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नर्मदा तट पर 'अनूठे' श्रद्धालु: ग्वारीघाट में बकरियों की टोली ने लगाई डुबकी जबलपुर। संस्कारधानी के हृदय स्थल और आस्था के केंद्र ग्वारीघाट में आज उस समय नजारा कुछ अलग नजर आया, जब श्रद्धालुओं के साथ-साथ बकरियों का एक झुंड भी नर्मदा जल का आनंद लेने पहुंच गया। भीषण गर्मी से राहत पाने के लिए या महज कौतूहल वश, इन बेजुबानों को पानी में अठखेलियां करते देख वहां मौजूद लोग भी मुस्कुराने पर मजबूर हो गए।
Deepak Vishawakarma
नर्मदा तट पर 'अनूठे' श्रद्धालु: ग्वारीघाट में बकरियों की टोली ने लगाई डुबकी जबलपुर। संस्कारधानी के हृदय स्थल और आस्था के केंद्र ग्वारीघाट में आज उस समय नजारा कुछ अलग नजर आया, जब श्रद्धालुओं के साथ-साथ बकरियों का एक झुंड भी नर्मदा जल का आनंद लेने पहुंच गया। भीषण गर्मी से राहत पाने के लिए या महज कौतूहल वश, इन बेजुबानों को पानी में अठखेलियां करते देख वहां मौजूद लोग भी मुस्कुराने पर मजबूर हो गए।
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- पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में भाजपाई प्रधान प्रतिनिधि आशु सिंह द्वारा सपा प्रतिनिधिमंडल पर किया गया हमला लोकतंत्र की हत्या है। यह हमला सिर्फ एक व्यक्ति पर नहीं, बल्कि पूरे विश्वकर्मा समाज के सम्मान पर चोट है। योगी जी, आपका बुलडोजर सिर्फ पिछड़ों और दलितों के घर का रास्ता क्यों जानता है? सत्ता के संरक्षण में पल रहे इन गुंडों पर कार्रवाई कब होगी? याद रखिएगा, जिस समाज को आप आज दबा रहे हैं, वही 2027 में आपको सत्ता से बेदखल कर करारा जवाब देगा। अहंकार का अंत निश्चित है! #VishwakarmaSamaj #SocialJustice #YogiSarkar #UPPolitics #2027MeinJawabMilega1
- Post by Rajnish Dahiya1
- Post by Rishi Rajak1
- 👮♂️ जबलपुर के एसपी सम्पत उपाध्याय ने मामले की निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है और कहा है कि जांच के बाद सच्चाई सामने लाई जाएगी। इस घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों में आक्रोश देखने को मिला। उन्होंने शव रखकर चक्काजाम भी किया। प्रशासन द्वारा 4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता और अन्य योजनाओं का लाभ देने का आश्वासन दिया गया है। - आप क्या सोचते हैं? क्या ऐसे मामलों में निष्पक्ष जांच जरूरी है? अपनी राय कमेंट में जरूर दें। - रिपोर्ट दीपक विश्वकर्मा जबलपुर,1
- Post by टेकेशवर गिरी गोस्वामी1
- पचपदरा रिफाइनरी में आग पर बढ़ा सियासी घमासान राजस्थान के बाड़मेर स्थित पचपदरा रिफाइनरी में लगी आग ने प्रदेश की राजनीति को गर्मा दिया है। इस घटना ने न सिर्फ सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि राजनीतिक बयानबाज़ी भी तेज कर दी है। पूर्व मुख्यमंत्री Ashok Gehlot ने प्रधानमंत्री Narendra Modi के प्रस्तावित दौरे से ठीक पहले हुई इस घटना पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने उच्च स्तरीय जांच की मांग करते हुए कहा कि पहले ही राजनीतिक कारणों से देरी झेल चुके इस प्रोजेक्ट में अब सुरक्षा चूक चिंता का विषय है। वहीं प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष Govind Singh Dotasra ने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए भविष्य में सुरक्षा मानकों को और कड़ा करने की मांग की है। इसके अलावा नेता प्रतिपक्ष Tika Ram Jully ने भी सरकार को घेरते हुए सवाल किया कि आखिर रिफाइनरी के भीतर क्या हो रहा है। विपक्ष का आरोप है कि लगातार देरी और लापरवाही के कारण प्रदेश को राजस्व और रोजगार के मोर्चे पर भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। फिलहाल आग पर काबू पाने और नुकसान का आकलन करने का काम जारी है, लेकिन इस घटना ने सियासी हलकों में हलचल जरूर बढ़ा दी है।1
- Post by भगवत सिंह लोधी पत्रकार1
- "तस्वीरों में साफ़ देखा जा सकता है कि किस तरह महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती रीना बोरासी और अन्य कांग्रेस नेत्रियों के साथ पुलिस ने बर्बरता की। शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रही महिलाओं को न सिर्फ रोका गया, बल्कि पुलिसिया ताकत का इस्तेमाल कर उन्हें धक्का दिया गया और उनके साथ मारपीट की गई।"1