कलेक्टर इंदौर शिवम वर्मा के निर्देश और सहायक आबकारी आयुक्त अभिषेक तिवारी के मार्गदर्शन में चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत, आबकारी विभाग ने बंबई बाजार वृत्त में तेज बारिश के बीच एक बड़ी कार्रवाई की। कंट्रोलर देवेश चतुर्वेदी, डिप्टी कंट्रोलर मनोज अग्रवाल और सहायक जिला आबकारी अधिकारी धर्मेंद्र जोशी के नेतृत्व में, बंबई बाजार वृत्त प्रभारी एवं आबकारी उप निरीक्षक मीरा सिंह ने अपनी टीम के साथ लोहा मंडी स्थित भोलेनाथ मंदिर के पास घेराबंदी कर एक जुपिटर स्कूटर से 120 केन, यानी लगभग 60 बल्क लीटर अवैध विदेशी शराब बरामद की। जब्त शराब और स्कूटर सहित कुल जब्ती की कीमत 1.41 लाख रुपये आंकी गई है। इस मामले में आरोपी राहुल अलोने को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। पूछताछ के दौरान, आरोपी ने देबू ठाकुर के लिए शराब की सप्लाई करने की बात कबूल की है, और विवेचना में अन्य नामों के भी सामने आने की संभावना है। कार्रवाई में आरक्षक मोहित कछवाय, मोहित रायकवार, कोमल कनेल एवं अमित ने सराहनीय भूमिका निभाई। आबकारी विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध शराब के निर्माण, परिवहन और तस्करी के विरुद्ध यह अभियान लगातार जारी रहेगा।
कलेक्टर इंदौर शिवम वर्मा के निर्देश और सहायक आबकारी आयुक्त अभिषेक तिवारी के मार्गदर्शन में चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत, आबकारी विभाग ने बंबई बाजार वृत्त में तेज बारिश के बीच एक बड़ी कार्रवाई की। कंट्रोलर देवेश चतुर्वेदी, डिप्टी कंट्रोलर मनोज अग्रवाल और सहायक जिला आबकारी अधिकारी धर्मेंद्र जोशी के नेतृत्व में, बंबई बाजार वृत्त प्रभारी एवं आबकारी उप निरीक्षक मीरा सिंह ने अपनी टीम के साथ लोहा मंडी स्थित भोलेनाथ मंदिर के पास घेराबंदी कर एक जुपिटर स्कूटर से 120 केन, यानी लगभग 60 बल्क लीटर अवैध विदेशी शराब बरामद की। जब्त शराब और स्कूटर सहित कुल जब्ती की कीमत 1.41 लाख रुपये आंकी गई है। इस मामले में आरोपी राहुल अलोने को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। पूछताछ के दौरान, आरोपी ने देबू ठाकुर के लिए शराब की सप्लाई करने की बात कबूल की है, और विवेचना में अन्य नामों के भी सामने आने की संभावना है। कार्रवाई में आरक्षक मोहित कछवाय, मोहित रायकवार, कोमल कनेल एवं अमित ने सराहनीय भूमिका निभाई। आबकारी विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध शराब के निर्माण, परिवहन और तस्करी के विरुद्ध यह अभियान लगातार जारी रहेगा।
- मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के उद्देश्य से मैहर पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आया। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए मैहर कोतवाली पुलिस ने शहर के प्रमुख मार्गों पर फ्लैग मार्च निकाला। यह मार्च पुलिस अधीक्षक मैहर श्री अवधेश प्रताप सिंह के निर्देशन में और मैहर कोतवाली प्रभारी अनिमेष द्विवेदी के नेतृत्व में आयोजित किया गया था। इस दौरान, पुलिस बल ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों में भ्रमण कर आमजन को सुरक्षा का भरोसा दिलाया। पुलिस अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की कि वे मोहर्रम पर्व आपसी भाईचारे और शांति के साथ मनाएं। उन्होंने लोगों से किसी भी अफवाह पर ध्यान न देने और कानून व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस प्रशासन का सहयोग करने का आग्रह किया। मैहर पुलिस द्वारा पर्व को लेकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं, ताकि शहर में अमन, शांति और सद्भाव का माहौल कायम रहे।1
- आयोग के अध्यक्ष ने एक छात्रावास का निरीक्षण किया, जहाँ वे वहाँ की व्यवस्थाओं को देखकर काफी नाराज दिखे। अध्यक्ष की यह नाराजगी निरीक्षण के दौरान ही स्पष्ट हो गई।1
