16 अगस्त तक कराएं ई-केवाईसी, नहीं तो सब्सिडी बंद होने के साथ व्यावसायिक दर पर लेना पड़ सकता है गैस सिलेंडर जय माँ भगवती इंडेन गैस एजेंसी, तारापुर के प्रोपराइटर रत्नेश प्रसाद सिंह ने सभी उपभोक्ताओं से 16 अगस्त तक हर हाल में ई-केवाईसी कराने की अपील की है। उन्होंने बताया कि एजेंसी के केवल 70 प्रतिशत उपभोक्ताओं का ही अब तक ई-केवाईसी हो सका है, जबकि 30 प्रतिशत उपभोक्ता अभी भी इस प्रक्रिया से वंचित हैं। उन्होंने कहा कि निर्धारित समय सीमा के भीतर ई-केवाईसी नहीं कराने वाले उपभोक्ताओं को रसोई गैस सब्सिडी का लाभ नहीं मिल सकेगा। साथ ही भविष्य में उन्हें घरेलू गैस सिलेंडर के बजाय व्यावसायिक दरों पर सिलेंडर खरीदना पड़ सकता है। इसलिए सभी उपभोक्ता समय रहते अपनी ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी करा लें। रत्नेश प्रसाद सिंह ने बताया कि ई-केवाईसी को लेकर शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है, ताकि कोई भी उपभोक्ता इस आवश्यक प्रक्रिया से वंचित न रहे। उन्होंने उपभोक्ताओं से निर्धारित तिथि से पहले एजेंसी या अधिकृत केंद्र पर पहुंचकर ई-केवाईसी कराने की अपील की।
16 अगस्त तक कराएं ई-केवाईसी, नहीं तो सब्सिडी बंद होने के साथ व्यावसायिक दर पर लेना पड़ सकता है गैस सिलेंडर जय माँ भगवती इंडेन गैस एजेंसी, तारापुर के प्रोपराइटर रत्नेश प्रसाद सिंह ने सभी उपभोक्ताओं से 16 अगस्त तक हर हाल में ई-केवाईसी कराने की अपील की है। उन्होंने बताया कि एजेंसी के केवल 70 प्रतिशत उपभोक्ताओं का ही अब तक ई-केवाईसी हो सका है, जबकि 30 प्रतिशत उपभोक्ता अभी भी इस प्रक्रिया से वंचित हैं। उन्होंने कहा कि निर्धारित समय सीमा के भीतर ई-केवाईसी नहीं कराने वाले उपभोक्ताओं को रसोई गैस सब्सिडी का लाभ नहीं मिल सकेगा। साथ ही भविष्य में उन्हें घरेलू गैस सिलेंडर के बजाय व्यावसायिक दरों पर सिलेंडर खरीदना पड़ सकता है। इसलिए सभी उपभोक्ता समय रहते अपनी ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी करा लें। रत्नेश प्रसाद सिंह ने बताया कि ई-केवाईसी को लेकर शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है, ताकि कोई भी उपभोक्ता इस आवश्यक प्रक्रिया से वंचित न रहे। उन्होंने उपभोक्ताओं से निर्धारित तिथि से पहले एजेंसी या अधिकृत केंद्र पर पहुंचकर ई-केवाईसी कराने की अपील की।
- चार दिनों से अपनों की राह देख रहा कांवरिया, पुलिस ने जारी की पहचान की अपील श्रावणी मेला के दौरान अपने साथियों से बिछड़ा उत्तर प्रदेश का एक श्रद्धालु पिछले चार दिनों से तारापुर थाना में परिजनों की राह देख रहा है। कांवरिया के वेश में मिले श्रद्धालु की पहचान पंडित रजक (पिता मुसे रजक), ग्राम सुरजली पूर्वा, थाना रामगांव, जिला बहराइच, उत्तर प्रदेश के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, 7/8 अगस्त को तारापुर थाना क्षेत्र के कांवरिया पथ पर वह अपने साथियों से बिछड़ गए थे। इसके बाद पुलिस ने उन्हें सुरक्षित तारापुर थाना पहुंचाया। श्रद्धालु मानसिक रूप से कुछ कमजोर बताए जा रहे हैं और फिलहाल पुलिस की निगरानी में हैं। तारापुर थानाध्यक्ष राज कुमार ने बताया कि उत्तर प्रदेश के संबंधित स्थानीय थाना को सूचना दी गई है, लेकिन अब तक कोई जवाब नहीं मिला है। मामले से वरीय पदाधिकारियों को भी अवगत कराया गया है। मुंगेर पुलिस ने लोगों से अपील की है कि पंडित रजक या उनके परिजनों की जानकारी मिलने पर 9031828083 अथवा 9031828099 पर सूचना दें।1
