अवैध ईंट भट्टों और रेत उत्खनन पर कलेक्टर सख्त, खनिज विभाग को दिए कड़ी कार्रवाई के निर्देश अम्बिकापुर । जिला कलेक्टरेट सभाकक्ष में आयोजित साप्ताहिक समय-सीमा (TL) की बैठक में कलेक्टर अजीत वसंत ने जिले के प्राकृतिक संसाधनों के अवैध दोहन को लेकर सख्त रुख अपनाया है। बैठक के दौरान उन्होंने विशेष रूप से अवैध रूप से संचालित ईंट भट्टों और अवैध रेत खनन सहित अन्य उत्खनन गतिविधियों पर अंकुश लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने जिला खनिज अधिकारी को आदेशित किया कि बिना अनुमति के कोई भी कार्य जारी न रहे और इसके लिए विभागीय टीमें लगातार मैदानी निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें। बैठक में प्रशासनिक कसावट पर जोर देते हुए अजीत वसंत ने विगत बैठकों और निरीक्षणों में दिए गए निर्देशों के क्रियान्वयन की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि विभागीय अधिकारी दिए गए निर्देशों को गंभीरता से लें और तय समय-सीमा में कार्य पूर्ण करें, अन्यथा संबंधितों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सीएम जनदर्शन और पीजी पोर्टल के माध्यम से प्राप्त आवेदनों को अनिवार्य रूप से 7 दिनों के भीतर शत-प्रतिशत निराकृत करने के निर्देश दिए ताकि आमजनों की शिकायतों में देरी न हो। कलेक्टर ने सभी एसडीएम को निर्देशित किया कि वे अपनी तहसील अंतर्गत नकल एवं प्रतिलिपि शाखा को मजबूत करें ताकि जनता को रिकॉर्ड प्राप्त करने में असुविधा न हो। साथ ही संभागायुक्त न्यायालय से मांगे गए रिकॉर्ड समय पर भेजने की हिदायत दी। शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी को बच्चों के आधार कार्ड बनवाने और 10 अप्रैल तक पात्र बच्चों के जाति प्रमाण पत्र निर्माण की प्रक्रिया पूरी करने को कहा। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को जननी सुरक्षा योजना से शेष रह गई माताओं को तत्काल लाभ दिलाने और बैंक खाते की समस्या होने पर आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए। प्रशासनिक निरीक्षणों पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि सभी एसडीएम जब भी निरीक्षण पर जाएं, तो आंगनबाड़ी केंद्रों पर विशेष फोकस रखें। इसके साथ ही स्कूल, पीएचसी (PHC), सीएचसी (CHC) सहित अन्य शासकीय संस्थानों का भी नियमित निरीक्षण किया जाए। धान उठाव की समीक्षा करते हुए उन्होंने मार्च माह में ही कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। इसके अलावा बैठक में दूरस्थ क्षेत्रों में खाद्यान्न वितरण, डीएमएफ (DMF) अंतर्गत निर्माण कार्यों और जनगणना कार्यों की प्रगति पर भी विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में प्रशासनिक सक्रियता बढ़ाने हेतु आईपीएस राहुल बंसल, जिला पंचायत सीईओ विनय कुमार अग्रवाल, अपर कलेक्टर सुनील नायक, अपर कलेक्टर राम सिंह ठाकुर, नगर निगम कमिश्नर डी एन कश्यप सहित सभी एसडीएम और विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
