्टी की स्थिरता) को प्रभावित कर सकता है। क्या अनुमति देने से पहले इन जोखिमों का आकलन किया गया था?
प्रशासनिक अनुमति का दावा अपनी जगह है, लेकिन धरातल पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम न होना और रात के अंधेरे में मशीनों का भारी शोर स्थानीय निवासियों की रातों की नींद उड़ा रहा है। जिला प्रशासन को आवश्यक रूप से इन दावों की सत्यता की जांच करना चाहिए।
    user_अतुल वर्मा
    अतुल वर्मा
    झांसी, झांसी, उत्तर प्रदेश•
    14 hrs ago
  • झांसी। महानगर के थाना प्रेमनगर क्षेत्र की नैनागढ़ चौकी के समीप खातीबाबा रोड पर स्थित मकान की ऊपरी मंजिल पर देर शाम अचानक आग लग गई। सिलिंडर फटने से हुए तेज धमाके की आवाज से हड़कंप मच गया। सूचना पर मौके पर पहुंचे चौकी इंचार्ज संत प्रकाश त्रिपाठी ने फायर ब्रिगेड को सूचना दी। फायर ब्रिगेड ने आग पर काबू पाया। इस दौरान ऊपर मंजिल पर रखा सामान जलकर नष्ट हो गया। बता दें कि प्रेमनगर थाना क्षेत्र के नैनागढ़ चौकी ईसाईटोला खातीबाबा रोड पर राजबहादुर का मकान है। राजबहादुर ई-रिक्शा चलाने का काम करता है। घर पर पत्नी ने मकान की ऊपरी मंजिल पर गैस सिलिंडर पर खाना बनाया और शाम होने के कारण पूजा का दीया आदि जलाकर नीचे आ गई। इसी बीच अचानक आग लग गई और सिलिंडर फटने से हुए तेज धमाके से हड़कंप मच गया। चौकी इंचार्ज संत प्रकाश त्रिपाठी सहित स्टॉप मौके पर पहुंचा व फायर ब्रिगेड को सूचना दी। फायर ब्रिगेड ने मौके पर पहुंचकर आग बुझाई। आग से ऊपरी मंजिल पर रखा सामान जल गया। वहीं, थानाध्यक्ष थाना प्रेमनगर तुलसीराम पांडेय ने बताया कि ऊपरी मंजिल में आग लगी थी जिसे दमकल दस्ते ने मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया है।
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    झांसी। महानगर के थाना प्रेमनगर क्षेत्र की नैनागढ़ चौकी के समीप खातीबाबा रोड पर स्थित मकान की ऊपरी मंजिल पर देर शाम अचानक आग लग गई। सिलिंडर फटने से हुए तेज धमाके की आवाज से हड़कंप मच गया। सूचना पर मौके पर पहुंचे चौकी इंचार्ज संत प्रकाश त्रिपाठी ने फायर ब्रिगेड को सूचना दी। फायर ब्रिगेड ने आग पर काबू पाया। इस दौरान ऊपर मंजिल पर रखा सामान जलकर नष्ट हो गया। बता दें कि प्रेमनगर थाना क्षेत्र के नैनागढ़ चौकी ईसाईटोला खातीबाबा रोड पर राजबहादुर का मकान है। राजबहादुर ई-रिक्शा चलाने का काम करता है। घर पर पत्नी ने मकान की ऊपरी मंजिल पर गैस सिलिंडर पर खाना बनाया और शाम होने के कारण पूजा का दीया आदि जलाकर नीचे आ गई। इसी बीच अचानक आग लग गई और सिलिंडर फटने से हुए तेज धमाके से हड़कंप मच गया। चौकी इंचार्ज संत प्रकाश त्रिपाठी सहित स्टॉप मौके पर पहुंचा व फायर ब्रिगेड को सूचना दी। फायर ब्रिगेड ने मौके पर पहुंचकर आग बुझाई। आग से ऊपरी मंजिल पर रखा सामान जल गया। वहीं, थानाध्यक्ष थाना प्रेमनगर तुलसीराम पांडेय ने बताया कि ऊपरी मंजिल में आग लगी थी जिसे दमकल दस्ते ने मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया है।
    user_तारिक़ इक़बाल 'शीबू'
    तारिक़ इक़बाल 'शीबू'
    Local News Reporter झांसी, झांसी, उत्तर प्रदेश•
    21 hrs ago
  • भांडेर से पूर्व विधायक एवं वर्तमान प्रदेश प्रवक्ता घनश्याम पिरोनिया निरंतर कर रहे गेहूं उपार्जन केंद्र का निरीक्षण किसानों को मिले हर संभव मदद
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    भांडेर से पूर्व विधायक एवं वर्तमान प्रदेश प्रवक्ता घनश्याम पिरोनिया निरंतर कर रहे गेहूं उपार्जन केंद्र का निरीक्षण किसानों को मिले हर संभव मदद
    user_MBKS डिजिटल न्यूज़
    MBKS डिजिटल न्यूज़
    Newspaper publisher दतिया नगर, दतिया, मध्य प्रदेश•
    52 min ago
