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भाजपा युवा मोर्चा मंडल शंकरगढ़ में प्रथम कार्य समिति बैठक सम्पन्न हुआ

2 hrs ago
user_Mr Dayashankar Yadav
Mr Dayashankar Yadav
Local News Reporter शंकरगढ़, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
2 hrs ago

भाजपा युवा मोर्चा मंडल शंकरगढ़ में प्रथम कार्य समिति बैठक सम्पन्न हुआ

More news from छत्तीसगढ़ and nearby areas
  • Post by Mr Dayashankar Yadav
    1
    Post by Mr Dayashankar Yadav
    user_Mr Dayashankar Yadav
    Mr Dayashankar Yadav
    Local News Reporter शंकरगढ़, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
    2 hrs ago
  • तमनार के आमाघाट से लैलूंगा के नवीन घटगांव और मुड़ागांव तक लगातार खुलासे, तीन बड़ी कार्रवाई से टूटा गिरोह,ड्रोन सर्वे से प्रशासन की पैनी नजर, जिले के सभी अनुविभागों में सघन निगरानी और लगातार कार्यवाही जारी,रायगढ़ जिले में अवैध मादक पदार्थों की खेती के खिलाफ जिला प्रशासन ने बीते 72 घंटे में लगातार तीन बड़ी कार्रवाई करते हुए एक बड़े नेटवर्क का खुलासा किया है। ‎♦️राज्य शासन के निर्देशानुसार चलाए जा रहे अभियान के तहत तमनार क्षेत्र के आमाघाट से लेकर लैलूंगा विकासखंड के नवीन घटगांव और मुड़ागांव तक कार्रवाई की गई, जिससे अवैध कारोबार में संलिप्त लोगों में हड़कंप मच गया है।
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    तमनार के आमाघाट से लैलूंगा के नवीन घटगांव और मुड़ागांव तक लगातार खुलासे, तीन बड़ी कार्रवाई से टूटा गिरोह,ड्रोन सर्वे से प्रशासन की पैनी नजर, जिले के सभी अनुविभागों में सघन निगरानी और लगातार कार्यवाही जारी,रायगढ़ जिले में अवैध मादक पदार्थों की खेती के खिलाफ जिला प्रशासन ने बीते 72 घंटे में लगातार तीन बड़ी कार्रवाई करते हुए एक बड़े नेटवर्क का खुलासा किया है।
‎♦️राज्य शासन के निर्देशानुसार चलाए जा रहे अभियान के तहत तमनार क्षेत्र के आमाघाट से लेकर लैलूंगा विकासखंड के नवीन घटगांव और मुड़ागांव तक कार्रवाई की गई, जिससे अवैध कारोबार में संलिप्त लोगों में हड़कंप मच गया है।
    user_क्राइम कण्ट्रोल न्यूज़ सी.सी.एफ
    क्राइम कण्ट्रोल न्यूज़ सी.सी.एफ
    Media company Sanna, Jashpur•
    15 min ago
  • सूरजपुर जिले के बसदेई चौकी क्षेत्र में एक युवक द्वारा तलवार लहराकर लोगों को जान से मारने की धमकी देने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। क्या है पूरा मामला रिमांड फॉर्म के अनुसार, दिनांक 24 मार्च 2026 को पुलिस को सूचना मिली कि बसदेई क्षेत्र में एक युवक शराब के नशे में सार्वजनिक स्थान पर तलवार लेकर लोगों को डरा-धमका रहा है। वह राह चलते लोगों को रोककर गाली-गलौज कर रहा था और जान से मारने की धमकी दे रहा था। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची, जहां आरोपी हाथ में लोहे की तलवार लहराते हुए मिला। पुलिस को देखते ही वह भागने की कोशिश करने लगा, लेकिन घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया गया। आरोपी की पहचान पकड़े गए आरोपी की पहचान दिनेश सोनवानी, उम्र 32 वर्ष, निवासी कुंवरपुर, चौकी बसदेई, थाना सूरजपुर के रूप में हुई है। कार्यवाही पुलिस ने आरोपी के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर उसे 