मंडी में नया नियम लागू: आधार और मोबाइल नंबर के बिना नहीं होगी फसल की नीलामी। दतिया जिले में किसानों को कृषि उपज मंडी में फसल बेचने के लिए आधार कार्ड और आधार से लिंक मोबाइल नंबर अनिवार्य कर दिया गया है। कृषि उपज मंडी समिति दतिया द्वारा जारी सूचना के अनुसार, ई-मंडी योजना के तहत यह नया नियम लागू किया गया है। इसके अंतर्गत अब मंडी प्रांगण में उपज बेचने के लिए प्रवेश पर्ची जारी कराने के समय किसानों को अपना आधार कार्ड और उससे जुड़ा मोबाइल नंबर प्रस्तुत करना होगा। मंडी प्रशासन का कहना है कि इस व्यवस्था का उद्देश्य पूरी प्रक्रिया को डिजिटल, पारदर्शी और व्यवस्थित बनाना है। अब किसानों के लेन-देन का पूरा रिकॉर्ड ऑनलाइन दर्ज किया जाएगा, जिससे अनियमितताओं पर रोक लगाई जा सकेगी। स्पष्ट रूप से कहा गया है कि यदि कोई किसान बिना आधार कार्ड या आधार से लिंक मोबाइल नंबर के मंडी पहुंचता है, तो उसकी फसल की नीलामी नहीं हो सकेगी। इससे किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। मंडी सचिव ने सभी किसानों से अपील की है कि वे मंडी आने से पहले जरूरी दस्तावेज तैयार रखें। खास तौर पर यह सुनिश्चित करें कि आधार कार्ड साथ हो और मोबाइल नंबर आधार से लिंक व सक्रिय स्थिति में हो। ई-मंडी योजना के जरिए किसानों को भविष्य में कई फायदे मिलेंगे, जिनमें भुगतान में पारदर्शिता, समय पर राशि प्राप्त होना, फर्जीवाड़े में कमी और सरकारी योजनाओं से सीधा जुड़ाव शामिल है। कुल मिलाकर, किसानों के लिए जरूरी है कि वे नए नियमों का पालन करें, ताकि मंडी में उनकी उपज का विक्रय बिना किसी परेशानी के सुचारू रूप से हो सके।
मंडी में नया नियम लागू: आधार और मोबाइल नंबर के बिना नहीं होगी फसल की नीलामी। दतिया जिले में किसानों को कृषि उपज मंडी में फसल बेचने के लिए आधार कार्ड और आधार से लिंक मोबाइल नंबर अनिवार्य कर दिया गया है। कृषि उपज मंडी समिति दतिया द्वारा जारी सूचना के अनुसार, ई-मंडी योजना के
तहत यह नया नियम लागू किया गया है। इसके अंतर्गत अब मंडी प्रांगण में उपज बेचने के लिए प्रवेश पर्ची जारी कराने के समय किसानों को अपना आधार कार्ड और उससे जुड़ा मोबाइल नंबर प्रस्तुत करना होगा। मंडी प्रशासन का कहना है कि इस व्यवस्था का उद्देश्य पूरी प्रक्रिया को डिजिटल, पारदर्शी और व्यवस्थित
बनाना है। अब किसानों के लेन-देन का पूरा रिकॉर्ड ऑनलाइन दर्ज किया जाएगा, जिससे अनियमितताओं पर रोक लगाई जा सकेगी। स्पष्ट रूप से कहा गया है कि यदि कोई किसान बिना आधार कार्ड या आधार से लिंक मोबाइल नंबर के मंडी पहुंचता है, तो उसकी फसल की नीलामी नहीं हो सकेगी। इससे किसानों को
परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। मंडी सचिव ने सभी किसानों से अपील की है कि वे मंडी आने से पहले जरूरी दस्तावेज तैयार रखें। खास तौर पर यह सुनिश्चित करें कि आधार कार्ड साथ हो और मोबाइल नंबर आधार से लिंक व सक्रिय स्थिति में हो। ई-मंडी योजना के जरिए किसानों को भविष्य
में कई फायदे मिलेंगे, जिनमें भुगतान में पारदर्शिता, समय पर राशि प्राप्त होना, फर्जीवाड़े में कमी और सरकारी योजनाओं से सीधा जुड़ाव शामिल है। कुल मिलाकर, किसानों के लिए जरूरी है कि वे नए नियमों का पालन करें, ताकि मंडी में उनकी उपज का विक्रय बिना किसी परेशानी के सुचारू रूप से हो सके।
