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अखिल भारतीय किसान महासभा ने जिला प्रभारी जय बिजय तिवारी की अध्यक्षता में जिले के विभिन्न प्रखंडों में प्रदर्शन करते हुए नरेंद्र मोदी, अमित शाह और शिक्षा मंत्री का पुतला दहन किया। यह विरोध प्रदर्शन सेटेलाइट टाउनशिप के नाम पर किसानों की जमीन लूटने, पेपर लीक और दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के खिलाफ आयोजित किया गया। प्रदर्शन के दौरान आरोप लगाया गया कि सरकार सेटेलाइट टाउनशिप बनाने के नाम पर 12 जगहों पर करीब चार लाख एकड़ किसानों की जमीन हड़पना चाहती है। इसके साथ ही, जंतर-मंतर पर छात्रों पर हुए लाठीचार्ज और लड़कियों से छेड़छाड़ की घटनाओं पर भी कड़ा आक्रोश व्यक्त किया गया।
जय बिजय तिवारी
अखिल भारतीय किसान महासभा ने जिला प्रभारी जय बिजय तिवारी की अध्यक्षता में जिले के विभिन्न प्रखंडों में प्रदर्शन करते हुए नरेंद्र मोदी, अमित शाह और शिक्षा मंत्री का पुतला दहन किया। यह विरोध प्रदर्शन सेटेलाइट टाउनशिप के नाम पर किसानों की जमीन लूटने, पेपर लीक और दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के खिलाफ आयोजित किया गया। प्रदर्शन के दौरान आरोप लगाया गया कि सरकार सेटेलाइट टाउनशिप बनाने के नाम पर 12 जगहों पर करीब चार लाख एकड़ किसानों की जमीन हड़पना चाहती है। इसके साथ ही, जंतर-मंतर पर छात्रों पर हुए लाठीचार्ज और लड़कियों से छेड़छाड़ की घटनाओं पर भी कड़ा आक्रोश व्यक्त किया गया।
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- अखिल भारतीय किसान महासभा ने जिला प्रभारी जय बिजय तिवारी की अध्यक्षता में जिले के विभिन्न प्रखंडों में प्रदर्शन करते हुए नरेंद्र मोदी, अमित शाह और शिक्षा मंत्री का पुतला दहन किया। यह विरोध प्रदर्शन सेटेलाइट टाउनशिप के नाम पर किसानों की जमीन लूटने, पेपर लीक और दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के खिलाफ आयोजित किया गया। प्रदर्शन के दौरान आरोप लगाया गया कि सरकार सेटेलाइट टाउनशिप बनाने के नाम पर 12 जगहों पर करीब चार लाख एकड़ किसानों की जमीन हड़पना चाहती है। इसके साथ ही, जंतर-मंतर पर छात्रों पर हुए लाठीचार्ज और लड़कियों से छेड़छाड़ की घटनाओं पर भी कड़ा आक्रोश व्यक्त किया गया।4
- रोहतास जिले के करगहर थाना क्षेत्र अंतर्गत रामपुर पंचायत के बलिरामपुर गांव से जुड़ा एक वीडियो सामने आया है। यह वीडियो बलिरामपुर क्षेत्र (पिन कोड 802215) की घटना का बताया जा रहा है।1
- चिकित्सकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग को लेकर बिहार राज्य स्वास्थ्य सेवा संघ के आह्वान पर भभुआ सदर अस्पताल सहित कैमूर जिले के सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों ने ओपीडी सेवा का बहिष्कार कर दिया। बुधवार सुबह से ही ओपीडी बंद रहने के कारण इलाज के लिए पहुंचे सैकड़ों मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। इस दौरान कई मरीज बिना इलाज कराए ही वापस लौट गए, जबकि कुछ मरीजों ने इलाज के लिए निजी अस्पतालों का रुख किया। सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. विनोद ने बताया कि अरवल के सिविल सर्जन और मोहनिया अनुमंडलीय अस्पताल के चिकित्सक डॉ. प्रदीप कुमार समेत कई डॉक्टरों के साथ हुई मारपीट की घटनाओं के विरोध में यह आंदोलन किया गया है। उन्होंने कहा कि सुरक्षित कार्य वातावरण के बिना गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं देना संभव नहीं है। चिकित्सकों ने अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने, पर्याप्त सुरक्षा बल की तैनाती और डॉक्टरों पर हमला करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए सरकार से शीघ्र ठोस कदम उठाने की अपील की है।4