- पुलिस ने ड्राइवर से पूछा गाड़ी में क्या है_ड्राइवर खुलेआम ब1
- वार्ड संख्या-25 में विकास को लेकर जनता और पूर्व वार्ड पार्षद आमने-सामने हवेली खड़गपुर नगर परिषद के वार्ड संख्या-25 में विकास कार्यों को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी देखने को मिल रही है। कई लोगों का कहना है कि न तो पूर्व वार्ड पार्षद के कार्यकाल में उनकी समस्याओं का समाधान हुआ और न ही वर्तमान वार्ड पार्षद के कार्यकाल में अपेक्षित काम हो रहा है। लोगों ने सड़क, नाला, जल निकासी और अन्य मूलभूत सुविधाओं की कमी की शिकायत की। वहीं, इन आरोपों पर पूर्व वार्ड पार्षद ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में उपलब्ध संसाधनों और स्वीकृत योजनाओं के अनुसार विकास कार्य कराए गए थे। उन्होंने दावा किया कि कई योजनाएं पूरी की गईं और कुछ कार्य प्रशासनिक या अन्य कारणों से लंबित रह गए। आखिर वार्ड संख्या-25 की जमीनी हकीकत क्या है? जनता के आरोप और पूर्व वार्ड पार्षद की सफाई—दोनों पक्षों को सुनिए इस विशेष ग्राउंड रिपोर्ट में।1
- # प्रेस विज्ञप्ति **समाहरणालय, खगड़िया** **दिनांक : 11 अगस्त, 2026** ## विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम, 2025 के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर जिला स्तरीय पंच सम्मेलन आयोजित **खगड़िया, 11 अगस्त 2026।** विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम, 2025 के प्रभावी क्रियान्वयन तथा पंचायती राज संस्थानों के निर्वाचित प्रतिनिधियों एवं संबंधित पदाधिकारियों को अधिनियम के प्रावधानों से अवगत कराने के उद्देश्य से मंगलवार को खेल भवन, खगड़िया के प्रांगण में जिला स्तरीय **‘पंच सम्मेलन’** का आयोजन किया गया। सम्मेलन में पंचायती राज संस्थाओं के तीनों स्तरों के निर्वाचित प्रतिनिधियों एवं संबंधित पदाधिकारियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ जिला परिषद, खगड़िया की अध्यक्ष श्रीमती कृष्णा कुमारी यादव, निदेशक, राष्ट्रीय नियोजन कार्यक्रम, खगड़िया एवं प्रभारी जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, विकसित भारत-जी राम जी द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया। सम्मेलन में विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम, 2025 के उद्देश्यों, पंचायती राज संस्थाओं की भूमिका एवं जिम्मेदारियों, विकसित ग्राम पंचायत योजना (VGPP) के निर्माण एवं अनुमोदन, परिवारों के पंजीकरण तथा ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड जारी करने की प्रक्रिया के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। प्रतिनिधियों को ग्रामीण विकास से संबंधित कार्यों की योजना तैयार करने, स्वीकृत योजनाओं के क्रियान्वयन, निगरानी एवं परिसंपत्तियों के रखरखाव, विभिन्न योजनाओं के अभिसरण, कार्यों में पारदर्शिता, शिकायतों के समाधान, सामाजिक जवाबदेही एवं सामाजिक अंकेक्षण सहित अधिनियम के विभिन्न महत्वपूर्ण प्रावधानों से अवगत कराया गया। प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि योजना के तहत केंद्र एवं राज्य के बीच फंड शेयरिंग का अनुपात **60:40** है। राज्य सरकारें खेती के बुआई एवं कटाई के महत्वपूर्ण समय के दौरान कुल 60 दिनों की ऐसी अवधि अधिसूचित कर सकेंगी, जिसमें योजना के तहत कार्य नहीं कराया