महुआडाँड़ में चैती छठ का भव्य समापन: उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देकर व्रतियों ने सुख-समृद्धि की कामना की* रामप्रवेश गुप्ता लोक आस्था और सूर्य उपासना का चार दिवसीय महापर्व 'चैती छठ' बुधवार को उदीयमान भगवान भास्कर को द्वितीय अर्घ्य देने के साथ ही श्रद्धा और उल्लास के साथ संपन्न हो गया। महुआडाँड़ प्रखंड मुख्यालय सहित सभी पंचायतों में भक्ति का अनूठा माहौल देखने को मिला। *छठ घाटों पर उमड़ा जनसैलाब* इस पावन अवसर पर महुआडाँड़ स्थित रामपुर नदी छठ घाट, नेतरहाट छठ घाट सहित प्रखंड के विभिन्न जलाशयों पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। 36 घंटे का कठिन निर्जला उपवास रखने वाले व्रतियों ने जल में खड़े होकर भगवान भास्कर की प्रतीक्षा की और जैसे ही सूर्य देव की पहली किरण दिखाई दी, उन्हें दूध और जल से अर्घ्य अर्पित किया। इसके पश्चात व्रतियों ने पारण कर अपना व्रत पूर्ण किया। *भक्ति और छठ गीतों से गूँजा वातावरण* चारों ओर आस्था का सैलाब उमड़ा था और 'कांच ही बांस के बहंगिया' जैसे पारंपरिक छठ गीतों की मधुर लहरियां पूरे वातावरण को रोमांचित कर रही थीं। श्रद्धा की अनुभूति ऐसी थी कि व्रती अपना तन-मन पूरी तरह भगवान भास्कर के चरणों में अर्पित कर तल्लीन दिखे। घाटों को आकर्षक ढंग से सजाया गया था और दीपों की रोशनी से छटा देखते ही बन रही थी। *प्रशासन और युवाओं की मुस्तैदी* छठ पूजा के सफल संचालन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर थाना प्रभारी मनोज कुमार के नेतृत्व में जिला पुलिस बल पूरी तरह मुस्तैद रहा। साथ ही, बजरंग दल के सदस्यों और स्वयंसेवकों ने भी घाटों पर व्यवस्था बनाए रखने में सक्रिय भूमिका निभाई। प्रशासन की सतर्कता और स्थानीय लोगों के सहयोग से पूरा अनुष्ठान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
महुआडाँड़ में चैती छठ का भव्य समापन: उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देकर व्रतियों ने सुख-समृद्धि की कामना की* रामप्रवेश गुप्ता लोक आस्था और सूर्य उपासना का चार दिवसीय महापर्व 'चैती छठ' बुधवार को उदीयमान भगवान भास्कर को द्वितीय अर्घ्य देने के साथ ही श्रद्धा और उल्लास के साथ संपन्न हो गया। महुआडाँड़ प्रखंड मुख्यालय सहित सभी पंचायतों में भक्ति का अनूठा माहौल देखने को मिला। *छठ घाटों पर उमड़ा जनसैलाब* इस पावन
अवसर पर महुआडाँड़ स्थित रामपुर नदी छठ घाट, नेतरहाट छठ घाट सहित प्रखंड के विभिन्न जलाशयों पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। 36 घंटे का कठिन निर्जला उपवास रखने वाले व्रतियों ने जल में खड़े होकर भगवान भास्कर की प्रतीक्षा की और जैसे ही सूर्य देव की पहली किरण दिखाई दी, उन्हें दूध और जल से अर्घ्य अर्पित किया। इसके पश्चात व्रतियों ने पारण कर
अपना व्रत पूर्ण किया। *भक्ति और छठ गीतों से गूँजा वातावरण* चारों ओर आस्था का सैलाब उमड़ा था और 'कांच ही बांस के बहंगिया' जैसे पारंपरिक छठ गीतों की मधुर लहरियां पूरे वातावरण को रोमांचित कर रही थीं। श्रद्धा की अनुभूति ऐसी थी कि व्रती अपना तन-मन पूरी तरह भगवान भास्कर के चरणों में अर्पित कर तल्लीन दिखे। घाटों को आकर्षक ढंग से सजाया गया था और दीपों की रोशनी से
छटा देखते ही बन रही थी। *प्रशासन और युवाओं की मुस्तैदी* छठ पूजा के सफल संचालन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर थाना प्रभारी मनोज कुमार के नेतृत्व में जिला पुलिस बल पूरी तरह मुस्तैद रहा। साथ ही, बजरंग दल के सदस्यों और स्वयंसेवकों ने भी घाटों पर व्यवस्था बनाए रखने में सक्रिय भूमिका निभाई। प्रशासन की सतर्कता और स्थानीय लोगों के सहयोग से पूरा अनुष्ठान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