- दतिया प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश विजय चन्द्र द्वारा शासकीय विधि महाविधालय में महाविद्यालय/नेशनल स्तर पर आयोजित मूट कोर्ट प्रतियोगिता में विजयी प्रतिभागियों को ट्रॉफी एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित कर उनको उज्जवल भविष्य की शुभकामनाये दी। न्यायाधीश द्वारा अपने संबोधन में छात्र-छात्राओं को विधि की व्यावहारिक जानकारी प्रदान करते हुए कहा गया की यह व्यवसाय सर्वश्रेष्ठ व्यवसायों में से एक है इस व्यवसाय में सतत अध्ययन की आवश्यकता है बड़े बड़े राजनेता, राष्ट्रपिता एवं राष्ट्रपति इस व्यवसाय से जुड़े रहे। उन्होंने अपने तीस वर्षों के अनुभवों को साझा करते हुए स्वर्गीय वरिष्ठ अधिवक्ता राम जेठ मलानी जी का उदाहरण दिया की लोग उनके तर्कों को सुनते हैं लेकिन उस तर्क के पीछे की रात्रि 2 बजे तक की गई तैयारी को नहीं देखते हैं। साथ ही चीफ जस्टिस ऑफ़ इंडिया 2005 रमेश चन्द्र लाहोटी के प्रतिदिन जर्नल सुप्रीम कोर्ट केसेस का 1 घंटा अध्ययन करने का जिक्र करते हुए छात्र-छात्राओं को सतत अध्ययन के लिए प्रोत्साहित किया। इसी तारतम्य में महाविद्यालय में नारी शक्ति वंदन पखवाड़ा कार्यक्रम के तहत महिलाओं के कानूनी अधिकार विषय पर संविधान, स्त्रीधन, तीन तलाक, भरण पोषण, उत्तराधिकार, विधायिकाओं में प्रतिनिधित्व इत्यादि पर प्राचार्य डॉ आशुतोष राय द्वारा व्याख्यान प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम में नारी शक्ति वंदन पखवाड़ा के अंतर्गत आयोजित पोस्टर प्रतियोगिता एवं निबंध प्रतियोगिता के विजयी छात्र छात्राओं को ट्रॉफी एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। इस दौरान महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. जयश्री त्रिवेदी एवं महाविद्यालय का समस्त स्टाफ एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।1
- मध्यप्रदेश के सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग ने पंडोखर धाम पहुंचकर धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने भगवान बालाजी महाराज और हाथीवान महाराज के दर्शन कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। मंत्री सारंग ने शुक्रवार रात साढ़े 09 बजे पंडोखर धाम के पीठाधीश्वर गुरु चरण महाराज से भेंट कर आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर पीठाधीश्वर गुरुशरण महाराज ने उन्हें स्मृति चिन्ह एवं अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया। मंत्री के आगमन को लेकर धाम परिसर में विशेष तैयारियां की गई थीं। सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए, जहां बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। श्रद्धालुओं में मंत्री के आगमन को लेकर उत्साह का माहौल देखा गया।1
- Post by Adiya dantre 99816018601