जाएगा। अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन, निगरानी एवं मूल्यांकन के लिए राष्ट्रीय, राज्य एवं जिला स्तर पर समितियों के गठन का प्रावधान है। विकास के मानकों के आधार पर ग्राम पंचायतों का तीन श्रेणियों में वर्गीकरण तथा प्रधानमंत्री गतिशक्ति के अनुरूप एकीकृत विकसित ग्राम पंचायत योजनाओं के निर्माण की जानकारी भी दी गई। साथ ही प्रशासनिक व्यय की सीमा को 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 9 प्रतिशत किए जाने के प्रावधान से भी अवगत कराया गया। प्रभारी जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, विकसित भारत-जी राम जी द्वारा बताया गया कि **विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम, 2025 दिनांक 01 जुलाई 2026 से प्रभावी है।** इसके अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों के इच्छुक परिवारों को निर्धारित प्रावधानों के अनुरूप **125 दिनों के रोजगार की गारंटी** प्रदान करने का प्रावधान है। योजना का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को रोजगार उपलब्ध कराने के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करना, टिकाऊ परिसंपत्तियों का निर्माण करना तथा ग्रामीण क्षेत्रों को आत्मनिर्भर एवं सशक्त बनाना है। उन्होंने कहा कि योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासनिक तंत्र के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है। स्थानीय आवश्यकताओं एवं प्राथमिकताओं के अनुरूप ग्राम पंचायत स्तर पर कार्यों की पहचान, योजना निर्माण तथा स्वीकृत कार्यों का प्राथमिकता के आधार पर क्रियान्वयन किया जाएगा। ग्राम पंचायतों को योजना निर्माण, क्रियान्वयन, निगरानी, परिसंपत्तियों के रखरखाव, पारदर्शिता एवं सामाजिक जवाबदेही सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। सम्मेलन के दौरान उपस्थित जनप्रतिनिधियों द्वारा अधिनियम एवं योजना से संबंधित विभिन्न बिंदुओं पर प्रश्न पूछे गए, जिनका उत्तर श्री मनीश कुमार, निदेशक, राष्ट्रीय नियोजन कार्यक्रम, खगड़िया द्वारा दिया गया। जिला परिषद अध्यक्ष सहित सभी प्रखंड प्रमुख, जिला परिषद सदस्य, पंचायत समिति सदस्य एवं मुखियागण ने सम्मेलन को उपयोगी एवं महत्वपूर्ण बताते हुए इसकी सराहना की तथा जिला प्रशासन की टीम के प्रति आभार व्यक्त किया। विस्तृत प्रशिक्षण एवं प्रस्तुतीकरण के दौरान विभागीय प्रशिक्षण प्राप्त श्री राम अकबाल पंडित, प्रभारी जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, विकसित भारत-जी राम जी; श्री रनिश कुमार, जिला वित्त प्रबंधक, डीआरडीए; श्री अमन कुमार सिन्हा, सहायक अंकेक्षक, डीआरडीए; श्री रंजीत कुमार, युवा पेशेवर तथा श्री रवि रंजन, कार्यक्रम पदाधिकारी, विकसित भारत-जी राम जी, प्रखंड बेलदौर द्वारा योजना के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया। सम्मेलन के माध्यम से पंचायती राज संस्थाओं के निर्वाचित प्रतिनिधियों को अधिनियम के प्रावधानों, उनकी भूमिका एवं दायित्वों के संबंध में जानकारी प्रदान करते हुए योजना के प्रभावी एवं पारदर्शी क्रियान्वयन में जनप्रतिनिधि-प्रशासन समन्वय को और मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया।1
