Shuru
Apke Nagar Ki App…
झारखंड के धनबाद जिले के गोबिंदपुर प्रखंड की बड़ा पिछड़ी पंचायत में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां मुखिया के जाली हस्ताक्षर और फर्जी मुहर का उपयोग कर सरकारी कार्यों में गड़बड़ी की जा रही है। इस मामले ने पूरे क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पंचायत में चल रहे सरकारी कार्यों में मुखिया के जाली हस्ताक्षर और फर्जी मुहर का उपयोग किया जा रहा है। इससे सरकारी धन का दुरुपयोग हो रहा है। लोगों में इस बात को लेकर रोष है और वे इस मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग कर रहे हैं। इस मामले में अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन स्थानीय प्रशासन ने जांच के आदेश दिए हैं। उम्मीद है कि जल्द ही इस मामले में कुछ कार्रवाई होगी।
मो० फारुख (पत्रकार)
झारखंड के धनबाद जिले के गोबिंदपुर प्रखंड की बड़ा पिछड़ी पंचायत में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां मुखिया के जाली हस्ताक्षर और फर्जी मुहर का उपयोग कर सरकारी कार्यों में गड़बड़ी की जा रही है। इस मामले ने पूरे क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पंचायत में चल रहे सरकारी कार्यों में मुखिया के जाली हस्ताक्षर और फर्जी मुहर का उपयोग किया जा रहा है। इससे सरकारी धन का दुरुपयोग हो रहा है। लोगों में इस बात को लेकर रोष है और वे इस मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग कर रहे हैं। इस मामले में अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन स्थानीय प्रशासन ने जांच के आदेश दिए हैं। उम्मीद है कि जल्द ही इस मामले में कुछ कार्रवाई होगी।
More news from झारखंड and nearby areas
- झारखंड के धनबाद जिले के गोबिंदपुर प्रखंड की बड़ा पिछड़ी पंचायत में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां मुखिया के जाली हस्ताक्षर और फर्जी मुहर का उपयोग कर सरकारी कार्यों में गड़बड़ी की जा रही है। इस मामले ने पूरे क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पंचायत में चल रहे सरकारी कार्यों में मुखिया के जाली हस्ताक्षर और फर्जी मुहर का उपयोग किया जा रहा है। इससे सरकारी धन का दुरुपयोग हो रहा है। लोगों में इस बात को लेकर रोष है और वे इस मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग कर रहे हैं। इस मामले में अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन स्थानीय प्रशासन ने जांच के आदेश दिए हैं। उम्मीद है कि जल्द ही इस मामले में कुछ कार्रवाई होगी।1
- मुगमा एरिया अंतर्गत खुदिया कोलियरी में आज जनता मजदूर संघ के बैनर तले विभिन्न लंबित मांगों को लेकर मजदूरों ने जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया और कोलियरी का उत्पादन पूरी तरह ठप कर दिया। आंदोलनरत मजदूरों ने ईसीएल प्रबंधन पर उनकी समस्याओं की लगातार अनदेखी करने का आरोप लगाया। मजदूरों का कहना है कि बार-बार मांग उठाने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, जिसके कारण उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा। मजदूरों ने बताया कि कोलियरी में पूरे कार्य का दायित्व केवल एक ही हाजिरी बाबू के भरोसे चल रहा है, जिससे कार्य संचालन प्रभावित हो रहा है। भूमिगत (इंकलाइन) खदान में पर्याप्त वेंटिलेशन की व्यवस्था नहीं होने के कारण मजदूरों को काम के दौरान सांस लेने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मजदूरों का कहना है कि ऐसी स्थिति में कभी भी कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है। आंदोलनकारी मजदूरों ने यह भी आरोप लगाया कि कई कर्मचारी पिछले