- लगभग 12.45 बजे प्लेटफार्म नंबर 4/5 पर लिफ्ट में लोगों के फंसे होने की जानकारी होते ही रेस्क्यू टीम तत्काल प्रभाव एक्टिव हो गई। 10 से 15 मिनट के अंदर ही दो बच्चों को लिफ्ट से सुरक्षित निकाल लिया गया। लिफ्ट में फंसे अन्य 5 लोगों को भी 30 से 40 मिनट में सुरक्षित बाहर निकाला गया। घटना की जानकारी मिलते ही अपर मंडल रेल प्रबंधक परिचालन नंदीश शुक्ला, वरिष्ठ मंडल विद्युत इंजीनियर सामान्य अशोक प्रिय गौतम, स्टेशन निदेशक सीमा तिवारी सहित डॉक्टर, विद्युत इंजीनियर सामान्य की टीम के साथ RPF /जी आर पी और टिकट चेकिंग स्टाफ सहायता के लिए प्लेटफॉर्म संख्या 4/5 पर उपस्थित रहे। आपात स्थिति के लिए MCO से आर्मी जवान को भी बुलाया गया। उक्त घटना एक यात्री के बैग का स्ट्रिप चढ़ते समय लिफ्ट के गेट में फंसने के कारण हुई। उसने उसको खींचा जिस कारण लिफ्ट का सेंसर प्रभावित होने के कारण लिफ्ट रुक गई। यात्रियों से अनुरोध है लिफ्ट के प्रयोग के दौरान सावधानी बरतें। लिफ्ट का संचालन निरंतर होता है। उसमें किसी भी वस्तु से नुकसान न पहुंचाएं।1
- झांसी पूछ में खूंखार सांड ने तीन लोगों को किया घायल दो झांसी रेफर ग्रामीणों ने रेस्क्यू कर पकड़ा उसको1
- Post by S News1
- दतिया में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश विजय चन्द्र द्वारा शासकीय विधि महाविधालय में महाविद्यालय/नेशनल स्तर पर आयोजित मूट कोर्ट प्रतियोगिता में विजयी प्रतिभागियों को ट्रॉफी एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित कर उनको उज्जवल भविष्य की शुभकामनाये दी। न्यायाधीश द्वारा अपने संबोधन में छात्र-छात्राओं को विधि की व्यावहारिक जानकारी प्रदान करते हुए कहा गया की यह व्यवसाय सर्वश्रेष्ठ व्यवसायों में से एक है इस व्यवसाय में सतत अध्ययन की आवश्यकता है बड़े बड़े राजनेता, राष्ट्रपिता एवं राष्ट्रपति इस व्यवसाय से जुड़े रहे। उन्होंने अपने तीस वर्षों के अनुभवों को साझा करते हुए स्वर्गीय वरिष्ठ अधिवक्ता श्री राम जेठ मलानी का उदाहरण दिया की लोग उनके तर्कों को सुनते हैं लेकिन उस तर्क के पीछे की रात्रि 2 बजे तक की गई तैयारी को नहीं देखते हैं। साथ ही चीफ जस्टिस ऑफ़ इंडिया 2005 श्री रमेश चन्द्र लाहोटी के प्रतिदिन जर्नल सुप्रीम कोर्ट केसेस का 1 घंटा अध्ययन करने का जिक्र करते हुए छात्र-छात्राओं को सतत अध्ययन के लिए प्रोत्साहित किया। इसी तारतम्य में महाविद्यालय में नारी शक्ति वंदन पखवाड़ा कार्यक्रम के तहत महिलाओं के कानूनी अधिकार विषय पर संविधान, स्त्रीधन, तीन तलाक, भरण पोषण, उत्तराधिकार, विधायिकाओं में प्रतिनिधित्व इत्यादि पर प्राचार्य डॉ आशुतोष राय द्वारा व्याख्यान प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम में नारी शक्ति वंदन पखवाड़ा के अंतर्गत आयोजित पोस्टर प्रतियोगिता एवं निबंध प्रतियोगिता के विजयी छात्र छात्राओं को ट्रॉफी एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। इस दौरान महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. जयश्री त्रिवेदी एवं महाविद्यालय का समस्त स्टाफ एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।1
- दतिया। झूठा प्रकरण दर्ज कराने के गंभीर मामले में न्यायालय ने सख्त फैसला सुनाते हुए फरियादिया वैभवी सनोरिया को 10 वर्ष के कारावास एवं 10,500 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। यह फैसला 16 अप्रैल 2026 को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश राजेश भंडारी की अदालत द्वारा सुनाया गया। प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी करते हुए अतिरिक्त लोक अभियोजक अरुण कुमार लिटोरिया