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सीतापुर में 17 लाख का ट्यूबलर पोल टेंडर सवालों के घेरे में सीतापुर/ सीतापुर में 17 लाख रुपये की लागत से लगाए गए ट्यूबलर पोलों के कार्य में गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। टेंडर के तहत कुल 33 पोल लगाए गए हैं, जिन्हें लगे हुए एक माह से अधिक समय हो चुका है, लेकिन अब तक एक भी पोल में लाइट नहीं जली है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पोलों की गुणवत्ता बेहद घटिया है। नियमों के अनुसार एक ट्यूबलर पोल का वजन लगभग डेढ़ क्विंटल होना चाहिए, जबकि लगाए गए पोल कथित तौर पर 50 किलो से भी कम वजन के बताए जा रहे हैं। आरोप है कि ये पोल ठोस लोहे के बजाय पतले पाइप से तैयार किए गए हैं, जिससे इनके टिकाऊपन पर सवाल खड़े हो गए हैं। टेंडर में प्रति पोल लागत लगभग 50 हजार रुपये से अधिक बताई जा रही है, लेकिन कार्य की स्थिति देखकर यह आशंका जताई जा रही है कि यह पूरी योजना कागजों तक ही सीमित रह गई है। स्थानीय नागरिकों को डर है कि आने वाले बरसात के मौसम में ये पोल गिर सकते हैं और सरकारी राशि पूरी तरह व्यर्थ हो जाएगी। बताया जा रहा है कि इसी ठेकेदार द्वारा पूर्व में भी ट्यूबलर पोल का कार्य कराया गया था, जिनकी गुणवत्ता वर्तमान पोलों से बेहतर थी। पुराने और नए कार्यों की तुलना से कथित कमीशनखोरी और टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ी की आशंका और गहराती जा रही है। अब सवाल यह है कि इन पोलों में लाइट कब जलेगी और जिम्मेदार विभाग इस पूरे मामले पर क्या कार्रवाई करेगा। — सीतापुर से सुनील गुप्ता की रिपोर्ट

16 hrs ago
user_Sunil Gupta
Sunil Gupta
सीतापुर, सरगुजा, छत्तीसगढ़•
16 hrs ago

सीतापुर में 17 लाख का ट्यूबलर पोल टेंडर सवालों के घेरे में सीतापुर/ सीतापुर में 17 लाख रुपये की लागत से लगाए गए ट्यूबलर पोलों के कार्य में गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। टेंडर के तहत कुल 33 पोल लगाए गए हैं, जिन्हें लगे हुए एक माह से अधिक समय हो चुका है, लेकिन अब तक एक भी पोल में लाइट नहीं जली है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पोलों की गुणवत्ता बेहद घटिया है। नियमों के अनुसार एक ट्यूबलर पोल का वजन लगभग डेढ़ क्विंटल होना चाहिए, जबकि लगाए गए पोल कथित तौर पर 50 किलो से भी कम वजन के बताए जा रहे हैं। आरोप है कि ये पोल ठोस लोहे के बजाय पतले पाइप से तैयार किए गए हैं, जिससे इनके टिकाऊपन पर सवाल खड़े हो गए हैं। टेंडर में प्रति पोल लागत लगभग 50 हजार रुपये से अधिक बताई जा रही है, लेकिन कार्य की स्थिति देखकर यह आशंका जताई जा रही है कि यह पूरी योजना कागजों तक ही सीमित रह गई है। स्थानीय नागरिकों को डर है कि आने वाले बरसात के मौसम में ये पोल गिर सकते हैं और सरकारी राशि पूरी तरह व्यर्थ हो जाएगी। बताया जा रहा है कि इसी ठेकेदार द्वारा पूर्व में भी ट्यूबलर पोल का कार्य कराया गया था, जिनकी गुणवत्ता वर्तमान पोलों से बेहतर थी। पुराने और नए कार्यों की तुलना से कथित कमीशनखोरी और टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ी की आशंका और गहराती जा रही है। अब सवाल यह है कि इन पोलों में लाइट कब जलेगी और जिम्मेदार विभाग इस पूरे मामले पर क्या कार्रवाई करेगा। — सीतापुर से सुनील गुप्ता की रिपोर्ट