अवैध ईंट भट्टों और रेत उत्खनन पर कलेक्टर सख्त, खनिज विभाग को दिए कड़ी कार्रवाई के निर्देश अम्बिकापुर । जिला कलेक्टरेट सभाकक्ष में आयोजित साप्ताहिक समय-सीमा (TL) की बैठक में कलेक्टर अजीत वसंत ने जिले के प्राकृतिक संसाधनों के अवैध दोहन को लेकर सख्त रुख अपनाया है। बैठक के दौरान उन्होंने विशेष रूप से अवैध रूप से संचालित ईंट भट्टों और अवैध रेत खनन सहित अन्य उत्खनन गतिविधियों पर अंकुश लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने जिला खनिज अधिकारी को आदेशित किया कि बिना अनुमति के कोई भी कार्य जारी न रहे और इसके लिए विभागीय टीमें लगातार मैदानी निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें। बैठक में प्रशासनिक कसावट पर जोर देते हुए अजीत वसंत ने विगत बैठकों और निरीक्षणों में दिए गए निर्देशों के क्रियान्वयन की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि विभागीय अधिकारी दिए गए निर्देशों को गंभीरता से लें और तय समय-सीमा में कार्य पूर्ण करें, अन्यथा संबंधितों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सीएम जनदर्शन और पीजी पोर्टल के माध्यम से प्राप्त आवेदनों को अनिवार्य रूप से 7 दिनों के भीतर शत-प्रतिशत निराकृत करने के निर्देश दिए ताकि आमजनों की शिकायतों में देरी न हो। कलेक्टर ने सभी एसडीएम को निर्देशित किया कि वे अपनी तहसील अंतर्गत नकल एवं प्रतिलिपि शाखा को मजबूत करें ताकि जनता को रिकॉर्ड प्राप्त करने में असुविधा न हो। साथ ही संभागायुक्त न्यायालय से मांगे गए रिकॉर्ड समय पर भेजने की हिदायत दी। शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी को बच्चों के आधार कार्ड बनवाने और 10 अप्रैल तक पात्र बच्चों के जाति प्रमाण पत्र निर्माण की प्रक्रिया पूरी करने को कहा। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को जननी सुरक्षा योजना से शेष रह गई माताओं को तत्काल लाभ दिलाने और बैंक खाते की समस्या होने पर आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए। प्रशासनिक निरीक्षणों पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि सभी एसडीएम जब भी निरीक्षण पर जाएं, तो आंगनबाड़ी केंद्रों पर विशेष फोकस रखें। इसके साथ ही स्कूल, पीएचसी (PHC), सीएचसी (CHC) सहित अन्य शासकीय संस्थानों का भी नियमित निरीक्षण किया जाए। धान उठाव की समीक्षा करते हुए उन्होंने मार्च माह में ही कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। इसके अलावा बैठक में दूरस्थ क्षेत्रों में खाद्यान्न वितरण, डीएमएफ (DMF) अंतर्गत निर्माण कार्यों और जनगणना कार्यों की प्रगति पर भी विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में प्रशासनिक सक्रियता बढ़ाने हेतु आईपीएस राहुल बंसल, जिला पंचायत सीईओ विनय कुमार अग्रवाल, अपर कलेक्टर सुनील नायक, अपर कलेक्टर राम सिंह ठाकुर, नगर निगम कमिश्नर डी एन कश्यप सहित सभी एसडीएम और विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
- अपडेटेड समाचार (क्रेडिट के साथ): अंबिकापुर जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत खलिबा के आंगनबाड़ी क्रमांक-1 में अव्यवस्थाओं का अंबार देखने को मिल रहा है। निरीक्षण के दौरान यहां मूलभूत सुविधाओं की गंभीर कमी उजागर हुई। आंगनबाड़ी केंद्र में पेयजल एवं शौचालय व्यवस्था पूरी तरह से बदहाल है। शौचालय केवल नाम मात्र का बना हुआ है, जहां अंदर बोरियां और अन्य सामान रखे पाए गए। शौचालय में पानी की सुविधा नहीं है, जिससे छोटे बच्चों को खुले में शौच के लिए जाना पड़ रहा है। सहायिका के अनुसार, निर्माण के समय से ही शौचालय अधूरा बना हुआ है और अब तक उसे सुधारने की कोई पहल नहीं की गई है। वहीं नल खराब होने के कारण पानी लाने के लिए बाहर जाना