ने बताया कि मामला थाना बड़ोनी का है। फरियादिया वैभवी सनोरिया ने शिकायत दर्ज कराई थी कि 22 सितंबर 2021 की रात करीब 10:30 बजे उसके पड़ोसी कालीचरण ने घर में घुसकर उसके साथ दुष्कर्म किया और जान से मारने की धमकी दी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 450, 376 भारतीय दंड संहिता एवं एससी/एसटी एक्ट की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच पूरी कर न्यायालय में पेश किया। हालांकि, विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट की अदालत में विचारण के दौरान फरियादिया अपने बयान से पलट गई और बताया कि रुपये के लेन-देन के विवाद के चलते उसने आरोपी कालीचरण के खिलाफ झूठा मामला दर्ज कराया था। इसके बाद न्यायालय ने कालीचरण को दोषमुक्त कर दिया। साथ ही, न्यायालय ने झूठा प्रकरण दर्ज कराने के आरोप में वैभवी सनोरिया के खिलाफ परिवाद प्रस्तुत करने के आदेश दिए थे। इसी परिवाद पर सुनवाई करते हुए अदालत ने भारतीय दंड संहिता की धारा 182, 195 और 211 के तहत उसे दोषी पाते हुए 10 वर्ष के कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई। न्यायालय ने अपने निर्णय में यह भी टिप्पणी की कि वर्तमान में झूठे मामलों के पंजीकरण की प्रवृत्ति बढ़ रही है, जिससे न्यायिक प्रणाली पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है और आम जनता में न्याय के प्रति नकारात्मक धारणा बनती है। ऐसे मामलों पर अंकुश लगाना अत्यंत आवश्यक है।1
- झाँसी। सामाजिक सरोकारों की सजीव मिसाल प्रस्तुत करते हुए जनपद के प्रख्यात समाजसेवी डॉ. संदीप सरावगी ने एक जरूरतमंद परिवार की बेटी के विवाह अवसर पर मानवीय संवेदनाओं से ओतप्रोत सहयोग प्रदान किया। उन्नाव गेट अंदर निवासी संजना कुशवाहा, पुत्री भगवान दास कुशवाहा एवं माता सुनीता कुशवाहा, का विवाह संपन्न हुआ। इस पावन अवसर पर डॉ. संदीप सरावगी ने संघर्ष सेवा समिति कार्यालय में वधु को आशीर्वाद स्वरूप फुल साइज ट्रॉली बैग, साड़ी एवं अन्य उपयोगी उपहार भेंट कर समाज में सहयोग और सहकारिता की भावना को सशक्त किया। इतना ही नहीं, वधु को विवाह के लिए सुसज्जित करने की व्यवस्था भी संदीप सरावगी द्वारा ही कराई गई, जिसमें कलर्स ब्यूटी पार्लर से उसे स्नेहपूर्वक तैयार कराया गया। यह सहयोग केवल भौतिक नहीं, बल्कि भावनात्मक संबल का भी प्रतीक बना, जिसने एक परिवार के चेहरे पर मुस्कान बिखेर दी। कार्यक्रम के दौरान सामाजिक एकता और सहयोग का सुंदर दृश्य देखने को मिला। इस अवसर पर वीर सिंह, ऐश्वर्य सरावगी, संदीप नामदेव, धर्मेंद्र खटीक, मास्टर मुन्नालाल, राजू सेन, अनुज प्रताप सिंह, बसंत गुप्ता, राकेश अहिरवार, रिया वर्मा, अंजली विश्वकर्मा, सिद्धांत गुप्ता, शुभांशु वर्मा, भावना अग्रवाल, मीना मसीह, रानी वर्मा, नीता सिंह, कुसुम साहू, धर्मेंद्र सिंह, पवन सिंह, रतिराम यादव सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने कहा कि ऐसे प्रयास समाज में मानवीय मूल्यों को जीवित रखते हैं और यह संदेश देते हैं कि बेटी के विवाह जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर समाज एक परिवार की तरह साथ खड़ा है। डॉ. संदीप सरावगी का यह कार्य न केवल प्रशंसनीय है, बल्कि समाज के अन्य लोगों के लिए भी प्रेरणा स्रोत बनकर उभरता है।4