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  • सीतापुर/ सीतापुर में 17 लाख रुपये की लागत से लगाए गए ट्यूबलर पोलों के कार्य में गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। टेंडर के तहत कुल 33 पोल लगाए गए हैं, जिन्हें लगे हुए एक माह से अधिक समय हो चुका है, लेकिन अब तक एक भी पोल में लाइट नहीं जली है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पोलों की गुणवत्ता बेहद घटिया है। नियमों के अनुसार एक ट्यूबलर पोल का वजन लगभग डेढ़ क्विंटल होना चाहिए, जबकि लगाए गए पोल कथित तौर पर 50 किलो से भी कम वजन के बताए जा रहे हैं। आरोप है कि ये पोल ठोस लोहे के बजाय पतले पाइप से तैयार किए गए हैं, जिससे इनके टिकाऊपन पर सवाल खड़े हो गए हैं। टेंडर में प्रति पोल लागत लगभग 50 हजार रुपये से अधिक बताई जा रही है, लेकिन कार्य की स्थिति देखकर यह आशंका जताई जा रही है कि यह पूरी योजना कागजों तक ही सीमित रह गई है। स्थानीय नागरिकों को डर है कि आने वाले बरसात के मौसम में ये पोल गिर सकते हैं और सरकारी राशि पूरी तरह व्यर्थ हो जाएगी। बताया जा रहा है कि इसी ठेकेदार द्वारा पूर्व में भी ट्यूबलर पोल का कार्य कराया गया था, जिनकी गुणवत्ता वर्तमान पोलों से बेहतर थी। पुराने और नए कार्यों की तुलना से कथित कमीशनखोरी और टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ी की आशंका और गहराती जा रही है। अब सवाल यह है कि इन पोलों में लाइट कब जलेगी और जिम्मेदार विभाग इस पूरे मामले पर क्या कार्रवाई करेगा। — सीतापुर से सुनील गुप्ता की रिपोर्ट
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    सीतापुर/
सीतापुर में 17 लाख रुपये की लागत से लगाए गए ट्यूबलर पोलों के कार्य में गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। टेंडर के तहत कुल 33 पोल लगाए गए हैं, जिन्हें लगे हुए एक माह से अधिक समय हो चुका है, लेकिन अब तक एक भी पोल में लाइट नहीं जली है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पोलों की गुणवत्ता बेहद घटिया है। नियमों के अनुसार एक ट्यूबलर पोल का वजन लगभग डेढ़ क्विंटल होना चाहिए, जबकि लगाए गए पोल कथित तौर पर 50 किलो से भी कम वजन के बताए जा रहे हैं। आरोप है कि ये पोल ठोस लोहे के बजाय पतले पाइप से तैयार किए गए हैं, जिससे इनके टिकाऊपन पर सवाल खड़े हो गए हैं।
टेंडर में प्रति पोल लागत लगभग 50 हजार रुपये से अधिक बताई जा रही है, लेकिन कार्य की स्थिति देखकर यह आशंका जताई जा रही है कि यह पूरी योजना कागजों तक ही सीमित रह गई है। स्थानीय नागरिकों को डर है कि आने वाले बरसात के मौसम में ये पोल गिर सकते हैं और सरकारी राशि पूरी तरह व्यर्थ हो जाएगी।
बताया जा रहा है कि इसी ठेकेदार द्वारा पूर्व में भी ट्यूबलर पोल का कार्य कराया गया था, जिनकी गुणवत्ता वर्तमान पोलों से बेहतर थी। पुराने और नए कार्यों की तुलना से कथित कमीशनखोरी और टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ी की आशंका और गहराती जा रही है।
अब सवाल यह है कि इन पोलों में लाइट कब जलेगी और जिम्मेदार विभाग इस पूरे मामले पर क्या कार्रवाई करेगा।
— सीतापुर से सुनील गुप्ता की रिपोर्ट
    user_Sunil Gupta
    Sunil Gupta
    सीतापुर, सरगुजा, छत्तीसगढ़•
    16 hrs ago
  • Post by Arvind tirkey
    1
    Post by Arvind tirkey
    user_Arvind tirkey
    Arvind tirkey
    पत्रकार सीतापुर, सरगुजा, छत्तीसगढ़•
    18 hrs ago
  • तमनार के आमाघाट से लैलूंगा के नवीन घटगांव और मुड़ागांव तक लगातार खुलासे, तीन बड़ी कार्रवाई से टूटा गिरोह,ड्रोन सर्वे से प्रशासन की पैनी नजर, जिले के सभी अनुविभागों में सघन निगरानी और लगातार कार्यवाही जारी,रायगढ़ जिले में अवैध मादक पदार्थों की खेती के खिलाफ जिला प्रशासन ने बीते 72 घंटे में लगातार तीन बड़ी कार्रवाई करते हुए एक बड़े नेटवर्क का खुलासा किया है। ‎♦️राज्य शासन के निर्देशानुसार चलाए जा रहे अभियान के तहत तमनार क्षेत्र के आमाघाट से लेकर लैलूंगा विकासखंड के नवीन घटगांव और मुड़ागांव तक कार्रवाई की गई, जिससे अवैध कारोबार में संलिप्त लोगों में हड़कंप मच गया है।