- मध्यप्रदेश के रामपुर बघेलान स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आयोजित जिला स्तरीय चिकित्सा शिविर के व्यय को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं। आरटीआई (सूचना का अधिकार) के माध्यम से सामने आई जानकारी के अनुसार, इस शिविर की व्यवस्थाओं पर, जिसमें चाय, नाश्ता, लंच पैकेट और पानी शामिल थे, कुल ₹20,100 का भुगतान किया गया है। यह शिविर सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक चला था, जिसमें जिला स्तरीय चिकित्सा विशेषज्ञ, ब्लॉक स्तरीय चिकित्सा अधिकारी और पैरामेडिकल स्टाफ ने अपनी सेवाएँ दी थीं। प्राप्त दस्तावेजों के मुताबिक, यह कार्य सीधे श्रीराम स्वीट/संबंधित वेंडर को आदेशित किया गया था। बिल में ₹1,500 की चाय (155 कप), ₹1,000 की कॉफी (50 कप), ₹450 के बिस्किट (3 पैकेट), ₹500 के 1 लीटर पानी की बोतलें (25 बोतलें), ₹1,500 के 250 मिलीलीटर पानी की बोतलें (150 बोतलें), ₹1,600 के समोसे (160 पीस), और ₹13,500 के लंच पैकेट (90 पैकेट) सहित कुल ₹20,100 का उल्लेख है। हालांकि, इस बिल में जीएसटी नंबर का जिक्र नहीं है और यह भी प्रतीत होता है कि अन्य वेंडरों से कोटेशन लेने की निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। नियमों के अनुसार, शासकीय खरीदी और व्यय में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए तय प्रक्रियाओं का पालन अनिवार्य है। स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण विभाग में सार्वजनिक धन के उपयोग पर ऐसे सवाल उठना स्वाभाविक है। अब जिम्मेदार अधिकारियों से यह पूछा जा रहा है कि क्या नियमानुसार कोटेशन लिए गए थे, क्या भुगतान प्रक्रिया पूरी तरह नियमों के अनुरूप हुई है, और क्या इस पूरे व्यय की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। जनता के पैसों से होने वाले हर खर्च में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना आवश्यक है।1
- मध्यप्रदेश सरकार ने महिला सशक्तिकरण के प्रति अपना संकल्प दोहराया है। इस प्रतिबद्धता को 'राइजिंग सतना' के माध्यम से व्यक्त किया गया है।1
- सतना के स्टेशन रोड पर ग्रीन टॉकीज के सामने खुलेआम सट्टे की पर्चियां काटी जा रही हैं, जिसका पूरा काम आशीष रैकवार का बताया जा रहा है। आशीष रैकवार को पुराने मशहूर सटोरिया कल्लू रैकवार का बेटा बताया गया है। लोगों ने कई बार थाना प्रभारी को इन गतिविधियों के वीडियो भेजकर इसे बंद कराने की मांग की है, लेकिन कोतवाली पुलिस आज तक इस सट्टे को बंद नहीं कर पाई है। आज जब थाना प्रभारी को सट्टे का एक वीडियो दिखाया गया, तो वे भड़क उठे और बोले कि "मुझे जलाने वाला वीडियो मत दिखाओ।" इस प्रतिक्रिया से यह साफ साबित होता है कि यह सारा अवैध खेल थाना प्रभारी की जानकारी में चल रहा है और उन्हें उनका हिस्सा समय पर मिल रहा है। इसी कारण सटोरिया खुलेआम यह भी कहता है कि पुलिस का खर्च उसके दम पर चलता है।1
- भारतीय जनता पार्टी द्वारा मध्य प्रदेश वेयरहाउसिंग एवं लॉजिस्टिक्स कॉरपोरेशन अध्यक्ष (राज्य मंत्री दर्जा) का दायित्व सौंपे जाने के बाद संजय नगायच का गृह जिले पन्ना में पहली बार आगमन हुआ। इस अवसर पर गुनौर विधानसभा क्षेत्र में उनका भव्य स्वागत और तुलादान कार्यक्रम आयोजित किया गया। भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा गुनौर विधानसभा के विभिन्न स्थानों पर स्वागत एवं तुलादान की विस्तृत तैयारियाँ की गई थीं। नगर परिषद ककरहटी में ओम् पैलेस में विनय पाण्डेय, भाजपा के वरिष्ठ एवं कनिष्ठ कार्यकर्ताओं तथा नगर परिषद उपाध्यक्ष बर्षा लक्ष्मीकांत त्रिपाठी की उपस्थिति में अभिनंदन कार्यक्रम हुआ। इसी क्रम में भारतीय स्टेट बैंक के पास मंडल अध्यक्ष दीपक शर्मा, पार्षद प्रतिनिधि रामकृष्ण पांडे और रिद्धि सिद्धि पेट्रोल पंप संचालक दीपेंद्र शर्मा ने गाजे-बाजे और आतिशबाजी के साथ उनका स्वागत किया। आयोजकों ने मध्य प्रदेश वेयरहाउसिंग एवं लॉजिस्टिक्स कॉरपोरेशन अध्यक्ष संजय नगायच का अलग-अलग मिष्ठान एवं फलों से तुलादान भी करवाया। इस स्वागत कार्यक्रम में गुनौर विधानसभा विधायक डॉ राजेश वर्मा, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष रवि राज यादव, और जिला उपाध्यक्ष माधवेंद्र सिंह परमार सहित भाजपा के पदाधिकारी, वरिष्ठ, कनिष्ठ एवं युवा मोर्चा के पदाधिकारी तथा अन्य संगठनों के कार्यकर्ता उपस्थित रहे और उन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाया।1