24 मार्च 2026 को दोपहर 1 बजे गिरफ्तार किया। पूछताछ के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे 06 अप्रैल 2026 तक न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। इलाके में दहशत इस घटना के बाद क्षेत्र में कुछ समय के लिए दहशत का माहौल बन गया था। स्थानीय लोगों ने पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना की है। पुलिस का बयान पुलिस अधिकारियों के अनुसार, “सार्वजनिक स्थान पर हथियार लेकर लोगों को डराने-धमकाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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    सूरजपुर जिले के बसदेई चौकी क्षेत्र में एक युवक द्वारा तलवार लहराकर लोगों को जान से मारने की धमकी देने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
क्या है पूरा मामला
रिमांड फॉर्म के अनुसार, दिनांक 24 मार्च 2026 को पुलिस को सूचना मिली कि बसदेई क्षेत्र में एक युवक शराब के नशे में सार्वजनिक स्थान पर तलवार लेकर लोगों को डरा-धमका रहा है। वह राह चलते लोगों को रोककर गाली-गलौज कर रहा था और जान से मारने की धमकी दे रहा था।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची, जहां आरोपी हाथ में लोहे की तलवार लहराते हुए मिला। पुलिस को देखते ही वह भागने की कोशिश करने लगा, लेकिन घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया गया।
आरोपी की पहचान
पकड़े गए आरोपी की पहचान
दिनेश सोनवानी, उम्र 32 वर्ष, निवासी कुंवरपुर, चौकी बसदेई, थाना सूरजपुर के रूप में हुई है।
कार्यवाही 
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर उसे 24 मार्च 2026 को दोपहर 1 बजे गिरफ्तार किया। पूछताछ के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे 06 अप्रैल 2026 तक न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
इलाके में दहशत
इस घटना के बाद क्षेत्र में कुछ समय के लिए दहशत का माहौल बन गया था। स्थानीय लोगों ने पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना की है।
पुलिस का बयान
पुलिस अधिकारियों के अनुसार,
“सार्वजनिक स्थान पर हथियार लेकर लोगों को डराने-धमकाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
    user_Vijay Singh
    Vijay Singh
    बलरामपुर, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
    13 hrs ago
  • जिला बलरामपुर रामानुजगंज लोकेशन............. बलरामपुर स्लग...बलरामपुर पंचयात कागजों पर विकास की 'गंगा', धरातल पर बलरामपुर की 476 पंचायतें बदहाल एंकर....​बलरामपुर: छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेश में विकास की 'गंगा' बहाने के बड़े-बड़े दावे कर रही है, लेकिन जमीनी हकीकत इसके उलट नजर आ रही है। जिले के ग्रामीण अंचलों में स्थिति यह है कि पंचायत चुनाव हुए लगभग ढाई साल बीत चुके हैं, मगर विकास के नाम पर अब भी 'शून्य' ही हाथ लगा है। ​बलरामपुर जिले की कुल 476 ग्राम पंचायतों की स्थिति आज दयनीय बनी हुई है। ग्रामीणों का आरोप है कि चुनाव के समय किए गए वादे ठंडे बस्ते में चले गए हैं। मूलभूत सुविधाओं जैसे—सड़क, नाली, पेयजल और स्ट्रीट लाइट के लिए ग्रामीण आज भी तरस रहे हैं। ढाई साल का लंबा वक्त गुजर जाने के बाद भी गांवों की तस्वीर नहीं बदली है। ​हैरानी की बात यह है कि केवल आम जनता ही