- हनुमान चालीसा के सामूहिक पाठ से भक्तिमय हुआ माहौल, मंत्रमुग्ध हुए श्रद्धालु। गोगरी। गोगरी पंचायत स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा ग्राहक सेवा केंद्र परिसर में आयोजित 24 घंटे के अखंड हनुमान चालीसा पाठ से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। धार्मिक कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर हनुमान जी की आराधना की और सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ किया। इस दौरान जय श्रीराम और बजरंगबली के जयकारों से पूरा परिसर गूंजता रहा। कार्यक्रम की शुरुआत मंगलवार की शाम करीब 5:30 बजे हुई। आयोजकों के अनुसार यह धार्मिक अनुष्ठान लगातार 24 घंटे तक चलेगा और बुधवार की शाम करीब 5:30 बजे इसका समापन किया जाएगा। अखंड पाठ के दौरान श्रद्धालुओं द्वारा बारी-बारी से हनुमान चालीसा का पाठ किया जा रहा है। साथ ही भक्ति गीतों और धार्मिक जयकारों से वातावरण पूरी तरह आध्यात्मिक बना हुआ है। हनुमान चालीसा पाठ में शामिल श्रद्धालुओं ने पूरे श्रद्धा और विश्वास के साथ बजरंगबली की पूजा-अर्चना की। पाठ के दौरान श्रद्धालु भक्ति में लीन नजर आए। कई श्रद्धालुओं ने कहा कि सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ करने से मन को शांति मिलती है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। धार्मिक आयोजनों से समाज में आपसी भाईचारा और एकजुटता भी मजबूत होती है। कार्यक्रम के दौरान परिसर में श्रद्धालुओं के आने-जाने का सिलसिला जारी रहा। श्रद्धालुओं ने हनुमान जी के समक्ष पूजा-अर्चना कर परिवार और समाज की सुख-शांति एवं समृद्धि की कामना की। पूरे कार्यक्रम के दौरान धार्मिक उत्साह और श्रद्धा का माहौल बना रहा। इस अवसर पर विकास चंद्र मिश्रा, अनूप सौरभ, राकू उपाध्याय, बिट्टू मिश्रा, सानु मिश्रा सहित कई श्रद्धालु एवं स्थानीय लोग प्रमुख रूप से मौजूद रहे। आयोजकों ने बताया कि 24 घंटे के इस धार्मिक अनुष्ठान के समापन के अवसर पर भी श्रद्धालुओं की भागीदारी रहेगी।1
- यह छुई-मुई का पौधा है, जिसे छूने पर इसकी पत्तियाँ सिकुड़ जाती हैं। यह छुई-मुई का पौधा है, जिसे छूने पर इसकी पत्तियाँ सिकुड़ जाती हैं।1
- वाटर कूलर के पास छूटा जेवरात से भरा बैग, रेलकर्मी की ईमानदारी से महिला को मिला वापस वाटर कूलर के पास छूटा जेवरात से भरा बैग, रेलकर्मी की ईमानदारी से महिला को मिला वापस1
- 16 अगस्त तक कराएं ई-केवाईसी, नहीं तो सब्सिडी बंद होने के साथ व्यावसायिक दर पर लेना पड़ सकता है गैस सिलेंडर जय माँ भगवती इंडेन गैस एजेंसी, तारापुर के प्रोपराइटर रत्नेश प्रसाद सिंह ने सभी उपभोक्ताओं से 16 अगस्त तक हर हाल में ई-केवाईसी कराने की अपील की है। उन्होंने बताया कि एजेंसी के केवल 70 प्रतिशत उपभोक्ताओं का ही अब तक ई-केवाईसी हो सका है, जबकि 30 प्रतिशत उपभोक्ता अभी भी इस प्रक्रिया से वंचित हैं। उन्होंने कहा कि निर्धारित समय सीमा के भीतर ई-केवाईसी नहीं कराने वाले उपभोक्ताओं को रसोई गैस सब्सिडी का लाभ नहीं मिल सकेगा। साथ ही भविष्य में उन्हें घरेलू गैस सिलेंडर के बजाय व्यावसायिक दरों पर सिलेंडर खरीदना पड़ सकता है। इसलिए सभी उपभोक्ता समय रहते अपनी ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी करा लें। रत्नेश प्रसाद सिंह ने बताया कि ई-केवाईसी को लेकर शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है, ताकि कोई भी उपभोक्ता इस आवश्यक प्रक्रिया से वंचित न रहे। उन्होंने उपभोक्ताओं से निर्धारित तिथि से पहले एजेंसी या अधिकृत केंद्र पर पहुंचकर ई-केवाईसी कराने की अपील की।1