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    तमनार के आमाघाट से लैलूंगा के नवीन घटगांव और मुड़ागांव तक लगातार खुलासे, तीन बड़ी कार्रवाई से टूटा गिरोह,ड्रोन सर्वे से प्रशासन की पैनी नजर, जिले के सभी अनुविभागों में सघन निगरानी और लगातार कार्यवाही जारी,रायगढ़ जिले में अवैध मादक पदार्थों की खेती के खिलाफ जिला प्रशासन ने बीते 72 घंटे में लगातार तीन बड़ी कार्रवाई करते हुए एक बड़े नेटवर्क का खुलासा किया है।
‎♦️राज्य शासन के निर्देशानुसार चलाए जा रहे अभियान के तहत तमनार क्षेत्र के आमाघाट से लेकर लैलूंगा विकासखंड के नवीन घटगांव और मुड़ागांव तक कार्रवाई की गई, जिससे अवैध कारोबार में संलिप्त लोगों में हड़कंप मच गया है।
    user_क्राइम कण्ट्रोल न्यूज़ सी.सी.एफ
    क्राइम कण्ट्रोल न्यूज़ सी.सी.एफ
    Media company Sanna, Jashpur•
    13 min ago
  • धरमजयगढ़ की जीवनदायिनी मांड नदी के पावन तट पर स्थित अंबेटिकरा की प्राकृतिक सौंदर्य से आच्छादित पहाड़ी इन दिनों अद्भुत आस्था और श्रद्धा का केंद्र बनी हुई है। यहाँ विराजित जगत जननी माँ अंबे का दिव्य दरबार दीपों की उजास से जगमगा रहा है, मानो पूरा क्षेत्र भक्ति रस में डूब गया हो। मंदिर परिसर को बेहद आकर्षक ढंग से सजाया गया है। रंग-बिरंगी रोशनी, फूलों की साज-सज्जा और भव्य श्रृंगार श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर रहा है। वातावरण में गूंजते भजन-कीर्तन और “जय माता दी” के जयकारे हर किसी के मन को भक्तिमय बना रहे हैं। यहाँ प्रतिदिन विशाल भोज-भंडारे का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें दूर-दराज से आए श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण कर रहे हैं। हर दिन हजारों की संख्या में भक्त माँ के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल बना हुआ है। अंबेटिकरा की यह पहाड़ी न सिर्फ प्राकृतिक सौंदर्य का अद्भुत उदाहरण है, बल्कि इन दिनों आस्था, भक्ति और सामूहिक श्रद्धा का जीवंत संगम भी बन चुकी है।
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    धरमजयगढ़ की जीवनदायिनी मांड नदी के पावन तट पर स्थित अंबेटिकरा की प्राकृतिक सौंदर्य से आच्छादित पहाड़ी इन दिनों अद्भुत आस्था और श्रद्धा का केंद्र बनी हुई है। यहाँ विराजित जगत जननी माँ अंबे का दिव्य दरबार दीपों की उजास से जगमगा रहा है, मानो पूरा क्षेत्र भक्ति रस में डूब गया हो।
मंदिर परिसर को बेहद आकर्षक ढंग से सजाया गया है। रंग-बिरंगी रोशनी, फूलों की साज-सज्जा और भव्य श्रृंगार श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर रहा है। वातावरण में गूंजते भजन-कीर्तन और “जय माता दी” के जयकारे हर किसी के मन को भक्तिमय बना रहे हैं।
यहाँ प्रतिदिन विशाल भोज-भंडारे का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें दूर-दराज से आए श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण कर रहे हैं। हर दिन हजारों की संख्या में भक्त माँ के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल बना हुआ है।
अंबेटिकरा की यह पहाड़ी न सिर्फ प्राकृतिक सौंदर्य का अद्भुत उदाहरण है, बल्कि इन दिनों आस्था, भक्ति और सामूहिक श्रद्धा का जीवंत संगम भी बन चुकी है।
    user_ऋषभ तिवारी
    ऋषभ तिवारी
    पत्रकार Udaipur (Dharamjaigarh), Raigarh•
    18 hrs ago
  • Post by Mr Dayashankar Yadav
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    Post by Mr Dayashankar Yadav
    user_Mr Dayashankar Yadav