नहीं, बल्कि गांवों के जनप्रतिनिधि (सरपंच) और सचिव भी सिस्टम की बेरुखी से त्रस्त हैं। सरपंचों का कहना है कि: ​विकास कार्यों के लिए फंड (राशि) का अभाव है। ​प्रशासनिक स्तर पर फाइलों को मंजूरी मिलने में भारी देरी हो रही है। ​बिना बजट के वे ग्रामीणों की उम्मीदों पर खरा उतरने में असमर्थ महसूस कर रहे हैं। ​"ढाई साल बीत गए, लेकिन पंचायतों को वह गति नहीं मिली जिसकी उम्मीद थी। हम जनता को जवाब देते-देते थक चुके हैं, लेकिन ऊपर से फंड और स्वीकृतियां नहीं मिल रही हैं। ​जिले की 476 पंचायतों में विकास कार्य ठप होने के कारण ग्रामीणों में शासन-प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश है। शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी जरूरतों के लिए भी लोगों को जद्दोजहद करनी पड़ रही है। सवाल यह उठता है कि अगर यही रफ्तार रही, तो क्या अगले ढाई सालों में इन पंचायतों की तस्वीर बदल पाएगी? ​बलरामपुर की यह स्थिति सरकार के उन दावों पर सवालिया निशान लगाती है, जिनमें 'गढ़बो नवा छत्तीसगढ़' की बात कही जाती है। अब देखना यह होगा कि इस रिपोर्ट के बाद जिला प्रशासन और राज्य सरकार इन पंचायतों की सुध लेती है या यहाँ की जनता विकास के लिए ऐसे ही 'रस्ता' तकती रहेगी। बाइट 1.अब्दुला खान ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष चान्दों
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    जिला बलरामपुर रामानुजगंज 
लोकेशन............. बलरामपुर 
स्लग...बलरामपुर पंचयात कागजों पर विकास की 'गंगा', धरातल पर बलरामपुर की 476 पंचायतें बदहाल
एंकर....​बलरामपुर: छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेश में विकास की 'गंगा' बहाने के बड़े-बड़े दावे कर रही है, लेकिन जमीनी हकीकत इसके उलट नजर आ रही है। जिले के ग्रामीण अंचलों में स्थिति यह है कि पंचायत चुनाव हुए लगभग ढाई साल बीत चुके हैं, मगर विकास के नाम पर अब भी 'शून्य' ही हाथ लगा है।
​बलरामपुर जिले की कुल 476 ग्राम पंचायतों की स्थिति आज दयनीय बनी हुई है। ग्रामीणों का आरोप है कि चुनाव के समय किए गए वादे ठंडे बस्ते में चले गए हैं। मूलभूत सुविधाओं जैसे—सड़क, नाली, पेयजल और स्ट्रीट लाइट के लिए ग्रामीण आज भी तरस रहे हैं। ढाई साल का लंबा वक्त गुजर जाने के बाद भी गांवों की तस्वीर नहीं बदली है।
​हैरानी की बात यह है कि केवल आम जनता ही नहीं, बल्कि गांवों के जनप्रतिनिधि (सरपंच) और सचिव भी सिस्टम की बेरुखी से त्रस्त हैं। सरपंचों का कहना है कि:
​विकास कार्यों के लिए फंड (राशि) का अभाव है।
​प्रशासनिक स्तर पर फाइलों को मंजूरी मिलने में भारी देरी हो रही है।
​बिना बजट के वे ग्रामीणों की उम्मीदों पर खरा उतरने में असमर्थ महसूस कर रहे हैं।
​"ढाई साल बीत गए, लेकिन पंचायतों को वह गति नहीं मिली जिसकी उम्मीद थी। हम जनता को जवाब देते-देते थक चुके हैं, लेकिन ऊपर से फंड और स्वीकृतियां नहीं मिल रही हैं।
​जिले की 476 पंचायतों में विकास कार्य ठप होने के कारण ग्रामीणों में शासन-प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश है। शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी जरूरतों के लिए भी लोगों को जद्दोजहद करनी पड़ रही है। सवाल यह उठता है कि अगर यही रफ्तार रही, तो क्या अगले ढाई सालों में इन पंचायतों की तस्वीर बदल पाएगी?
