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एक अनोखी मकड़ी के बारे में बताया गया है, जिसे गांव में एक विशेष नाम से जाना जाता है। यह मकड़ी दिखने में हूबहू ऐसी लगती है, जैसे इसे लकड़ी से बनाया गया हो। पोस्ट में इस बात पर जोर दिया गया है कि मकड़ी की बनावट बिल्कुल लकड़ी जैसी प्रतीत होती है, मानो यह सचमुच लकड़ी की ही बनी हुई हो।
Iswar Narwariya
एक अनोखी मकड़ी के बारे में बताया गया है, जिसे गांव में एक विशेष नाम से जाना जाता है। यह मकड़ी दिखने में हूबहू ऐसी लगती है, जैसे इसे लकड़ी से बनाया गया हो। पोस्ट में इस बात पर जोर दिया गया है कि मकड़ी की बनावट बिल्कुल लकड़ी जैसी प्रतीत होती है, मानो यह सचमुच लकड़ी की ही बनी हुई हो।
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- एक अनोखी मकड़ी के बारे में बताया गया है, जिसे गांव में एक विशेष नाम से जाना जाता है। यह मकड़ी दिखने में हूबहू ऐसी लगती है, जैसे इसे लकड़ी से बनाया गया हो। पोस्ट में इस बात पर जोर दिया गया है कि मकड़ी की बनावट बिल्कुल लकड़ी जैसी प्रतीत होती है, मानो यह सचमुच लकड़ी की ही बनी हुई हो।1
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- शाजापुर में कलेक्टर सुश्री ऋजु बाफना की अध्यक्षता में आज सोमवार दोपहर करीब 1 बजे समयसीमा पत्रों की समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक के दौरान, कलेक्टर बाफना ने विभिन्न विभागों को आगामी वर्षा ऋतु के मद्देनजर महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए। उन्होंने जिला पंचायत सीईओ, जनपद पंचायतों के सीईओ और नगरीय निकायों के सीएमओ को जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए नाले-नालियों की साफ-सफाई सुनिश्चित करने के साथ-साथ रूफ हार्वेस्टिंग सिस्टम के लक्ष्यों को पूरा करने का निर्देश दिया। इसके अतिरिक्त, जलकर और संपत्ति कर सहित अन्य करों की वसूली में तेजी लाने तथा जल गंगा संवर्धन अभियान के कार्यों में प्रगति लाने पर भी जोर दिया गया। सुश्री बाफना ने पीएम आवास योजना 2.0 के तहत प्राप्त लक्ष्यों की पूर्ति करने और खास तौर पर जिले में जीर्ण-शीर्ण भवनों की पहचान कर उन्हें ध्वस्त करने के लिए निर्देशित किया। उन्होंने समीक्षा बैठक में स्पष्ट रूप से कहा कि जीर्ण-शीर्ण भवनों का चिन्हांकन कर उन्हें डिस्मेंटल कराया जाए, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।1
- भाजपा जिलाध्यक्ष रायसिंह सेंधव ने महात्मा गांधी के इस विचार को अपनाते हुए कि व्यक्ति को पहले खुद पर अमल करना चाहिए और फिर दूसरों को सीख देनी चाहिए, तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 'फिलहाल खर्चे सीमित करो' की सलाह को मानते हुए, अपना जन्मोत्सव न मनाने का संकल्प लिया है। अपनी इस ऊर्जावान सोच के तहत, उन्होंने अपने इष्ट मित्रों और शुभचिंतकों से आगामी मानसून के मौसम में पेड़ लगाने का आग्रह भी किया है। इस अनुकरणीय पहल के लिए रायसिंह सेंधव जी बधाई के पात्र हैं।1
- जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री मोहन यादव पर जोरदार हमला किया है। उन्होंने अपनी टिप्पणियों में मुख्यमंत्री के साथ-साथ उनके परिवार को भी निशाना बनाया।1