- सतना अस्पताल में एक दुर्लभ प्रसव का मामला सामने आया है, जहाँ रामवन क्षेत्र के ग्राम सतरी निवासी प्रियंका साकेत (पति दिवाकर साकेत) नामक 7 माह की गर्भवती महिला ने एक साथ तीन बच्चियों को जन्म दिया। इस प्रसव की खास बात यह रही कि जिला अस्पताल के चिकित्सकों ने महिला की सामान्य डिलीवरी कराई, और तीनों शिशुओं का जन्म सामान्य प्रसव से हुआ। गायनी विभाग की एचओडी डॉ. मंजू सिंह ने बताया कि चिकित्सकीय जांच में पहले से ही यह स्पष्ट हो गया था कि महिला के गर्भ में तीन शिशु पल रहे हैं। जिला अस्पताल की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. दीपाक्षी सिंह की देखरेख में यह सफल प्रसव कराया गया। हालांकि, ऐसे मामलों में अक्सर जान का जोखिम बढ़ जाता है, लेकिन चिकित्सकीय टीम ने सफल प्रयास किया। समय से पूर्व जन्म लेने और कम वजन के कारण, तीनों नवजातों को विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (एसएनसीयू) में भर्ती कर उनका उपचार किया जा रहा है।1
- उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले के रेणुकूट नगर में एक चौंकाने वाला हादसा सामने आया है, जहाँ आइसक्रीम खरीदने की कोशिश में पहली मंजिल की छत पर खड़ा एक युवक अचानक संतुलन बिगड़ने से सीधे नीचे गिर गया। यह पूरी घटना पास लगे एक सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। युवक के तेज आवाज के साथ नीचे गिरते ही आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई। इसके बाद, परिजन आनन-फानन में गंभीर रूप से घायल युवक को इलाज के लिए नजदीकी हिंडालको अस्पताल लेकर पहुंचे, जहाँ उसकी हालत स्थिर बनी हुई है।1
- रामपुर बघेलान के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में रोगी कल्याण समिति के फंड्स के कथित दुरुपयोग और खुली लूट का मामला सामने आया है। आरटीआई से प्राप्त दस्तावेज़ों के अनुसार, एम्बुलेंस वाहन की सर्विसिंग और रिपेयरिंग का कार्यादेश एक फर्नीचर एवं हार्डवेयर व्यापारी को दे दिया गया। इस पर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं कि क्या एम्बुलेंस की मरम्मत अब फर्नीचर की दुकानें करेंगी? प्रस्तावित बिल में सीट कवर, पेट्रोल, इंजन ऑयल, गियर ऑयल, ब्रेक ऑयल, एयर फ़िल्टर, कूलेंट, धुलाई और अन्य मदों के नाम पर ₹11,530 का भुगतान शामिल है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि पेट्रोल का खर्च भी उसी फर्नीचर व्यापारी के बिल में कैसे जोड़ दिया गया, जिससे यह संदेह गहरा रहा है कि क्या फर्नीचर व्यापारी पेट्रोल भी बेचने लगे हैं। जनता की जेब से आने वाले रोगी कल्याण समिति के पैसे (अस्पताल में आने वाले हर मरीज से वसूले जाने वाले ₹15 शुल्क) का उपयोग मरीजों की सुविधाओं के लिए होना चाहिए, न कि संदिग्ध भुगतानों और 'कागजी खेल' के लिए। स्वास्थ्य विभाग से पूछा गया है कि एम्बुलेंस रिपेयरिंग का तकनीकी मूल्यांकन किसने किया और क्या कोई अधिकृत ऑटोमोबाइल वर्कशॉप उपलब्ध नहीं थी? यह भी सवाल है कि किस आधार पर यह काम फर्नीचर व्यापारी को सौंपा गया। आरोप है कि लाखों रुपये की राशि एक साथ नहीं, बल्कि छोटे-छोटे बिलों और किस्तों में योजनाबद्ध तरीके से खर्च की जा रही है, इसलिए हर भुगतान की जांच अत्यंत आवश्यक है। इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की गई है।1