​बलरामपुर की यह स्थिति सरकार के उन दावों पर सवालिया निशान लगाती है, जिनमें 'गढ़बो नवा छत्तीसगढ़' की बात कही जाती है। अब देखना यह होगा कि इस रिपोर्ट के बाद जिला प्रशासन और राज्य सरकार इन पंचायतों की सुध लेती है या यहाँ की जनता विकास के 
लिए ऐसे ही 'रस्ता' तकती रहेगी।
बाइट 
1.अब्दुला खान ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष चान्दों
    user_Ali Khan
    Ali Khan
    बलरामपुर, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
    17 hrs ago
  • रामप्रवेश गुप्ता *“जल है तो कल है, जल बचाओ, जीवन बचाओ — समान जल, समान अधिकार” विश्व जल दिवस के अवसर पर “जहाँ पानी बहता है, वहाँ समानता बढ़ती है” थीम के अंतर्गत संत जेवियर महाविद्यालय, महुआडांड़ में एक व्यापक जल जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय के विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने मिलकर जल संरक्षण और लैंगिक समानता के महत्व को समाज तक पहुँचाने का सराहनीय प्रयास किया। कार्यक्रम के अंतर्गत महाविद्यालय प्रांगण से एक विशाल रैली निकाली गई, जो कॉलेज गेट, आर.पी.एस. स्कूल होते हुए राजडंडा गाँव तक पहुँची। रैली में शामिल विद्यार्थियों ने “जल है तो कल है”, “जल बचाओ, जीवन बचाओ” और “समान जल, समान अधिकार” जैसे प्रभावशाली नारों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया। विद्यार्थियों के हाथों में संदेश लिखे पोस्टर एवं बैनर थे, जो जल संरक्षण के साथ-साथ समाज में समानता की आवश्यकता को भी दर्शा रहे थे। इस कार्यक्रम का नेतृत्व प्रो. शेफाली प्रकाश, प्रो. रोजी सुष्मिता, प्रो. शालिनी बाड़ा एवं प्रो. अंशु अंकिता ने किया। अपने संबोधन में प्रो. शालिनी बाड़ा ने कहा कि जल संकट का सबसे अधिक प्रभाव महिलाओं और ग्रामीण समुदायों पर पड़ता है, इसलिए जल संरक्षण के साथ-साथ इसके समान वितरण पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है। प्रो. अंशु अंकिता ने कहा, “जल केवल एक संसाधन नहीं, बल्कि प्रत्येक जीवन का मूल अधिकार है—इसे बचाना और समान रूप से बाँटना हम सभी की जिम्मेदारी है।” वहीं, प्रो. शेफाली प्रकाश ने जल के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि “जल केवल जीवन का आधार ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य, स्वच्छता और सामाजिक विकास का प्रमुख साधन भी है।” महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. फादर एम. के. जोस ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि यदि आज हम जल संरक्षण के प्रति सजग नहीं हुए, तो भविष्य में गंभीर संकट का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने सभी को जल के विवेकपूर्ण उपयोग और संरक्षण के लिए प्रेरित किया। रैली के दौरान विद्यार्थियों ने ग्रामीणों को जल के सही उपयोग, वर्षा जल संचयन तथा जल स्रोतों की सुरक्षा के विषय में जानकारी दी और जल संरक्षण का संकल्प लेने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के उपप्राचार्य फादर समीर टोप्पो, फादर लियो, सिस्टर चन्द्रोदया, फादर राजीप, प्रो. मनीषा, प्रो. बंसति, प्रो. अंकिता, प्रो. आदिति, प्रो. रेचेल, प्रो. सुष्मिता, प्रो. सुकुट, प्रो. रोनित, प्रो. शशि, प्रो. मन्नू, प्रो. जामेश, प्रो. मोनिका सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी एवं कर्मचारीगण उपस्थित थे। अंततः यह कार्यक्रम न केवल पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने में सफल रहा, बल्कि समाज को यह महत्वपूर्ण संदेश देने में भी प्रभावी सिद्ध हुआ कि जल का समान उपयोग ही सच्चे अर्थों में समानता और समृद्धि की आधारशिला है।