- रामप्रवेश गुप्ता लोक आस्था और सूर्य उपासना का चार दिवसीय महापर्व 'चैती छठ' बुधवार को उदीयमान भगवान भास्कर को द्वितीय अर्घ्य देने के साथ ही श्रद्धा और उल्लास के साथ संपन्न हो गया। महुआडाँड़ प्रखंड मुख्यालय सहित सभी पंचायतों में भक्ति का अनूठा माहौल देखने को मिला। *छठ घाटों पर उमड़ा जनसैलाब* इस पावन अवसर पर महुआडाँड़ स्थित रामपुर नदी छठ घाट, नेतरहाट छठ घाट सहित प्रखंड के विभिन्न जलाशयों पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। 36 घंटे का कठिन निर्जला उपवास रखने वाले व्रतियों ने जल में खड़े होकर भगवान भास्कर की प्रतीक्षा की और जैसे ही सूर्य देव की पहली किरण दिखाई दी, उन्हें दूध और जल से अर्घ्य अर्पित किया। इसके पश्चात व्रतियों ने पारण कर अपना व्रत पूर्ण किया। *भक्ति और छठ गीतों से गूँजा वातावरण* चारों ओर आस्था का सैलाब उमड़ा था और 'कांच ही बांस के बहंगिया' जैसे पारंपरिक छठ गीतों की मधुर लहरियां पूरे वातावरण को रोमांचित कर रही थीं। श्रद्धा की अनुभूति ऐसी थी कि व्रती अपना तन-मन पूरी तरह भगवान भास्कर के चरणों में अर्पित कर तल्लीन दिखे। घाटों को आकर्षक ढंग से सजाया गया था और दीपों की रोशनी से छटा देखते ही बन रही थी। *प्रशासन और युवाओं की मुस्तैदी* छठ पूजा के सफल संचालन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर थाना प्रभारी मनोज कुमार के नेतृत्व में जिला पुलिस बल पूरी तरह मुस्तैद रहा। साथ ही, बजरंग दल के सदस्यों और स्वयंसेवकों ने भी घाटों पर व्यवस्था बनाए रखने में सक्रिय भूमिका निभाई। प्रशासन की सतर्कता और स्थानीय लोगों के सहयोग से पूरा अनुष्ठान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। 4
- आज कल के#सी💔💔💔💔1
- Post by राहुल कुमार3
- उगते सूर्य को अर्घ्य के साथ संपन्न हुआ चैती छठ, डुमरी में गूंजा आस्था और भक्ति का स्वर लोक आस्था का पावन पर्व चैती छठ चार दिनों तक चले विधि-विधान और कठिन व्रत के बाद बुधवार को उगते सूर्य को अर्घ्य अर्पित करने के साथ संपन्न हो गया। जानकारी देते हुए बुधवार की सुबह लगभग दस बजे बताया गया कि डुमरी के बासा नदी घाट पर व्रतियों ने भगवान सूर्य की आराधना कर अपने व्रत का विधिवत समापन किया। छठ महापर्व के चौथे दिन तड़के सुबह से ही व्रती घाटों पर जुटने लगे। व्रतियों ने नदी के जल में खड़े होकर उदयीमान सूर्य को अर्घ्य दिया और छठी मैया से परिवार की सुख-समृद्धि, संतानों की उन्नति तथा निरोग जीवन की कामना की। इस दौरान घाटों पर छठ गीत, मंत्रोच्चार और जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा। चैती छठ, कार्तिक महीने में मनाए जाने वाले छठ पर्व की तरह ही महत्वपूर्ण माना जाता है, लेकिन यह चैत्र मास में मनाया जाता है। इसे विशेष रूप से मनोकामना पूर्ति और परिवार के सुख-शांति के लिए किया जाता है। इस व्रत में शुद्धता और नियमों का विशेष ध्यान रखा जाता है, जहां व्रती चार दिनों तक निर्जला उपवास रखकर भगवान सूर्य और छठी मैया की आराधना करते हैं। इस पर्व की शुरुआत ‘नहाय-खाय’ से होती है, इसके बाद ‘खरना’ के दिन व्रती प्रसाद ग्रहण कर निर्जला व्रत शुरू करते हैं। तीसरे दिन डूबते सूर्य को संध्या अर्घ्य दिया जाता है और चौथे दिन उगते सूर्य को उषा अर्घ्य देकर व्रत का समापन किया जाता है। छठ पूजा में भगवान सूर्य के साथ उनकी शक्तियों उषा (प्रातःकालीन पहली किरण) और प्रत्यूषा (सायंकालीन अंतिम किरण) की भी पूजा की जाती है। मान्यता है कि सूर्य ऊर्जा, स्वास्थ्य और जीवन के स्रोत हैं, इसलिए उनकी उपासना से सुख, शांति और समृद्धि की प्राप्ति होती है। चैती छठ महापर्व प्रकृति के प्रति श्रद्धा और अनुशासन का अद्भुत उदाहरण है। नदी, तालाब और जल स्रोतों के किनारे स्वच्छता के साथ पूजा-अर्चना कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया जाता है। चार दिनों तक चले इस कठिन और पवित्र व्रत के समापन पर व्रतियों ने छठी मैया से अगले वर्ष पुनः इस पर्व को मनाने की कामना की। पूरे क्षेत्र में श्रद्धा, आस्था और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला।1
