जनगणना 2027 का पहला चरण शुरू, 1 मई से घर-घर सर्वे; 15 अप्रैल से स्व-गणना सुविधा उपलब्ध। दतिया में जनगणना 2027 के तहत प्रथम चरण की प्रक्रिया शुरू हो गई है। मध्य प्रदेश में हाउस लिस्टिंग और हाउसिंग सेंसस का कार्य 1 मई 2026 से प्रारंभ किया जाएगा। इससे पहले नागरिकों की सुविधा के लिए 15 अप्रैल से स्व-गणना यानी सेल्फ एन्यूमरेशन की सुविधा शुरू कर दी गई है। अब आम नागरिक घर बैठे ही अपनी जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर सकते हैं। इसके लिए नागरिकों को आधिकारिक वेबसाइट भी जारी हो गई हैं। दतिया कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे स्व-गणना के माध्यम से अपनी सही और पूरी जानकारी दर्ज करें, ताकि जनगणना का कार्य सुचारु रूप से संपन्न हो सके। उन्होंने कहा कि जनगणना में भागीदारी करना राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान है, इसलिए सभी नागरिक इस अभियान में सक्रिय सहयोग करें।
जनगणना 2027 का पहला चरण शुरू, 1 मई से घर-घर सर्वे; 15 अप्रैल से स्व-गणना सुविधा उपलब्ध। दतिया में जनगणना 2027 के तहत प्रथम चरण की प्रक्रिया शुरू हो गई है। मध्य प्रदेश में हाउस लिस्टिंग और हाउसिंग सेंसस का कार्य 1 मई 2026 से प्रारंभ किया जाएगा। इससे पहले नागरिकों की सुविधा के लिए 15 अप्रैल से स्व-गणना यानी सेल्फ एन्यूमरेशन की सुविधा शुरू कर दी गई है। अब आम नागरिक घर बैठे ही अपनी जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर सकते हैं। इसके लिए नागरिकों को आधिकारिक वेबसाइट भी जारी हो गई हैं। दतिया कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे स्व-गणना के माध्यम से अपनी सही और पूरी जानकारी दर्ज करें, ताकि जनगणना का कार्य सुचारु रूप से संपन्न हो सके। उन्होंने कहा कि जनगणना में भागीदारी करना राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान है, इसलिए सभी नागरिक इस अभियान में सक्रिय सहयोग करें।
- भांडेर से पूर्व विधायक एवं वर्तमान प्रदेश प्रवक्ता घनश्याम पिरोनिया निरंतर कर रहे गेहूं उपार्जन केंद्र का निरीक्षण किसानों को मिले हर संभव मदद1
- दतिया में जनगणना 2027 के तहत प्रथम चरण की प्रक्रिया शुरू हो गई है। मध्य प्रदेश में हाउस लिस्टिंग और हाउसिंग सेंसस का कार्य 1 मई 2026 से प्रारंभ किया जाएगा। इससे पहले नागरिकों की सुविधा के लिए 15 अप्रैल से स्व-गणना यानी सेल्फ एन्यूमरेशन की सुविधा शुरू कर दी गई है। अब आम नागरिक घर बैठे ही अपनी जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर सकते हैं। इसके लिए नागरिकों को आधिकारिक वेबसाइट भी जारी हो गई हैं। दतिया कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे स्व-गणना के माध्यम से अपनी सही और पूरी जानकारी दर्ज करें, ताकि जनगणना का कार्य सुचारु रूप से संपन्न हो सके। उन्होंने कहा कि जनगणना में भागीदारी करना राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान है, इसलिए सभी नागरिक इस अभियान में सक्रिय सहयोग करें।1
- सिंगरौली में हुई बैंक डकैती की घटना के बाद दतिया पुलिस पूरी तरह सतर्क नजर आ रही है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सूरज कुमार वर्मा के निर्देश पर जिले भर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और सभी बैंक शाखाओं की निगरानी बढ़ा दी गई है। कोतवाली थाना प्रभारी धीरेन्द्र मिश्रा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने थाना क्षेत्र के विभिन्न बैंकों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान बैंक शाखाओं में सुरक्षा व्यवस्था की गहन जांच की गई और मौजूद व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया। निरीक्षण के दौरान पुलिस ने बैंक प्रबंधन को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी सीसीटीवी कैमरे 24 घंटे चालू स्थिति में रहें और उनकी नियमित मॉनिटरिंग की जाए। साथ ही सुरक्षा गार्डों को सख्त हिदायत दी गई कि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति को बिना जांच के बैंक में प्रवेश न दिया जाए और हर व्यक्ति की सतर्कता से तलाशी ली जाए। एवं बैंक में लगे अलार्म भी बजवाकर चेक किए। पुलिस टीम ने बैंक परिसर के अंदर और बाहर संदिग्ध व्यक्तियों की चेकिंग भी की तथा कर्मचारियों को सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने की सलाह दी। दतिया सहित पूरे जिले में पुलिस की सक्रियता से आम लोगों और बैंक कर्मियों में सुरक्षा को लेकर भरोसा बढ़ा है। पुलिस ने साफ किया है कि किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और संदिग्ध गतिविधियों पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी।2