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    रामप्रवेश गुप्ता 
*“जल है तो कल है, जल बचाओ, जीवन बचाओ — समान जल, समान अधिकार”
विश्व जल दिवस के अवसर पर “जहाँ पानी बहता है, वहाँ समानता बढ़ती है” थीम के अंतर्गत संत जेवियर महाविद्यालय, महुआडांड़ में एक व्यापक जल जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय के विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने मिलकर जल संरक्षण और लैंगिक समानता के महत्व को समाज तक पहुँचाने का सराहनीय प्रयास किया।
कार्यक्रम के अंतर्गत महाविद्यालय प्रांगण से एक विशाल रैली निकाली गई, जो कॉलेज गेट, आर.पी.एस. स्कूल होते हुए राजडंडा गाँव तक पहुँची। रैली में शामिल विद्यार्थियों ने “जल है तो कल है”, “जल बचाओ, जीवन बचाओ” और “समान जल, समान अधिकार” जैसे प्रभावशाली नारों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया। विद्यार्थियों के हाथों में संदेश लिखे पोस्टर एवं बैनर थे, जो जल संरक्षण के साथ-साथ समाज में समानता की आवश्यकता को भी दर्शा रहे थे।
इस कार्यक्रम का नेतृत्व प्रो. शेफाली प्रकाश, प्रो. रोजी सुष्मिता, प्रो. शालिनी बाड़ा एवं प्रो. अंशु अंकिता ने किया। अपने संबोधन में प्रो. शालिनी बाड़ा ने कहा कि जल संकट का सबसे अधिक प्रभाव महिलाओं और ग्रामीण समुदायों पर पड़ता है, इसलिए जल संरक्षण के साथ-साथ इसके समान वितरण पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है।
प्रो. अंशु अंकिता ने कहा, “जल केवल एक संसाधन नहीं, बल्कि प्रत्येक जीवन का मूल अधिकार है—इसे बचाना और समान रूप से बाँटना हम सभी की जिम्मेदारी है।”
वहीं, प्रो. शेफाली प्रकाश ने जल के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि “जल केवल जीवन का आधार ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य, स्वच्छता और सामाजिक विकास का प्रमुख साधन भी है।”
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. फादर एम. के. जोस ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि यदि आज हम जल संरक्षण के प्रति सजग नहीं हुए, तो भविष्य में गंभीर संकट का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने सभी को जल के विवेकपूर्ण उपयोग और संरक्षण के लिए प्रेरित किया।
रैली के दौरान विद्यार्थियों ने ग्रामीणों को जल के सही उपयोग, वर्षा जल संचयन तथा जल स्रोतों की सुरक्षा के विषय में जानकारी दी और जल संरक्षण का संकल्प लेने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर महाविद्यालय के उपप्राचार्य फादर समीर टोप्पो, फादर लियो, सिस्टर चन्द्रोदया, फादर राजीप, प्रो. मनीषा, प्रो. बंसति, प्रो. अंकिता, प्रो. आदिति, प्रो. रेचेल, प्रो. सुष्मिता, प्रो. सुकुट, प्रो. रोनित, प्रो. शशि, प्रो. मन्नू, प्रो. जामेश, प्रो. मोनिका सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी एवं कर्मचारीगण उपस्थित थे।
अंततः यह कार्यक्रम न केवल पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने में सफल रहा, बल्कि समाज को यह महत्वपूर्ण संदेश देने में भी प्रभावी सिद्ध हुआ कि जल का समान उपयोग ही सच्चे अर्थों में समानता और समृद्धि की आधारशिला है।
    user_आदर्श मोबाइल एण्ड रेलवे टिकट
    आदर्श मोबाइल एण्ड रेलवे टिकट
    Mobile Store महुआडांड़, लातेहार, झारखंड•
    15 hrs ago