    Mr Dayashankar Yadav
    Local News Reporter शंकरगढ़, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
    2 hrs ago
  • अपडेटेड समाचार (क्रेडिट के साथ): अंबिकापुर जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत खलिबा के आंगनबाड़ी क्रमांक-1 में अव्यवस्थाओं का अंबार देखने को मिल रहा है। निरीक्षण के दौरान यहां मूलभूत सुविधाओं की गंभीर कमी उजागर हुई। आंगनबाड़ी केंद्र में पेयजल एवं शौचालय व्यवस्था पूरी तरह से बदहाल है। शौचालय केवल नाम मात्र का बना हुआ है, जहां अंदर बोरियां और अन्य सामान रखे पाए गए। शौचालय में पानी की सुविधा नहीं है, जिससे छोटे बच्चों को खुले में शौच के लिए जाना पड़ रहा है। सहायिका के अनुसार, निर्माण के समय से ही शौचालय अधूरा बना हुआ है और अब तक उसे सुधारने की कोई पहल नहीं की गई है। वहीं नल खराब होने के कारण पानी लाने के लिए बाहर जाना पड़ता है। केंद्र में बच्चों के बैठने के लिए रखी गई कुर्सियां और बेंच भी टूटी-फूटी हालत में हैं, जिससे व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई नजर आती है। किचन के निरीक्षण में चूल्हे का एक बर्नर खराब पाया गया। इसके अलावा राशन पेटी में राशन नहीं मिला, जिस पर सहायिका ने बताया कि राशन समाप्त हो चुका है। ग्रामीणों का आरोप है कि सरपंच और सचिव के उदासीन रवैये के कारण समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है। शिकायत के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही है, जिससे आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कुल मिलाकर, आंगनबाड़ी केंद्र में व्याप्त अव्यवस्थाएं शासन की योजनाओं की जमीनी हकीकत को उजागर करती हैं, जहां छोटे बच्चों के भविष्य के साथ गंभीर लापरवाही बरती जा रही है। खास ग्राउंड रिपोर्ट: हिमांशु राज, एमडी न्यूज, अंबिकापुर (छ.ग.) 📞 7805838076
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    अपडेटेड समाचार (क्रेडिट के साथ):
अंबिकापुर जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत खलिबा के आंगनबाड़ी क्रमांक-1 में अव्यवस्थाओं का अंबार देखने को मिल रहा है। निरीक्षण के दौरान यहां मूलभूत सुविधाओं की गंभीर कमी उजागर हुई।
आंगनबाड़ी केंद्र में पेयजल एवं शौचालय व्यवस्था पूरी तरह से बदहाल है। शौचालय केवल नाम मात्र का बना हुआ है, जहां अंदर बोरियां और अन्य सामान रखे पाए गए। शौचालय में पानी की सुविधा नहीं है, जिससे छोटे बच्चों को खुले में शौच के लिए जाना पड़ रहा है। सहायिका के अनुसार, निर्माण के समय से ही शौचालय अधूरा बना हुआ है और अब तक उसे सुधारने की कोई पहल नहीं की गई है। वहीं नल खराब होने के कारण पानी लाने के लिए बाहर जाना पड़ता है।
केंद्र में बच्चों के बैठने के लिए रखी गई कुर्सियां और बेंच भी टूटी-फूटी हालत में हैं, जिससे व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई नजर आती है। किचन के निरीक्षण में चूल्हे का एक बर्नर खराब पाया गया। इसके अलावा राशन पेटी में राशन नहीं मिला, जिस पर सहायिका ने बताया कि राशन समाप्त हो चुका है।
ग्रामीणों का आरोप है कि सरपंच और सचिव के उदासीन रवैये के कारण समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है। शिकायत के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही है, जिससे आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
कुल मिलाकर, आंगनबाड़ी केंद्र में व्याप्त अव्यवस्थाएं शासन की योजनाओं की जमीनी हकीकत को उजागर करती हैं, जहां छोटे बच्चों के भविष्य के साथ गंभीर लापरवाही बरती जा रही है।
खास ग्राउंड रिपोर्ट: हिमांशु राज, एमडी न्यूज, अंबिकापुर (छ.ग.)