- आगर जिले के बड़ौद स्थित ग्राम महुडिया के किसान अमरसिंह ने इंसान और पशु के बीच अटूट प्रेम का अनूठा उदाहरण पेश करते हुए, अपने बचपन से पाले हुए प्रिय बेल 'श्यामा' की स्मृति में एक बारहमासी कार्यक्रम का आयोजन किया। इस अवसर पर उन्होंने अपने खेत पर विधि-विधान से बेल और गौ माता की प्रतिमाओं की स्थापना कर पूजा-अर्चना की, जिसके बाद एक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। किसान अमरसिंह ने बताया कि उन्होंने श्यामा को बचपन से पाला था और वह उनके परिवार का एक सदस्य था, न कि केवल एक पशु। वर्षों तक साथ रहने के कारण उनके बीच गहरा आत्मीय रिश्ता बन गया था। श्यामा के निधन के बाद उसका दाह संस्कार भी पूरे धार्मिक रीति-रिवाज और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ किया गया था। श्यामा की प्रथम बरसी (बारहमासी) पर आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण, रिश्तेदार और आसपास के गांवों से श्रद्धालु पहुंचे। सभी ने स्थापित प्रतिमाओं के समक्ष श्रद्धासुमन अर्पित किए और श्यामा को भावभीनी श्रद्धांजलि दी। पूजा-अर्चना के उपरांत हुए विशाल भंडारे में सैकड़ों लोगों ने प्रसादी ग्रहण की, जिससे पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धा, आस्था और भावुकता का माहौल बना रहा। ग्रामीणों ने किसान अमरसिंह और कुण्ड के पुत्र रघुराज सिंह की इस अनूठी पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह आयोजन पशुओं के प्रति प्रेम, संवेदनशीलता और सम्मान का एक प्रेरणादायी संदेश देता है।3
- कलेक्टर सुश्री ऋजु बाफना ने सोमवार शाम लगभग 5 बजे ग्राम पंचायत मो. बड़ोदिया का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने जल जीवन मिशन के तहत जल निगम द्वारा किए जा रहे पेयजल वितरण की स्थिति और चल रहे विभिन्न कार्यों का गहनता से निरीक्षण किया। निरीक्षण के समय, कलेक्टर सुश्री बाफना ने जल निगम के अधिकारी को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे सभी घरों में नल कनेक्शन के माध्यम से पेयजल का वितरण सुनिश्चित करें और परियोजना के तहत बचे हुए सभी अधूरे कार्यों को एक माह के भीतर पूर्ण कर लें। इस अवसर पर, ग्रामीणों ने नलखेड़ा मोहल्ला, आगर रोड समेत अन्य मोहल्लों में पेयजल वितरण में आ रही दिक्कतों और समस्याओं से कलेक्टर को अवगत कराया। ग्रामीणों की शिकायतें सुनने के बाद, कलेक्टर ने संबंधित विभाग के अधिकारी को निर्देश दिए कि वे न केवल पेयजल वितरण बल्कि रोड रेस्टोरेशन (सड़क बहाली) के कार्यों को भी अविलंब पूरा करें।1
- उज्जैन जिले की ग्राम पंचायत गोगापुर महिदपुर रोड स्थित साईं मंदिर वाली गली में स्थानीय निवासी सड़क, स्ट्रीट लाइट और पेयजल की गंभीर समस्या से जूझ रहे हैं। यह स्थिति इतनी बदतर है कि सड़क दलदल में तब्दील हो गई है और पीने के पानी के लिए लगाए गए नल स्थापना के बाद से सूखे पड़े हैं, जिसके चलते बच्चे बीमार पड़ रहे हैं। निवासियों के अनुसार, गली में पिछले पाँच दिनों से पानी भरा हुआ है, जबकि स्ट्रीट लाइटें एक महीने से बंद हैं। सरकारी नल योजना के तहत नल स्थापित तो हुए, लेकिन उनमें आज तक पानी की एक बूंद भी नहीं आई, जिसे 'सबसे बड़ा धोखा' बताया जा रहा है। इस संबंध में पाँच दिन पहले सरपंच प्रतिदिनी जी से बात की गई थी, जिन्होंने 'कल तक काम करवा देने' का आश्वासन दिया था। हालांकि, पाँच दिन बीत जाने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। अब सरपंच द्वारा यह कहकर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ा जा रहा है कि 'यह कॉलोनी अवैध है'। इस पर निवासियों ने तीखे सवाल उठाए हैं कि यदि कॉलोनी अवैध है तो चुनाव के समय वोट मांगने क्यों आए थे, संपत्ति कर क्यों लिया जाता है और शासकीय नल क्यों स्थापित किए गए? उनका स्पष्ट कहना है कि चुनाव के समय गली वैध हो जाती है, पर काम के समय अवैध बता दी जाती है। नागरिकों ने सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन का हवाला देते हुए कहा है कि बिजली, सड़क और पानी हर नागरिक का मूल अधिकार है, और इसमें न तो नगर पालिका और न ही पंचायत अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ सकती है।1