  • अपडेटेड समाचार (क्रेडिट के साथ): अंबिकापुर जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत खलिबा के आंगनबाड़ी क्रमांक-1 में अव्यवस्थाओं का अंबार देखने को मिल रहा है। निरीक्षण के दौरान यहां मूलभूत सुविधाओं की गंभीर कमी उजागर हुई। आंगनबाड़ी केंद्र में पेयजल एवं शौचालय व्यवस्था पूरी तरह से बदहाल है। शौचालय केवल नाम मात्र का बना हुआ है, जहां अंदर बोरियां और अन्य सामान रखे पाए गए। शौचालय में पानी की सुविधा नहीं है, जिससे छोटे बच्चों को खुले में शौच के लिए जाना पड़ रहा है। सहायिका के अनुसार, निर्माण के समय से ही शौचालय अधूरा बना हुआ है और अब तक उसे सुधारने की कोई पहल नहीं की गई है। वहीं नल खराब होने के कारण पानी लाने के लिए बाहर जाना पड़ता है। केंद्र में बच्चों के बैठने के लिए रखी गई कुर्सियां और बेंच भी टूटी-फूटी हालत में हैं, जिससे व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई नजर आती है। किचन के निरीक्षण में चूल्हे का एक बर्नर खराब पाया गया। इसके अलावा राशन पेटी में राशन नहीं मिला, जिस पर सहायिका ने बताया कि राशन समाप्त हो चुका है। ग्रामीणों का आरोप है कि सरपंच और सचिव के उदासीन रवैये के कारण समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है। शिकायत के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही है, जिससे आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कुल मिलाकर, आंगनबाड़ी केंद्र में व्याप्त अव्यवस्थाएं शासन की योजनाओं की जमीनी हकीकत को उजागर करती हैं, जहां छोटे बच्चों के भविष्य के साथ गंभीर लापरवाही बरती जा रही है। खास ग्राउंड रिपोर्ट: हिमांशु राज, एमडी न्यूज, अंबिकापुर (छ.ग.) 📞 7805838076
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    अपडेटेड समाचार (क्रेडिट के साथ):
अंबिकापुर जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत खलिबा के आंगनबाड़ी क्रमांक-1 में अव्यवस्थाओं का अंबार देखने को मिल रहा है। निरीक्षण के दौरान यहां मूलभूत सुविधाओं की गंभीर कमी उजागर हुई।
आंगनबाड़ी केंद्र में पेयजल एवं शौचालय व्यवस्था पूरी तरह से बदहाल है। शौचालय केवल नाम मात्र का बना हुआ है, जहां अंदर बोरियां और अन्य सामान रखे पाए गए। शौचालय में पानी की सुविधा नहीं है, जिससे छोटे बच्चों को खुले में शौच के लिए जाना पड़ रहा है। सहायिका के अनुसार, निर्माण के समय से ही शौचालय अधूरा बना हुआ है और अब तक उसे सुधारने की कोई पहल नहीं की गई है। वहीं नल खराब होने के कारण पानी लाने के लिए बाहर जाना पड़ता है।
केंद्र में बच्चों के बैठने के लिए रखी गई कुर्सियां और बेंच भी टूटी-फूटी हालत में हैं, जिससे व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई नजर आती है। किचन के निरीक्षण में चूल्हे का एक बर्नर खराब पाया गया। इसके अलावा राशन पेटी में राशन नहीं मिला, जिस पर सहायिका ने बताया कि राशन समाप्त हो चुका है।
ग्रामीणों का आरोप है कि सरपंच और सचिव के उदासीन रवैये के कारण समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है। शिकायत के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही है, जिससे आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
कुल मिलाकर, आंगनबाड़ी केंद्र में व्याप्त अव्यवस्थाएं शासन की योजनाओं की जमीनी हकीकत को उजागर करती हैं, जहां छोटे बच्चों के भविष्य के साथ गंभीर लापरवाही बरती जा रही है।
खास ग्राउंड रिपोर्ट: हिमांशु राज, एमडी न्यूज, अंबिकापुर (छ.ग.)