  • झांसी वीरांगना लक्ष्मीबाई रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 4- 5 पर लगी रेलवे लिफ्ट में 6 लोग फंस गए जिसमें दो बच्चे भी थे।, आधे घंटे बाद मौके पहुंचे रेलवे का स्टाफ और लिफ्ट टेक्नीशियन ने रेस्क्यू कर लेट में फंसे सभी लोगों को एक-एक करके सीढ़ी की मदद से नीचे उतारा, बताया जा रहा है जैसे ही यात्री अंदर लिफ्ट के अंदर गया तभी उस यात्री का बैग फस गया जिस वजह से चलती लिफ्ट बीच में फस गई, अंदर मौजूद टी टी ई स्टाफ ने इनफॉरमेशन रेलवे के अधिकारियों को दी, इसके बाद रेस्क्यू टीम मौके पहुंची और बीच में फांसी लिफ्ट की चादर को काटकर सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया, फिर डॉक्टर की टीम ने घबराये यात्री और रेलवे कर्मचारियों का मेडिकल परीक्षण किया गया और उन्हें जरूरत के हिसाब से दवाइयां देकर सभी को जाने दिया गया। वही लिफ्ट में फंसी महिला यात्री मंजू ने बताया कि जब हम लोगों की लिफ्ट चलती हुई बंद हो गई और बार-बार पंखा चालू बंद हो रहा था जिससे घबराहट हो गई और आधे घंटे ज्यादा लिफ्ट में फंसे रहे।
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    झांसी वीरांगना लक्ष्मीबाई रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 4- 5 पर लगी रेलवे लिफ्ट में 6 लोग फंस गए जिसमें दो बच्चे भी थे।, आधे घंटे बाद मौके पहुंचे रेलवे का स्टाफ और लिफ्ट टेक्नीशियन ने रेस्क्यू कर लेट में फंसे सभी लोगों को एक-एक करके सीढ़ी की मदद से नीचे उतारा, बताया जा रहा है जैसे ही यात्री अंदर लिफ्ट के अंदर गया तभी उस यात्री का बैग फस गया जिस वजह से चलती लिफ्ट बीच में फस गई, अंदर मौजूद टी टी ई स्टाफ ने इनफॉरमेशन रेलवे के अधिकारियों को दी, इसके बाद रेस्क्यू टीम मौके पहुंची और बीच में फांसी लिफ्ट की चादर को काटकर सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया, फिर डॉक्टर की टीम ने घबराये यात्री और रेलवे कर्मचारियों का मेडिकल परीक्षण किया गया और उन्हें जरूरत के हिसाब से दवाइयां देकर सभी को जाने दिया गया। वही लिफ्ट में फंसी महिला यात्री मंजू ने बताया कि जब हम लोगों की लिफ्ट चलती हुई बंद हो गई और बार-बार पंखा चालू बंद हो रहा था जिससे घबराहट हो गई और आधे घंटे ज्यादा लिफ्ट में फंसे रहे।
    user_Amir Sohail
    Amir Sohail
    झांसी, झांसी, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • Post by Bablu Ramaiya
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    Post by Bablu Ramaiya
    user_Bablu Ramaiya
    Bablu Ramaiya
    Photographer झांसी, झांसी, उत्तर प्रदेश•
    14 hrs ago
  • दतिया में जनगणना 2027 के तहत प्रथम चरण की प्रक्रिया शुरू हो गई है। मध्य प्रदेश में हाउस लिस्टिंग और हाउसिंग सेंसस का कार्य 1 मई 2026 से प्रारंभ किया जाएगा। इससे पहले नागरिकों की सुविधा के लिए 15 अप्रैल से स्व-गणना यानी सेल्फ एन्यूमरेशन की सुविधा शुरू कर दी गई है। अब आम नागरिक घर बैठे ही अपनी जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर सकते हैं। इसके लिए नागरिकों को आधिकारिक वेबसाइट भी जारी हो गई हैं। दतिया कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे स्व-गणना के माध्यम से अपनी सही और पूरी जानकारी दर्ज करें, ताकि जनगणना का कार्य सुचारु रूप से संपन्न हो सके। उन्होंने कहा कि जनगणना में भागीदारी करना राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान है, इसलिए सभी नागरिक इस अभियान में सक्रिय सहयोग करें।
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    दतिया में जनगणना 2027 के तहत प्रथम चरण की प्रक्रिया शुरू हो गई है। मध्य प्रदेश में हाउस लिस्टिंग और हाउसिंग सेंसस का कार्य 1 मई 2026 से प्रारंभ किया जाएगा।
इससे पहले नागरिकों की सुविधा के लिए 15 अप्रैल से स्व-गणना यानी सेल्फ एन्यूमरेशन की सुविधा शुरू कर दी गई है। अब आम नागरिक घर बैठे ही अपनी जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर सकते हैं।
इसके लिए नागरिकों को आधिकारिक वेबसाइट भी जारी हो गई हैं। दतिया
कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे स्व-गणना के माध्यम से अपनी सही और पूरी जानकारी दर्ज करें, ताकि जनगणना का कार्य सुचारु रूप से संपन्न हो सके।
उन्होंने कहा कि जनगणना में भागीदारी करना राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान है, इसलिए सभी नागरिक इस अभियान में सक्रिय सहयोग करें।
    user_Vikas Sen
    Vikas Sen
    Photographer दतिया नगर, दतिया, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
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