- दतिया। सिंगरौली में हुई बैंक डकैती की घटना के बाद दतिया पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गई है। पुलिस अधीक्षक सूरज कुमार वर्मा के निर्देश पर जिले भर में बैंकों की सुरक्षा व्यवस्था का व्यापक निरीक्षण किया जा रहा है। इसी क्रम में दतिया सिटी कोतवाली टीआई धीरेंद्र मिश्रा तथा सिविल लाइन थाना प्रभारी वैभव गुप्ता की टीमों ने अपने-अपने थाना क्षेत्रों में स्थित विभिन्न बैंक शाखाओं का निरीक्षण किया। पुलिस अधिकारियों ने बैंक पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया और संदिग्ध व्यक्तियों की सघन तलाशी भी ली। निरीक्षण के दौरान थाना प्रभारियों ने बैंक प्रबंधन को सख्त निर्देश दिए कि सभी सीसीटीवी कैमरे 24 घंटे चालू रखें और उनकी नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करें। साथ ही सुरक्षा गार्डों को निर्देशित किया गया कि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति को बिना जांच के बैंक में प्रवेश न दिया जाए। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर दतिया सहित पूरे जिले में पुलिस सतर्क नजर आई। सभी बैंक शाखाओं में सुरक्षा व्यवस्था की गहन जांच कर संभावित घटनाओं को रोकने के लिए एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि आमजन की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को देने की अपील की गई है।2
- भांडेर थाना क्षेत्र के पथर्रा नारायण गांव में अज्ञात कारणों के चलते एक महिला ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। जिसको लेकर भांडेर पुलिस ने शनिवार दोपहर 12 वजे मर्ग दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार पथर्रा नारायण गांव निवासी मृतका महिला समीक्षा दोहरे पत्नी अनुरुद्ध दोहरे उम्र 23 वर्ष दोपहर को कमरे में लगे पंखे कुंदे से साड़ी के फंदे पर लटकी मिली। परिजनों ने तत्काल भांडेर पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पंचनामा कार्रवाई कर सबको पीएम के लिए भांडेर अस्पताल भेजा। महिला ने यह कदम क्यों उठाया है यह अभी स्पष्ट नहीं हो सका है पुलिस मामले की जांच कर रही है1
- आज भांडेर के पण्डोखर धाम सरकार पर कई कार्यक्रम आयोजित खाटू श्याम दरबार लगाया गया जिसमें भजन गायकों ने बाबा श्याम के सुंदर भजन प्रस्तित किए1
- Post by Abhishek Jain2
- दतिया जिले में किसानों को कृषि उपज मंडी में फसल बेचने के लिए आधार कार्ड और आधार से लिंक मोबाइल नंबर अनिवार्य कर दिया गया है। कृषि उपज मंडी समिति दतिया द्वारा जारी सूचना के अनुसार, ई-मंडी योजना के तहत यह नया नियम लागू किया गया है। इसके अंतर्गत अब मंडी प्रांगण में उपज बेचने के लिए प्रवेश पर्ची जारी कराने के समय किसानों को अपना आधार कार्ड और उससे जुड़ा मोबाइल नंबर प्रस्तुत करना होगा। मंडी प्रशासन का कहना है कि इस व्यवस्था का उद्देश्य पूरी प्रक्रिया को डिजिटल, पारदर्शी और व्यवस्थित बनाना है। अब किसानों के लेन-देन का पूरा रिकॉर्ड ऑनलाइन दर्ज किया जाएगा, जिससे अनियमितताओं पर रोक लगाई जा सकेगी। स्पष्ट रूप से कहा गया है कि यदि कोई किसान बिना आधार कार्ड या आधार से लिंक मोबाइल नंबर के मंडी पहुंचता है, तो उसकी फसल की नीलामी नहीं हो सकेगी। इससे किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। मंडी सचिव ने सभी किसानों से अपील की है कि वे मंडी आने से पहले जरूरी दस्तावेज तैयार रखें। खास तौर पर यह सुनिश्चित करें कि आधार कार्ड साथ हो और मोबाइल नंबर आधार से लिंक व सक्रिय स्थिति में हो। ई-मंडी योजना के जरिए किसानों को भविष्य में कई फायदे मिलेंगे, जिनमें भुगतान में पारदर्शिता, समय पर राशि प्राप्त होना, फर्जीवाड़े में कमी और सरकारी योजनाओं से सीधा जुड़ाव शामिल है। कुल मिलाकर, किसानों के लिए जरूरी है कि वे नए नियमों का पालन करें, ताकि मंडी में उनकी उपज का विक्रय बिना किसी परेशानी के सुचारू रूप से हो सके।5