- संत रामपाल जी महाराज केवल आध्यात्मिक ज्ञान ही नहीं दे रहे, बल्कि मानवता की रक्षा के लिए धरातल पर सेवा कार्य भी कर रहे हैं। वे दुखी, गरीब, किसान, मजदूर और असहाय परिवारों का सच्चा सहारा बनकर सामने आए हैं। शास्त्रों के अनुसार पूर्ण परमात्मा कबीर साहिब जी ही सर्व सृष्टि के रचनहार हैं, और संत रामपाल जी महाराज इसी तत्वज्ञान को प्रमाण सहित जगत के सामने रख रहे हैं। उनका उद्देश्य केवल सांसारिक सहायता देना नहीं, बल्कि मानव समाज को सुख, शांति, समृद्धि तथा मोक्ष का मार्ग बताते हुए जीवात्माओं को जन्म-मृत्यु के दुखद चक्र से निकालकर सतलोक की ओर ले जाना है। इस महान सेवा अभियान का हिस्सा बनने और संत रामपाल जी महाराज के मानव कल्याणकारी कार्यों को जन-जन तक पहुँचाने का आह्वान किया गया है। लोगों से हाथ जोड़कर उनका सम्मान करने और जरूरतमंद किसानों के चेहरों पर मुस्कान लाने के लिए इस जनसेवा अभियान में सहयोग करने की अपील की गई है।1
- डॉक्टरों के साथ लगातार हो रही मारपीट की घटनाओं के विरोध में बुधवार को पूरे बिहार के सरकारी अस्पतालों में ओपीडी सेवा पूरी तरह ठप रही। हालांकि, गंभीर मरीजों के इलाज के लिए इमरजेंसी सेवा सामान्य रूप से संचालित है। ओपीडी बंद रहने के कारण दूर-दराज के इलाकों से इलाज कराने पहुंचे मरीजों और उनके परिजनों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। चिकित्सकों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि अरवल जिले में सिविल सर्जन के साथ मारपीट हुई और कुछ दिन पहले कैमूर जिले के मोहनिया अनुमंडलीय अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर के साथ भी मारपीट की घटना घटी थी। डॉक्टरों का आरोप है कि इन घटनाओं के बाद भी प्रशासन की ओर से अब तक कोई संतोषजनक कार्रवाई नहीं की गई है। अनुमंडलीय अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. अविनाश सिंह ने बताया कि डॉक्टरों की सुरक्षा की मांग को लेकर पूरे बिहार में ओपीडी सेवा बंद रखी गई है।1
- Post by जय बिजय तिवारी1
- जंतर मंतर पर अपनी माँगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे लोगों पर हुए बल प्रयोग और लाठीचार्ज को लेकर गहरा दुख और चिंता व्यक्त की गई है। संवाद के स्थान पर लाठियों का इस्तेमाल होने से किसी एक पक्ष की हार नहीं होती, बल्कि पूरे लोकतंत्र के विश्वास पर गहरी चोट पहुँचती है। यह स्थिति हर संवेदनशील मन को बेचैन करने वाली है। प्रदर्शनकारियों की भीड़ में अपने बच्चों के भविष्य के लिए लड़ रहे पिता, अपने अधिकारों की आवाज़ उठाती बेटियाँ, शिक्षक, कर्मचारी, किसान और युवा शामिल हैं जिनकी उम्मीदें धीरे-धीरे टूट रही हैं। जब ऐसी आवाज़ों का जवाब डंडों से दिया जाता है, तो नागरिकों के बीच खामोशी बढ़ती है और व्यवस्था से विश्वास घटने लगता है। सत्ता की असली ताकत उसकी शक्ति में नहीं, बल्कि उसकी संवेदनशीलता में निहित होती है। इसके साथ ही, विरोध प्रदर्शन भी संयम, अनुशासन और शांति के साथ होना चाहिए। इतिहास गवाह है कि विचारों को कभी लाठियों से हराया नहीं जा सकता। आवाज़ों को दबाया तो जा सकता है, लेकिन समाप्त नहीं किया जा सकता। लोकतंत्र की वास्तविक पहचान केवल चुनाव कराने में नहीं, बल्कि असहमति को सम्मानपूर्वक सुनने में है। आज आवश्यकता जीत या हार तय करने की नहीं, बल्कि संवाद पुनः शुरू करने की है ताकि ऐसा भारत बन सके जहाँ नागरिकों को अपनी बात कहने से डर न लगे और पुलिस को अपने ही लोगों पर लाठी उठाने की नौबत न आए।1