📞 7805838076
    user_Himanshu raj
    Himanshu raj
    Social Media Manager अंबिकापुर, सरगुजा, छत्तीसगढ़•
    13 hrs ago
  • अवैध ईंट भट्टों और रेत उत्खनन पर कलेक्टर सख्त, खनिज विभाग को दिए कड़ी कार्रवाई के निर्देश अम्बिकापुर । जिला कलेक्टरेट सभाकक्ष में आयोजित साप्ताहिक समय-सीमा (TL) की बैठक में कलेक्टर अजीत वसंत ने जिले के प्राकृतिक संसाधनों के अवैध दोहन को लेकर सख्त रुख अपनाया है। बैठक के दौरान उन्होंने विशेष रूप से अवैध रूप से संचालित ईंट भट्टों और अवैध रेत खनन सहित अन्य उत्खनन गतिविधियों पर अंकुश लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने जिला खनिज अधिकारी को आदेशित किया कि बिना अनुमति के कोई भी कार्य जारी न रहे और इसके लिए विभागीय टीमें लगातार मैदानी निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें। बैठक में प्रशासनिक कसावट पर जोर देते हुए अजीत वसंत ने विगत बैठकों और निरीक्षणों में दिए गए निर्देशों के क्रियान्वयन की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि विभागीय अधिकारी दिए गए निर्देशों को गंभीरता से लें और तय समय-सीमा में कार्य पूर्ण करें, अन्यथा संबंधितों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सीएम जनदर्शन और पीजी पोर्टल के माध्यम से प्राप्त आवेदनों को अनिवार्य रूप से 7 दिनों के भीतर शत-प्रतिशत निराकृत करने के निर्देश दिए ताकि आमजनों की शिकायतों में देरी न हो। कलेक्टर ने सभी एसडीएम को निर्देशित किया कि वे अपनी तहसील अंतर्गत नकल एवं प्रतिलिपि शाखा को मजबूत करें ताकि जनता को रिकॉर्ड प्राप्त करने में असुविधा न हो। साथ ही संभागायुक्त न्यायालय से मांगे गए रिकॉर्ड समय पर भेजने की हिदायत दी। शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी को बच्चों के आधार कार्ड बनवाने और 10 अप्रैल तक पात्र बच्चों के जाति प्रमाण पत्र निर्माण की प्रक्रिया पूरी करने को कहा। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को जननी सुरक्षा योजना से शेष रह गई माताओं को तत्काल लाभ दिलाने और बैंक खाते की समस्या होने पर आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए। प्रशासनिक निरीक्षणों पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि सभी एसडीएम जब भी निरीक्षण पर जाएं, तो आंगनबाड़ी केंद्रों पर विशेष फोकस रखें। इसके साथ ही स्कूल, पीएचसी (PHC), सीएचसी (CHC) सहित अन्य शासकीय संस्थानों का भी नियमित निरीक्षण किया जाए। धान उठाव की समीक्षा करते हुए उन्होंने मार्च माह में ही कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। इसके अलावा बैठक में दूरस्थ क्षेत्रों में खाद्यान्न वितरण, डीएमएफ (DMF) अंतर्गत निर्माण कार्यों और जनगणना कार्यों की प्रगति पर भी विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में प्रशासनिक सक्रियता बढ़ाने हेतु आईपीएस राहुल बंसल, जिला पंचायत सीईओ विनय कुमार अग्रवाल, अपर कलेक्टर सुनील नायक, अपर कलेक्टर राम सिंह ठाकुर, नगर निगम कमिश्नर डी एन कश्यप सहित सभी एसडीएम और विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
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    अवैध ईंट भट्टों और रेत उत्खनन पर कलेक्टर सख्त, खनिज विभाग को दिए कड़ी कार्रवाई के निर्देश