📞 7805838076
    user_Himanshu raj
    Himanshu raj
    Social Media Manager अंबिकापुर, सरगुजा, छत्तीसगढ़•
    13 hrs ago
  • सीतापुर/ सीतापुर में 17 लाख रुपये की लागत से लगाए गए ट्यूबलर पोलों के कार्य में गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। टेंडर के तहत कुल 33 पोल लगाए गए हैं, जिन्हें लगे हुए एक माह से अधिक समय हो चुका है, लेकिन अब तक एक भी पोल में लाइट नहीं जली है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पोलों की गुणवत्ता बेहद घटिया है। नियमों के अनुसार एक ट्यूबलर पोल का वजन लगभग डेढ़ क्विंटल होना चाहिए, जबकि लगाए गए पोल कथित तौर पर 50 किलो से भी कम वजन के बताए जा रहे हैं। आरोप है कि ये पोल ठोस लोहे के बजाय पतले पाइप से तैयार किए गए हैं, जिससे इनके टिकाऊपन पर सवाल खड़े हो गए हैं। टेंडर में प्रति पोल लागत लगभग 50 हजार रुपये से अधिक बताई जा रही है, लेकिन कार्य की स्थिति देखकर यह आशंका जताई जा रही है कि यह पूरी योजना कागजों तक ही सीमित रह गई है। स्थानीय नागरिकों को डर है कि आने वाले बरसात के मौसम में ये पोल गिर सकते हैं और सरकारी राशि पूरी तरह व्यर्थ हो जाएगी। बताया जा रहा है कि इसी ठेकेदार द्वारा पूर्व में भी ट्यूबलर पोल का कार्य कराया गया था, जिनकी गुणवत्ता वर्तमान पोलों से बेहतर थी। पुराने और नए कार्यों की तुलना से कथित कमीशनखोरी और टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ी की आशंका और गहराती जा रही है। अब सवाल यह है कि इन पोलों में लाइट कब जलेगी और जिम्मेदार विभाग इस पूरे मामले पर क्या कार्रवाई करेगा। — सीतापुर से सुनील गुप्ता की रिपोर्ट
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    सीतापुर/
सीतापुर में 17 लाख रुपये की लागत से लगाए गए ट्यूबलर पोलों के कार्य में गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। टेंडर के तहत कुल 33 पोल लगाए गए हैं, जिन्हें लगे हुए एक माह से अधिक समय हो चुका है, लेकिन अब तक एक भी पोल में लाइट नहीं जली है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पोलों की गुणवत्ता बेहद घटिया है। नियमों के अनुसार एक ट्यूबलर पोल का वजन लगभग डेढ़ क्विंटल होना चाहिए, जबकि लगाए गए पोल कथित तौर पर 50 किलो से भी कम वजन के बताए जा रहे हैं। आरोप है कि ये पोल ठोस लोहे के बजाय पतले पाइप से तैयार किए गए हैं, जिससे इनके टिकाऊपन पर सवाल खड़े हो गए हैं।
टेंडर में प्रति पोल लागत लगभग 50 हजार रुपये से अधिक बताई जा रही है, लेकिन कार्य की स्थिति देखकर यह आशंका जताई जा रही है कि यह पूरी योजना कागजों तक ही सीमित रह गई है। स्थानीय नागरिकों को डर है कि आने वाले बरसात के मौसम में ये पोल गिर सकते हैं और सरकारी राशि पूरी तरह व्यर्थ हो जाएगी।
बताया जा रहा है कि इसी ठेकेदार द्वारा पूर्व में भी ट्यूबलर पोल का कार्य कराया गया था, जिनकी गुणवत्ता वर्तमान पोलों से बेहतर थी। पुराने और नए कार्यों की तुलना से कथित कमीशनखोरी और टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ी की आशंका और गहराती जा रही है।
अब सवाल यह है कि इन पोलों में लाइट कब जलेगी और जिम्मेदार विभाग इस पूरे मामले पर क्या कार्रवाई करेगा।
— सीतापुर से सुनील गुप्ता की रिपोर्ट
    user_Sunil Gupta
    Sunil Gupta
    सीतापुर, सरगुजा, छत्तीसगढ़•
    16 hrs ago
  • बलरामपुर शंकरगढ़ लंगडा पाठ
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    बलरामपुर शंकरगढ़ लंगडा पाठ
    user_Mr Dayashankar Yadav
    Mr Dayashankar Yadav
    Local News Reporter शंकरगढ़, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
    19 hrs ago
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