पड़ता है। केंद्र में बच्चों के बैठने के लिए रखी गई कुर्सियां और बेंच भी टूटी-फूटी हालत में हैं, जिससे व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई नजर आती है। किचन के निरीक्षण में चूल्हे का एक बर्नर खराब पाया गया। इसके अलावा राशन पेटी में राशन नहीं मिला, जिस पर सहायिका ने बताया कि राशन समाप्त हो चुका है। ग्रामीणों का आरोप है कि सरपंच और सचिव के उदासीन रवैये के कारण समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है। शिकायत के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही है, जिससे आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कुल मिलाकर, आंगनबाड़ी केंद्र में व्याप्त अव्यवस्थाएं शासन की योजनाओं की जमीनी हकीकत को उजागर करती हैं, जहां छोटे बच्चों के भविष्य के साथ गंभीर लापरवाही बरती जा रही है। खास ग्राउंड रिपोर्ट: हिमांशु राज, एमडी न्यूज, अंबिकापुर (छ.ग.) 📞 78058380764
- जिला कोरिया के ग्राम पंचायत खोंड में चैत्र नवरात्र के पावन अवसर में श्री रामचरित्र मानस गायन वादन प्रतियोगिता में जिला सुरजपुर करकोटी के मानस मंडली को भी भाग लेने का अवसर मिला प्रकाश कुशवाहा ग्राम केवरा के गाए भजनों द्वारा श्रोता झूमते नजर आए2
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- बैकुंठपुर कोरिया /विश्व क्षय दिवस के अवसर पर आज दिनॉक 24 मार्च 2026 को टीबी मुक्त भारत अभियान के अन्तर्गत 100 दिवसीय अभियान दूसरा चरण का शुभारंभ जिला पंचायत ऑडिटोरियम से किया गया, इस कार्यक्रम में माननीय मुख्य अतिथि पूर्व केबिनेट मंत्री एवं वर्तमान विधायक श्री भैयालाल राजवाडे जी, कोरिया कलेक्टर आदरणीया श्रीमति चन्दन संजय त्रिपाठी जी, जिला पंचायत कोरिया मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ आशुतोष चतुर्वेदी जी, डॉ प्रशांत सिंह मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जिला कोरिया, डॉ0 आयुष जायसवाल, सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक, स्वास्थ्य विभाग सभापति श्रीमति सुषमा कोराम, श्री असरफ अंसारी जिला कार्यक्रम प्रबंधक, के गरिमामय उपस्थिति में कार्यक्रम का आयोजन किया गया सर्वप्रथम मुख्य अतिथि, अतिथियों एवं आदरणीया कोरिया कलेक्टर के द्वारा छत्तीसगढ़ी माता जी के चित्र में दीप प्रज्वलित एवं माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। सर्वप्रथम माननीय मुख्य अतिथि पूर्व केबिनेट मंत्री एवं वर्तमान विधायक श्री भैयालाल राजवाडे जी एवं कोरिया कलेक्टर आदरणीया श्रीमति चन्दन संजय त्रिपाठी जी एवं अतिथियो के द्वारा ’’टीबी मुक्त भारत अभियान 100 दिवसीय अभियान का द्वितीय चरण के अंतर्गत उच्च जोखिम गॉव एवं जिले के समस्त विकासखण्डो मे जागरूकता रथ को प्रचार-प्रसार हेतु हरी झंडी दिखा कर रवाना किया गया। वर्ष 2024 जिले में कुल 162 ग्राम पंचायत में से 95 ग्राम पंचायत क्षय मुक्त घोषित किये गये जिसमे से विकासखण्ड बैकुण्ठपुर मे कुल 120 ग्राम पंचायत में से 69 ग्राम पंचायत क्षय मुक्त हुये जिसमें से 36 सिल्वर मेंडल के लिये नॉमिनेट हुये है एवं 33 ब्राज के लिये नॉमिनेट हुये है एवं विकासखण्ड सोनहत में कुल 42 ग्राम पंचायत मे से 26 ग्राम पंचायत क्षय मुक्त हुये है जिसमें से 14 सिल्वर मेंडल के लिये नॉमिनेट हुये है एवं 12 ब्राज के लिये नॉमिनेट हुये है। जिन्हे इस वर्ष मुख्य अतिथी के