पांच वर्षों से लगातार कार्यरत हैं, लेकिन आज तक उन्हें न तो पदोन्नति मिली है और न ही पदनाम दिया गया है। इससे कर्मचारियों में गहरा असंतोष व्याप्त है। मजदूरों ने कोलियरी के आवासों की बदहाल स्थिति पर भी नाराजगी जताई। उनका कहना है कि बारिश के दौरान क्वार्टरों की छत से पानी टपकता है तथा बिजली के पोल और तार भी पूरी तरह जर्जर हो चुके हैं, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। एक गंभीर आरोप यह भी लगाया गया कि पिछले लगभग छह महीनों से ईसीएल प्रबंधन एवं लखीमाता ग्रुप के अभिकर्ता की कथित मिलीभगत से भूमिगत (UG) में कार्यरत दर्जनों लोडर मजदूरों को सतह (Surface) पर कार्य करने के लिए स्थानांतरित कर दिया गया है। मजदूरों का कहना है कि इस निर्णय से कार्य व्यवस्था प्रभावित हुई है और कर्मचारियों में भारी असंतोष फैल गया है। यूनियन ने मांग की कि जिन मजदूरों को उनके मूल कार्यस्थल से हटाया गया है, उन्हें पुनः उनके पूर्व पद एवं कार्यस्थल पर बहाल किया जाए। मजदूरों ने बताया कि इन सभी समस्याओं को लेकर करीब तीन महीने पूर्व ईसीएल प्रबंधन को लिखित ज्ञापन सौंपा गया था, लेकिन अब तक किसी भी मांग पर सार्थक पहल नहीं की गई। प्रबंधन की इसी उदासीनता के विरोध में आज मजदूरों ने उत्पादन ठप कर आंदोलन शुरू किया। जनता मजदूर संघ ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सभी जायज़ मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन को और अधिक उग्र किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी ईसीएल प्रबंधन की होगी।7
- धनबाद-कम-केंदुअडीह-कम-जगता क्षेत्र में लोगों को जल्दी थकान महसूस हो रही है? यह विटामिन B1 (थायमिन) की कमी का संकेत हो सकता है। विटामिन B1 भोजन को ऊर्जा में बदलने में मदद करता है और नसों को स्वस्थ रखता है। इसकी कमी से कमजोरी और तंत्रिका संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।1
- धनबाद के कतरास के छाताबाद पुल के पास असामाजिक तत्वों ने झमाडा की सप्लाई पाइपलाइन को क्षतिग्रस्त कर दिया। इस घटना के कारण हजारों गैलन पानी सड़क पर बह गया और बर्बाद हो गया। इस क्षति के कारण स्थानीय लोगों को पानी की आपूर्ति में समस्या का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन ने घटना की जांच शुरू कर दी है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही है।1
- झारखंड के जामताड़ा, देवघर और दुमका जिलों से कुल 23 श्रद्धालुओं का जत्था कोलकाता एयरपोर्ट से उमरा हज की पवित्र यात्रा के लिए मक्का-मदीना रवाना हुआ। इस अवसर पर एयरपोर्ट पर भावुक माहौल देखने को मिला। बड़ी संख्या में परिजन, रिश्तेदार और शुभचिंतक यात्रियों को विदा करने पहुंचे। सभी ने गले मिलकर यात्रियों की सलामती और उमरा की कुबूलियत की दुआ की। जेएमएम युवा नेता सफीक अंसारी ने कहा कि यह पूरे क्षेत्र के लिए खुशी और सौभाग्य का अवसर है। उन्होंने अल्लाह से सभी यात्रियों का उमरा कबूल होने और सकुशल वापसी की दुआ की। अब सभी श्रद्धालु मक्का और मदीना में इबादत अदा करेंगे।1
- झारखंड के बोकारो में गौ सम्मान की मांग को लेकर एक रैली निकाली गई। इस रैली में शामिल गौ भक्तों ने बताया कि वे लगभग पांच लाख हस्ताक्षर एकत्र कर चुके हैं और इन हस्ताक्षरों को युक्त उपायुक्त को सौंपेंगे। रैली का मुख्य उद्देश्य गौ सम्मान की मांग को बल देना है। इस रैली में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए और उन्होंने गौ सम्मान के लिए अपनी प्रतिबद्धता जताई।1
- जामताड़ा के विद्यासागर स्टेशन के समीप सड़क पर जलभराव और गड्ढों के कारण एक टोटो पलट गया। इस हादसे में टोटो में सवार दो महिला सवारियां घायल हो गई हैं।1