- चैनपुर – रामनवमी के पावन अवसर पर पहले मंगलवार को चैनपुर मुख्यालय पूरी तरह भक्ति के रंग में रंग गया। रामनवमी पूजा केंद्रीय समिति के तत्वावधान में भव्य मंगलवारी शोभायात्रा का आयोजन किया गया, जिसमें करीब 70 गांवों से हजारों की संख्या में राम भक्त शामिल हुए। “जय श्री राम” के गगनभेदी नारों से पूरा शहर गुंजायमान हो उठा और माहौल भक्तिमय बन गया।1
- तमनार के आमाघाट से लैलूंगा के नवीन घटगांव और मुड़ागांव तक लगातार खुलासे, तीन बड़ी कार्रवाई से टूटा गिरोह,ड्रोन सर्वे से प्रशासन की पैनी नजर, जिले के सभी अनुविभागों में सघन निगरानी और लगातार कार्यवाही जारी,रायगढ़ जिले में अवैध मादक पदार्थों की खेती के खिलाफ जिला प्रशासन ने बीते 72 घंटे में लगातार तीन बड़ी कार्रवाई करते हुए एक बड़े नेटवर्क का खुलासा किया है। ♦️राज्य शासन के निर्देशानुसार चलाए जा रहे अभियान के तहत तमनार क्षेत्र के आमाघाट से लेकर लैलूंगा विकासखंड के नवीन घटगांव और मुड़ागांव तक कार्रवाई की गई, जिससे अवैध कारोबार में संलिप्त लोगों में हड़कंप मच गया है।1
- Post by Mr Dayashankar Yadav1
- रामप्रवेश गुप्ता **हनुमान चालीसा और आरती के साथ समापन* *प्रशासन और पुलिस बल का जताया आभार* महुआडाँड़ की सड़कों पर मंगलवार को भक्ति, शक्ति और शौर्य का अनूठा संगम देखने को मिला। बजरंग दल और महावीर मंडल के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित ऐतिहासिक 'मंगला जुलूस' का भव्य आयोजन किया गया। पिछले 30 वर्षों की गौरवशाली परंपरा को जीवंत करते हुए सैंकड़ो की संख्या में रामभक्त और दुर्गा वाहिनी की बहनें सड़कों पर उतरीं, जिससे पूरा प्रखंड भक्तिमय हो गया। *हनुमान चालीसा और आरती के साथ समापन* नगर भ्रमण के बाद यह भव्य जुलूस स्थानीय महावीर मंदिर पहुँचकर संपन्न हुआ। मंदिर परिसर में सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ किया गया और भव्य आरती उतारी गई। महाआरती के बाद उपस्थित श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया। आयोजन समिति ने बताया कि 30 साल पहले शुरू हुआ यह संकल्प आज एक विशाल वटवृक्ष का रूप ले चुका है। *शौर्य का प्रदर्शन: दुर्गा वाहिनी की बहनों ने दिखाया उत्साह* जुलूस की सबसे खास बात दुर्गा वाहिनी की बहनों की भारी उपस्थिति रही। पारंपरिक परिधानों में सजीं और हाथों में भगवा ध्वज लिए इन बहनों का उत्साह देखते ही बन रहा था। रामभक्तों की टोली ढोल-नगाड़ों और ताशों की थाप पर शौर्य प्रदर्शन करते हुए जयकारे लगा रही थी। मार्ग को पूरी तरह से केसरिया ध्वजों और स्वागत द्वारों से सजाया गया था। *प्रशासन और पुलिस बल का जताया आभार* जुलूस के सफल और शांतिपूर्ण समापन पर आयोजन समिति के सदस्यों ने जिला एवं स्थानीय प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। समिति ने जिले के उपायुक्त (DC), पुलिस अधीक्षक (SP) सहित महुआडाँड़ थाना प्रभारी मनोज कुमार एवं सभी पुलिस अधिकारियों व कर्मियों को मुस्तैद सुरक्षा व्यवस्था के लिए विशेष रूप से बधाई दी है। प्रशासन की सतर्कता के कारण ही यह विशाल आयोजन शांति और सद्भाव के साथ संपन्न हुआ। *आस्था का महाकुंभ* इस 'मंगला जुलूस' में केवल स्थानीय लोग ही नहीं, बल्कि आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे। बजरंग दल के विभाग संयोजक सुरज साहू ने कहा, "यह केवल एक जुलूस नहीं, बल्कि महुआडाँड़ की अटूट आस्था का प्रतीक है।" 4