द्वारा क्षय मुक्त हुये ग्राम पंचायतो के प्रतिनिधियोें (सरपंच) को राष्टीय पिता गॉधी जी की कांस्य एवं रजत की प्रतिमा एवं टीबी मुक्त पंचायत का प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ प्रशांत सिंह के द्वारा जिला कोरिया में ’’ टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत ’’टीबी मुक्त भारत अभियान (100 दिवसीय अभियान) दूसरा चरण का मुख्य उद्देश्य इसके प्राथमिक लक्ष्यो मे उच्च जोखिम वाले व्यक्तियेां की स्क्रीनिंग करना, टीबी के सभी मामलो की पूष्टि करना, पोषण संबंधित सहायता और विभेदित देखभाल के माध्यम से मृत्यु दर को कम करना ओर निवारक उपचार प्रदान करना शामिल है तथा प्रमुख रणनितियो मे उच्च जोखिम वाले क्षेत्रो मे सामुहिक आवासो और विशेष संस्थाओं में लक्षित एक्स-रे स्क्रीनिंग शामिल है। इस पहल का उददेश्य सक्रिय स्क्रीनिंग और निवारक उपचार के माध्यम से टीबी केस को कम करना है, साथ ही उच्च जोखिम वाले रोगियोें का प्राथमिकता देकर और उन्हे अस्पताल में भर्ती कराके उपचार करना भी शामिल है। विश्व क्षय दिवस प्रतिवर्ष 24 मार्च को मनाया जाता है। यह तिथि डॉ0 राबर्ट कोच द्वारा तपेदिक के लिए जिम्मेदार जीवाणु माईक्रोबैक्टीरियम ट्युबरकुलोसिस के खोज की घोषणा की स्मृति मे मनाई जाती है, जिसकी घोषणा उन्होने 24 मार्च 1882 को की थी। यह एक ऐतिहासिक खोज थी जिसने इस बिमारी के निदान की नीव रखी। 24 मार्च 2026 विश्व क्षय दिवस दिवस का ’’थीम 2026’’ ’’हॉ हम भारत के नेतृत्व में टीबी को खत्म कर सकते है जनभागीदारी की शक्ति से’’ ‘’YES ! WE CAN END TB! LED BY BHARAT. POWER BY JANBHAGIDARI” इस कार्यक्रम में 95 ग्राम पंचायत के सरपंच, मितानिन, जनप्रतिनिधिगण, एवं स्वास्थ्य विभाग के समस्त अधिकारी- कर्मचारी शामिल रहे।1
- सीतापुर/ सीतापुर में 17 लाख रुपये की लागत से लगाए गए ट्यूबलर पोलों के कार्य में गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। टेंडर के तहत कुल 33 पोल लगाए गए हैं, जिन्हें लगे हुए एक माह से अधिक समय हो चुका है, लेकिन अब तक एक भी पोल में लाइट नहीं जली है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पोलों की गुणवत्ता बेहद घटिया है। नियमों के अनुसार एक ट्यूबलर पोल का वजन लगभग डेढ़ क्विंटल होना चाहिए, जबकि लगाए गए पोल कथित तौर पर 50 किलो से भी कम वजन के बताए जा रहे हैं। आरोप है कि ये पोल ठोस लोहे के बजाय पतले पाइप से तैयार किए गए हैं, जिससे इनके टिकाऊपन पर सवाल खड़े हो गए हैं। टेंडर में प्रति पोल लागत लगभग 50 हजार रुपये से अधिक बताई जा रही है, लेकिन कार्य की स्थिति देखकर यह आशंका जताई जा रही है कि यह पूरी योजना कागजों तक ही सीमित रह गई है। स्थानीय नागरिकों को डर है कि आने वाले बरसात के मौसम में ये पोल गिर सकते हैं और सरकारी राशि पूरी तरह व्यर्थ हो जाएगी। बताया जा रहा है कि इसी ठेकेदार द्वारा पूर्व में भी ट्यूबलर पोल का कार्य कराया गया था, जिनकी गुणवत्ता वर्तमान पोलों से बेहतर थी। पुराने और नए कार्यों की तुलना से कथित कमीशनखोरी और टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ी की आशंका और गहराती जा रही है। अब सवाल यह है कि इन पोलों में लाइट कब जलेगी और जिम्मेदार विभाग इस पूरे मामले पर क्या कार्रवाई करेगा। — सीतापुर से सुनील गुप्ता की रिपोर्ट1
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