अम्बिकापुर । जिला कलेक्टरेट सभाकक्ष में आयोजित साप्ताहिक समय-सीमा (TL) की बैठक में कलेक्टर अजीत वसंत ने जिले के प्राकृतिक संसाधनों के अवैध दोहन को लेकर सख्त रुख अपनाया है। बैठक के दौरान उन्होंने विशेष रूप से अवैध रूप से संचालित ईंट भट्टों और अवैध रेत खनन सहित अन्य उत्खनन गतिविधियों पर अंकुश लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने जिला खनिज अधिकारी को आदेशित किया कि बिना अनुमति के कोई भी कार्य जारी न रहे और इसके लिए विभागीय टीमें लगातार मैदानी निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें।
बैठक में प्रशासनिक कसावट पर जोर देते हुए अजीत वसंत ने विगत बैठकों और निरीक्षणों में दिए गए निर्देशों के क्रियान्वयन की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि विभागीय अधिकारी दिए गए निर्देशों को गंभीरता से लें और तय समय-सीमा में कार्य पूर्ण करें, अन्यथा संबंधितों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सीएम जनदर्शन और पीजी पोर्टल के माध्यम से प्राप्त आवेदनों को अनिवार्य रूप से 7 दिनों के भीतर शत-प्रतिशत निराकृत करने के निर्देश दिए ताकि आमजनों की शिकायतों में देरी न हो।
कलेक्टर ने सभी एसडीएम को निर्देशित किया कि वे अपनी तहसील अंतर्गत नकल एवं प्रतिलिपि शाखा को मजबूत करें ताकि जनता को रिकॉर्ड प्राप्त करने में असुविधा न हो। साथ ही संभागायुक्त न्यायालय से मांगे गए रिकॉर्ड समय पर भेजने की हिदायत दी। शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी को बच्चों के आधार कार्ड बनवाने और 10 अप्रैल तक पात्र बच्चों के जाति प्रमाण पत्र निर्माण की प्रक्रिया पूरी करने को कहा। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को जननी सुरक्षा योजना से शेष रह गई माताओं को तत्काल लाभ दिलाने और बैंक खाते की समस्या होने पर आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए।
प्रशासनिक निरीक्षणों पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि सभी एसडीएम जब भी निरीक्षण पर जाएं, तो आंगनबाड़ी केंद्रों पर विशेष फोकस रखें। इसके साथ ही स्कूल, पीएचसी (PHC), सीएचसी (CHC) सहित अन्य शासकीय संस्थानों का भी नियमित निरीक्षण किया जाए। धान उठाव की समीक्षा करते हुए उन्होंने मार्च माह में ही कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। इसके अलावा बैठक में दूरस्थ क्षेत्रों में खाद्यान्न वितरण, डीएमएफ (DMF) अंतर्गत निर्माण कार्यों और जनगणना कार्यों की प्रगति पर भी विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक में प्रशासनिक सक्रियता बढ़ाने हेतु आईपीएस राहुल बंसल, जिला पंचायत सीईओ विनय कुमार अग्रवाल, अपर कलेक्टर सुनील नायक, अपर कलेक्टर राम सिंह ठाकुर, नगर निगम कमिश्नर डी एन कश्यप सहित सभी एसडीएम और विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
    user_Jarif Khan
    Jarif Khan
    अंबिकापुर, सरगुजा, छत्तीसगढ़•
    22 hrs ago
  • Post by Arvind tirkey
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    Post by Arvind tirkey
    user_Arvind tirkey
    Arvind tirkey
    पत्रकार सीतापुर, सरगुजा, छत्तीसगढ़•
    18 hrs ago
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